UP Board Class 10 Sanskrit Chapter 5 विश्वकविः रवीन्द्रः

UP Board Class 10 Sanskrit Chapter 5 विश्वकविः रवीन्द्रः विश्वकविः रवीन्द्रः (गद्य – भारती) परिचय रवीन्द्रनाथ ठाकुर की मातृभाषा बांग्ला थी। ये अनेक वर्षों तक इंग्लैण्ड में रहे थे। इसलिए इन पर वहाँ की भाषा तथा संस्कृति का भी पर्याप्त प्रभाव पड़ा था। इन्होंने बांग्ला और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में साहित्य-रचना की है। ये नोबेल … Read more

UP Board Class 10 Sanskrit Chapter 4 भारतीय जनतन्त्रम्

UP Board Class 10 Sanskrit Chapter 4 भारतीय जनतन्त्रम् भारतीय जनतन्त्रम् (गद्य – भारती) परिचय आज विश्व में मुख्य रूप से तीन शासन-प्रणालियाँ–राजतन्त्र, कुलीनतन्त्र एवं जनतन्त्र प्रचलित हैं। इसमें जनतन्त्र शासन-प्रणाली सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। हमारे देश में जनतान्त्रिक शासन-प्रणाली ही प्रचलित है। इस प्रणाली के अन्तर्गत देश का शासन जनता द्वारा चुने हुए प्रतिनिधियों … Read more

UP Board Class 10 Sanskrit Chapter 3 उद्भिज्ज परिषद्

UP Board Class 10 Sanskrit Chapter 3 उद्भिज्ज परिषद् नैतिकमूल्यानि (गद्य – भारती) परिचय ‘नयन’, ‘नीति’ और ‘न्याय’ तीनों समानार्थक शब्द हैं। इनमें अन्तर केवल इतना ही है कि ‘नयन नपुंसकलिंग है, ‘नीति’ स्त्रीलिंग और ‘न्याय’ पुंल्लिग। ये तीनों शब्द संस्कृत की ‘नी’ धातु से निष्पन्न हैं, जिसका अर्थ है–आगे बढ़ना या ले जाना। ‘नीति’ … Read more

UP Board Class 10 Sanskrit Chapter 2 उद्भिज्ज परिषद्

UP Board Class 10 Sanskrit Chapter 2 उद्भिज्ज परिषद् उद्भिज्ज परिषद् (गद्य – भारती) परिचय वृक्ष मनुष्य के सबसे बड़े हितैषी हैं और मनुष्य ने सबसे अधिक अत्याचार भी वृक्षों पर ही किया है। प्रस्तुत पाठ में यह कल्पना की गयी है कि यदि मनुष्यों द्वारा किये जा रहे अत्याचार के विरोध में वृक्ष सभा … Read more

UP Board Class 10 Sanskrit Chapter 1 कविकुलगुरुः कालिदासः

UP Board Class 10 Sanskrit Chapter 1 कविकुलगुरुः कालिदासः कविकुलगुरुः कालिदासः (गद्य – भारती) परिचय संस्कृत भाषा का साहित्य इतना समृद्ध है कि उसे विश्व की किसी भी भाषा के समक्ष प्रतिस्पर्धी रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। इस भाषा में महाकाव्यों, खण्डकाव्यों तथा नाटकों की परम्परा सहस्राब्दियों से प्रचलित है। संस्कृत भाषा के … Read more