PBN 9th Science

PSEB Solutions for Class 9 Science Chapter 8 गति

PSEB Solutions for Class 9 Science Chapter 8 गति

PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 8 गति

→ कोई वस्तु उस समय गति में कहलाती है जब वह समय के साथ अपनी स्थिति में परिवर्तन करती है।

→ किसी समय एक व्यक्ति के लिए कोई वस्तु गति अवस्था में प्रतीत हो सकती है, परंतु किसी दूसरे व्यक्ति के लिए वही वस्तु विराम अवस्था में प्रतीत हो सकती है।

→ कुछ वस्तुओं की गति नियंत्रित होती है जबकि कुछ अन्य वस्तुओं की गति अनियंत्रित तथा अनियमित होती है।

→ किसी वस्तु की स्थिति का वर्णन करने के लिए हमें एक निर्देश बिंदु निर्धारित करने की आवश्यकता होती है, जिसे मूल बिंदु (Origin) कहते हैं।

→ जब कोई वस्तु सरल रेखीय पथ पर चल रही होती है तो उस वस्तु की गति सरल रेखीय गति कहलाती है।

→ वे राशिएँ जिन्हें केवल उनके संख्यात्मक मान द्वारा निश्चित रूप में वर्णन किया जा सकता है, भौतिक राशि कहा जाता है। इस संख्यात्मक मान को उस राशि की मात्रा कहा जाता है।

→ वस्तु की आरंभिक तथा अंतिम स्थिति के बीच छोटी-से-छोटी मापी गई दूरी को वस्तु का विस्थापन कहते हैं।

→ जब गतिशील वस्तु की अंतिम स्थिति मूल स्थिति पर आ जाती है तो विस्थापन की मात्रा शून्य (0) हो जाती है।

→ विस्थापन की मात्रा शून्य हो सकती है परंतु उस वस्तु द्वारा तय की गई दूरी शून्य नहीं होगी।

→ ओडोमीटर एक ऐसा यंत्र है जो स्वैचालित वाहनों द्वारा तय की गई दूरी को मापा गया प्रदर्शित करता है।

→ यदि वस्तु समान समय अंतराल में समान दूरी तय करे तो उस वस्तु की गति एक समान गति कहलाती है। समय अंतराल छोटे से छोटा होना चाहिए।

→ यदि गतिशील वस्तु समान समय अंतरालों में असमान दूरी तय करती है तो उस वस्तु की गति असमान
गति कहलाती है।

→ वस्तु की गति की दर को उस वस्तु की चाल (Speed) कहा जाता है। चाल का मात्रक मीटर/सैकंड (m/s-1) या ms) होता है।

→ किसी वस्तु की औसत (मध्यमान) चाल (Average Speed) उस वस्तु द्वारा तय की गई कुल दूरी के कुल लगे समय से भाग करके प्राप्त किया जाता है।

→ एक निश्चित दिशा में किसी वस्तु की गति की दर को उस वस्तु का वेग कहा जाता है अर्थात् किसी निश्चित दिशा में चाल को वेग कहा जाता है।

→ यदि किसी वस्तु का वेग एक समान दर के साथ परिवर्तित होता है तो उसका औसत (मध्यमान) वेग, प्रारंभिक वेग तथा अंतिम वेग का अंक गणित मध्यमान (mean) द्वारा प्राप्त किया जाता है।

→ समय अंतराल को डिजिटल कलाई घड़ी या विराम घड़ी (Stop Watch) द्वारा मापा जाता है।

→ वायु में ध्वनि की चाल = 340 m/s
वायु में प्रकाश की चाल = 3 × 108 m/s

→ किसी वस्तु का इकाई समय में वेग के परिवर्तन के माप को प्रवेग कहते हैं।

प्रवेग का S.I. मात्रक m/s2 है।

→ यदि किसी वस्तु का वेग समय के साथ परिवर्तित होता है तो उसकी गति को प्रवेगित कहा जाता है।

→ स्वतंत्र रूप से गिर रही वस्तु एक समान प्रवेग की उदाहरण है।

→ यदि कोई वस्तु सरल रेखा में गति करते हुए किसी वस्तु का वेग बराबर समय अंतरालों के बराबर मात्रा से बढ़ता या कम होता है तो उस अवस्था में वस्तु का प्रवेग एक समान प्रवेग होगा।

→ समान वेग से चलती हुई वस्तु का एक निश्चित समय अंतराल में उसके वेग, प्रवेश तथा उस द्वारा तय की गई दूरी के संबंध को गति के समीकरण द्वारा जाना जाता है।

→ एक समय प्रवेग से चल रही वस्तु की गति का वर्णन निम्नलिखित समीकरणों द्वारा किया जाता है :
V = u + at
S = ut + 1/2 at2
2aS = v2 – u2 जहाँ u वस्तु का प्रारंभिक वेग तथा t समय के पश्चात् v अंतिम वेग है तथा ‘S’ इस समय अंतराल में तय की गई दूरी है।

→ ग्राफ द्वारा वस्तु की एक समान तथा असमान गति को प्रदर्शित किया जा सकता है।

→ जब कोई वस्तु एक समान चाल से वृत्तीय पथ पर चलती है तो इस वस्तु की गति को एक समान वृत्तीय गति कहा जाता है।

→ गति (Motion)-यदि एक वस्तु किसी निर्देश तंत्र में अपनी स्थिति बदलती है, तब उसे गति कहा जाता है।

→ एक समान गति-जब कोई वस्तु के समान अंतराल में समान दूरियां तय करती है तो उसे एक समान गति कहते हैं। समय के अंतराल कितने भी छोटे हो सकते हैं।

→ असमान गति-जब कोई वस्तु समान समय के अंतर में असमान दूरियां तय करती है तो उसे असमान गति कहते हैं।

→ दूरी-किसी वस्तु द्वारा तय की गई दूरी निर्देश तंत्र में उसके द्वारा तय किए गए वास्तविक पथ की लंबाई है। यह एक अदिश राशि है और मानक इकाई में यह मीटर (m) में मापी जाती है। यह ऋणात्मक नहीं हो सकती।

→ विस्थापन-किसी वस्तु द्वारा निर्देश तंत्र में किसी विशेष दिशा में तय की गई दूरी विस्थापन कहलाती है। यह एक सदिश राशि है। मानक राशियों में इसे मीटर (m) में मापा जाता है।

→ चाल-निर्देश तंत्र में दूरी तय करने की समय-दर को चाल कहते हैं। इसकी इकाई मीटर प्रति सेकेंड (ms-1) है।

→ समरूप चाल-किसी वस्तु को समरूप चाल से गति में कहा जाता है यदि वह समय के समान अंतरालों में एक समान दूरी तय करे।

→ औसत चाल-किसी वस्तु द्वारा एकांक समय में तय की गई दूरी औसत दूरी को औसत चाल कहते हैं।

→ वेग-किसी निर्देश तंत्र के सापेक्ष कण के विस्थापन की समय दर को वेग कहते हैं। यह किसी वस्तु द्वारा किसी विशेष दिशा में प्रति इकाई समय में तय की गई दूरी है। इसे मीटर प्रति सेकंड (ms-1) में मापा जाता है।

→ समरूप अथवा समान वेग-कोई वस्तु तब समरूप वेग से गतिशील कही जाती है जब वह विशेष दिशा में समय के समान अंतरालों में समान दूरी तय करती है। जब कोई वस्तु एक समान वेग से गति करती है, तो इसका वेग किसी भी समय समान होता है।

→ असमान वेग-वेग को तब असमान कहा जाता है जब

  1. यह दिशा परिवर्तित करे या
  2. चाल बदले या
  3. दिशा और चाल दोनों ही बदले।

→ त्वरण-किसी वस्तु के वेग के परिवर्तन की दर को त्वरण कहते हैं। यह एक सदिश राशि है।

त्वरण की इकाई S.I. इकाई ms-2 है।

→ सदिश-वे भौतिक राशियां जिनमें परिमाण के साथ दिशा भी हो तथा त्रिभुज योग नियम का पालन करती हैं, सदिश राशियां कहलाती हैं। जैसे-विस्थापन, वेग, त्वरण, बल, संवेग इत्यादि।

→ अदिश या स्केलर-वह भौतिक राशि जिसमें केवल परिमाण हो परंतु दिशा ज्ञान न हो उसे अदिश राशि कहते हैं।

→ एक समान त्वरण-यह वस्तु एक समान त्वरण में तब कही जाती है जब समय के अंतरालों में इसके वेग में समान परिवर्तन हो।

→ असमान त्वरण-एक वस्तु असमान त्वरण में तब कही जाती है यदि असमान समय अंतरालों में उसके वेग में समान परिवर्तन हो या समान अंतरालों में असमान वेग परिवर्तन हो।

→ वृत्तीय गति-एक वृत्तीय पथ के साथ-साथ किसी पिंड की गति को वृत्तीय गति कहते हैं।

→ एक समान वृत्तीय गति या एक समान वर्तुल गति-यदि कोई वस्तु अचर चाल से किसी वृत्तीय पथ पर चलती है, तो इसे एक समान वर्तुल गति में कहा जाता है।

→ कोणीय वेग-यह कोणीय विस्थापन की दर है।

कोणीय वेग का मात्रक रेडियन प्रति सैकिंड (rad s-1) हैं।

PSEB 9th Class Science Important Questions Chapter 8 गति

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (Long Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
गणितीय विधि द्वारा गति के समीकरणों को स्थापित कीजिए।
उत्तर-
एक समान त्वरण के अंतर्गत गति के समीकरण – एक समान त्वरण के अंतर्गत सरल रेखीय गति करती हुई वस्तु के लिए गति के निम्न समीकरण हैं-
(i) ν = u + at
(ii) S = ut + 1/2at2
(iii) v2 – u2 = 2aS

(i) गति का प्रथम समीकरण v = u + at
मान लो किसी गतिशील वस्तु का प्रारंभिक वेग u व एकसमान त्वरण है। मान लो 1 सेकंड में S दूरी चलने के पश्चात् वस्तु का वेग v हो जाता है।
1 सेकंड में वस्तु के वेग में वृद्धि = a
1 सेकंड में वस्तु के वेग में वृधि = a × t
अत: t सेकंड के पश्चात् वस्तु का वेग = वस्तु का प्रारंभिक वेग + 1 सेकंड में वस्तु के वेग में वृद्धि
अथवा V = u + at

प्रश्न 2.
एक समान त्वरण से गतिमान वस्तु के लिए, ग्राफ़ीय विधि से निम्नलिखित संबंध स्थापित कीजिए-
(i) v = u + at,
(ii) S = u t + 1/2at2,
(iii) v2 = u2 + 2 aS.
उत्तर-

I. ग्राफ द्वारा गति के समीकरण स्थापित करना-मान लो कोई वस्तु प्रारंभिक वेग u तथा अचर त्वरण a से चलना प्रारंभ करती है तथा t समय पश्चात् वस्तु का वेग v हो जाता है। यदि समय को X-अक्ष पर तथा वेग को Y-अक्ष पर निरूपित किया जाए तो वस्तु का समय-वेग ग्राफ एक झुकी हुई सरल रेखा BA के रूप में प्राप्त होता है। इसकी सहायता से गति के समीकरणों को निम्नलिखित प्रकार से ज्ञात करते हैं-

BC = BD + DC
BD + OA (∵ DC = OA)
इसमें BC = v तथा OA = u रखने पर हम पाते हैं,
v = BD + u
या BD = v – u ………………….(1)
वेग समय ग्राफ़ से वस्तु के त्वरण को व्यक्त किया गया है।

OC = t, रखने पर हम पाते हैं,
a = BD
t …………….(2)
या BD = at
समीकरण (1) तथा (2) से हम पाते हैं।
V = u + at

