अक्षांश-देशान्तर एवं अन्तरराष्ट्रीय तिथि रेखा व समय

अक्षांश-देशान्तर एवं अन्तरराष्ट्रीय तिथि रेखा व समय

अक्षांश-देशान्तर एवं अन्तरराष्ट्रीय तिथि रेखा व समय

अक्षांश-देशान्तर एवं अन्तरराष्ट्रीय तिथि रेखा व समय

अक्षांश (Lattitudes )
◆ यह ग्लोब पर पश्चिम से पूरब की ओर खींची गयी समानांतर काल्पनिक रेखाएँ हैं जिसे अंश में प्रदर्शित किया जाता है।
◆ 0° की अक्षांश रेखा भूमध्य रेखा (Equator) कहलाती है। यह पृथ्वी के केन्द्र से गुजरती है एवं पृथ्वी को दो बराबर भागों में बाँटती है। इसे विषुवत् रेखा या विषुवत् वृत्त भी कहते हैं। भूमध्य रेखा पर दिन-रात बराबर होते हैं।
◆ 1° अक्षांश = 111 किमी. (लगभग) होता है।
◆ भूमध्य रेखा के ऊपर 0° से 90° उत्तरी ध्रुव तक उत्तरी गोलार्द्ध और भूमध्य रेखा से नीचे का 0° से 90° दक्षिणी ध्रुव तक दक्षिणी गोलार्द्ध कहलाता है।
◆ उत्तरी गोलार्द्ध में 23½° N के दोनों बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा कर्क रेखा (Tropic of Cancer) कहलाती है।
◆ दक्षिणी गोलार्द्ध में 23½° S के दोनों बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा मकर रेखा (Tropic of Capricorn) कहलाती है।
◆ उत्तरी गोलार्द्ध में 66½°N के दोनों बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा आर्कटिक रेखा (Arctic Circle) कहलाती है।
◆ दक्षिणी गोलार्द्ध में 66½°S के दोनों बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा अंटार्कटिक रेखा (Antarctic Circle) कहलाती है।
देशांतर (Longitudes )
◆ यह ग्लोब पर उत्तर से दक्षिण की ओर खींची जाने वाली काल्पनिक रेखा है। ये रेखाएँ समानांतर नहीं होती है। ये रेखाएँ उत्तरी तथा दक्षिणी ध्रुव पर एक बिंदु पर मिल जाती है।
◆ ध्रुवों से विषुवत् रेखा की ओर बढ़ने पर देशांतरों के बीच की दूरी बढ़ती जाती है तथा विषुवत् रेखा पर इसके बीच की दूरी अधिकतम (111.32 किमी.) होती है। ग्रीनविच वेधशाला से गुजरने वाली रेखा को 0° देशांतर (प्रधान देशांतर ) माना जाता है। इसकी बायीं ओर की रेखाएँ पश्चिमी देशांतर (पश्चिमी गोलार्द्ध) और दाहिनी ओर की रेखाएँ पूर्वी देशांतर (पूर्वी गोलार्द्ध) कहलाती है।
◆ देशांतर के आधार पर ही किसी स्थान का समय ज्ञात किया जाता है।
◆ दो देशांतर रेखाओं के बीच की दूरी गोरे (Gore) नाम से जानी जाती है।
◆ गोलाकार होने के कारण पृथ्वी 24 घंटे में 360° घूम जाती है। अतः 1° देशांतर की दूरी तय करने में पृथ्वी को 4 मिनट का समय लगता है।
◆ चूँकि सूर्य पूर्व से उदित होता है एवं पृथ्वी पश्चिम से पूर्व अपनी धुरी पर घूमती रहती है, अतः पूर्व का समय आगे और पश्चिम का समय पीछे रहता है। इसी कारण पृथ्वी के सभी स्थानों पर समय की भिन्नता देखने को मिलती है।
◆ प्रत्येक 15° देशांतर पर एक घंटे का अंतर होता है । इस प्रकार 0° से 180° पूर्व की ओर जाने पर 12 घंटे की अवधि लगती है एवं यह ग्रीनविच समय से 12 घंटे आगे होता है। इसी 0° से 180° पश्चिम की ओर जाने पर ग्रीनविच समय से 12 घंटे पीछे का समय मिलता है। यही कारण है कि 180° पूर्व व पश्चिम देशांतर में कुल 24 घंटे अर्थात् एक दिन-रात का अंतर पाया जाता है।
अन्तरराष्ट्रीय तिथि रेखा (Internationl Date Line)
◆ 180° देशांतर को अन्तरराष्ट्रीय तिथि रेखा कहते हैं। 1884 ई. में वाशिंगटन में सम्पन्न इंटरनेशनल मेरीडियन कांफ्रेस में 180वें याम्योत्तर (Meridian) को अन्तरराष्ट्रीय तिथि रेखा निर्धारित किया गया। ऐसा इसलिए किया गया ताकि विभिन्न देशों के मध्य यात्रियों को कुछ स्थानों पर 1 दिन का अंतर होने के कारण परेशानी न हो।
◆ अन्तरराष्ट्रीय तिथि रेखा आर्कटिक सागर, चुकी सागर, बेरिंग स्ट्रेट व प्रशांत महासागर से गुजरती है।
