MP Board Class 12th General Hindi Important Questions Chapter 6 शौर्य गाथा
MP Board Class 12th General Hindi Important Questions Chapter 6 शौर्य गाथा
ससंदर्भ व्याख्या कीजिए –
1. “साजि चतुरंग सैन अंग मैं उमंग धारि,
सरजा सिवाजी जंग जीतन चलत हैं।
भूषन भनत नाद बिहद नगारन के, नदी नद मद गैबरन के रलत हैं।
ऐलफैल खैलभैल खलक में गैलगैल,
गजन की छैल पैल सैल उसलत हैं।
तारा सो तरनि धूरि धारा में लगत जिमि,
थारा पर पारा पारावार यों हलत हैं।” (म. प्र. 2018)
शब्दार्थ:
साजि = सजाकर, चतुरंग सैन = चतुरंगिनी सेना, उमंग = उत्साह, जंग = युद्ध, नाद = आवाज, बिहद = वृहद, मद = हाथी के गंडस्थल से स्रावित होने वाला पदार्थ,
गैबरन = हाथी, रलत = बहना, ऐल-फैल = कोलाहल, खैल-भैल = खलबली, गैल-गैल = प्रत्येक गली, गजन = हाथियों, छैल पैल = भीड़भाड़, सैल = पर्वत, उसलत = उखड़ते,
तराने = सूर्य, धूरि = धूल, जिमि = जैसे, पारावार = समुद्र।
संदर्भ:
प्रस्तुत पद्यांश ‘शौर्य गाथा’ के अंतर्गत ‘शिवा शौर्य’ से उद्धृत किया गया है। जिसके कवि महाकवि भूषण हैं।
प्रसंग:
शिवाजी की सेना का युद्ध के लिए प्रस्थान करने का वर्णन उपर्युक्त पद में किया गया है।
व्याख्या:
शिवाजी अपनी चतुरंगिनी सेना सजाकर, उत्साहपूर्वक, वीर रस से भरकर युद्ध क्षेत्र के लिए निकल पड़े। भूषण कवि कहते हैं कि श्रेष्ठ शिवाजी जब युद्ध के लिए निकले तो बड़े-बड़े नगाड़ों की आवाज गूंजने लगी।
हाथियों के गंडस्थल से मद स्त्रावित हो रहा है। उसे देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि मानों नदी में उफान आ गया है। शिवाजी की सेना जब युद्ध के लिए प्रस्थान करती है तो गली-गली में खलबली मच जाती है।
हाथियों की भीड़ देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि मानो कि पहाड़ उखड़ गए हों। सेना के प्रस्थान से उड़ने वाली धूल के कारण आकाश में निकला हुआ सूर्य तारों के समान अत्यंत छोटा दिखाई दे रहा है। सेना के कदम ताल से धरती हिलने लगती है। समुद्र में हलचल प्रारंभ हो जाती है। यह हलचल ठीक वैसी ही है जैसे थाली में रखे हुए पारे में होती है।
विशेष:
- अतिश्योक्ति, अनुप्रास, उपमा, उत्प्रेक्षा अलंकार है।
- पद मैत्री पूर्ण शब्दों का प्रयोग है।
- युद्ध का मोहक वातावरण खींचा गया है।
2. “निकसत म्यान तें मयूख प्रलैभानु कैसी,
फारै तम तोम से गयंदन के जाल कों।
लागति लपटि कंठ वैरिन के नागिनी सी,
रुद्राहें रिझार्दै दै – दै मुंडन के माल कों।” (म. प्र. 2009, 13)
शब्दार्थ:
निकसत = निकलना, मयूखें = किरणें, प्रलैभानु = प्रलंयकारी सूर्य, तम = अन्धकार, तोम = समूह, गयंदन = हाथियों का, वैरिन = शत्रु, रुद्रहिं = शंकर जी, रिझावैं = आसक्त करना।
संदर्भ:
प्रस्तुत पद्यांश ‘शौर्य गाथा’ के अंतर्गत ‘छत्रशाल प्रशस्ति’ से उद्धृत किया गया है। जिसके कवि महाकवि भूषण हैं।
प्रसंग:
महाराजा छत्रसाल ने तलवार निकालकर प्रलंयकारी वार करना शुरू किया, उसी दृश्य का प्रभावी चित्रण किया गया है।
व्याख्या:
महाराज छत्रसाल ने युद्ध में म्यान से अपनी तलवार निकाल ली। तलवार के संचालन से प्रलंयकारी सूर्य की किरणों के समान चिनगारियाँ निकल रही थी। जिस प्रकार सूर्य अपनी किरणों के माध्यम से अंधकार को दूर कर देता है उसी प्रकार छत्रसाल की तलवार की चिनगारियों से भयभीत होकर हाथियों का समूह पीछे खिसक गया।
छत्रसाल की तलवार शत्रुओं के गले में ठीक उसी प्रकार लिपटने लगी जैसे नागिन लिपट जाती है। शत्रुओं के सिर धड़ से अलग हो-होकर गिरने लगे। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानों महाराज छत्रसाल भगवान शिव को आसक्त करने में लगे हुए हैं। मुण्डों की माला धारण कर भगवान शिव निश्चित ही प्रसन्न होंगे।
विशेष:
- उत्प्रेक्षा, उपमा, रूपक, पुनरुक्ति अलंकार है।
- वीर रस का प्रयोग है।
- औजगुण है। युद्ध का सजीव चित्रण किया गया है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
किस प्रकार की सेना को चतुरंगिनी सेना कहा गया है? (म. प्र. 2011)
उत्तर:
चतुरंगिनी सेना में हाथी, घोड़े, रथ और पैदल सेना शामिल होती है।
प्रश्न 2.
