PSEB Solutions for Class 9 Maths Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.5
PSEB 9th Class Maths Solutions Chapter 1 संख्या पद्धति Ex 1.5
प्रश्न 1.
बताइए नीचे दी गई संख्याओं में कौन-कौन परिमेय हैं और कौन-कौन अपरिमेय हैं :

(ii) (3 + √23) – √23
= 3 + √23 – √23

(v) दी गई संख्या में,
2 एक परिमेय संख्या है और π एक अपरिमेय संख्या है। जैसा कि हम जानते हैं कि एक शून्येत्तर परिमेय संख्या और एक अपरिमेय संख्या का गुणनफल सदा एक अपरिमेय संख्या है।
अतः, 2π एक अपरिमेय संख्या है।
प्रश्न 2.
निम्नलिखित व्यंजकों में से प्रत्येक व्यंजक को सरल कीजिए :
(i) (3 + √3) (2 + √2)
(ii) (3 + √3) (3 – √3)
(iii) (√5 + √2)2
(iv) (√5 – √2) (√5 + √2)
हल :
(i) (3 + √3) (2 + √2) = 3 × 2 + 3√2 + 2√3 + √3 × √2
= 6 + 3√2 + 2√3 + √6
(ii) (3 + √3) (3 – √3) = 3 × 3 – 3√3 + 3√3 – √3 × √3
= 9 – 3 = 6
(ii) (√5 + √2)2 = (√5)2 + (√2)2 + 2√5 × √2
[∵ (a + b)2 = a2 + b2 + 2ab]
= 5 + 2 + 2√10
= 7 + 2√10
(iv) (√5 – √2) (√5 + √2)
= (√5)2 – (√2)2
[: (a – b) (a + b) = a2 – b2]
= 5 – 2 = 3 .
प्रश्न 3.
आपको याद होगा किश को एक वृत्त की परिधि | (मान लीजिए c) और उसके व्यास (मान लीजिए d) के अनुपात से परिभाषित किया जाता है, अर्थात् π = c/d है। यह इस तथ्य का अंतर्विरोध करता हुआ प्रतीत होता है कि अपरिमेय है। इस अंतर्विरोध का निराकरण आप किस प्रकार करेंगे ?
हल :
जैसा कि हम जानते हैं कि एक शून्येत्तर परिमेय संख्या और एक अपरिमेय संख्या का भागफल या एक अपरिमेय संख्या और एक शून्येत्तर परिमेय संख्या का भागफल सदा एक अपरिमेय संख्या होता है।
यहाँ π = c/d
अतः इसमें कोई अंतर्विरोध नहीं है क्योंकि c या d अपरिमेय हैं। अत: π एक अपरिमेय संख्या है।
प्रश्न 4.
संख्या रेखा पर √9.3 को निरूपित कीजिए।
हल :
एक दी हुई रेखा पर एक स्थिर बिन्दु A से 9.3 एकक की दूरी पर चिह्न लगाने पर एक ऐसा बिन्दु B प्राप्त होता है, जिससे कि AB = 9.3 एकक (देखिए आकृति)।
B से 1 एकक की दूरी पर एक चिह्न लगाइए और इस नए बिन्दु को C मान लीजिए।
AC का मध्य-बिन्दु ज्ञात कीजिए और उस बिन्दु को 0 मान लीजिए। 0 को केन्द्र और OC = 4.65 एकक त्रिज्या लेकर एक अर्धवृत्त बनाइए।
AC पर लम्ब एक ऐसी रेखा खींचिए जो B से होकर जाती हो और अर्धवृत्त को D पर काटती हो।
तब BD = √9.3 है।

