Sports-and-fitness 7

UP Board Class 7 Sports and Fitness | प्राथमिक चिकित्सा

UP Board Class 7 Sports and Fitness | प्राथमिक चिकित्सा

UP Board Solutions for Class 7 Sports and Fitness Chapter 9 प्राथमिक चिकित्सा, नशीले पदार्थ एवं उनके दुष्परिणाम

प्रश्न 1.
प्राथमिक चिकित्सा क्या है?
उत्तर :
दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को तुरन्त राहत पहुँचाने के लिए किए जाने वाले उपायों को प्राथमिक चिकित्सा कहते हैं, जैसे खेल के मैदान में कोई खिलाड़ी चक्कर खाकर गिर पड़े तो उसके लिए तुरन्त उसे जमीन पर सीधा लिटा दें, हवा करें तथा पीने के लिए  पानी दें। इन्हीं सुरक्षा के उपायों को प्राथमिक चिकित्सा कहते हैं।

प्रश्न 2.
खेल के मैदान में प्रायः किस प्रकार की घटनाएँ घटती हैं?
उत्तर :
खेल के मैदान में प्रायः खेलते समय छोटी-मोटी चोटें लग जाती हैं, जैसे- गिरने से हाथ-पैर छिलना, हाथों या पैरों में मोच आ जाना आदि। लेकिन कभी-कभी खेलों में गम्भीर चोटें भी लग जाती हैं, जैसे- हाथ या पैर की हड्डी का टूटना, मांसपेशियों में खिंचाव आ जाना, चोट लगने से नाक से खून आना, बेहोश हो जाना आदि।

 

प्रश्न 3.
प्राथमिक चिकित्सा के दो महत्त्व बताइए।
उत्तर :

प्राथमिक चिकित्सा के दो निम्नलिखित महत्त्व हैं –

  1. प्रथम सहायता से घायल रोगी के जीवन की रक्षा होती है।
  2. चोट की गम्भीरता को कम करने में प्राथमिक चिकित्सा सहायक है।

प्रश्न 4.
पेशियों के खिंचाव की स्थिति में क्या प्राथमिक उपचार करेंगे?
उत्तर :

पेशियों में खिंचाव की स्थिति में निम्न प्राथमिक उपचार करना चाहिए –

  1. सर्वप्रथम रोगी को आराम की स्थिति में लिटाना चाहिए।
  2. दर्द निवारक क्रीम लगाकर आराम की  स्थिति में छोड़ चाहिए।

प्रश्न 5.
हड्डी टूटने की स्थिति में आप तुरन्त क्या करेंगे?
उत्तर :
खेलते समय कभी-कभी गिरने से तथा हड्डयों पर अधिक दबाब पड़ने की स्थिति में वे टूट जाती हैं। हड्डी टूटने से वह अंग काम करने की स्थिति में नहीं रहता। हड्डी टूटने पर हम निम्नलिखित प्राथमिक उपचार कर सकते हैं –

  1. घायल व्यक्ति को भीड़ से हटाकर खुली हवा में लाएँ।
  2. रोगी को धैर्य एवं सांत्वना दें।
  3. लकड़ी या स्केल की छोटी खपाची की सहायता से टूटे अंग पर बाँध दें।
  4. बड़ों की सहायता से स्ट्रेचर या एंबुलेंस से घायल व्यक्ति को डॉक्टर के पास ले जाएँ।

प्रश्न 6.
डोपिंग किसे कहते है?
उत्तर :
कभी-कभी खेल प्रतियोगिताओं में खिलाड़ी अपने खेल-प्रदर्शन को बढ़ाने के लिए कुछ शक्तिवर्धक नशीली दवाओं का सेवन करते हैं जिसे डोपिंग कहते हैं। इसके दुष्परिणाम में उनकी शारीरिक क्षमता कम होने लगती है। दवाओं के प्रयोग में पकड़े जाने पर ऐसे खिलाड़ी अन्तरराष्ट्रीय खेलों से बाहर कर दिए जाते हैं। उनके द्वारा जीते गए पदक वापस ले लिए जाते हैं। इसकी वजह से खिलाड़ी को ही नहीं, पूरे राष्ट्र को अपमानित होना पड़ता है।

प्रश्न 7.
नशीले पदार्थों का सेवन करने से शरीर पर क्या दुष्प्रभाव पड़ता है?
उत्तर :
नशीले पदार्थ के सेवन से स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ता है। अधिक समय तक इन पदार्थों का सेवन करते रहने से इनकी आदत पड़ जाती है। एक बार आदत पड़ जाने पर नशीला पदार्थ न मिलने पर व्यक्ति के अन्दर बेचैनी बढ़ने लगती है। बेचैनी दूर करने  के लिए वह बार-बार नशीले पदार्थों का सेवन करने लगता है। परिणामस्वरूप वह गम्भीर रोगों का शिकार हो जाता है जैसे-हृदय रोग, यकृत एवं मस्तिष्क का कैंसर, दमा-रोग, एड्स आदि। नशीले पदार्थ का सेवन करने से मरीज का चेहरा एकदम से बुझ-सा जाता है। उसकी आँखों के नीचे काले धब्बे पड़ जाते हैं।

प्रश्न 8.
रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए (पूर्ति करके) –

  1. सिगरेट और पानमसालों को बनाने में निकोटीन नामक  विषैला रासायनिक तत्व प्रयोग किया जाता है।
  2. नशीले पदार्थों का शरीर पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है।
  3. नशा करने वालों की संगति से बचे।
  4. डूबते व्यक्ति को पानी से निकालकर पेट के बल लिटा देंगे।

प्रोजेक्ट वर्क :
नोट – विद्यार्थी स्वयं करें।

TENSE

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *