RBSE Solutions for Class 6 Social Science Chapter 15 जिला प्रशासन और न्याय व्यवस्था
RBSE Solutions for Class 6 Social Science Chapter 15 जिला प्रशासन और न्याय व्यवस्था
Rajasthan Board RBSE Class 6 Social Science Chapter 15 जिला प्रशासन और न्याय व्यवस्था
पाठठात गतिविधि आधारित प्रश्न
प्रश्न 1.
राजस्थान राज्य के सात संभाग मुख्यालय कौन-कौन से हैं? (पृष्ठ सं. 106)
उत्तर:
राजस्थान राज्य के सात संभाग मुख्यालय हैं
- अजमेर संभाग
- भरतपुर संभाग
- बीकानेर संभाग
- जोधपुर संभाग
- जयपुर संभाग ।
- कोटा संभाग तथा
- उदयपुर संभाग इन संभागों के मुख्यालय क्रमशः अजमेर, भरतपुर, बीकानेर, जोधपुर, जयपुर, कोटा तथा उदयपुर में हैं।
प्रश्न 2.
आपका जिला किस संभाग के अन्तर्गत स्थित है ?
उत्तर:
हम जयपुर जिले के निवासी हैं। जयपुर जिला, जयपुर संभाग के अन्तर्गत आता है।
प्रश्न 3.
आपके जिले के पड़ोसी जिलों के नाम बताइए।
उत्तर:
हमारे जिले जयपुर के उत्तर में सीकर, पूर्व में अलवर एवं दौसा, दक्षिण में टोंक और पश्चिम में अजमेर तथा नागोर जिले स्थित हैं।
प्रश्न 4.
राजस्थान के रेखा मानचित्र में आपके अपने संभाग को प्रदर्शित करने के लिए उसमें रंग भरें व अपने जिले का नाम भी लिखें।
उत्तर:
प्रश्न 5. अपने शिक्षक की सहायता से निम्नलिखित तालिका की पूर्ति कीजिए। (पृष्ठ सं. 111)
उत्तर
तालिका
क्रम संख्या | प्रश्न | उत्तर |
1. | हमारे राज्य का नाम | राजस्थान |
2. | आपके जिले का नाम | ………… |
3. | आपके संभाग का नाम | ……………… |
4. | आपके क्षेत्र के उपखण्ड का नाम | ………………. |
5. | आपके क्षेत्र की तहसील का नाम | ……………….. |
6. | आपके क्षेत्र का पुलिस थाना | ……………….. |
7. | आपके गाँव का पटवार वृत्त | …………………. |
8. | आपका नजदीकी राजकीय चिकित्सालय | ………………. |
9. | आपके जिले के जिला कलेक्टर का नाम | ……………. |
10. | आपके जिले के जिला शिक्षा अधिकारी का नाम | ……………….. |
पाठ्यपुस्तक के अभ्यास प्रश्नोत्तर
1. सही उत्तर का विकल्प चुनिए
(i) जिले का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी होता है
(अ) पुलिस अधीक्षक
(ब) जिला कलक्टर
(स) जनसम्पर्क अधिकारी
(द) कोषाधिकारी।
उत्तर:
(ब) जिला कलक्टर
(ii) न्यायालय से बाहर आपसी समझाइश द्वारा विवादों को समाप्त करवाया जाता है
(अ) दीवानी न्यायालय में
(ब) फौजदारी न्यायालय में
(स) लोक अदालत में
(द) राजस्व न्यायालय में।
उत्तर:
(स) लोक अदालत में
प्रश्न 2.
निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(i) हमारे देश में ………. राज्य और ……. केन्द्रशासित प्रदेश हैं।
(ii) राजस्थान में ……….. संभाग और ………. जिले हैं।
(iii) फौजदारी मामलों में पीड़ित पक्ष द्वारा पुलिस को दिये गये प्रार्थना पत्र को ……….. कहते हैं।
उत्तर:
(i) 29, 7
(ii) 7, 33
(iii) प्रथम सूचना प्रतिवेदन (एफ. आई. आर.)
प्रश्न 3.
