Category Archives: history

सुदूर दक्षिण में इतिहास का उद्भव | The Origin of History in the Far South

सुदूर दक्षिण में इतिहास का उद्भव | The Origin of History in the Far South सुदूर दक्षिण में इतिहास का उद्भव महापाषाणिक पृष्ठभूमि प्रागैतिहासिक युग के बाद कई वस्तुएँ, ऐतिहासिक युग की शुरुआत का संकेत देती हैं-जैसे लोहे के फाल वाले हल से खेतों की जुताई करने वाले ग्रामीण समुदायों का बड़े पैमाने पर बसना;… Read More »

अठारहवीं सदी में भारत में राज्य और समाज | State and Society in India in the Eighteenth Century

अठारहवीं सदी में भारत में राज्य और समाज | State and Society in India in the Eighteenth Century अठारहवीं सदी में भारत में राज्य और समाज मुगल साम्राज्य के कमजोर होने के साथ-साथ स्थानीय राजनीतिक और आर्थिक शक्तियाँ सिर उठाने लगीं और अपना दबाव बढ़ाने लगीं। 17वीं सदी के अंत और उसके बाद की राजनीति… Read More »

आर्थिक और सामाजिक जीवन, शिक्षा और धार्मिक विश्वास (800-1200)

आर्थिक और सामाजिक जीवन, शिक्षा और धार्मिक विश्वास (800-1200) आर्थिक और सामाजिक जीवन, शिक्षा आर्थिक और सामाजिक जीवन तथा धार्मिक और सांस्कृतिक विकासक्रम के अध्ययन के लिए उत्तर और दक्षिण, पूरे देश पर ध्यान तो दिया जाना चाहिए, क्षेत्रीय विविधताओं को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। आठवीं से बारहवीं सदी के काल में हमें निरंतरता… Read More »

चोल साम्राज्य ( नवीं से बारहवीं सदी तक ) | Chola Empire (9th to 12th century

चोल साम्राज्य ( नवीं से बारहवीं सदी तक ) | Chola Empire (9th to 12th century चोल साम्राज्य ( नवीं से बारहवीं सदी तक ) दक्षिण भारत में छठी और आठवीं सदियों के बीच बहुत-से शक्तिशाली साम्राज्यों का उदय हुआ। उनमें सबसे महत्त्वपूर्ण थे पल्लव और पांड्य जो आधुनिक तमिलनाडु पर राज्य करते थे, आधुनिक… Read More »

सातवाहन काल | Satavahana period

सातवाहन काल | Satavahana period सातवाहन काल राजनीतिक इतिहास उत्तरी क्षेत्र में मौर्य साम्राज्य के सबसे महत्त्वपूर्ण उत्तराधिकारी शुंग थे और उसके बाद कण्व। दक्कन और मध्य भारत में, मौर्यों के बाद सातवाहन का शासन लगभग 100 वर्षों के अन्तराल के बाद आया। सातवाहन को पुराणों में उल्लिखित आन्ध्रवासी सातवाहन ही माना जाता है। पुराणों… Read More »

मध्य एशिया से सम्पर्क और उसका प्रभाव | Contact and its influence with Central Asia

मध्य एशिया से सम्पर्क और उसका प्रभाव | Contact and its influence with Central Asia मध्य एशिया से सम्पर्क और उसका प्रभाव 1. राजनीतिक पहलू ई पू. 200 के कालावधि में मौर्य साम्राज्य जितना बड़ा किसी अन्य साम्राज्य का साक्ष्य नहीं मिलता, इस दौरान मध्य एशिया और भारत के बीच एक घनिष्ट सम्बन्ध और व्यापक… Read More »

उत्तर भारत और दकन : तीन साम्राज्यों का युग (आठवीं से दसवीं सदी तक)

उत्तर भारत और दकन : तीन साम्राज्यों का युग (आठवीं से दसवीं सदी तक) सातवीं सदी में हर्ष के साम्राज्य के पतन के बाद उत्तर भारत, दकन और दक्षिण भारत में अनेक बड़े राज्य पैदा हुए। उत्तर भारत में गुप्त साम्राज्य और हर्ष के  साम्राज्य के समान कोई भी राज्य गंगा की पूरी वादी को… Read More »

भारत और विश्व | India and world

भारत और विश्व | India and world भारत और विश्व भारत और विश्व में आठवीं से अठारहवीं सदी तक के एक हज़ार वर्षों में महत्त्वपूर्ण परिवर्तन आए। यूरोप और एशिया में भी नई सामाजिक और राजनीतिक संरचनाएँ पैदा हुई। इन नई संरचनाओं ने लोगों के सोचने और जीने के ढंग पर गहरा प्रभाव डाला। इन… Read More »

मौर्य शासन का महत्त्व | Importance of Mauryan rule

मौर्य शासन का महत्त्व | Importance of Mauryan rule मौर्य शासन का महत्त्व राज्य नियन्त्रण हिन्दू धर्म ग्रन्थों और विधि-विधानों में बार-बार जोर दिया गया है कि राजा का मार्ग ‘दर्शन धर्मशास्त्रों और भारत में प्रचलित रीति-रिवाजों के द्वारा निर्देशित कानूनों से किया जाना चाहिए। वर्ण और आश्रम (जीवन के विविध चरण) आधारित सामाजिक श्रेणी… Read More »

मौर्य काल | Mauryan period

मौर्य काल | Mauryan period मौर्य काल चन्द्रगुप्त मौर्य मौर्य वंश की स्थापना चन्द्रगुप्त मौर्य ने की थी, जो एक साधारण कुल और परिवार के थे। ब्राह्मणवादी परम्परा के अनुसार, वे नन्दों के रनवास में रहने वाली एक शुद्र महिला, मुरा की कोख से पैदा हुए थे। हालाँकि, प्राचीन बौद्ध परम्परा से पता चलता है… Read More »