PSEB Solutions for Class 9 Welcome Life Chapter 9 प्रभावी संचार
PSEB 9th Class Welcome Life Solutions 9 प्रभावी संचार
Welcome Life Guide for Class 9 PSEB प्रभावी संचार InText Questions and Answers
उप-खंड :
(क) संचार या कुशलता
(ख) शारीरिक भाषा 1, ,2
इस पाठ में विद्यार्थियों को प्रभावशाली संचार के बारे में बताया गया है। उनको समझाया गया है कि अपनी बात, संदेश, विचार या सूचना को दूसरों तक पहुंचाने या सुनाने को संचार कहा जाता है और साथ ही दूसरी तरफ से सुनना, देखना या पढ़ना या समझना दोनों ही व्यक्ति के व्यक्तित्व को प्रगट करते हैं। यह एक प्रकार की कला है जिस को सीखना बहुत आवश्यक है ताकि हमारे व्यक्तित्व का अच्छा प्रभाव पढ़ सके। इसके लिए आवश्यक है कि हमारा संचार प्रभावशाली हो ।
(क) संचार की कुशलता
पाठ के इस भाग में विद्यार्थियों को संचार की कुशलता बारे समझाया गया है। उनको बताया गया है कि बढ़िया ढंग से संचार करना हमारे व्यक्तित्व को चार चाँद लगा देता है। विद्यार्थियों को इस का महत्त्व समझाने के लिए एक खेल की मदद ली गई है। इस खेल में कक्षा के सारे विद्यार्थी एक गोल घेरे में बैठ जाएंगे। अगर कक्षा में विद्यार्थियों की गिनती अधिक है ना इस खेल को आधे-आधे विद्यार्थी भाग मे भी खेला जा सकता है। अब अध्यापक किसी एक विद्यार्थी के कान में कहती है। वह विद्यार्थी अगले विद्यार्थी के कान में कहेगा । इस तरह यह बात आगे से आगे चली जाएगी और अंत में वापिस पहले विद्यार्थी तक पहुंच जाएगी। इस लिए कुछ शर्तों का ख्याल रखने को कहा गया है ।

पहले विद्यार्थी को जो बात बताई जाएगी वह ये है :
| “मोती लाल की जूती खो गई । तेरी जूती का रंग क्या है?” |

जब यह बात पहले विद्यार्थी से शुरू होकर वापस उस तक पहुंचेगी तो हो सकता है उसमें कुछ बदलाव आ जाए। अब वह पहले विद्यार्थी ब्लैक-बोर्ड पर वह दोनों बातों में फर्क है तो सारी कक्षा को एक सारणी में दर्ज करने को कहा गया है जो निम्नलिखित अनुसार होगी :

अब सभी विद्यार्थियों ने यह पता लगाना है कि असल में बात क्या थी और वह कैसे बदल गई। जब इस का कारण पता मालुम होगा तो सभी विद्यार्थियों का जवाब लगभग एक ही होता है :
| मुझे बात पूरी तरह से समझ नहीं आई क्योंकि मुझे स्पष्ट रूप में बताया नहीं गया। मैंने तो केवल अंदाजा ही लगाया होगा कि यह बात होगी । |
प्यारे विद्यार्थियो, इस समस्या का कारण यह है कि पहले विद्यार्थी ने बात का सही ढंग से उच्चारण नहीं किया। अधूरे संचार कारण पूरी बात बिगड़ गई। या फिर यह भी हो सकता है कि आपने सही ढंग से सुना ही ना हो। इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि आम जीवन में जब हम बात को गलत रूप में आगे बताते हैं तो बहुत सारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
आगे विद्यार्थियों को एक घटना द्वारा यह समझाने की कोशिश की गई है कि हमारे बोलते समय स्वर या ठहराओ से कैसे मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
कुलदीप और मनी सुबह-सुबह घर से स्कूल की ओर जा रहे हैं। रस्ते में जाते समय अचानक कुलदीप की पीछे नज़र पड़ी तो उसने देखा कि एक मोटरसाइकिल बहुत तेज़ी से आ रहा है तो अचानक वह मनी को कहता है, “मनी भाग मत ! रुक जा” यह बात कह कर वह खुद भाग कर एक तरफ हो जाता है और मनी के रुक जाने से मोटरसाइकिल उसके नजदीक आ जाती है और मनी के पैर पर चोट लग जाती है।