II. समय-स्थिति संबंध
मान लें एक वस्तु एक समान त्वरण α से t समय में S दूरी तय की। चित्र में वस्तु द्वारा तय की गई दूरी, वेगसमय ग्राफ़ AB के नीचे घिरे क्षेत्र OABC द्वारा प्राप्त की जाती है।
इस प्रकार, वस्तु के द्वारा तय की गई दूरी S निम्न प्रकार से व्यक्त की जाती है,
S = OABC का क्षेत्रफल (जो एक समलंब है)
= आयत OADC का क्षेत्रफल + त्रिभुज ABD का क्षेत्रफल
= OA × OC + 1/2 (AD × BD)
OA = u, OC = AD = t और BD = at, मान रखने पर हम पाते हैं,
S = u × t + 1/2 (t × at)
या S. = ut + 1/2at2

प्रश्न 3.
(क) दूरी-समय ग्राफ़ क्या है ?
(ख) इसकी ढाल क्या प्रदर्शित करती है ?
उत्तर-

(क) समय-दूरी ग्राफ – यह किसी वस्तु द्वारा तय दूरी तथा लगे समय में रेखांकित ग्राफ है। यह सरल रेखीय हो भी सकता है और नहीं भी।

दूरी-समय का अर्थ – जब कोई वस्तु एक समान है चाल से गतिमान होती है तो यह समान-अंतरालों में से समान दूरी तय करती है। एक समान चाल से गतिमान वस्तु का दूरी-समय ग्राफ़ सदा सरल रेखीय होता है।

उदाहरण – समय-दूरी से यह देखा गया है कि 9 पू० दो० से 10 पृ० दो० तथा 10 पू० दो० से 11 पू० दो० के समय अंतरालों में क्रमश: AB तथा CD दूरी तय होती है।
यह भी देखा जा सकता है कि AB = CD
चित्र-दूरी समय ग्राफ़ अतः समान दूरी समान समय अंतरालों में तय की जाती है जिस कारण चाल एक समान है।

प्रश्न 4.
वेग-समय ग्राफ की सहायता से एक समान वेग से गतिशील वस्तु की दूरी कैसे ज्ञात करोगे ? उदाहरण सहित समझाओ।
उत्तर-
एक समान गति के लिए वेग – समय ग्राफ-एक समान गति के लिए किसी वस्तु का वेग-समय ग्राफ वह ग्राफ होता है जब कोई वस्तु स्थिर वेग से चल रही हो। ऐसी अवस्था में वेग-समय ग्राफ X अक्ष के समांतर होता है। चित्र में सरल रेखा द्वारा दर्शाया गया है ।

मान लो रमेश अपने मोटर साइकिल पर 40 km/h के स्थिर वेग से जा रहा है। इसका अर्थ है कि किसी भी समय अंतराल में उसका वेग 40 km/h पर स्थिर रहेगा। इसलिए वह पहले एक घंटे में 40 km., दूसरे घंटे के अंत में 80 km तथा तीसरे घंटे के अंत में 120 km दूरी तय करेगा। अगले प्रत्येक घंटे में उसकी दूरी इसी तरह बढ़ती जाएगी। ग्राफ की सहायता से हम किसी भी दिए समय में रमेश द्वारा तय की गई दूरी पता कर सकते हैं।

सरल रेखीय ग्राफ RS पर बिंदु A तथा B समय अंतरालों OD = t1 तथा OC = t2 पर रमेश की स्थिति दर्शाता है । समय मूल बिंदु 0 से मापा गया है। AD तथा BC बिंदु A तथा B से समय अक्ष पर लंब खींचे गए हैं। इस प्रकार ABCD एक आयत बन गई है ।
समय अंतराल (OC-OD) = (t2 – t1) में रमेश द्वारा तय की गई दूरी
S = आयत ABCD का क्षेत्रफल
= AD × DC
= वेग × समय अंतराल
S = v × (t2 – t1)
या S = 40 × (t2 – t1) km

प्रश्न 5.
एक समय प्रवेगित गति के लिए वेग-समय ग्राफ बनाओ तथा इस ग्राफ से आप वस्तु द्वारा तय की गई दूरी का पता कैसे करोगे ?
उत्तर-
एक समान प्रवेगित के लिए वेग-समय ग्राफ-जब कोई वस्तु स्थित वेगसे नहीं, परंतु लगातार बढ़ते हुए वेग के साथ चल रही हो, तो वह वस्तु प्रवेगित होती है तथा इसकी गति को प्रवेगित गति कहते हैं। इस अवस्था में वेग-समय (v – t) ग्राफ एक सरल रेखा OR होता है जो मूल बिंदु O से शुरू होता है तथा दोनों अक्षों से दूर जाता है ।

निम्न चित्र की सहायता से हम एक समान प्रवेगित गति के साथ चल रही वस्तु द्वारा तय की गई दूरी पता कर सकते हैं ।

OR एक सरल रेखीय ग्राफ है। ग्राफ पर दो बिंदुओं A1 तथा A2 से समय-अक्ष पर A1, A4 तथा A2, A3 लंब खींचो : A2, A3 पर एक लंब AL खींचो। समलंब चतुर्भुज A1A2A3A4 का क्षेत्रफल वस्तु द्वारा तय की गई दूरी होगी।

समलंब चतुर्भुज A1A2A3A4 का क्षेत्रफल = 1/2(A1A4 + A2A3) × A1L
S = 1/2(u + v) × (t2 – t1)
तय की गई दूरी S = औसत वेग × समय अंतराल

प्रश्न 6.
निम्नलिखित के ग्राफ खींचकर उदाहरण द्वारा समझाए-
(i) एकसमान त्वरित गति
(ii) असमान त्वरित गति।
उत्तर-
(i) एकसमान त्वरित गति- यदि किसी वस्तु के वेग में समान समय अंतरालों में समान परिवर्तन होता है, तो वस्तु की गति एकसमान त्वरित गति कहलाती है। चित्र (a) में मुक्त रूप से गिरते हुए पत्थर का वेगसमय ग्राफ प्रदर्शित है। इसमें पत्थर का वेग प्रति सेकंड 9.8 मीटर/सेकंड बढ़ता जाता है, अर्थात् वस्तु की गति में त्वरण 9.8 मीटर/सेकंड है। यह ग्राफ एक झुकी हुई सरल रेखा के रूप में प्राप्त होता है, जो यह दर्शाता है कि वस्तु की गति एक समान त्वरित गति है ।

यदि किसी वस्तु के वेग समान समय अंतरालों में असमान परिवर्तन होते हैं, तब वस्तु की गति असमान त्वरित गति कहलाती है। चित्र में एक कार की गति का वेग-समय ग्राफ दिया गया है। इसमें कार का वेग घटता-बढ़ता है। वह ग्राफ टेढ़े-मेढ़े वक्र के रूप में प्राप्त होता है, जो यह दर्शाता है कि कार की गति, असमान त्वरित गति है।

प्रश्न 7.
(क) वृत्तीय गति क्या होती है ? समान चाल की वृत्तीय गति त्वरित गति क्यों होती है ?
(ख) कोणीय वेग की परिभाषा दो । इसकी इकाई क्या है ?
(ग) सरल रेखीय और कोणीय वेगों में संबंध स्थापित करो ।
उत्तर-
(क) वृत्तीय गति – यदि किसी गतिमान वस्तु का गमन पथ सरल रेखा न होकर एक वृत्त हो, तो उस वस्तु की गति को वृत्तीय गति कहते हैं।
वृत्तीय गति में चाल अचर होने पर भी प्रत्येक बिंदु दिशा में होने वाला निरंतर परिवर्तन वेग में परिवर्तन उत्पन्न करता है, जिससे वस्तु की गति त्वरित होती है ।

(ख) कोणीय वेग – प्रति इकाई समय में हुए कोणीय विस्थापन को कोणीय वेग कहते हैं।
यदि t समय में वस्तु θ कोण तय करती है, तो कोणीय वेग इस प्रकार दिया जा सकता है-

या ω =
यह ω (ओमेगा) वर्तुल वेग को दर्शाता है
ω = θ/t
कोणीय वेग की इकाई – कोणीय वेग रेडियन प्रति सेकंड में मापा जाता है।

(ग) सरल रेखीय तथा कोणीय वेग में संबंध – मान लो एक वस्तु एक समान रेखीय वेग v से r अर्धव्यास वाले वृत्त में गतिमान है। मान लो सरल रेखा में : s दूरी t समय में तय की गई और इसके सापेक्ष कोण θ विस्थापित होता है।

प्रश्न 8.
एक समान वक्रीय या वर्तुल गति क्या होती है ? एक समान वक्रीय गति प्रवेगित गति क्यों होती है ? व्यावहारिक क्रिया द्वारा समझाओ। इससे क्या निष्कर्ष निकलता है ?
उत्तर-

एक समान वर्तुल या वक्रीय गतिएक समान वक्रीय गति वह गति होती है जहां कि एक समान प्रवेगित गति, वेग की मात्रा में परिवर्तन के
स्पर्श रेखा कारण नहीं अपितु वेग की दिशा में परिवर्तन कारण होती है। जब कोई वस्तु वृत्ताकार पथ में घूमती है तो उस वृत्त की परिधि के प्रत्येक जिंदु पर गति की दिशा बदलती रहती है । दिखाए गए चित्र में बिंदु A, B, C, D वस्तु की चार स्थितियां दर्शायी गई हैं। CT तथा DT इन बिंदुओं पर गति की भिन्न-भिन्न दिशाएं हैं। अब क्योंकि गति की दिशा बदल रही है इसलिए वस्तु बदले हुए वेग से गति करती है । इसलिए यह गति एक समान प्रवेगित है।

महत्त्वपूर्ण निष्कर्ष – मान लो एक विद्यार्थी, अर्धव्यास = r वाले वृत्त की परिधि के साथ-साथ एक पूरा चक्कर ‘t’ सेकंड में लगाता है, तो उसका वेग,

व्यावहारिक क्रिया – एक मीटर लंबा सूती या नायलॉन का धागा लो। इसके एक सिरे के साथ एक धातु का गोला बांधो तथा दूसरे सिरे को हाथ से पकड़ कर गोले को वृत्ताकार पथ में घुमाओ। जब गोला घूम रहा है तो इसकी चाल उस समय एक समान रहती है पर इसका वेग प्रत्येक बिंदु पर बदलता रहता है। वेग में परिवर्तन का कारण गोले की गति की दिशा में परिवर्तन है। गति की दिशा हमेशा वृत्ताकार पथ के स्पर्श रेखा के साथ होती है। स्पर्श रेखा वृत्त के अर्धव्यास के लंब रूप में होती है। चित्र में P1T तथा P2T क्रमशः P1 तथा P2 पर स्पर्श रेखाएं हैं जो इन बिंदुओं पर गोले की गति की दिशाएं दर्शाती हैं। यदि किसी भी समय गोले को छोड़ दिया जाए तो यह तीर की दिशाओं में जा गिरेगा।

लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
किसी वस्तु की विराम अवस्था तथा गति अवस्था को उदाहरण देते हुए स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
विराम अवस्था – यदि किसी वस्तु की स्थिति में समय के साथ कोई परिवर्तन नहीं होता है तो वह वस्तु विराम अवस्था में कहलाती है।
उदाहरण – मेज पर रखी हुई पुस्तक. पृथ्वी पर खड़े पेड़-पौधे तथा बिजली का खंभा आदि।

गति अवस्था- यदि किसी वस्तु की स्थिति में समय के साथ-साथ परिवर्तन हो रहा है तो वह वस्तु गति की अवस्था में कहलाती है।
उदाहरण – सड़क पर दौड़ती कार, वायु में उड़ता हुआ वायुयान आदि।

प्रश्न 2.
गति की विभिन्न किस्में कौन-कौन सी हैं ? उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
गति की विभिन्न किस्मेंगति की तीन विभिन्न किस्में हैं-