युद्ध के समय किसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई पड़ती थी?
उत्तर:
नगाड़ों की।
प्रश्न 3.
शत्रु सैनिक किसकी आड़ लेकर शस्त्र चला रहे थे?
उत्तर:
शत्रु सैनिक मोर्चे की आड़ लेकर शस्त्र चला रहे थे।
प्रश्न 4.
कौन-कौन से शस्त्र शत्रु-सैनिक चला रहे थे?
उत्तर:
धनुष से बाण, बन्दूकों से गोलियाँ और कोकवान जैसे हथियार शत्रु-सैनिक चला रहे थे।
प्रश्न 5.
कवि ने शेषनाग और उसकी संगिनी किसे कहा है?
उत्तर:
छत्रसाल की भुजा को शेषनाग और बरछी को उसकी संगिनी कहा है।
प्रश्न 6.
कवि ने किन राजाओं के शौर्य का वर्णन किया है? (म. प्र. 2011, 14)
उत्तर:
शिवाजी और छत्रसाल का वर्णन किया है।
प्रश्न 7.
भूषण जी कविताओं में किस गुण की प्रधानता है? (म. प्र. 2011)
उत्तर:
भूषण जी कविताओं में ओज गुण की प्रधानता है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
शिवाजी के युद्ध अभियान का वर्णन कीजिए। (म. प्र. 2015)
उत्तर:
शिवाजी चतुरंगिनी सेना सजाकर, अस्त्र-शस्त्र से सुसज्जित होकर युद्ध क्षेत्र की ओर प्रस्थान करते हैं। सेना के प्रस्थान के समय जोर-जोर से नगाड़े बजाये जाते हैं। मदमस्त हाथी युद्ध की मस्ती में और मतवाले हो रहे हैं।
शिवाजी की विशाल सेना धरती के चप्पे-चप्पे पर छा जाती है। हाथियों की धक्का मुक्की से पहाड़ उखड़ जाते हैं। सेना के चलने से इतनी धूल उड़ती है कि आकाश में सूर्य भी धुंधले होने के कारण तारे के समान दिखाई देने लगता है। धरती और समुद्र थाली में रखे पारे के समान चंचल हो उठते हैं।
प्रश्न 2.
शिवाजी की सेना ने किस प्रकार शत्रुओं पर आक्रमण किया? (महत्वपूर्ण)
उत्तर:
शिवाजी की सेना ने मोर्चा बंदी की। शत्रुओं पर तोप, बंदूक और कोकबान से आक्रमण किया। चुने हुए वीरों को ललकारा। फिर उन पर आक्रमण कर दिया। शिवाजी के साहसी वीर, मुंछों पर ताव दे-देकर शत्रु के कैंगूरों पर पाँव रख-रखकर शत्रु का भयंकर संहार करते हुए दुर्ग के अंदर कूद पड़े।
प्रश्न 3.
छत्रसाल की बरछी की विशेषताएँ लिखिए। (म. प्र. 2009, 10, 14, 16, 17, 18)
उत्तर:
छत्रसाल की बरछी सर्पिणी के समान मारक है। वह शत्रुओं को चुन-चुनकर मारती है। शत्रुओं के बख्तरों को फाड़कर उनके शरीर में बरछी इस प्रकार घुस जाती है, जैसे मछली जलधारा को चिरती हुई आगे बढ़ जाती है।
प्रश्न 4.
छत्रसाल की तलवार को प्रलयकालीन सूर्य के समान क्यों कहा है? (म. प्र. 2012)
उत्तर:
छत्रसाल की तलवार में प्रलयकालीन सूर्य की प्रखरता एवं चमक समाई हुई है। शत्रु रूपी अंधकार को तलवार रूपी सूर्य समूल नष्ट कर देता है।
प्रश्न 5.
“कालिका-सी किलकि कलेऊ देती काल को” का भाव स्पष्ट कीजिए। (महत्वपूर्ण)
उत्तर:
शिवाजी जी की तलवार की किलकारी भरती हुई महाकाली के समान विकट शत्रुओं को मार काट कर महाकाल यमराज को भोग लेने के लिए प्रस्तुत कर देती है। शिवाजी की तलवार से बचना असम्भव है।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1.
सत्य / असत्य कथन पहचानिए –
- भूषण वीर रस के कवि हैं। (महत्वपूर्ण)
- भूषण आधुनिक काल के कवि हैं।
- भूषण महाराजा शिवाजी के राज्याश्रयी थे। (महत्वपूर्ण)
- कोकवान एक हथियार है।
- भूषण का वध शिवाजी ने क्रोध में आकर कर दिया था।
उत्तर:
- सत्य
- असत्य
- सत्य
- सत्य
- असत्य।
प्रश्न 2.
सही विकल्प चुनिए –
1. ‘भुजंगिनी-सी में अलंकार है –
(क) उपमा
(ख) रूपक
(ग) अनुप्रास
(घ) यमक।
उत्तर:
(क) उपमा।
प्रश्न 3.
रिक्त स्थानों की पूर्ति विकल्पों के आधार पर कीजिए –
1. हिन्दी साहित्य का प्रथम राष्ट्रीय कवि …………………… को माना गया है। (भूषण / बिहारी)
उत्तर:
भूषण। (म. प्र. 2011, 14)
प्रश्न 4.
एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए –
1. एक ही शब्द के अर्थ आपस में चिपके होने पर कौन-सा अलंकार होता है?
उत्तर:
श्लेष।