RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण पद परिवर्तनम्

RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण पद परिवर्तनम् Rajasthan Board RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण पद परिवर्तनम् पद परिवर्तन में कर्ता, क्रिया तथा कर्म के पद परिवर्तन के अलावा वाच्य परिवर्तन प्रत्यय लगाकर पदं परिवर्तन किया जा सकता है। यहाँ पर केवल धातु (क्रिया) का पद परिवर्तन ही लक्ष्य है। जिसके अन्तर्गत निर्देशित लकार के अनुसार … Read more

RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण अव्यये निरूपणम्

RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण अव्यये निरूपणम् Rajasthan Board RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण अव्यये निरूपणम् अव्यय-जिसमें व्यय अर्थात् परिवर्तन न हो, उसे अव्यय कहते हैं। संस्कृत व्याकरण में अव्यय उन शब्दों को कहते हैं। जिनके रूप में लिंग या कारक के आधार पर किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं होता। मुख्य अव्यय शब्द निम्नलिखित हैं … Read more

RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण कारक प्रकरणम्

RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण कारक प्रकरणम् Rajasthan Board RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण कारक प्रकरणम् कारक की परिभाषा – वाक्य में जिसका क्रिया के साथ सीधा सम्बन्ध होता है, उसे कारक कहते हैं। संस्कृत व्याकरण में कारक छह होते हैं- कत्त कर्म करण सम्प्रदान अपादान अधिकरण। ‘सम्बन्ध’ को कारक नहीं माना गया है, क्योंकि वह … Read more

RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण प्रत्यय प्रकरणम्

RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण प्रत्यय प्रकरणम् Rajasthan Board RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण प्रत्यय प्रकरणम् किसी धातु अथवा शब्द के अन्त में किसी विशेष अर्थ को प्रकट करने के लिए जो शब्द या शब्दांश जोड़ा जाता है, वह प्रत्यय कहलाता है। प्रत्यय दो प्रकार के होते हैं- कृत् या कृदन्त प्रत्यय, तद्धित प्रत्यय। कृत् … Read more

RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण विशेषण-प्रकरणम्

RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण विशेषण-प्रकरणम् Rajasthan Board RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण विशेषण-प्रकरणम् परिभाषा-जिस शब्द से संज्ञा अथवा सर्वनाम पद की विशेषता प्रकट होती है वह शब्द विशेषण कहा जाता है। जिस पद की विशेषता प्रकट होती है वह विशेष्य होता है। विशेषण विशेष्य पद गुणानुसार होता है। कहावत भी है-जो लिङ्ग जो वचन … Read more

RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण धातु-रूपम्

RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण धातु-रूपम् Rajasthan Board RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण धातु-रूपम् (क्रिया के रूप) संस्कृत में क्रिया को ही धातु कहते हैं। जिस शब्द से किसी क्रिया का करना या होना पाया जाता है, उसे क्रिया कहते हैं, जैसे- गच्छति (जाता है।) पठति (पढ़ता है।) धावति (दौड़ता है।) धातुओं को दस वर्गों … Read more

RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण संख्या रूप प्रकरणम्

RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण संख्या रूप प्रकरणम् Rajasthan Board RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण सन्धि-प्रकरणम् संख्यावाचक शब्दों के रूप (1) एक (एक) शब्द (केवल एकवचन में) (2) द्वि (दो) शब्द (केवल द्विवचन में) (3) त्रि (तीन) शब्द (केवल बहुवचन में) (4) चतुर् (चार) शब्द (केवल बहुवचन में) (5) पश्चन् (पाँच) (6) षष्ट् (छः) (7) … Read more

RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण शब्द-रूप प्रकरणम्

RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण शब्द-रूप प्रकरणम् Rajasthan Board RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण शब्द-रूप प्रकरणम् (i) संज्ञा प्रकरण किसी प्राणी, वस्तु, स्थान भाव आदि के नाम को संज्ञा कहते हैं। यथा- रामः, सूर्य, चन्द्र, कपि, अरि, पिक, कुक्कुट, कूर्म आदि। संज्ञा शब्द तीनों लिंगों में होते हैं। यथापुल्लिग-राम, हरि, पति, सखि, गुरु, सुधी, पितृ … Read more

RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण सन्धि-प्रकरणम्

RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण सन्धि-प्रकरणम् Rajasthan Board RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण सन्धि-प्रकरणम् ‘सन्धि’ शब्द का अर्थ-मेल या जोड़ है। दो वर्षों के परस्पर मेल को सन्धि कहते हैं, जैसे: (1) कदा + अपि = कदापि (आ + अ = आ) (2) रमा + ईशः = रमेशः (आ + ई = ए) सन्धि के … Read more

RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण वर्ण-विचार

RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण वर्ण-विचार Rajasthan Board RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण वर्ण-विचारः वर्ण- उस मूल ध्वनि को वर्ण कहते हैं, जिसके टुकड़े न हो सकें, जैसे- क् ख् ग् घ् आदि। इन्हें अक्षर भी कहते हैं। अतः वर्ण या अक्षर भाषा की मूल ध्वनियों को कहते हैं, जैसे- ‘घट;’ पद में घ् अ अ … Read more