  1. सरल रेखीय
  2. वर्तुल गति
  3. दोलन गति।

उदाहरण-
(1) मान लो एक प्रेक्षक ) पर है और वह एक कार स्थिति A में देखता है। कुछ देर बाद वह कार को स्थिति B पर देखता है। कार की इस स्थिति में परिवर्तन यह बतलाता है कि कार O के सापेक्ष गति में है।

(2) मान लो एक व्यक्ति धागे के एक सिरे पर बंधे पत्थर को घुमा रहा है । वह किसी क्षण पत्थर को A पर और फिर कुछ क्षण के बाद B पर देखता है। अतः O के सापेक्ष पत्थर की स्थिति बदलती है। अतः पत्थर O के सापेक्ष गति में है। यह वर्तुल या कोणीय गति का उदाहरण है।

(3) मान लो धागे से बंधा पत्थर एक निश्चित बिंदु से नीचे लटक रहा है। यदि पत्थर को हम एक ओर ले जाकर छोड़ दें तो यह A के इर्द-गिर्द बार-बार उसी पथ पर गति करने लगेगा। इस तरह की गति को दोलन गति कहते हैं।

प्रश्न 3.
“विराम तथा गति सापेक्ष है।” इस कथन से क्या अभिप्राय है ?
उत्तर-
विराम तथा गति सापेक्ष- इसका अर्थ यह है कि यदि कोई वस्तु किसी अन्य वस्तु के सापेक्ष विराम अवस्था में है तो इसका यह अर्थ नहीं है कि वह संसार की अन्य सभी वस्तुओं के सापेक्ष विराम अवस्था में है। यह अन्य वस्तुओं के सापेक्ष गति में हो सकती है। अतः हम कहते हैं कि विराम और गति सापेक्ष हैं।

प्रश्न 4.
अदिश तथा सदिश राशियों को परिभाषित कीजिए।
उत्तर-
अदिश राशियां – जिन भौतिक राशियों को व्यक्त करने के लिए केवल परिमाण की आवश्यकता होती है, अदिश राशियां (scalar quantities) कहलाती हैं। जैसे-लंबाई, दूरी, द्रव्यमान, क्षेत्रफल, समय, चाल, कार्य, ऊर्जा, ताप, घनत्व, आयतन, विद्युत् धारा आदि।

किसी भी अदिश राशि को केवल एक संख्या द्वारा व्यक्त किया जा सकता है। जैसे-
अदिश राशियों को गणित के साधारण नियमों के अनुसार जोडा, घटाया, गणा एवं भाग किया जा सकता है।

सदिश राशियां – जिन भौतिक राशियों को व्यक्त करने के लिए परिमाण एवं दिशा दोनों की आवश्यकता होती है, वे सदिश राशियां (vector quantities)) कहलाती हैं। जैसे-विस्थापन, वेग, त्वरण, बल, संवेग, भार, विद्युत् क्षेत्र आदि।
किसी भी सदिश राशि को पूर्ण रूप से व्यक्त करने के लिए राशि के परिमाण के साथ-साथ उसकी दिशा का उल्लेख करना भी आवश्यक है।

प्रश्न 5.
सदिश और अदिश राशियों में अंतर बताइये।
उत्तर-

सदिश अदिश
1. सदिश राशियां वे भौतिक राशियां हैं जिनमें दिशा और परिमाण दोनों होते हैं, जैसे-विस्थापन, बल, वेग विस्थापन आदि। 1. अदिश राशियां वे भौतिक राशियां हैं जिनमें केवल परिमाण होता है, जैसे द्रव्यमान, आयतन, दूरी आदि।
2. इन्हें तीर के चिह्न से निरूपित किया जाता है। 2. इन्हें किसी विशेष तरीके से निरूपित नहीं किया जाता।
3. इनका संकलन त्रिभुज या समांतर चतुर्भुज के नियम द्वारा किया जा सकता है। 3. इन्हें बीज गणितीय ढंग से संकलित किया जा सकता है।

प्रश्न 6.
निम्नलिखित भौतिक राशियों को अदिश तथा सदिश में वर्गीकृत कीजिए-
दूरी, विस्थापन, घनत्व, बल, संवेग, वेग, त्वरण, चाल, समय, आयतन, ऊर्जा।
उत्तर-
अदिश राशियां – दूरी, घनत्व, चाल, आयतन, ऊर्जा, समय।
सदिश राशियां – विस्थापन, बल, संवेग, वेग, त्वरण।

उदाहरण – एक चल रही रेलगाड़ी में दो यात्रियों A तथा B पर विचार करें। दोनों यात्री एक-दूसरे तथा रेलगाड़ी के सापेक्ष विराम अवस्था में हैं। परंतु रेलगाड़ी के बाहर स्थित प्रेक्षकों के सापेक्ष उनकी स्थिति निरंतर बदल रही है। अतः वे बाहरी प्रेक्षकों के सापेक्ष गति में हैं। अतः विराम और गति सापेक्ष कथन हैं।

प्रश्न 7.
मूल बिंदु क्या है ? उदाहरण भी दो।
उत्तर-
मूल बिंदु – यह एक निश्चित बिंदु है, जिसके सापेक्ष किसी वस्तु की स्थिति का वर्णन किया जा सकता है।
वस्तु की स्थिति बताने के लिए हम मूल बिंदु से उसकी दूरी और दिशा बताते हैं। जैसे ही वस्तु गति करती है, मूल बिंदु के सापेक्ष इसकी गति और दिशा बदल सकती है।

उदाहरण-
(i) मान लो O एक निश्चित बिंदु है। इस बिंदु O से चल कर एक कार किसी समय P पर पहुंचती है। OP = 3 कि० मी० है। तब हम कहते हैं कि कार ने O के सापेक्ष 3 किलोमीटर दूरी तय की है। कार की स्थिति O के सापेक्ष ही परिभाषित की जा रही है ।
इसलिए O मूल बिंदु है।

(ii) एक तल में वस्तु की कोणीय गति के लिए भी वस्तु की दूरी और दिशा O मूल बिंदु के सापेक्ष ही बताई जाती है। यदि वस्तु P पर है तो यह कहा जाता है कि यह 30° पूर्व की ओर है।

प्रश्न 8.
दूरी तथा विस्थापन से क्या अभिप्राय है ?
उत्तर-
दूरी – किसी गतिमान वस्तु द्वारा किसी निश्चित समय में तय की गई मार्ग की लंबाई वस्तु द्वारा चली गई दूरी होती है। इसका मात्रक मीटर है। दूरी एक अदिश राशि है।

विस्थापन – किसी वस्तु की किसी निश्चित दिशा में स्थिति परिवर्तन को विस्थापन कहते हैं। यह अंतिम तथा प्रारंभिक स्थितियों के बीच की न्यूनतम दूरी होती है। विस्थापन सरल रेखीय तथा कोणीय हो सकता है। विस्थापन का मात्रक मीटर है तथा यह एक सदिश राशि है।

एक सरल रेखा में गतिशील वस्तु के लिए – मान लो एक वस्तु P से Q तक अपनी स्थिति बदलती है। यदि निश्चित बिंदु O से इसकी दूरी क्रमशः x1 और x2 है तो, विस्थापन ‘d’ इस तरह हो सकता है-
d = (x1 – x2) P से Q की दिशा में सरल रेखा में गति के लिए विस्थापन +ve तथा विपरीत दिशा में गति के लिए -ve चिह्नों द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है।

प्रश्न 9.
एक समान रेखीय गति और एक समान वृत्तीय गति में क्या अंतर है ?
उत्तर-
एक समान रेखीय गति – यदि कोई गतिमान वस्तु किसी सरल रेखीय पथ पर इस प्रकार गति करे कि उसके द्वारा समान समय में समान दूरी तय की जाए, तो वस्तु की गति एक समान रेखीय गति कहलाती है। इस प्रकार की गति में चाल का परिमाण समान रहता है तथा गति की दिशा भिन्न-भिन्न बिंदुओं पर परिवर्तित नहीं होती है। अत: एक समान रेखीय गति में वस्तु में त्वरण नहीं होता है।

एक समान वृत्तीय गति – जब कोई वस्तु इस प्रकार गति करती है कि उसका पथ वृत्ताकार हो तथा उसकी चाल एक समान हो, तो वस्तु की गति एक समान वृत्तीय गति कहलाती है।
यद्यपि वस्तु की चाल का परिमाण समान रहता है, परंतु गति की दिशा प्रत्येक बिंदु पर परिवर्तित होती रहती है। दिशा में यह परिवर्तन वस्तु में त्वरण उत्पन्न करता है।

प्रश्न 10.
दूरी तथा विस्थापन में अंतर बताओ।
उत्तर-
दूरी और विस्थापन में अंतर-

दूरी विस्थापन
1. गतिमान वस्तु द्वारा तय की गई कुल लंबाई को दूरी कहते हैं। 1. निश्चित दिशा में गतिमान वस्तु की प्रारंभिक तथा अंतिम स्थितियों के बीच की दूरी को विस्थापन कहते हैं।
2. दूरी एक अदिश राशि है। 2. विस्थापन एक सदिश राशि है।
3. दूरी को केवल इसके परिमाण (Magnitude) से ही वर्णित किया जा सकता है। 

उदाहरण -एक पत्थर ‘h’ ऊंचाई तक फेंका गया जो वापिस आरंभिक स्थान पर पहुंच गया है।

पत्थर द्वारा तय हुई दूरी = h + h = 2h

3. विस्थापन का वर्णन दो राशियों-दूरी तथा दिशा से ही किया जाता है। दूरी को ही विस्थापन का परिमाण कहते हैं। 

पत्थर का विस्थापन = h – h = 0 (शून्य)

प्रश्न 11.
चाल तथा वेग से क्या तात्पर्य है ? ये कैसी राशियां हैं ? इनके मात्रक भी लिखिए।
उत्तर-
चाल – किसी वस्तु द्वारा एक एकांक समय अंतराल में चली गई दूरी को उस वस्तु की चाल कहते हैं

इसका मात्रक मीटर/सेकंड (m/s) है तथा यह अदिश राशि है।
वेग-किसी वस्तु द्वारा एकांक समय में निश्चित दिशा में चली गई दूरी अर्थात् विस्थापन उस वस्तु का वेग कहलाता है। इसे v प्रदर्शित करते है; अत:

समय अंतराल इसका मात्रक मीटर/सेकंड (m/s) है। यह सदिश राशि है।

प्रश्न 12.
चाल और वेग में अंतर बताओ।
उत्तर-

चाल तथा वेग में अंतर-

चाल वेग
1. एकांक समय में तय की गई दूरी चाल कहलाती है। 1. एकांक समय में किसी निश्चित दिशा में चली गई दूरी वेग कहलाता है। अथवा इकाई समय में हुआ विस्थापन कहलाता है।
2. चाल का वर्णन करने के लिए केवल परिमाण की आवश्यकता होती है। अतः यह एक अदिश राशि है। 2. वेग का वर्णन करने के लिए परिमाण तथा दिशा दोनों का ज्ञान होना आवश्यक है। अतः यह एक सदिश राशि है।
3. चाल हमेशा धनात्मक होती है। 3. वेग धनात्मक तथा ऋणात्मक दोनों प्रकार का हो सकता है।
4. चाल को तीर युक्त सरल रेखा द्वारा प्रदर्शित नहीं किया जा सकता। 4. वेग को एक तीर युक्त सरल रेखा द्वारा निरूपित किया जा सकता है। तीर की लंबाई वेग के परिमाण तथा तीर की दिशा वेग की दिशा को प्रदर्शित करती है।

प्रश्न 13.
एकसमान वेग तथा परिवर्तनशील वेग से क्या अभिप्राय है ?
उत्तर-
एकसमान वेग – यदि कोई वस्तु समान समय अंतरालों में समान दूरी किसी विशेष दिशा में तय करे तो वस्तु को एकसमान वेग से गतिशील कहा जाता है।

