MP Board Class 12th General Hindi Important Questions Chapter 20 ‘हम कहाँ जा रहे हैं…!’
MP Board Class 12th General Hindi Important Questions Chapter 20 ‘हम कहाँ जा रहे हैं…!’
ससंदर्भ व्याख्या कीजिए – सुदर्शन ‘प्रियदर्शिनी’
1. “दोगली – दोहरी (महत्वपूर्ण)
सभ्यता के रंग
में रंगे हैं –
हम और हमारा
कुछ भी नहीं
यही ……
मुलम्में पर
मुलम्मा चढ़ा
रहे हैं ……. ।
अपना खालिश
कलश भी हम
विदेशी बता रहे हैं।”
शब्दार्थ:
दोगली:
दोहरी = मिश्रित, मुलम्मा = कलई, खालिश = शुद्ध।
संदर्भ:
प्रस्तुत पद्यांश ‘हम कहाँ जा रहे हैं … !’ से उद्धृत किया गया है, जिसके कवि सुदर्शन ‘प्रियदर्शनी’ हैं।
प्रसंग:
कवि के अनुसार हम पर पाश्चात्य सभ्यता हावी है। हम अपनी ही चीजों के नए रूप को विदेशी मान रहे हैं।
व्याख्या:
कवि के अनुसार भारतीयों में विशुद्ध कुछ भी नहीं रह गया है। पाश्चात्य एवं पौर्वात्य संस्कृतियों के सम्मिश्रण से उपजी संस्कृति के युग में हम जी रहे हैं। इस संस्कृति में अपना कम पराया अधिक है। भारतीय संस्कृति की मूल बातों पर पाश्चात्य संस्कृति की कलई पर कलई हम लगातार चढ़ाते जा रहे हैं। हमें मंदिरों पर सजने वाले कलश को लेकर भी शक होने लगा है कि यह भारतीय परम्परा का है अथवा पाश्चात्य संस्कृति की देन है।
विशेष:
- कवि का भारतीय संस्कृति के ह्रास को लेकर क्षोभ व्यक्त हुआ है।
- मुक्त छंद का प्रयोग है।
- उर्दू मिश्रित शब्दावली है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
कवि का दोगली-दोहरी सभ्यता से क्या आशय है?
उत्तर:
दो सभ्यताओं के सम्मिश्रण को दोगली-दोहरी सभ्यता कहते हैं।
प्रश्न 2.
हम कैसी दुदंभी बजा रहे हैं? (म. प्र. 2016)
उत्तर:
हम अपनी ही संस्कृति की वस्तुओं के पाश्चात्य देशों से आयातित समझकर आधुनिक होने की दुंदुभी बजा रहे हैं।
प्रश्न 3.
हम विदेश क्यों जा रहे हैं?
उत्तर:
अपनी ही संस्कृति के रहस्यों को जानने के लिए हम विदेश जा रहे हैं।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
‘उल्टे बाँस बरेली को’ कवि ने किस संदर्भ में कहा है? (म. प्र. 2009, 15)
उत्तर:
विदेशियों ने हमारी योग साधना, धर्म और नीति की वर्षों पूर्व चोरी की थी। आज वे इन्हें नया नाम देकर हमें सिखलाने की कोशिश कर रहे हैं। हमारी सभ्यता और संस्कृति की चोरी करना और नए कलेवर में उन्हें हमें वापस करने के संदर्भ में कवि ने ‘उल्टे बाँस बरेली को’ मुहावरे का प्रयोग किया है।
प्रश्न 2.
हमने दूसरों को क्या सौंप दिया है? (महत्वपूर्ण)
उत्तर:
हमने अपना धर्म, कर्म, पहनावा, भाषा, ज्ञान, कानून, संविधान, सभ्यता और संस्कृति दूसरों को सौंप दिया है। हमने अपना श्रेष्ठतम विदेशियों को सौंप दिया है।
प्रश्न 3.
‘हम कहाँ जा रहे हैं’ से कवि क्या संदेश देना चाहता है? (म. प्र. 2013, 17, 18)
उत्तर:
कवि इस कविता के माध्यम से यह कहना चाहता है कि हम छद्म प्रवृत्तियों को उतार फेंके। पाश्चात्य सभ्यता और संस्कृति का अंधानुकरण बंद करें। भारतीय विरासत और सांस्कृतिक निष्ठा दुनिया में श्रेष्ठ है। जरुरत इनकी श्रेष्ठता को पहचानने की है।
प्रश्न 4.
निम्नलिखित का भाव पल्लवन कीजिए “मान्यताएँ बदलकर हम अपना सिर मुंडा रहे हैं।” (म. प्र. 2014)
उत्तर:
हम भारतीय पुरातन काल से चली आ रही परम्पराओं जीवन-मूल्यों और आदर्शों को बदलकर, पाश्चात्य जीवन-शैली को अपनाकर अपनी संस्कृति और अपने व्यवहार को भूलते जा रहे हैं। आज जब विश्व हमारे चिन्तन और ज्ञान से नई चेतना प्राप्त कर रहा है तब हम अपनी विरासत को छोड़कर विदेशी चिन्तन और व्यवहार को ग्रहण करें उचित नहीं है।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1.
सही विकल्प चुनिए –
1. ‘हम कहाँ जा रहे हैं .. !’ कविता के रचयिता हैं –
(क) बालकवि ‘बैरागी’
(ख) सुदर्शन ‘प्रियदर्शिनी’
(ग) शिवानी
(घ) मैथिलीशरण गुप्त।
उत्तर:
(ख) सुदर्शन ‘प्रियदर्शिनी’।
2. महाभारत के युद्ध में चक्रव्यूह में कौन फँसा था –
(क) प्रद्युम्न
(ख) परीक्षित
(ग) शांतनु
(घ) अभिमन्यु।
उत्तर:
(घ) अभिमन्यु।
3. कविता ‘हम कहाँ जा रहे हैं … !’ में किस फिल्म का उल्लेख है –
(क) द विंची कोड
(ख) हैरीपॉटर
(ग) 1942 अ लव स्टोरी
(घ) शोले।
उत्तर:
(क) द विंची कोड।
प्रश्न 2.
एक शब्द / वाक्य में उत्तर दीजिए –
- कौन-सी भाषा जानने वाले विश्व में सर्वाधिक हैं?
- विश्व में हिन्दी जानने वालों की संख्या कितने करोड़ हैं?
- सुदर्शन भारतीय हैं किन्तु उन्हें अन्य एक विशेषण दिया जाता है, क्यों?
उत्तर:
- हिन्दी
- 102
- अप्रवासी।