स्तम्भ’अ’ को स्तम्भ’ब’ से सुमेलित कीजिए
उत्तर:
(i) (स)
(ii) (द)
(iii) (य)
(iv) (अ)
(v) (ब)
उत्तर:
(i) (ब)
(ii) (अ)
(iii) (द)
(iv) (य)
(v) (स)
प्रश्न 4.
जिला प्रशासन के कोई चार कार्य लिखिए।
उत्तर:
जिला प्रशासन के प्रमुख चार कार्य निम्नलिखित हैं
- शान्ति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखना।
- राजस्व व भू-अभिलेखों को अद्यतन रखना तथा भू-राजस्व प्राप्त करना।
- नागरिक सुविधाएँ प्रदान करना ।
- जनता व सरकार के बीच की कड़ी के रूप में कार्य करना आदि।
प्रश्न 5.
पटवारी के क्या-क्या कार्य हैं ? लिखिए।
उत्तर:
पटवारी के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं
- गाँव की समस्त भूमि को निर्धारित प्रकारों में वर्गीकृत करना।
- खेतों की नाप रखना और उनके मानचित्र बनाना।
- भूमि के मालिक का नाम और उसकी भूमि का पूर्ण विवरण रखना।
- फसल तैयार होने पर उसका विवरण तैयार करना।।
- किसानों से भूमि कर वसूल करना आदि।
प्रश्न 6.
जन अभाव-अभियोग और सतर्कता समिति क्या कार्य करती है ?
उत्तर:
जिला स्तर पर आम जनता की कठिनाइयों एवं शिकायतों का निस्तारण करना जन अभाव अभियोग एवं सतर्कता समिति का कार्य है। यह आम जनता को बिजली, पानी, टेलीफोन, यातायात, पेन्शन प्रकरण, राजकीय भूमि से अतिक्रमण हटाना आदि समस्याओं का निराकरण करती है।
प्रश्न 7.
जिला कलक्टर के प्रमुख कार्यों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
जिला कलक्टर के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं-
- शान्ति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखना।
- राजस्व तथा भू-अभिलेखों का संधारण तथा भू-राजस्व एकत्रित करवाना।
- नागरिक सुविधाएँ-शिक्षा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, यातायात सम्बन्धी व्यवस्थाएँ करवाना।
- जिले के विकास की विभिन्न योजनाएँ बनाना तथा उनको लागू करवाना।
- विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं का चुनाव सम्पन्न करवाना।
- प्राकृतिक आपदाओं से बचाव तथा जनता को राहत प्रदान करना।
- जनता तथा सरकार के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाना।
- पंचायती राज व्यवस्था तथा जिला प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करना।
- रसद व अन्य सामग्री की व्यवस्था करना।
- जने समस्याओं एवं शिकायतों का निराकरण करवाना आदि।
प्रश्न 8.
फौजदारी न्यायालय की कार्य प्रक्रिया को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
हत्या, चोरी, मारपीट तथा शान्ति भंग करने से सम्बन्धित विवादों का समाधान फौजदारी न्यायालयों में होता है। फौजदारी विवादों में सबसे पहले पीड़ित पक्ष अपने क्षेत्र के पुलिस थाने में जाकर विवाद की लिखित सूचना देता है। इस सूचना को ‘प्रथम सूचना प्रतिवेदन’ (एफ.आई.आर.) कहा जाता है।
सूचना के पश्चात् पुलिस उससे सम्बन्धित मामलों की छानबीन-करके सबूत इकट्ठा करती है और फिर न्यायालय में उस मामले का चालान प्रस्तुत करती है। न्यायालय प्रस्तुत किये गये सबूतों के आधार पर और गवाहों के बयान तथा दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर अपना निर्णय देता है।
प्रश्न 9.