परिवर्तनशील वेग – यदि कोई वस्तु किसी विशेष दिशा में समान समय-अंतरालों में असमान दूरी तय करे अथवा समान समय-अंतरालों में समान दूरी तय करे परंतु उसकी दिशा बदल जाए तो वस्तु के वेग को परिवर्तनशील वेग कहा जाता है।

प्रश्न 14.
औसत चाल तथा औसत वेग से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर-
औसत चाल – किसी गतिमान वस्तु द्वारा एकांक समय में तय की गई औसत दूरी को उसकी औसत चाल कहते हैं। औसत चाल ज्ञात करने के लिए वस्तु द्वारा तय की गई कुल दूरी को कुल दूरी तय करने में लगे समय से भाग दिया जाता है।

तय करने में लगा समय यदि वस्तु की गति एकसमान है तो चाल तथा औसत चाल में कोई अंतर नहीं होता।

औसत वेग – किसी वस्तु द्वारा किसी समय में तय किए गए कुल विस्थापन तथा विस्थापन तय करने में लगे कुल समय का अनुपात, वस्तु का औसत वेग कहलाता है।

यदि वस्तु का वेग निश्चित दिशा में एकसमान दर से परिवर्तित हो रहा है तो

प्रश्न 15.
त्वरण किसे कहते हैं ? यह कैसी राशि है ? इसका मात्रक लिखिए।
उत्तर-
त्वरण – किसी गतिमान वस्तु के वेग-परिवर्तन की दर को उस वस्तु का त्वरण कहते हैं। इसे व से प्रदर्शित करते हैं। यह सदिश राशि है। इसका मात्रक मीटर/सेकंड है।

प्रश्न 16.
धनात्मक तथा ऋणात्मक त्वरण से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर-
धनात्मक तथा ऋणात्मक त्वरण – यदि किसी वस्तु के वेग का परिमाण (अर्थात् वस्तु की चाल) समय के साथ-साथ बढ़ रहा हो तो वस्तु का त्वरण धनात्मक होता है। यदि वस्तु के वेग का परिमाण समय के साथ-साथ घट रहा हो तो रस्तु का त्वरण ऋणात्मक होता है, इसे मंदन भी कहते हैं।

प्रश्न 17.
एकसमान त्वरण तथा असमान त्वरण का अर्थ उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर-
एकसमान त्वरण – यदि किसी वस्तु के वेग में समान समयान्तरालों में समान परिवर्तन हो रहा है, तो वस्तु का त्वरण, एकसमान त्वरण कहलाता है।
उदाहरण-वृत्तीय गति में।

असमान त्वरण – यदि किसी वस्तु के वेग में परिवर्तन एकसमान समयान्तरालों के लिए भिन्न-भिन्न हो तो वस्तु का त्वरण, असमान त्वरण कहलाता है। उदाहरण-भीड़ भरे बाज़ार में गाड़ी चलाते समय गाड़ी का त्वरण असमान रहता है।

प्रश्न 18.
ग्राफ किसे कहते हैं ? इसकी क्या उपयोगिता है ?
उत्तर-
दो भिन्न अक्षों पर किसी भौतिक राशि को दूसरी भौतिक राशि के सापेक्ष चित्रित करने को ग्राफ कहते हैं। ग्राफ़ की उपयोगिता आज के युग में अत्यधिक है। लगभग सभी क्षेत्रों में इसका तथा तुलनात्मक तथा विश्लेषणात्मक कार्यों के लिए सहायक सिद्ध होता है। इसके प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं-

  1. दो या दो से अधिक राशियों का तुलनात्मक अध्ययन अधिक सरलता और सुविधा से हो जाता है।
  2. विभिन्न राशियों के संबंधों को आसानी से दर्शाया जा सकता है।
  3. कम स्थान में विभिन्न आंकड़ों को प्रस्तुत किया जा सकता है।
  4. ग्राफ की ढाल से विभिन्न राशियों, सूचनाओं आदि को प्रकट किया जा सकता है।

प्रश्न 19.
आप किसी वस्तु के वेग के बारे में क्या कहेंगे यदि-
(i) समय-विस्थापन ग्राफ़ सरल रेखीय हो।
(ii) समय वेग ग्राफ़ सरल रेखीय हो।
उत्तर-
(i) वस्तु एक समान वेग से गतिशील है।

(ii) यदि ग्राफ समय-अक्ष के समानांतर एक सरल रेखा हो तो इसका अर्थ यह है कि वस्तु एकसमान वेग से गतिशील है। यदि समय-वेग ग्राफ सरल रेखीय हो परंतु समय-अक्ष के साथ कोण बनाती हो तो इसका अर्थ है कि वस्तु असमान त्वरण से गतिशील है।

प्रश्न 20.
निम्नलिखित स्थितियों में कौन-सी स्थिति संभव है तथा प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए-
(a) कोई ऐसी वस्तु जिसका वेग शून्य है, परंतु उसका त्वरण स्थिर है।
(b) त्वरित गति में स्थिर वेग से चलती हुई कोई वस्तु।
(c) क्षैतिज दिशा में गति करती हुई कोई वस्तु, जिसका त्वरण ऊर्ध्वाधर दिशा में है।
उत्तर-
(a) पृथ्वी तल से ऊपर की ओर फेंकी गई वस्तु जब अपने पथ के उच्चतम बिंदु पर पहुंचती है तो उसका वेग शून्य होता है जबकि त्वरण अचर रहता है। [चित्र (a)]

(b) असंभव है। यदि वस्तु की गति त्वरित है तो वस्तु का वेग स्थिर नहीं रह सकता, या तो वेग का परिमाण बदलेगा अन्यथा दिशा बदलेगी। संभवतया दोनों भी परिवर्तित हो सकते हैं।

(c) प्रक्षेप्य गति में प्रक्षेप्य पथ के उच्चतम बिंदु पर वेग क्षैतिज दिशा में रहता है, जबकि त्वरण ऊर्ध्वाधर दिशा में रहता है। [चित्र (b)]

प्रश्न 21.
निम्नलिखित ग्राफ में किस प्रकार की गति प्रदर्शित है ?

उत्तर-
(a) मंदित गति जो वस्तु को विराम अवस्था में ले आती है।

(b) परिवर्तनशील वेग। वस्तु विराम अवस्था से शुरू होती है और पहले भाग में एक समान त्वरण रखती है। दूसरे भाग में वस्तु एक समान वेग से चलती है। तीसरे भाग में वस्तु की गति मंदित होती है।

(c) विराम अवस्था से आरंभ होकर एक समान त्वरित गति।

(d) असमान त्वरित गति।

प्रश्न 22.
जिन कणों का निम्नलिखित वेग-समय ग्राफ हो उनके त्वरण पर टिप्पणी करो।
उत्तर-
(i) ढाल शून्य है ∴ त्वरण शून्य अर्थात् वेग अचर है।।
(ii) A और B दोनों की ढाल समान है और इसका त्वरण + ve है। त्वरण एक समान है।
(iii) यह मंदन की स्थिति है अर्थात् त्वरण ऋण है।
(iv) त्वरण परिवर्तनशील है, क्योंकि त्वरण (चक्र की ढाल) विभिन्न बिंदुओं पर भिन्न-भिन्न है।
(v) एक समान मंदन B पर एकसमान त्वरण में बदलता है।
(vi) एकसमान त्वरण A पर एक समान मंदन में बदलता है।

प्रश्न 23.
एक वस्तु एकसमान चाल (V) से गतिशील है। चाल-समय ग्राफ से t1 से t2 समय के मध्य उसके द्वारा तय की गई दूरी की आप किस प्रकार गणना करेंगे ?
उत्तर-
एक समान चाल (V) से चलने वाली वस्तु का चाल-समय ग्राफ अक्ष के समानांतर रेखा के रूप में होगा।

∴ दूरी = चाल × समय
= V(t2 – t2)
= AB × (OD – OA)
= AB × AD
∴ आयत ABCD का क्षेत्रफल ही तय की गई दूरी होगी।

प्रश्न 24.
असमान गति के चार उदाहरण दीजिए।
उत्तर-

  1. हवाई जहाज़ के द्वारा पट्टी (Run way) पर उतरते हुए या उड़ान भरते समय गति।
  2. किसी बस के द्वारा ब्रेक लगाने पर गति।
  3. ऊपर से नीचे की ओर गिरती वस्तु की गति।
  4. किसी पेंडुलम की दोलन गति।

प्रश्न 25.
एक धागे के सिरे पर पत्थर को बांधकर उसे एक सिरे से पकड़ कर स्थिर वेग से वृत्तीय पथ पर घुमाया गया। धागे को छोड़ देने से पत्थर की दिशा कौन-सी होगी ? इस आधार पर वस्तुओं की एक समान वृत्तीय गति के उदाहरण दीजिए।
उत्तर-

धागे को छोड़ देने पर इसकी दिशा वृत्तीय पथ की स्पर्श रेखा में होगी। जब धागे को छोड़ा जाता है तब पत्थर उसी दिशा में गति करता रहता है जिसमें गति कर रहा था।

उदाहरण – चंद्रमा और पृथ्वी की गति, पृथ्वी के चारों ओर वृत्तीय कक्षा में घूमता हुआ उपग्रह।

प्रश्न 26.
दो रेलगाड़ियां उत्तर और दक्षिण दिशा में जा रही हैं। उत्तर दिशा में जाने वाली गाड़ी 60 कि०मी० प्रति घंटा और दक्षिण दिशा में जाने वाली गाड़ी 80 किमी प्रति घंटा है। एक घंटे बाद इसका विस्थापन कितना होगा।
उत्तर-

एक घंटे के बाद विस्थापन = OX + OY
= 60 + 80 = 140 कि०मी०

प्रश्न 27.
चलती रेलगाड़ी में बैठा एक व्यक्ति गेंद को लंबात्मक दिशा में ऊपर की ओर फेंकता है। गेंद किस प्रकार गति करती दिखाई देगी-
(क) रेलगाड़ी में बैठे व्यक्ति को।
(ख) रेलगाड़ी के बाहर बैठे व्यक्ति को।
उत्तर-
(क) रेलगाड़ी में बैठे व्यक्ति को गेंद एकसमान गति में दिखाई देगी। यह गति बिल्कुल वैसी है जैसे गेंद पृथ्वी की सतह पर फेंकी गई हो।
(ख) रेलगाड़ी के बाहर बैठे व्यक्ति को गेंद असमान गति में दिखाई देगी तथा इस गति का पथ पैराबोलिक होगा क्योंकि इस अवस्था में गेंद पर क्षैतिज तथा गुरुत्वीय वेग दोनों ही क्रिया कर रहे हैं।

प्रश्न 28.
निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा वेग से और कौन-सा चाल से सम्बन्ध रखता है
(क) दूरी को तय करने की दर
(ख) विस्थापन को तय करने की दर।
उत्तर-
(क) दूरी को तय करने की दर को चाल कहते हैं। इसलिए इस कथन का संबंध चाल से है।
(ख) विस्थापन की दर को वेग कहते हैं। इसलिए इस कथन का संबंध वेग से है।

प्रश्न 29.
एक फुटबाल सीधी ऊपर की ओर फेंकी गई है। शीर्ष पर पहुंच कर इसका वेग और त्वरण क्या होगा ?
उत्तर-
ऊपर सीधी फेंकी गई फुटबाल का वेग धीरे-धीरे कम होगा और शिखर शीर्ष पर पहुंच कर इसका वेग शून्य हो जाएगा। परंतु इसका गुरुत्वीय प्रवेग, g = – 9.81 m/s2 के बराबर होगा।

प्रश्न 30.
क्या यह संभव है कि कोई व्यक्ति स्थिर (एक समान) चाल से चले, परंतु उसका वेग अस्थिर (असमान) हो। यदि हां, तो एक उदाहरण दो।
उत्तर-
हां, यह संभव हो सकता है, जब कोई व्यक्ति वृत्ताकार पथ पर स्थिर एक समान चाल से चलता है, तो उसकी वृत्ताकार पथ के प्रत्येक बिंदु पर दिशा बदलती रहती है। गति की यह दिशा उस बिंदु पर वृत्त के टेंजैट (स्पर्श रेखा) की दिशा में होती है। इसलिए दिशा बदलने के कारण वेग अस्थिर (असमान) होता है।

प्रश्न 31.
चित्र में किसी वस्तु की गति के लिए वेग-समय ग्राफ AB दर्शाता है। उस वस्तु का प्रारंभिक वेग और त्वरण ज्ञात करो।
उत्तर-

भौतिक राशियों के चिह्न एवं महत्त्वपूर्ण सूत्र (Symbols of Physical Quantities and Important Formula)

(क) भौतिक राशियों के चिह्न
समय = t
चाल = v
दूरी = S
आरंभिक वेग = u
अंतिम वेग = v
त्वरण = a
औसत वेग = Vav

(ख) महत्त्वपूर्ण सूत्र
यदि आरंभिक वेग u समय t पर वेग v तथा समरूप त्वरण a हो तो निम्न संबंध गति समीकरण कहलाते हैं-
v = v + at (समय t पर वेग)
S = ut + 1/2at2 (समय अंतराल 1 में विस्थापन)
v2 = u2 + 2as (वेग-वर्ग संबंध)
(nवें इकाई, समयांतराल में विस्थापन) (Sn) = u + (2n – 1) (a/2)

प्रश्न 1.
रीता साइकिल पर 3.2. कि०मी० दूरी तय करने में 20 मिनट लगाती है। उसका वेग कि०मी०/ मिनट, मीटर/मिनट और कि०मी०/घंटा में ज्ञात करो।
हल :
तय की गई कुल दूरी = 3.2 कि०मी०
= 3200 मीटर
कुल समय = 20 मिनट]

प्रश्न 2.
अहमद अपनी कार 45 कि०मी०/घंटा वेग से चला रहा है ? वह (I) एक मिनट (II) एक सेकंड में कितनी दूरी तय करेगा ?
हल :
कार का वेग = 45 कि०मी०/घंटा
कार 60 मिनट में दूरी तय कर रही है = 45 कि०मी०
कार 1 मिनट में दूरी तय करेगी = 45/60
3/4 = 0.75 कि०मी०
= 750 मीटर
इसी प्रकार, कार 1 सेकंड में दूरी तय करेगी
750/60
= 12.5 मीटर।

प्रश्न 3.
सौरभ विराम अवस्था से अपने साइकिल का 30 सेकंड में वेग 6 मीटर/सै० प्राप्त कर लेता है। ब्रेक लगाने से अगले 5 सेकंड में साइकिल का वेग 4 मीटर/सै० हो गया। दोनों अवस्थाओं में साइकिल का त्वरण ज्ञात करो।
हल :
u = 0, v = 6 मी०/सै०, t = 30 सै०
v = u + at
6 = 0 + a × 30

प्रश्न 4.
एक रेलगाड़ी विराम अवस्था से आरंभ होकर 5 मिनट में 72 कि० मी०/घंटा का वेग प्राप्त कर लेती है। समान त्वरण मानकर इसका त्वरण और तय की गई दूरी ज्ञात करो।
हल :

प्रश्न 5.
एक कार समान त्वरण से 18 कि०/घंटा से 36 कि०/घंटा की गति 5 सेकंड में प्राप्त कर लेती है। इसका त्वरण और इस समय के बीच तय की गई दूरी ज्ञात करो।
हल :

प्रश्न 6.
एक पुलिस की गाड़ी हाइवे पर 30 कि०मी०/घंटे की चाल से दौड़ती हुई, उसी दिशा में चोरों की गाड़ी जो 192 कि०मी० प्रति घंटे की चाल से दौड़ रही है, पर गोली चलाते हैं। यदि गोली की चाल 150 मी०/ से० हो तो किस चाल से गोली चोरों की गाड़ी को लगेगी ?
हल :
गोली की छोड़ने की चाल = 150 मी०/से० = 540 कि०मी०/घंटा
∴ कुल चाल = 30 + 540 = 570 कि०मी०/घंटा
गोली की चाल चोरों की गाड़ी की सापेक्ष, जो उसी दिशा में चल रही है
= 570 – 192 = 378 कि०मी०/घंटा
378×1000/60×60 मी./से०
= 105 मी०/सेकंड।

प्रश्न 7.
एक रेलगाड़ी जो 50 मी० लंबी है, एक सीधे तथा समतल ट्रैक पर चलकर एक खंभे के पास 5 सेकंड में पहुंचती है।
(i) गाड़ी की चाल ज्ञात करो।
(ii) 450 मी० लंबे पुल को पार करने में गाड़ी कितना समय लगायेगी।
हल :
(i) जैसा कि गाड़ी खंभे को 5 सेकंड में तय करती है तो यह अपनी लंबाई के बराबर दूरी तय करती है। तब-

प्रश्न 8.
एक मोटर गाड़ी 50 कि०मी०/घंटा की चाल से एक निश्चित दूरी की यात्रा तय करती है और 40 कि०मी०/घंटा की चाल से वापस लौटती है। संपूर्ण यात्रा के लिए इसकी औसत चाल की गणना कीजिए।
हल :
माना कि निश्चित दूरी = x कि०मी०
50 कि०मी०/घंटा की चाल से x कि०मी० दूरी जाने में लगा समय

प्रश्न 9.
10.00 a.m. पर एक गाड़ी 40 km/h की चाल से गति कर रही है तथा 10.02 a.m. पर 50 km/ h की चाल से गाड़ी का त्वरण ज्ञात कीजिए।
हल :

प्रश्न 10.
एक रेलगाड़ी 90km लंबे मार्ग में से पहले 30 km की दूरी 30 km/h की एकसमान चाल से तय करती है। शेष 60 km मार्ग को रेलगाड़ी किस चाल से तय करे कि उसकी औसत चाल 60 km/h हो जाए ?
हल :

प्रश्न 11.
एक रेलगाड़ी 0.52 घंटे के लिए 60 km/h की चाल से 0.24 घंटे में 30 km/h तथा उससे अगले 0.71 घंटों में 70 km/h की चाल से चलती है। रेलगाड़ी की औसत चाल ज्ञात कीजिए।
हल :
0.52h समय में तय हुई दूरी
S1 = 0.52 × 60
= 31.2 km

0.24 h समय में तय हुई दूरी
S2 = 0.24 × 30
= 7.2 km

0.71 h समय में तय हुई दूरी
S3 = 0.71 × 70
= 49.7 km

कुल तय की गई दूरी = S1 + S2 + S3
= 31.2 + 7.2 + 49.7
= 88.1 km
कुल समय = 0.52 + 0.24 + 0.71
= 1.47 h

प्रश्न 12.
एक कार 30 कि०मी० की दूरी 60 कि०मी०/घंटा की एक समान चाल से तय करती है तथा अगले 30 कि०मी० की दूरी 40 कि०मी०/घंटा की एक समान चाल से तय करती है। कुल लिया गया समय ज्ञात करो।
हल :
एक समान चाल के लिए
S = ul
माना पहले 30km की दूरी तय करने में लगा समय = t1
30 km = (60 km/h)t1

प्रश्न 14.
एक पिंड विराम अवस्था से 0.6 मी०/से०2 के त्वरण के साथ चलता है। 300 मीटर चलने के बाद इसका वेग क्या होगा ? इस दूरी को तय करने में इसे कितना समय लगा ?
हल :

प्रश्न 16.
एक वस्तु 2 m/s के वेग से 5s तक चलती है। अगले 5s में एक समान त्वरण के कारण इसका वेग बढ़ कर 10 m/s हो जाता है। इसके बाद इस वस्तु का वेग एक समान रूप से कम होता है और वस्तु 10s में विराम की अवस्था में आ जाती है, तो
(a) इस वस्तु की गति के लिए वेग-समय तथा दूरी-समय ग्राफ खींचिए।
(b) ग्राफ में वह भाग दिखाइए, जहाँ गति एक समान है तथा जहाँ असमान है।
(c) ग्राफ से वस्तु द्वारा प्रारंभ से 25 तथा 12s बाद, तथा अंतिम 10s में तय की गई दूरी ज्ञात कीजिए।
उत्तर-

प्रश्न 17.
चीता सबसे तेज़ दौड़ने वाला स्थल जंतु है और 500 मीटर से कम दूरी के लिए इसका सर्वोच्च वेग 100 km/h तक हो सकता है। यदि चीता अपने शिकार को 100m की दूरी पर देखता है तो उस तक पहुँचने में चीता कम-से-कम कितना समय लेगा यदि इस दौरान उसका औसत वेग 90kh/h हो।
हल :
औसत वेग = 90 कि०मी०/घंटा
90×1000/60×60 = 25 मी०/से०
चीते के द्वारा 25 मीटर दूरी तय की गई = 1 से०
चीते के द्वारा 1000 मीटर दूरी तय की गई = 1/25 × 100 = 4 सेकंड
अत: चीता 4 सेकंड में अपना शिकार पकड़ लेगा।

प्रश्न 18.
आजकल सभी बसों और कारों में स्पीडोमीटर लगे होते हैं जो किसी क्षण पर उनका वेग दिखाते हैं। ओडोमीटर नामक यंत्र वाहन द्वारा तय की गई दूरी मापता है। यदि किसी वाहन के आडोमीटर की माप यात्रा के प्रारंभ में 1048km और 40 मिनट बाद 1096 km थी, तो वाहन का औसत वेग परिकलित कीजिए। क्या वाहन की गतिशील स्थिति में स्पीडोमीटर की माप यही वेग प्रदर्शित करेगी ? अपने उत्तर के लिए कारण बताइए।
हल :
वाहन के द्वारा कुल तय की गई दूरी = 1096 – 1048
=48 कि०मी० समय = 40 मिनट

= 1.2 कि०मी०/मिनट
= 1.2 × 60
= 72 कि०मी०/घंटा
स्पीडोमीटर वाहन का वेग 72 कि०मी०/घंटा नहीं दर्शाएगा क्योंकि यह उसका औसत वेग है। भीड़ भरी सड़कों, चढ़ाई, उतराई आदि के कारण वाहन का वेग बढ़ता-घटता रहता है। वह सदा समान वेग से सड़क पर नहीं चलता।

प्रश्न 19.
कोई धावक 100 मीटर की दौड़ में भाग लेते हुए, पहले सेकंड में 4 मीटर, अगले 4 सेकंड में 30 मीटर व उससे अगले 4 सेकंड में 52 मीटर की दूरी तय करता है और वह दौड़ 10 सेकंड में पूरी कर लेता है तो,
(a) धावक के औसत वेग की गणना कीजिए।
(b) किस समय अंतराल में धावक का औसत वेग अधिकतम है ? इस वेग को उपयुक्त मात्रक में व्यक्त कीजिए।
(c) किस समय अंतराल में त्वरण अधिकतम होगा ?
(d) इस दौड़ में धावक की गति के लिए दूरी-समय ग्राफ बनाइए।
(e) ग्राफ की सहायता से धावक द्वारा 6 s के अंत तक तय की गई दूरी ज्ञात कीजिए।
हल :
(a)
कुल दूरी = 100 मीटर
कुल समय = 10 सेकंड

प्रश्न 20.
कोई पत्थर ऊर्ध्वाधर दिशा में ऊपर की और 5 m/s के वेग से फेंका गया है। इसका त्वरण ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर 10 m/s2 हो तो, पत्थर द्वारा प्राप्त अधिकतम ऊँचाई ज्ञात कीजिए। इस उच्चतम ऊँचाई तक पहुँचने में पत्थर को कितना समय लगेगा ?
हल :
u = 5 मी०/से०, v = 0, a = 10 मी०/से०2
h = ?
t = ?
v2 = u2 + 2gh
(0)2 = (5)2 + 2 (-10) × h
0 = 25 – 20h
-20h = -25
h = 25/20
5/4 = 1.2 मीटर
अब v = u + at
0 = 5 – 10t
t = 5−/10=1/2 = 0.5 सेकंड

प्रश्न 21.
यात्रा शुरू होते समय कार का ओडोमीटर 2000 km प्रदर्शित करता है और यात्रा समाप्ति पर 2400 km प्रदर्शित करता है। यदि इस यात्रा में 8 h लगते हैं, तो कार की औसत चाल को km h-1 और ms-1 में ज्ञात करें।
हल :
कार के द्वारा तय की गई दूरी S = 2400 km – 2000 km = 400 km
दूरी तय करने में लगा कुल समय t = 8 h

प्रश्न 22.
ऊषा 90 m लंबे तालाब में तैरती है। वह एक सिरे से दूसरे सिरे तक सरल रेखीय पथ पर जाती है तथा वापस आती है। इस दौरान वह कुल 180 m की दूरी 1 मिनट में तय करती है। ऊषा की औसत चाल और औसत वेग को ज्ञात कीजिए।
हल:
ऊषा द्वारा 2 मिनट में तय की गई कुल दूरी (90 m + 90 m) = 180 m है।
1 मिनट में ऊष्मा का विस्थापन = 90 + (-90) = 90 – 90 = 0 m (∵ आरंभिक और अंतिम स्थिति एक ही है।)

= 0 ms-1
अतः ऊषा की औसत चाल 3 ms-1 है औसत वेग 0 ms-1 है।

प्रश्न 23.
विरामावस्था से राहुल अपनी साइकिल को चलाना शुरू करता है और 30 s में 6 ms-1 का वेग प्राप्त करता है। वह इस प्रकार से ब्रेक लगाता है कि साइकिल का वेग अगले 5 s से कम होकर 4 ms-1 हो जाता है। दोनों स्थितियों में साइकिल के त्वरण की गणना करें।

प्रश्न 24.
किसी कार पर ब्रेक लगाने पर वह गति के विपरीत दिशा में 6 ms-2 का त्वरण उत्पन्न करती है। यदि कार ब्रेक लगाए जाने के बाद रुकने में 2 s का समय लेती है तो उतने समय में तय की गई दूरी की गणना करें।
हल :
दिया गया है,
a = -6 ms-2, t = 2S तथा v = 0 ms-1
v = u + at
0 = u + (-6 ms-2) × 2S
या u = 12 ms-1
S = ut + 1/2at2
= (12 ms-1) × (2s) + 1/2 (6 ms-2) × (2s)2
= 24 m – 12 m
= 12 m
∴ कार रुकने के पहले 12 m की दूरी तय करेगी।
क्या अब आप इस महत्त्व को समझ सकते हैं कि चालक सड़क पर गाड़ी चलाते समय दूसरी गाड़ी से दूरी क्या बना कर रखते हैं ?

(i) घड़ी की सेकंडों वाली सुई
(ii) घड़ी की मिनटों वाली सुई
(iii) घड़ी की घंटों वाली सुई का कोणीय वेग ज्ञात करो।
हल :
(i) घड़ी की सेकंड वाली सुई 1 सेकंड में एक चक्र पूरा करती है। इसे समय अंतराल कहते हैं।
θ = 2π रेडियन, t = 1 मिनट = 60s

प्रश्न 26.
एक रेडियन कितने डिग्री के बराबर है ?
हल :

प्रश्न 28.
मान लीजिए आप एक 9m लंबे कमरे में 1.5 किलोमीटर प्रति घंटा के वेग से चल रहे हैं। इस वेग को m/s के मात्रक में लिखिए। इस कमरे के एक सिरे से दूसरे सिरे तक जाने में आपको कितना समय लगेगा ?
हल :

प्रश्न 29.
किसी वृत्ताकार साइकिल ट्रैक की परिधि 314 मीटर है, AB इसका एक व्यास है। यदि कोई साइकिल सवार इस वृत्ताकार पथ पर A से B तक 15.7 मीटर प्रति सेकंड के स्थिर वेग से साइकिल चलाता है तो साइकिल सवार के लिए ज्ञात कीजिए-
(a) उसके द्वारा तय की गई दूरी।
(b) उसका विस्थापन, यदि AB उत्तर-दक्षिण दिशा में हो।
(c) उसका औसत वेग।
हल :

अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न (Very Short Answer Type Questions)

प्रश्न 1.
गति किसे कहते हैं ?
उत्तर-
गति – जब कोई वस्तु समय के साथ अपनी स्थिति में परिवर्तन करती है तो उसे गति में कहते हैं।

प्रश्न 2.
नियंत्रित गति का मानव के लिए एक उपयोग लिखिए।
उत्तर-
पानी के द्वारा विद्युत् उत्पादन।

प्रश्न 3.
वस्तु की दूरी को जानने के लिए किस बात की आवश्यकता नहीं होती ?
उत्तर-
गति की दिशा की।

प्रश्न 4.
वस्तु का विस्थापन क्या है ?
उत्तर-
विस्थापन – वस्तु का प्रारंभिक और अंतिम स्थिति के बीच की न्यूनतम दूरी को वस्तु का विस्थापन कहते हैं।

प्रश्न 5.
दो विभिन्न भौतिक राशियां कौन-सी हैं ?
उत्तर-
दूरी और विस्थापन।

प्रश्न 6.
गाड़ियों की गति को कौन-सा यंत्र प्रदर्शित करता है ?
उत्तर-
ओडोमीटर।

प्रश्न 7.
एक समान गति किसे कहते हैं ?
उत्तर-
एक समान गति – जब कोई वस्तु समान समयांतराल में समान दूरी तय करती है तो उस की गति को एक समान गति कहते हैं।

प्रश्न 8.
असमान गति के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
सड़क पर जा रही कार, पार्क में व्यायाम कर रहा एक व्यक्ति।

प्रश्न 9.
चाल किसे कहते हैं ?
उत्तर-
चाल – वस्तु द्वारा इकाई समय में तय की गई दूरी को चाल कहते हैं।

प्रश्न 10.
चाल का मात्रक क्या है ?
उत्तर-
चाल का मात्रक मीटर प्रति सेकंड (ms-1) है। यह सेंटीमीटर प्रति सेकंड (cms-1) तथा किलोमीटर प्रति घंटा (km h-1) भी हो सकता है।

प्रश्न 11.
औसत चाल को किस प्रकार प्राप्त किया जाता है ?
उत्तर-
औसत चाल – वस्तु की औसत चाल को उसके द्वारा तय की गई कुल दूरी को कुल समयावधि से भाग देकर प्राप्त किया जाता है।

प्रश्न 12.
वेग किसे कहते हैं ?
उत्तर-
वेग – एक निश्चित दिशा में चाल को वेग कहते है।
अथवा
एक निश्चित दिशा में इकाई समय में वस्तु द्वारा तय की गई दूरी।

प्रश्न 13.
त्वरण किसे कहते हैं ?
उत्तर-
त्वरण – किसी वस्तु के प्रति इकाई समय में वेग परिवर्तन की माप को त्वरण कहते हैं।

प्रश्न 14.
त्वरण का मात्रक क्या है ?
उत्तर-
ms-2

प्रश्न 15.
ग्राफ़ से क्या अभिप्राय है ?
उत्तर-
ग्राफ़ – एक भौतिक राशि से दूसरी भौतिक राशि के सापेक्ष परिवर्तन को दो विभिन्न अक्षों पर चित्रित करना ग्राफ़ कहलाता है।

प्रश्न 16.
दूरी-समय ग्राफ़ क्या है ?
उत्तर-
किसी वस्तु की स्थिति को समय के साथ प्रदर्शित करना दूरी-समय ग्राफ़ कहलाता है।

प्रश्न 17.
एकसमान चाल के लिए समय के साथ तय की गई दूरी का ग्राफ़ कैसा होता है ?
उत्तर-
एक सरल रेखा।

प्रश्न 18.
दूरी-समय ग्राफ़ से क्या जाना जा सकता है ?
उत्तर-
वस्तु की चाल।

प्रश्न 19.
एकसमान त्वरित गतियों के लिए वेग-समय ग्राफ़ कैसा होता है ?
उत्तर-
एक सीधी रेखा।

प्रश्न 20.
त्वरित गति का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर-
एक वृत्तीय पथ पर दौड़ता हुआ एक एथलीट।

प्रश्न 21.
किसी एथलीट को षट्कोणीय पथ के अनुदिश दौड़ते हुए एक चक्कर पूरा करने में कितनी बार अपनी दिशा बदलनी पड़ेगी ?
उत्तर-
छ: बार।

प्रश्न 22.
यदि एक एथलीट r त्रिज्या वाले वृत्तीय पथ का एक चक्कर लगाने के लिए ‘t’ सेकंड समय लेता है तो उसका वेग (v) क्या होगा ?
उत्तर-

प्रश्न 23.
एकसमान वृत्तीय गति किसे कहते हैं ?
उत्तर-
जब एक वस्तु वृत्तीय रास्ते पर एकसमान चाल से चलती है जब उसकी गति को एकसमान वत्तीय गति कहते हैं।

प्रश्न 24.
वृत्तीय गति के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर-

  1. किसी वाहन के पहिए की गति ।
  2. रम्पी के सिरे पर बँधा पत्थर जो समतल वृत्त में गतिमान हो।

प्रश्न 25.
यदि कोई वस्तु एक वृत्तीय पथ पर एक समान चाल से गति कर रही हो तो उसकी गति किस प्रकार की होगी ?
उत्तर-
एक असमान और त्वरित गति।

प्रश्न 26.
एक वस्तु त्रिज्या r के वृत्तीय पथ पर चल रही है। एक चक्कर लगाने में इसका विस्थापन और दूरी क्या है ?
उत्तर-
विस्थापन – 0 (शून्य)
दूरी = 2πr.

प्रश्न 27.
एक क्रिकेट खिलाड़ी गेंद को ऊपर उछालता है और उसी स्थिति में पुनः कैच कर लेता है। गेंद का कुल विस्थापन कितना है ?
उत्तर-
कुल विस्थापन शून्य है।

प्रश्न 28.
दूरी समय ग्राफ़ में ढाल क्या बताती है ?
उत्तर-
वस्तु की चाल बताती है।

प्रश्न 29.
कोई वस्तु सूर्य के इर्द-गिर्द अचर चाल से वृत्ताकार परिपथ में घूम रही है। इसकी गति त्वरित है या नहीं ?
उत्तर-
वस्तु की गति की दिशा निरंतर बदल रही है अतः वेग भी निरंतर बदल रहा है। गति त्वरित है।

प्रश्न 30.
घड़ी की सेकंड वाली सुई के सिरे की गति कैसी है ?
उत्तर-
वृत्ताकार।

प्रश्न 31.
यदि कोई ट्रक 2 घंटे में 100 km की दूरी तय करे तो उसकी औसत चाल क्या होगी ?
उत्तर-

प्रश्न 34.
गीता प्रातः 7.00 बजे स्कूल गई और दोपहर 1.30 बजे वापस घर लौट आई। उसका विस्थापन ज्ञात कीजिए।
उत्तर-
शून्य।

प्रश्न 35.
सुधीर 300 मीटर की दूरी को 15 सेकंड में पूरा करता है। उसका वेग कितना होगा ?
उत्तर-

प्रश्न 37.
किसी गतिशील वस्तु का एक समय अंतराल में विस्थापन शून्य है। क्या उस वस्तु के दवाग तय की गई दूरी भी शून्य होगी ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
नहीं। यद्यपि गतिशील वस्तु पुनः अपने प्रारंभिक स्थल पर वापस लौट आती है तथापि उसके दवारा जय की गई दूरी शून्य नहीं होगी।