इस चोट को लगने के कारण शब्दों का उच्चारण और ठहराव ही है। कुलदीप ने मनी को कहा, मनी भाग मत ! रुक ! असल में उसने कहना था मनी भाग! ना रुक! उसके गलत ठहराव कारण ही यह स्थिति बनी। इसलिए प्यारे विद्यार्थियो हमें बातचीत करते समय शब्दों का उच्चारण, ठहराव और शब्दों पर ज़ोर का विशेष रूप पर ध्यान रखना चाहिए ताकि हमारी बात सही रूप में सुनने वाले तक पहुंच सके अर्थात संचारित हो सके। बढ़िया उच्चारन के साथ-साथ बढ़िया ढंग से सुनना ही बढ़िया संचार के लिए उतना ही महत्त्व रखता है।
आगे विद्यार्थियों को एक सारणी में यह बताने को कहा गया है कि वह सोचकर पता लगाएं कि उनको कौन-कौन से दोस्त, रिश्तेदार, पड़ोसी पसंद हैं और कौन से ना-पसंद । विद्यार्थी इस कार्य को अपनी समझ से पाठ- पुस्तक से पृष्ठ 51 में दी सारणी के अनुसार करेंगे ।
आगे विद्यार्थियों के लिए पसंद या ना – पसंद के प्रमुख कारणों की व्याख्या दी गई है।
| नाम | क्यों पसंद है? | नाम | क्यों पसंद नहीं है? |
| क | वह समय का पाबंद है। | क | बहुत असभ्य बोलता है। |
| ख | वह अच्छा भोजन बनाती है। | ख | बड़ों का सम्मान नहीं करता । |
| ग | वह बहुत विनम्र है । | ग | गंदा रहता है। |
| घ | मेहनती है | घ | घमंडी है। |
| ड. | बहुत मददगार है। | ड. | सुस्त है। |
पसंद और ना-पसंद के इन कारणों की व्याख्या से पता चलता है कि हर एक कार हमारे आत्म-प्रगटाव से जुड़ा हुआ है अर्थात हम दूसरों से कैसे संचार करते हैं। इस में हमारी भाषा, शब्द चुनाव और शब्दों का सही उच्चारण हमारे कुशल संचार को प्रभावित करता है। दूसरी तरफ हमारे व्यवहार, स्वभाव, मन के हाव-भावों का प्रगटाव भी हमारे संचार पर प्रभाव डालते हैं। यह गैर-भाषाई संचार या शारीरित संचार कहलाता है।
सम्बन्धित प्रश्न
प्रश्न 1. संचार का क्या अर्थ है?
उत्तर- संचार का अर्थ है अपनी बात, संदेश, विचार या सूचना को दूसरे तक पहुंचाना या सुनाना और दूसरी तरफ से सुनना, देखना या पढ़ना। इस में दो या दो से अधिक व्यक्तियों या दलों का होना आवश्यक है।
प्रश्न 2. हमारा कौन सा भाव हमारे व्यक्तित्व को प्रगट करता है?
उत्तर- अपने-आप को बढ़िया ढंग से प्रगट करना और दूसरे को बढ़िया ढंग से सुनना, देखना, पढ़ना या समझना हमारे व्यक्तित्व को प्रगट करते हैं। यह एक कला है जिस को सीखना बहुत आवश्यक है ताकि हमारे व्यक्तित्व का बढ़िया प्रभाव पड़ सके।
प्रश्न 3. पाठ के बीच वाले खेल में पहले विद्यार्थी के कान में कौन सी बात बताई?
उत्तर- मोती लाल की जूती खो गई। तेरी जूती का रंग क्या है?
प्रश्न 4. बात के पहले विद्यार्थी तक वापिस पहुंचने तक बदल जाने के कारण हर एक विद्यार्थी ने क्या बताया ?
उत्तर- मुझे बात पूरी तरह से समझ नहीं आई क्योंकि मुझे स्पष्ट रूप में बताया नहीं गया। मैं अंदाज़ा लगा लिया कि यह बात होगी।
प्रश्न 5. यह समस्या किस कारण आई?
उत्तर- यह समस्या इस कारण आई कि पहले विद्यार्थी ने उचित ढंग से बात का उच्चारण नहीं किया। अधूरे संचार के कारण पूरी बात बिगड़ गई।
प्रश्न 6. किसी बात को हालत रूप में बताने पर क्या होता है?
उत्तर- आम जिंदगी में जब हम बात को गलत रूप में आगे बताते हैं तो कितनी ही मुसीबतों का सामना करना पड़ता है।
प्रश्न 7. हमें बातचीत करते समय शब्दों का उच्चारण, ठहराव और शब्दों के जोर पर ध्यान क्यों देना चाहिए?
उत्तर- हमें बातचीत करते समय शब्दों के उच्चारण, ठहराव और शब्दों के ज़ोर पर विशेष ध्यान देना चाहिए ताकि हमारी बात सही रूप में सुनने वाले तक पहुंच सके अर्थात संचारित हो सके।
प्रश्न 8. बढ़िया संचार के लिए हमें और क्या करना चाहिए?