जिले में शान्ति और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन की भूमिका को समझाइए।
उत्तर:
जिले में शान्ति और कानून व्यवस्था बनाए रखना जिला कलेक्टर का कार्य है जिसके लिए वह पुलिस प्रशासन की मदद लेता है। जिले का पुलिस विभाग पुलिस अधीक्षक के नियन्त्रण, निर्देशन और पर्यवेक्षण में कार्य करता है। पुलिस अधीक्षक के नियन्त्रण में अपर पुलिस अधीक्षक पुलिस उपाधीक्षक, वृत निरीक्षक, उप-निरीक्षक, मुख्य आरक्षी (हेड कांस्टेबल) तथा आरक्षी होते हैं।
पुलिस प्रशासन जिले में कहीं भी शान्ति और कानून व्यवस्था भंग होने की स्थिति में पुलिस अधीक्षक की देखरेख में प्रशासनिक कार्यवाही करता है। प्रथम सूचना प्रतिवेदन के आधार पर जाँच करता है और दोषियों को दण्ड दिलाने का कार्य करता है। कभी-कभी अन्य विभागों का सहयोग लेकर शान्ति और कानून व्यवस्था भंग करने वालों को पकड़कर दण्ड दिलाता है।
अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
(i) जिला निर्वाचन अधिकारी का प्रमुख कार्य है
(अ) शिक्षा की व्यवस्था करना
(ब) बेरोजगारों को रोजगार दिलवाना
(स) चुनाव सम्पन्न कराना
(द) रसद की व्यवस्था करना
उत्तर:
(स) चुनाव सम्पन्न कराना
(ii) गंगानगर किस संभाग में स्थित है ?
(अ) जोधपुर
(ब) बीकानेर
(स) जयपुर
(द) उदयपुर
उत्तर:
(ब) बीकानेर
(iii) खाद्यान्न, चीनी व मिट्टी के तेल की व्यवस्था करता है
(अ) पटवारी
(ब) जन अभाव अभियोग एवं सतर्कता समिति
(स) जिला रसद अधिकारी
(द) उपर्युक्त सभी ।
उत्तर:
(स) जिला रसद अधिकारी
(iv) जिला स्तर पर विद्यालयी खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन कौन कराता है ?
(अ) जिला रसद अधिकारी
(ब) जिला निर्वाचन अधिकारी
(स) जिला शिक्षा अधिकारी।
(द) जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी।
उत्तर:
(स) जिला शिक्षा अधिकारी।
(v) भूमि सम्बन्धी विवाद प्रस्तुत होता है
(अ) दीवानी न्यायालय में
(ब) फौजदारी न्यायालय में
(स) राजस्व न्यायालय में
(द) जिला उपभोक्ता मंच में।
उत्तर:
(स) राजस्व न्यायालय में
(vi) आपसी समझौते द्वारा विवादों के समाधान हेतु किस न्यायालय की व्यवस्था की गयी है ?
(अ) पारिवारिक न्यायालय
(ब) श्रम न्यायालय
(स) जिला उपभोक्ता मंच
(द) लोक अदालत।
उत्तर:
(द) लोक अदालत।
निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(i) जिले का चहुँमुखी विकास ………… की कार्यकुशलता पर निर्भर करता है।
(i) जिले का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी ……….. होता है।
(iii) जिले का पुलिस विभाग ……….. के नियन्त्रण, निर्देशन एवं पर्यवेक्षण में कार्य करता है।
(iv) जिले में अन्तिम रूप से अपीलों का निर्णय ……….. के यहाँ होता है।
(v) राजस्थान में ……… ‘बहुत लोकप्रिय है।
उत्तर:
(i) जिला प्रशासन
(ii) जिला कलक्टर
(iii) पुलिस अधीक्षक
(iv) जिला कलक्टर
(v) लोक अदालतें ।
अति लघूत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
प्रशासन के सुचारु संचालन के लिए राज्य को किस क्रम की प्रशासनिक इकाइयों में बाँटा गया है ?
उत्तर:
राज्य को संभागों में, संभाग को जिलों में, जिले को खण्डों (विकास खण्ड) एवं तहसीलों में बाँटा गया है।
प्रश्न 2.
क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से सबसे बड़े सम्भाग का नाम लिखिए।
उत्तर:
क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से जोधपुर सबसे बड़ा संभाग है
प्रश्न 3.
राजकोषीय कार्य की व्यवस्था के लिए जिले के प्रमुख विभागीय अधिकारी कौन से हैं ?
उत्तर:
जिला स्तर पर कोषाधिकारी, उप-जिला कोषाधिकारी तथा तहसील स्तर पर उपकोषाधिकारी होता है।
प्रश्न 4.
जिला रसद अधिकारी के प्रमुख कार्य बताइए।
उत्तर:
खाद्यान्न, चीनी, मिट्टी का तेल, डीजल, पेट्रोल, घरेलू गैस सिलेण्डर आदि की व्यवस्था कराना।
प्रश्न 5.
केन्द्र एवं राज्य सरकारों द्वारा संचालित गरीबों के उत्थान की चार योजनाओं का नामोल्लेख कीजिए।
उत्तर:
(i) गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम
(ii) साक्षरता कार्यक्रम
(iii) अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास कार्यक्रम
(iv) सिंचाई योजनाएँ आदि।
प्रश्न 6.
विभागीय कार्यों के अलावा जिला प्रशासन के अन्य कार्य क्या हैं?
उत्तर:
विभागीय कार्यों के अलावा जिला प्रशासन, राष्ट्रपति, प्रधानमन्त्री, राज्यपाल, मुख्यमन्त्री आदि महत्वपूर्ण व्यक्तियों की राजकीय यात्रा को सकुशल सम्पन्न कराने की जिम्मेदारी निभाता है।
लघूत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अपने किन सहयोगियों के साथ जिले में कौन-कौन सी सुविधाएँ प्रदान करता है?
उत्तर:
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अपने सहयोगियों-ब्लॉक चिकित्साधिकारी, चिकित्सा अधिकारी, नर्स तथा प्रसाविका आदि के साथ जिले में चिकित्सा सुविधाएँ एवं दवाइयाँ, टीकाकरण, परिवार कल्याण, महिला एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएँ, नशा मुक्ति आदि कार्यक्रम संचालित करता है
प्रश्न 2.
जिले के सिंचाई व कृषि विभाग के क्या कार्य होते हैं?
उत्तर:
जिले का सिंचाई व कृषि विभाग मुख्यत: किसानों को सिंचाई सुविधा व उन्नत खाद-बीज उपलब्ध करवाता है। साथ ही कृषि हेतु विद्युत आपूर्ति में भी यह विभाग मदद करता है। कृषि कार्यों हेतु यह विभाग अनुदान भी दिलवाता है
प्रश्न 3.
नागरिकों को सुविधा प्रदान करने हेतु निर्मित प्रशासनिक व्यवस्था के अधिकारियों के नाम लिखिए।
उत्तर:
नागरिकों को सुविधाएँ प्रदान करने के लिए किसी भी जिले में निम्न अधिकारी कार्यरत होते हैं-जिला रसद अधिकारी, जिला वन अधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला नियोजन अधिकारी, जिला स्तर के विभिन्न विभागों के अधिकारी आदि।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
जिला स्तरीय शैक्षिक प्रशासन पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिये।
उत्तर:
जिला स्तर पर प्राथमिक शिक्षा तथा माध्यमिक शिक्षा के लिए अलग-अलग जिला शिक्षा-अधिकारी कार्यरत होते हैं। प्रारम्भिक शिक्षा के लिए ब्लॉक स्तर पर ब्लॉक प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी कार्यरत होता है। इसके जिला स्तरीय शैक्षिक प्रशासन के प्रमुख कार्य निम्न हैं-
- जिले के समस्त विद्यालयों में शैक्षिक कार्यों को सुचारु एवं सुव्यवस्थित रूप से संचालित करवाना।
- निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिनियम का पालन करवाना।
- निजी विद्यालयों को मान्यता देना।
- जिला स्तर पर विद्यालयी खेलकूद प्रतियोगिताओं व अन्य कार्यक्रमों का आयोजन करवाना आदि।
प्रश्न 2.