प्रश्न 38.
पृथ्वी और चंद्रमा की गति किस प्रकार की गति के उदाहरण हैं ?
उत्तर-
एकसमान वृत्तीय गति के उदाहरण।

प्रश्न 39.
विस्थापन को आप किस प्रकार की राशि मानते हैं-स्केलर या वैक्टर ?
उत्तर-
वैक्टर राशि।

प्रश्न 40.
दूरी किस प्रकार की राशि है-स्केलर या वैक्टर ?
उत्तर-
स्कलेर राशि।

प्रश्न 41.
वायु में ध्वनि की चाल कितनी होती है ?
उत्तर-
346 m/s-1

प्रश्न 42.
असमान चाल से चलने वाले वाहन का दूरी-समय ग्राफ़ का आकार कैसा होगा ?
उत्तर-
वक्र रेखा आकार का।

प्रश्न 43.
वृत्तीय गति किसे कहते हैं ?
उत्तर-
वृत्तीय गति – जब कोई वस्तु वृत्ताकार पथ पर गति करती है तो वस्तु की गति वृत्तीय गति कहलाती है।

प्रश्न 44.
कोणीय वेग क्या होता है ?
उत्तर-
कोणीय वेग – वृत्तीय पथ पर गति करती हुई वस्तु का कोणीय विस्थापन तय करने की दर उस वस्तु का कोणीय वेग कहलाता है। उसे ω ( ओमेगा) से दर्शाते हैं।

प्रश्न 45.
यदि कोई वस्तु 25 मीटर प्रति सेकंड के एकसमान वेग से गति कर रही है, तो 5 सेकंड के पश्चात् उस वस्तु का वेग क्या होगा ?
उत्तर-
5 सेकंड के बाद भी वस्तु का वेग 25 मीटर/सेकंड ही रहेगा क्योंकि वह वस्तु एकसमान वेग से गतिशील है।

प्रश्न 46.
दो साइकिल सवार विपरीत दिशाओं में चलते हुए एक घंटे में एकसमान दूरी S तय करते हैं। यदि साइकिल सवार उत्तर-दक्षिण दिशा में चल रहे हों तो एक घंटे में उनके द्वारा कितना विस्थापन होगा ?
उत्तर-
उनका विस्थापन = S + S = 2S

प्रश्न 47.
नीचे के ग्राफ़ में चाल का मान (Value) बताइए।
उत्तर-

प्रश्न 48.
हमारी आँख झपकने की चाल क्या है ? इसके लिए आपको आँख की पुतली का आकार तथा उस समय का अनुमान लगाना होगा जितनी देर आँख पलक झपकने के दौरान बन्द रहती है ?
उत्तर-
10-1 ms-1
संकेत : आँख के गोलक का आकार लगभग ≈10-2m है। आँख जितनी देर के लिए बन्द रहती है ≈10-1s ।
चाल =

प्रश्न 49.
एक वस्तु त्रिज्या r के वृत्तीय पथ पर चल रही है। एक चक्कर लगाने में इसका विस्थापन क्या है और तय की गई दूरी क्या है ?
उत्तर-
विस्थापन = 0 (शून्य)
दूरी = 2πr

प्रश्न 50.
साथ दिए ग्राफ़ में दूरी-समय आरेख में बताओ किसकी चाल अधिक है?
उत्तर-
B की चाल A की अपेक्षा अधिक है।

प्रश्न 51.
एक कण r अर्धव्यास के वृत्तीय पथ पर गतिशील है। कण के द्वारा आधी परिक्रमा में तय की गई दूरी क्या है ? उसका विस्थापन कितना होगा ?
उत्तर
दूरी = πr
विस्थापन = 2r

Science Guide for Class 9 PSEB गति InText Questions and Answers

पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नों के उत्तर

प्रश्न 1.
एक वस्तु के द्वारा कुछ दूरी तय की गई। क्या इसका विस्थापन शून्य हो सकता है ? अगर हाँ, तो अपने उत्तर को उदाहरण के द्वारा समझाएँ।
उत्तर-
गति के दौरान विस्थापन की मात्रा शून्य (0) हो सकती है. यदि वह वस्तु गति करते हुए अपनी आरंभिक स्थिति में आ जाये। इस अवस्था में अंतिम स्थिति, आरंभिक स्थिति से मिल जाती है।

उदाहरणार्थ – मान लो एक वस्तु मूल बिंदु O से गति आरंभ करते हुये A बिंदु तक 60 km की दूरी तय करती है। यदि वह वस्तु गति करते हुए वापस A से O बिंदु पर आ जाए तो उस अवस्था में उसका विस्थापन शून्य (0) होगा।

परंतु वस्तु द्वारा तय की गई कुल दूरी = OA + AO
= 60 km + 60 km
= 120 km होगी।

प्रश्न 2.
एक किसान 10 m की भुजा वाले एक वर्गाकार खेत की सीमा पर 40s में चक्कर लगाता है। 2 मिनट (minute) 20 सेकंड (s) बाद किसान के विस्थापन का परिमाण क्या होगा?
हल :

खेत की सीमा (1 चक्कर) = AB + BC + CD + DA
– 10 m + 10m + 10m + 10m
= 40m
खेत की सीमा (40m) का 1 चक्कर लगाने में लगा समय = 40s
कुल समय = 2 मिनट 20 सेकंड = (2 × 60 + 20) सेकंड
= (120 + 20) सेकंड
= 140 सेकंड
किसान 3 चक्कर लगाने के लिए जो समय लगा = 3 × 40 सेकंड
= 120 सेकंड
3 पूरे चक्कर लगाने के बाद शेष समय = (140 – 120) सेकंड
= 20 सेकंड
∴ किसान 40 s में जो दूरी तय करता है = 40 m
∴ 1 s में जो दूरी तय करेगा = 1m
20s में जो दूरी तय करेगा = 20 m
अर्थात् A से गति आरंभ करता हुआ सीमा के साथ-साथ 3 चक्कर लगाकर 2 मिनट 20 सेकंड के पश्चात् C बिंदु पर पहुँच जाएगा।
विस्थापन की मात्रा = AC (मूल बिंदु और अंतिम बिंदु के मध्य न्यूनतम दूरी)

प्रश्न 3.
विस्थापन के लिए निम्न में कौन सही है ?
(a) यह शून्य नहीं हो सकता है।
(b) इसका परिमाण वस्तु के द्वारा तय की गई दूरी से अधिक है।
उत्तर-
(a) तथा
(b) दोनों कथनों में से कोई भी सही नहीं है।

प्रश्न 4.
चाल एवं वेग में अंतर बताइए।
उत्तर-
चाल का पूर्ण रूप से व्यक्त करने के लिए केवल परिमाण (मात्रा) की आवश्यकता होती है, जबकि वेग को पूर्ण रूप से व्यक्त करने के लिए परिमाण (मात्रा) तथा दिशा दोनों का होना आवश्यक है। इसलिए चाल एक अदिश राशि है परंतु वेग एक सदिश राशि है। चाल सदैव धनात्मक होती है परंतु वेग धनात्मक तथा ऋणात्मक दोनों प्रकार की हो सकती है। चाल किसी वस्तु की इकाई समय में तय की गई दूरी होती है दूसरी ओर यदि इसके साथ दिशा का ज्ञान भी हो तो यह वेग कहलाता है। अर्थात् एक निश्चित दिशा में चाल को वेग कहते हैं।

प्रश्न 5.
किस अवस्था में किसी वस्तु के औसत वेग का परिमाण उसकी औसत चाल के बराबर होगा ?
उत्तर-

कुल लगा समय जब वस्तु एक सीधी रेखा में परिवर्तनशील गति के साथ एक दिशा में चलती है तो कुल तय की गई दूरी तथा विस्थापन दोनों के परिमाण बराबर होते हैं। इसलिए औसत चाल तथा औसत वेग बराबर होते हैं।

प्रश्न 6.
एक गाड़ी का ओडोमीटर क्या मापता है ?
उत्तर-
गाड़ी (स्वै चालित वाहन) का ओडोमीटर उस द्वारा तय की गई दूरी को मापता है।

प्रश्न 7.
जब वस्तु एकसमान गति में होती है तब इसका मार्ग कैसा दिखाई पड़ता है ?
उत्तर-
जब वस्तु एकसमान गति में होती है तब इसका मार्ग एक सीधी सरल रेखा होता है।

प्रश्न 8.
एक प्रयोग के दौरान, अंतरिक्षयान से एक सिग्नल को पृथ्वी पर पहुँचने में 5 मिनट का समय लगता है। पृथ्वी पर स्थित स्टेशन से उस अंतरिक्षयान की दूरी क्या है ?
(सिग्नल की चाल = प्रकाश की चाल = 3 × 108 ms-1)
हल :
सिग्नल को अंतरिक्षयान से पृथ्वी तक पहुँचने में लगा समय (t) = 5 मिनट
= 5 × 60 सेकंड
= 300 सेकंड
सिग्नल की चाल (v) = 3 × 108 ms-1
अंतरिक्षयान की पृथ्वी से दूरी (S) = ?
अंतरिक्षयान की पृथ्वी से दूरी (S) = सिग्नल की चाल (v) × लगा समय (t)
= 3 × 108 × 300 = 3 × 108 × 3 × 102
= 9 × 108 × 102 = 9 × 1010 m

प्रश्न 9.
आप किसी वस्तु के बारे में कब कहेंगे कि,
(i) वह एक समान त्वरण से गति में है ?
(ii) वह असमान त्वरण से गति में है ?
उत्तर-
(i) जब कोई वस्तु सरल रेखा में चलती है तब इसका वेग समान समय अंतरालों में समान मात्रा से घटता और बढ़ता है, तब उस समय वह वस्तु एक समान त्वरण से गति करती हुई कहलाती है।

(i) जब किसी वस्तु का वेग असमान दर से परिवर्तित होता है, अर्थात् उस वस्तु का वेग समान समय अंतरालों में असमान मात्रा से घटता और बढ़ता है, तो उस अवस्था में वस्तु असमान त्वरण से गति करती हुई कहलाती है।

प्रश्न 10.
एक बस की गति 5 s में 80 kmh-1 से घटकर 60 kmh-1 हो जाती है। बस का त्वरण ज्ञात कीजिए।
हल :

प्रश्न 11.
एक रेलगाड़ी स्टेशन से चलना प्रारंभ करती है और एकसमान त्वरण के साथ चलते हुए 10 मिनट में 40 kmh-1 की चाल प्राप्त करती है। इसका त्वरण ज्ञात कीजिए।
हल :

प्रश्न 12.
किसी वस्तु के एक समान व असमान गति के लिए समय-दूरी (x-t) ग्राफ़ की प्रकृति क्या होती है ?
उत्तर-
जब कोई वस्तु बराबर समय में बराबर दूरी तय करती है तब वह एक समान गति से चलती है अर्थात् इस अवस्था में वस्तु द्वारा तय की गई दूरी लगे हुए समय के सीधा अनुपात में होती है। इसलिये एक समान गति की वस्तु के लिए दूरी-समय (x-t) ग्राफ़ एक सरल रेखीय ग्राफ़ होता है।

किसी वस्तु की असमान गति के लिए दूरी-समय (x-t) ग्राफ किसी आकृति का वक्र-रेखीय ग्राफ़ हो सकता है क्योंकि यह वस्तु समान समय अंतरालों में असमान दूरी तय करती है।

प्रश्न 13.
किसी वस्तु की गति के विषय में आप क्या कह सकते हैं, जिसका दूरी-समय ग्राफ़ (x-t) समय अंक्ष के समानांतर एक सरल रेखा है ?
उत्तर-
वह वस्तु जिसका दूरी-समय (x-t) ग्राफ़ समय अक्ष के समानांतर एक सरल रेखा है, विराम अवस्था में होगी।