उत्तर- बढ़िया संचार के लिए हमें अधिक से अधिक सुनने का अभ्यास भी करना चाहिए। सुनने के लिए हमारी रुचि और समझदार होना आवश्यक है ।
प्रश्न 9. ” बातचीत करने का ढंग सही है या सही नहीं है।” व्याख्या करो ।
उत्तर- इस का संबंध हमारे साथ है और दूसरों को सम्मान देने से है। व्यवहार और सम्मान के प्रगटाव के लिए मन की शुद्ध भावनाएं और शारीरिक हाव-भाव प्रमुख हैं।
प्रश्न 10. “बातचीत की शब्दावली अच्छी है या बुरी है ।” व्याख्या करो ।
उत्तर- इसका संबंध बातचीत करते समय शब्दों के चुनाव के साथ है। शब्द बढ़िया तरीके, सम्मान और अपनेपन की भावना प्रगट करने वाले होने चाहिए।
प्रश्न 11. हमारे कुशल संचार को क्या प्रभावित करता है?
उत्तर- जब हम दूसरों से संचार करते हैं तो इस में हमारी भाषा, शब्द चुनाव और शब्दों का शुद्ध उच्चारण और साथ ही हमारा व्यवहार, स्वभाव और मन के हाव-भाव का प्रगटाव हमारे कुशल संचार को प्रभावित करता है।
(ख) शारीरिक भाषा (Body Language)
पाठ के इस भाग में विद्यार्थियों को शारीरिक भाषा के बारे में समझाया गया है। कुशल संसार में शारीरिक भाषा का भी उतना ही महत्त्व है जितना कि हमारी वाणी या भाषा का । अपनी शारीरिक भाषा द्वारा हम कैसे प्रभावशाली ढंग से एक-दूसरे से संचार कर सकते हैं, आओ इस बारे विस्तार से समझने की कोशिश करें। नीचे शारीरिक भाषा से सम्बन्धित कुछ तस्वीरें दी गई हैं इन को ध्यान से देखो और शारीरिक भाषा को समझने का प्रयत्न करो ।


इन तस्वीरों से यह पता चलता है कि उपरोक्त अलग-अलग भावों को अपनी शरीर के अलग-अलग अंगों से बिना बोले ही प्रगट किया है अर्थात संचारित किया है। इस प्रकार बिना बोले अपने भाव प्रगट करने को ही शारीरिक भाषा कहा जाता है। इस को गैर-भाषाई संचार भी कहा जाता है। प्रमुख रूप में इस में हाथ, आँखें, चेहरा और पूरे शरीर का प्रयोग किया जाता है।
हम निरंतर अभ्यास करके (जैसे कि पाठ- पुस्तक में बताया गया है) हम अपनी शारीरिक भाषा से भी भावों को संचारित कर सकते हैं। यह संचार करने की सब से प्रभावशाली विधि है क्योंकि हमारे बोलने से पहले हमारे शरीर की भाषा द्वारा ही हमारे व्यक्तित्व का प्रभाव पड़ जाता है। विशेष रूप से जो लोग बोलने और सुनने में असमर्थ हैं, उनके लिए इसकी खास अहमियत है। शारीरिक भाषा के महत्त्व और ताकत की सब से बड़ी उदाहरण विश्व प्रसिद्ध हास्य-अदाकार चार्ली चैपलीन है। उन्होंने अपनी सारी फिल्मों में बिना बोले ही अपनी सारी फिल्मों में शारीरिक भाषा का उपयोग किया है।
आगे विद्यार्थियों को एक रोल प्ले द्वारा एक स्थिति को प्रगट करने के लिए कहा गया है। इस रोल प्ले में कोई भी विद्यार्थी बोलेगा नहीं बल्कि अपनी शारीरिक भाषा (हाथ, आँखें, चेहरा, शरीर ) द्वारा ही सारी स्थिति इस प्रकार प्रगट करेंगे कि सारी कक्षा को समझ आ जाए। यह स्थिति दर्शक विद्यार्थियों को पता नहीं होनी चाहिए।
ऐसी और अनेक स्थितियां स्कूल, घर या किसी और स्थान की कल्पना कर ज्यादा से ज्यादा किया जा सकता है
सम्बन्धित प्रश्न
प्रश्न 1. शारीरिक भाषा किसे कहते हैं ?
उत्तर- जब हम बिना बोले स्वयं प्रगट करते हैं तो उसको शारीरिक भाषा कहते हैं। इसको गैर-भाषाई भी कहा जाता है।
प्रश्न 2. शारीरिक-भाषा में किस का प्रयोग किया जाता है?