लोक अदालतों की न्यायिक प्रक्रिया का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
हमारे देश में न्यायालय से बाहर आपसी समझौते द्वारा विवादों के समाधान के लिए लोक अदालतों की व्यवस्था की गयी है। प्रत्येक जिले में एक स्थायी लोक अदालत होती है। निर्धारित कार्यक्रमानुसार लोक अदालतों की व्यवस्था स्थानीय स्तरों पर भी की जाती है।
इस व्यवस्था के अन्तर्गत न्यायाधीश उस क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों का सहयोग लेकर विवादग्रस्त पक्षों के मध्य समझौता करवाकर विवाद का समाधान करवाता है। लोक अदालतों के समझौते न्यायालयों में मान्य होते हैं। राजस्थान में लोक अदालतें बहुत लोकप्रिय हैं। आपसी समझौते द्वारा आपसी तनाव दूर होता है तथा सस्ता और जल्द न्याय मिल जाता है।
प्रश्न 3.
राजस्थान के संभागों में आने वाले जिलों के नाम बताइये।
उत्तर:
राजस्थान को सात संभागों में बाँटा गया है। प्रत्येक संभाग में आने वाले जिले निम्नलिखित हैं
- अजमेर संभाग- अजमेर, टोंक, भीलवाड़ा तथा नागौर।
- भरतपुर संभाग- भरतपुर, धौलपुर, करौली एवं सवाई माधोपुर।।
- बीकानेर संभाग- बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ एवं चूरू।।
- जोधपुर संभाग- जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, पाली, जालोर, सिरोही।
- जयपुर संभाग- जयपुर, दौसा, अलवर, सीकर, झुंझुनूं।
- कोटा संभाग- कोटा, बूंदी, बारां तथा झालावाड़।।
- उदयपुर संभाग- उदयपुर, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, बासवाड़ा, राजसमन्द तथा चित्तौड़गढ़।
प्रश्न 4.
विवादों के समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर क्या व्यवस्थाएँ हैं ?
उत्तर:
विवादों के समाधान तथा उनके उचित-अनुचित विश्लेषण के लिए संविधान द्वारा न्यायपालिका की व्यवस्था की गयी है। नागरिकों के बीच सामान्य रूप से निम्न तीन प्रकार के विवाद उत्पन्न हो सकते हैं-
(i) दीवानी विवाद- सम्पत्ति (जमीन-जायदाद) वस्तुओं की खरीददारी, विवाह, किराया और संविदा सम्बन्धी विवादों को दीवानी विवाद के अन्तर्गत रखा गया है। उपर्युक्त से सम्बन्धित सभी विवादों का समाधान दीवानी न्यायालयों द्वारा किया जाता है।
(ii) फौजदारी विवाद- हत्या, मारपीट, चोरी, अपहरण तथा शान्ति भंग करने से सम्बन्धित सभी विवाद फौजदारी विवाद के अन्तर्गत आते हैं। इन विवादों की सुनवाई के लिए फौजदारी न्यायालयों का गठन किया गया है।
(iii) राजस्व विवाद- इसके अन्तर्गत भूमि सम्बन्धी विवाद आते हैं। कृषि भूमि के उत्तराधिकार नामान्तरण, खातेदारी, लगान आदि से सम्बन्धित विवादों को इसके अन्तर्गत रखा गया है। इस प्रकार के मामले क्षेत्राधिकार के अनुसार उप-तहसीलदार, तहसीलदार अथवा सहायक कलेक्टर के यहाँ सुनवाई हेतु प्रस्तुत किये जाते हैं। जिले में अन्तिम रूप से ऐसी अपीलों का निर्णय जिला कलक्टर के यहाँ होता है। उपर्युक्त न्यायालयों के अलावा आपसी समझौते के आधार पर विवादों के निबटारे के लिए लोक अदालतों की व्यवस्था की गयी है।
इनके अलावा जिले में कुछ विशिष्ट प्रकार के न्यायालय भी होते हैं जो क्षेत्र विशेष से सम्बन्धित वादों की सुनवाई करते हैं। ये हैं-पारिवारिक न्यायालय, अनुसूचित जाति एवं जनजाति मामलों से संबंधित न्यायालय, श्रम न्यायालय, मोटर वाहन दुर्घटना न्यायालय, जिला उपभोक्ता मंच आदि।