UP Board Class 7 Geography | समुद्र की गतियाँ

UP Board Class 7 Geography | समुद्र की गतियाँ

UP Board Solutions for Class 7 Geography Chapter 7 समुद्र की गतियाँ

समुद्र की गतियाँ

अभ्यास

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए –

(क) तरंगें कैसे बनती हैं ?
उत्तर :
समुद्र में तरंगों का जन्म कई कारणों से होता है, परंतु इनमें पवन सबसे अधिक महत्वपूर्ण होती है। तरंगें समुद्र की सतह पर पवनों द्वारा जल को ढकेले जाने की प्रक्रिया के कारण बनती हैं। जले की सतह से टकराकर पवनें उसे विभिन्न स्थान से उठा देती हैं; जिससे मोड़ों के रूप में जल ऊपर-नीचे होता है, उन्हें ही तरंगे कहते हैं।

(ख) ज्वार-भाटा क्या है तथा ये कैसे उत्पन्न होते हैं ?
उत्तर :
सागरीय जल के ऊपर उठकर आगे बढ़ने को ‘ज्वार’ तथा सागरीय जल के नीचे गिरकर सागर की ओर पीछे लौटने को ‘ भाटा’ कहते हैं। ज्वार-भाटा सूर्य तथा चंद्रमा की आकर्षण शक्तियों के कारण उत्पन्न होते हैं।

(ग) महासागरीय जल की गतियों के नाम लिखिए।
उत्तर :
महासागरीय जल की गतियाँ इस प्रकार हैं –

  1. लहरें
  2. ज्वार-भाटा
  3. धाराएँ
  4. सुनामी

(घ) प्रशान्त महासागर की पाँच प्रमुख जलधाराओं के नाम लिखिए।
उत्तर :

  1. क्यूराइल की धारा
  2. क्यूरोशियो की धारा
  3. उत्तर विषुवती रेखीय धारा
  4. दक्षिण विषुवती रेखीय धारा
  5. पीरू की धारा

(ङ) अटलांटिक महासागर की पाँच प्रमुख जलधाराओं के नाम लिखिए।
उत्तर :

  1. लेब्रोडोर धारा
  2. कतारी की धारा
  3. गल्फ स्ट्रीम
  4. उत्तर विषुवती रेखीय धारा
  5. ब्राजील की धारा

(च) सुनामी क्या है तथा यह तरंग से किस प्रकार भिन्न है ?
उत्तर :
सुनामी महासागरीय जल की एक गति है। सुनामी जापानी शब्द है जिसका अर्थ होता है–विनाशकारी लहरें। जल की सतह से टकराकर पवनें उसे विभिन्न स्थानों से उठा देती हैं जिससे मोड़ों के रूप में जल ऊपर-नीचे होता है, इन्हें तरंगें कहते हैं। तरंगें समुद्र की सतह पर पवनों द्वारा जल को ढकेले जाने की प्रक्रिया के कारण उत्पन्न होती हैं। जबकि सुनामी लहरें समुद्र की तलहटी में भूकंप आने से उत्पन्न होती हैं।

प्रश्न 2.
अन्तर स्पष्ट कीजिए –

(क) तरंग और ज्वार-भाटा।
उत्तर :

तरंग –

  1. समुद्र की लहरों को तरंग कहते हैं।
  2. तरंगों का उठना पवनों पर निर्भर

ज्वार – भाटा –

  1. समुद्र के ऊपर उठते जल को ज्वार तथा गिरते जल को भाटा कहते हैं।
  2. ज्वार-भाटा सूर्य तथा चन्द्रमा की करता आकर्षण शक्तियों पर निर्भर करता है।

(ख) गर्म और ठण्डी जलधारा।
उत्तर :

गर्म धारा –

  1. ये धाराएँ भूमध्य रेखा (गर्म क्षेत्र) से ध्रुवों (ठण्डे क्षेत्र) की ओर चलती है।
  2. इनका जल गर्म होता है।

ठण्डी धारा –

  1. ये धाराएँ ध्रुवों (ठण्डे क्षेत्र) की ओर से भूमध्य रेखा (गर्म क्षेत्र) की ओर चलती हैं।
  2. इनका जल ठण्डा होता है।

(ग) धारा और प्रवाह।
उत्तर :

धारा –

  1. महासागरीय जल का कम चौड़ तथा तेज गति में बहने वाले रूप को धारा कहते हैं।
  2. इनकी गति लगभग दो से देस किलोमीटर प्रति घंटा होती है।

प्रवाह –

  1. महासागरीय जल का एक चौड़े तथा धीमी गति में बहने वाले रूप को प्रवाह कहते हैं।
  2. इनकी गति लगभग एक से तीन किलोमीटर प्रति घंटा होती है।

प्रश्न 3.
कारण बताइए –

(क) समुद्र का जल खारा होता है।
उत्तर :
महासागरों का जल विभिन्न प्रकार के लवणों की उपस्थिति के कारण खारा होता है।

(ख) पूर्णमासी और अमावस्या को दीर्घ ज्वार आता है।
उत्तर :
पूर्णमासी और अमावस्या को पृथ्वी, सूर्य और चन्द्रमा परिक्रमा के दौरान एक सीध में होते हैं, जिससे सूर्य एवं चन्द्रमा की आकर्षण शक्ति का प्रभाव पृथ्वी पर पड़ता है और दीर्घ ज्वार आता है।

(ग) उत्तर-पश्चिमी यूरोप के बन्दरगाह वर्ष भर आवागमन के लिए खुले रहते हैं।
उत्तर :
गर्म हवाओं के प्रभाव के कारण उत्तर-पश्चिमी यूरोप के बन्दरगाह वर्ष भर खुले रहते हैं।

(घ) मुख्य मत्स्य क्षेत्र वहाँ पाए जाते हैं जहाँ गर्म और ठण्डी जलधाराएँ मिलती हैं।
उत्तर :
जहाँ गर्म और ठण्डी धाराएँ मिलती हैं, वहाँ मछलियाँ बहुत अधिक पाई जाती हैं, क्योंकि यहाँ प्लैंक्टन नामक घास उत्पन्न होती है, जो मछलियों का मुख्य भोजन है।

प्रश्न 4.
सही विकल्प की पहचान कीजिए –

(क) ज्वार-भाटा की उत्पत्ति का मुख्य कारण है –

  • (अ) पृथ्वी का घूर्णन
  • (ब) चन्द्रमा का गुरुत्वाकर्षण
  • (स) पवन

(ख) मीठे जल का सम्बन्ध है –

  • (अ) महासागर
  • (ब) सागर
  • (स) नदी

भौगोलिक कुशलताएँ 
नोटः विद्यार्थी स्वयं करें।

परियोजना कार्य –
नोटः विद्यार्थी स्वयं करें।

TENSE 

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