उत्तर- शारीरिक भाषा में प्रमुख तौर पर हाथों, आँखों, चेहरा और पूरे शरीर का प्रयोग किया जाता है l
प्रश्न 3. शारीरिक भाषा संचार की कैसी विधि है?
उत्तर- यह संचार की एक सब से ज्यादा प्रभावशाली विधि है क्योंकि हमारे बोलने से पहले हमारे शरीर की भाषा द्वारा ही हमारे व्यक्तित्व का प्रभाव पड़ जाता है।
प्रश्न 4. इस विधि की किस वर्ग के लिए विशेष अहमियत है ?
उत्तर- जो लोग बोलने और सुनने में असमर्थ हैं, उनके लिए इसकी विशेश अहमियत है।
प्रश्न 5. चार्ली चैपलीन की विशेषता क्या है?
उत्तर- चार्ली चैपलीन ने अपनी सारी फिल्मों में बिना बोले ही अपनी शारीरिक भाषा का प्रयोग करके अदाकारी की है ।
PSEB 9th Class Welcome Life Guide प्रभावी संचार Important Questions and Answers
(क) बहु-विकल्पीय प्रश्न
1. संचार का भाव होता है …………………… दूसरे तक पहुंचाना
(क) बात
(ख) संदेश
(ग) विचार
(घ) सभी
उत्तर – (घ) सभी
2. हमारा संचार …………………. है।
(क) कला
(ख) आदत
(ग) मजबूरी
(घ) कोई नहीं
उत्तर – (क) कला
3. हमारा संचार …………. होना चाहिए।
(क) खुशहाल
(ख) प्रभावशील
(ग) नकारात्मक
(घ) सख्त
उत्तर – (ख) प्रभावशील
4. मैंने…………………………. लगा लिया कि यह बात होगी ।
(क) पता
(ख) ज़ोर
(ग) अंदाज़ा
(घ) कोई नहीं
उत्तर – (ग) अंदाज़ा
5. बातचीत करते समय हमें …………………. का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए।
(क) उच्चारण
(ख) ठहराव
(ग) शब्दों पर जोर
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर – (घ) उपरोक्त सभी
6. बढ़िया संचार के लिए हमें ज्यादा से ज्यादा …………………. का अभ्यास भी करना चाहिए।
(क) सुनने
(ख) हंसने
(ग) देखने
(घ) रोने
उत्तर – (क) सुनने
7. सुनने के लिए हमारी …………………. होनी आवश्यक है।
(क) रुचि
(ख) समझदारी
(ग) केवल क
(घ) क और ख दोनों
उत्तर – (घ) क और ख दोनों
8. जब हम ……………………….. अपने भाव प्रगट करते हैं तो उसको शारीरिक भाषा कहते हैं ।
(क) बिना रुके
(ख) बिना बोले
(ग) हंस कर
(घ) जल्दी से
उत्तर – (ख) बिना बोले
9. हमारे …………………….. से पहले हमारे शरीर की भाषा द्वारा हमारे व्यक्तित्व का प्रभाव पड़ता है।
(क) जागना
(ख) भागना
(ग) बोलना
(घ) सभी
उत्तर – (ग) बोलना
10. चार्ली चैपलीन विश्व प्रसिद्ध …………………….. है।
(क) खिलाड़ी
(ख) अदाकार
(ग) नेता
(घ) व्यापारी
उत्तर – (ख) अदाकार
(ख) खाली स्थान भरो
1. स्वयं को ………………… से प्रगट करना हमारे व्यक्तित्व को प्रगट करता है ।
उत्तर – बढ़िया ढंग
2. अच्छे ढंग से संचार करना हमारे व्यक्तित्व को ………………….. लगा देता है ।
उत्तर – चार चाँद
3. मोती लाल की जूती ……………………….. गई।
उत्तर – खो
4. पहले विद्यार्थी ने उचित ढंग से बात की ………………… नहीं किया।
उत्तर – उच्चारण
5. कुलदीप और मनी सुबह-सुबह घर से ………………….. जा रहे थे।
उत्तर – स्कूल
6. हमारी बात सही रूप में सुनने वाले तक ……………………… होनी चाहिए।
उत्तर – संचारित
7. …………………. और …………………… के प्रगटाव के लिए मन की सही भानवाएं प्रमुख हैं।
उत्तर – व्यवहार, सम्मान
8. शारीरिक भाषा को …………………… संचार भी कहा जाता है ।
उत्तर – गैर-भाषाई
9. शारीरिक भाषा में मुख्य रूप पर ……………….. , ……………….. और …………………. का प्रयोग किया जाता है ।
उत्तर – हाथ, आँखें, चेहरे
10. जो लोग ……………… और ………………….. से असमर्थ हैं, उन के लिए शारीरिक भाषा का बहुत महत्त्व है।
उत्तर – बोलने, सुनने