◆ ग्रीनविच मेरीडियन से गणना करते हुए इस रेखा (180वाँ याम्योत्तर) के पूर्व वाले क्षेत्र एक दिन आगे होंगे या दूसरे शब्दों में इस रेखा से पश्चिम वाले क्षेत्रों से 12 घंटे आगे होंगे। जब कोई जलयान पश्चिमी दिशा में यात्रा करते हुए तिथि रेखा को पार करता है तो उसे एक दिन की हानि होती है क्योंकि इस क्षेत्र में समय 12 घंटे पीछे चल रहा होता है (जैसे सोमवार के बाद रविवार आना), परन्तु यदि जलयान पूर्व की यात्रा करते हुए तिथि रेखा को पार करता है तो एक दिन का लाभ होता है, जैसे- यदि वह सोमवार को यात्रा प्रारंभ करता है तो तिथि रेखा पार करने पर नये क्षेत्र में बुधवार का दिन उसे प्राप्त होगा।
◆ बेरिंग स्ट्रेट (जलसंधि) अन्तरराष्ट्रीय तिथि रेखा के सामानांतर स्थित है।
◆ समय जोन – विश्व को 24 समय जोनों में बाँटा गया है। इन समय जोनों को ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) व मानक समय (Standard Time ) में एक घंटे के अंतराल के आधार पर विभाजित किया गया है अर्थात् प्रत्येक जोन 15° के बराबर होता है। ग्रीनविच याम्योत्तर 0° देशांतर पर है, जो कि ग्रीनलैंड व नार्वोनियन सागर व ब्रिटेन, स्पेन, अल्जीरिया, फ्रांस, माले, बुर्कीनाफासो, घाना व दक्षिण अटलांटिक समुद्र से गुजरता है।
◆ मानक समय – प्रत्येक देश का मानक समय (Standard Time) ग्रीनविच मीन टाइम से आधा घंटे के गुणक के अंतर पर निर्धारित किया जाता है। मानक समय स्वेच्छा से चयनित याम्योत्तर का स्थानीय समय होता है जो एक विशिष्ट क्षेत्र या देश के लिए मानक समय निर्धारित करता है। भारत में 82½° पूर्वी देशांतर जो इलाहाबाद के निकट नैनी से गुजरती है, का समय सम्पूर्ण भारत के लिए मानक समय (IST) है। इससे भारत के विभिन्न प्रदेशों में देशांतरीय अंतर के कारण समय की भिन्नता को समायोजित करने की समस्या से निजात मिल जाता है। भारत का मानक समय ग्रीनविच मीन टाइम से 5½ घंटा आगे है। अतः जब ग्रीनविच में दोपहर के 12 बजे हों तो उस समय भारत में शाम के 5½ बजेंगे।
◆ स्थानीय समय- यह पृथ्वी पर स्थान विशेष का सूर्य की स्थिति से परिकलित समय है। स्थानीय मध्याह्न समय वह समय है जब सूर्य उस स्थान विशेष पर लंबवत् चमकता है। भारत के सर्वाधिक पूर्व (अरुणाचल प्रदेश) एवं सर्वाधिक पश्चिम (गुजरात के द्वारका) में स्थित स्थानों के स्थानीय समय में लगभग दो घंटे का अंतर मिलता है।
◆ विषुवत् रेखा- पृथ्वी की मध्य सतह से होकर जाने वाली वह अक्षांश रेखा है जो उत्तरी एवं दक्षिणी ध्रुव से बराबर दूरी पर होती है। यह शून्य अंश की अक्षांश रेखा है। विषुवत् रेखा के उत्तरी भाग को उत्तरी गोलार्द्ध और दक्षिणी भाग को दक्षिणी गोलार्द्ध कहते हैं। विषुवत् रेखा को भूमध्य रेखा भी कहा जाता है।
◆ कटिबंध- प्रत्येक गोलार्द्ध को ताप के आधार पर कई भागों में बाँटा गया है। इन भागों को कटिबंध (Zone) कहते हैं ये निम्नलिखित हैं –
1. उष्ण कटिबंध (Tropical Zone) – यह विषुवत् रेखा से 30° उत्तर एवं 30° दक्षिण का भाग होता है। यहाँ वर्ष में दो बार सूर्य शीर्ष पर चमकता है। इस भाग का मौसम सदैव गर्म रहता है।
2. उपोष्ण कटिबंध (Sub-Tropical Zone) – यह 30° से 45° उत्तरी एवं दक्षिणी अक्षांशों के बीच स्थित क्षेत्र है जहाँ कुछ महीने ताप अधिक और कुछ महीने ताप कम रहता है।
3. शीतोष्ण कटिबंध (Temperate Zone) – यह 45° से 66° उत्तरी और दक्षिणी अक्षांशों के बीच का क्षेत्र होता है। यहाँ सूर्य सिर के ऊपर कभी नहीं चमकता है, बल्कि उसकी किरणें तिरछी होती है। अतः यहाँ ताप हमेशा कम रहता है।
4. ध्रुवीय कटिबंध (Polar Zone) – यह 66° से 90° के मध्य स्थित क्षेत्र है जहाँ ताप अत्यंत ही कम रहता है, जिसके फलस्वरूप वहाँ हमेशा बर्फ जमी रहती है ।

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