प्रश्न 14.
किसी वस्तु की गति के विषय में आप क्या कह सकते हैं, जिसका चाल-समय ग्राफ़ समय अक्ष के समानांतर एक सरल रेखा है।
उत्तर-
वह वस्तु जिसका चाल-समय (v-t) ग्राफ़ समय अक्ष के समानांतर सरल रेखा हो, एकसमान चाल से गतिमान होगी।

प्रश्न 15.
वेग-समय ग्राफ़ के नीचे के क्षेत्र से मापी गई राशि क्या होती है ?
उत्तर-
वेग-समय ग्राफ़ के नीचे घिरा हुए क्षेत्र द्वारा एक निश्चित समय में तय की गई दूरी मापता है।

प्रश्न 16.
कोई बस विरामावस्था से चलना प्रारंभ करती है तथा 2 मिनट तक 0.1 ms-2 के एकसमान चरण से चलती है। परिकलन कीजिए,
(a) प्राप्त की गई चाल तथा
(b) तय की गई दूरी।
हल :
(i) बस का प्रारंभिक वेग (u) = 0 (विरामावस्था)
समय (t) = 2 मिनट
= 2 × 60 सेकंड
= 120 सेकंड
बस का अंतिम वेग (v) = ?
बस द्वारा तय की गई दूरी (S) = ?
हम जानते हैं, v = u + at
v = 0+ 0.1 × 120
v = 1 × 12
v = 12 ms-1

(ii) अब v2 – u2 = 2 aS
(122) – (02) = 2 × 0.1 × 5
12 × 12 = 2 × 5
∴ S = 12×12/2
144×10/2
S = 720 m

प्रश्न 17.
कोई रेलगाड़ी 90 kmh-1 के चाल से चल रही है। ब्रेक लगाए जाने पर वह – 0.5 ms-2 का एकसमान त्वरण उत्पन्न करती है। रेलगाड़ी विरामावस्था में आने के पहले कितनी दूरी तय करेगी ?
हल :
रेलगाड़ी का प्रारंभिक वेग (u) = 90 kmh-1
= 90 × 5/18 ms-1
= 5 × 5ms-1
= 25 ms-1
त्वरण (a) = – 0.5 ms-2
अंतिम वेग (v) = 0 (विरामावस्था)
रेलगाड़ी द्वारा तय की गई दूरी (S) = ?
हम जानते हैं, v2 – u2 = 2 aS
(02) – (252) = 2 × (-0.5) × 5
– 25 × 25 = – 1 × 5
या S = 25 × 25
∴ S = 625 m

प्रश्न 18.
एक ट्रॉली एक आनत तल पर 2 ms-2 के त्वरण से नीचे जा रही है। गति प्रारंभ करने के 3 s के पश्चात् उसका वेग क्या होगा ? हल :
यहाँ ट्राली का आरंभिक वेग (u) = 0
त्वरण (a) = 2 ms-2
समय (T) = 3s
ट्राली का अंतिम वेग (v) = ?
V = u + at समीकरण का प्रयोग करने पर
= 0 + 2 × 3
V = 6 ms-1

प्रश्न 19.
एक रेसिंग कार का एकसमान त्वरण 4 ms-2 है। गति प्रारंभ करने के 10 s के पश्चात् वह कितनी दूरी तय करेगी ?
हल :
रेसिंग कार का त्वरण (a) = 4 ms-2
कार का आरंभिक वेग (u) = 0
समय (t) = 10s
कार द्वारा तय की गई दूरी (S) = ?
रेसिंग कार का अंतिम वेग (v) = ?
हम जानते हैं, v = u + at
v = 0 + 4 × 10
∴ v = 40 ms-1
अब v2 – u2 = 2aS
(402) – (02) = 2 × 4 × S
40 × 40 = 8 × S
S = 1600/8
∴ S = 200 m

प्रश्न 20.
किसी पत्थर को ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर 5 ms-1 के वेग से फेंका जाता है। यदि गति के दौरान पत्थर का नीचे की ओर दिष्ट त्वरण 10 ms-2 है, तो पत्थर के द्वारा कितनी ऊँचाई प्राप्त की गई तथा उसे वहाँ पहुँचने में कितना समय लगा ?
हल :
यहाँ, आरंभिक वेग (u) = 5 ms-1
गुरुत्वात्वरण (a = g) = – 10 ms-2
अंतिम वेग (v) = 0 (अधिकतम ऊँचाई पर पहुंचकर पत्थर विरामावस्था में आ जाता है)
समय (t) = ?
ऊँचाई (h = S) = ?
हम जानते हैं, v = u + gt
0 = 5 + (-10) × t
0 = 5 – 10t
या 10t = 5

PSEB 9th Class Science Guide गति Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
एक एथलीट वृत्तीय पथ, जिसका व्यास 200 m है, का एक चक्कर 40s में लगाता है। 2 min 20s के बाद वह कितनी दूरी तय करेगा और उसका विस्थापन क्या होगा ?
हल :

प्रश्न 2.
300 m सरल रेखीय पथ पर जोसेफ़ जॉगिंग करता हुआ 2 min 30s में एक सिरे A से दूसरे सिरे B पर पहुंचता है और धूपकर 1 min में 100 m पीछे बिंदु C पर पहुँचता है। जोसेफ़ की औसत चाल और औसत वेग क्या होंगे ?
(a) सिरे A से सिरे B तक तथा
(b) सिरे A से सिरे C तक।
हल :

प्रश्न 3.
अब्दुल गाड़ी से स्कूल जाने के क्रम में औसत चाल को 20 kmh-1 पाता है। उसी रास्ते से लौटने के समय वहाँ भीड़ कम है और औसत चाल 30 kmh-1 है। अब्दुल की इस पूरी यात्रा में उसकी औसत चाल क्या है ?
हल :
मान लो घर से स्कूल की दरी = L
∴ घर से स्कूल तथा वापिस स्कूल से घर तक को दूरी = L + L = 2 L
स्कूल जाते समय औसत चाल (υ2) = 200 kmh-1
स्कल जाते समय औसत चाल (t1) = PSEB 9th Class Science Solutions Chapter 8 गति 4
स्कूल से वापिस घर आते समय औसत चाल (v2) = 30 kmh-1

प्रश्न 4.
कोई मोटरबोट झील में विरामावस्था से सरल रेखीय पथ पर 3.0 ms-2 के नियत त्वरण से 8.0s तक चलती है। इस समय अंतराल में मोटरबोट कितनी दूरी तय करती है ?
हल :
यहाँ, प्रारंभिक वेग (u) = 0 (विरामावस्था)
त्वरण (a) = 3.0 ms-2
समय (t) = 8.0 s
मोटरबोट द्वारा तय की गई दूरी (S) = ?
हम जानते हैं, S = ut + 1/2 at2
= 0 × 8 + 1/2 × 3 × (8)2
= 0 + 1/2 × 3 × 8 × 8
S = 96 m
अर्थात् मोटरबोट जितनी दूरी तय करती है = S = 96 m

प्रश्न 5.
किसी गाड़ी का चालक 52 km h-1 की गति से चल रही कार में ब्रेक लगाता है तथा कार विपरीत दिशा में एकसमान दर से त्वरित होती है। कार 5 s में रुक जाती है। दूसरा चालक 30 kmh-1 की गति से चलती हुई दूसरी कार पर धीमे-धीमे ब्रेक लगाता है तथा 10s में रुक जाता है। एक ही ग्राफ पेपर पर दोनों कारों के लिये चाल-समय ग्राफ़ आलेखित करें। ब्रेक लगाने के पश्चात् दोनों में से कौन-सी कार अधिक दरी तक जाएगी ?
हल-

प्रश्न 6.
चित्र में तीन वस्तुओं A, B और C के दूरी-समय ग्राफ़ प्रदर्शित हैं। ग्राफ़ का अध्ययन करके निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(a) तीनों में से कौन सबसे तीव्र गति से गतिमान है ?
(b) क्या ये तीनों किसी भी समय सड़क के एक ही बिंदु पर होंगे ?
(c) जिस समय B, A से गुज़रती है उस समय तक C कितनी दूरी तय कर लेती है ?
(d) जिस समय B, C से गुजरती है तो उस समय तक यह कितनी दूरी तय कर लेती है ?

हल-

(b) क्योंकि तीनों के ग्राफ़ एक बिंदु पर नहीं काटते हैं इसलिए ये तीनों किसी समय भी सड़क पर एक बिंदु पर नहीं होंगे।

(c) जब B, N बिंदु पर A को मिलता है। (1.1 घंटा पर) तब उस समय C मूल बिंदु O से लगभग 9 km की दूरी पर होगी।

(d) B बिंदु M पर C को मिलती है, उस समय B 9 km की दूरी कर लेती है।

प्रश्न 7.
20 m की ऊँचाई से एक गेंद को गिराया जाता है। यदि उसका वेग 10 ms-2 के एकसमान त्वरण की दर से बढ़ता है तो यह किस वेग से धरातल से टकराएगी ? कितने समय पश्चात् वह धरातल से टकराएगी ?
हल :
यहाँ u = 0
S = 20 m
a = g = 10 ms-2
v = ?
v2 – u2 = 2 as का प्रयोग करने पर
v2 – (0)2 = 2 × 10 × 20

प्रश्न 8.
किसी कार का चाल-समय ग्राफ़ चित्र में दर्शाया गया है।

(a) पहले 4 s में कार कितनी दूरी तय करती है ? इस अवधि में कार द्वारा तय की गई दूरी को ग्राफ़ में छायांकित क्षेत्र द्वारा दर्शाइए।
(b) ग्राफ़ का कौन-सा भाग कार की एकसमान गति को दर्शाता है ?
हल :
(a) X – अक्ष के 5 छोटे चिह्न = 2s
Y – अक्ष के 3 छोटे चिह्न – 2 ms-1
∴ 15 छोटे वर्गों का क्षेत्रफल = 2 s × 2ms-1
= 4 m
1 छोटे वर्ग का क्षेत्रफल = 4/15 m
0 से 5s के अंतर्गत चाल-समय ग्राफ़ का क्षेत्रफल
= 57 छोटे वर्ग + 1/2 × 6 छोटे वर्ग
= (57 + 3) वर्ग
= 60 छोटे वर्ग
कार द्वारा 4 सेकंड में तय हुई दूरी = 60 × 4/15 m
= 16 m

(b) 6 s पश्चात् कार की एकसमान गति है।

प्रश्न 9.
निम्नलिखित में से कौन-सी अवस्थाएँ संभव हैं तथा प्रत्येक के लिए एक उदाहरण दें:
(a) कोई वस्तु जिसका त्वरण नियत हो परंतु वेग शून्य हो।
(b) कोई वस्तु किसी निश्चित दिशा में गति कर रही हो तथा त्वरण उसके लंबवत् हो।
उत्तर-
(4) हाँ, यह स्थिति संभव है। जब किसी वस्तु को पृथ्वी तल से ऊपर की ओर फेंका जाता है तो अधिकतम ऊँचाई पर वस्तु का वेग शून्य होता है परंतु त्वरण स्थिर रहता है।

(b) हाँ, प्रक्षेप्य की अधिकतम ऊँचाई पर वेग क्षैतिज दिशा में होता है तथा त्वरण लंबवत् दिशा में जैसा कि चित्र में दिखाया गया है।

प्रश्न 10.
एक कृत्रिम उपग्रह 42250 km त्रिज्या की वृत्ताकार कक्षा में घूम रहा है। यदि वह 24 घंटे में पृथ्वी की परिक्रमा करता है तो उसकी चाल का परिकलन कीजिए।
हल :
कृत्रिम उपग्रह के वृत्ताकार पथ की त्रिज्या (r) = 42250 कि० मी०
पृथ्वी के केंद्र पर बना कोण (θ) = 2π रेडियन
पृथ्वी का एक चक्कर लगाने में उपग्रह द्वारा लिया गया समय (t) = 24 घंटे = 24 × 3600 सेकंड
= 86400 सेकंड

The Complete Educational Website

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *