RBSE Class 8 Sanskrit व्याकरण श्लोक लेखनम्

RBSE Class 8 Sanskrit व्याकरण श्लोक लेखनम् Rajasthan Board RBSE Class 8 Sanskrit व्याकरण श्लोक लेखनम् [परीक्षा में एक या दो श्लोक पाठ्य-पुस्तक से लिखने सम्बन्धी प्रश्न भी पूछा जाता है । यहाँ पाठ्य-पुस्तक के सरल श्लोक छात्रों के अभ्यासार्थ दिये जा रहे हैं। छात्र इनमें से 3-4 श्लोक कण्ठस्थ करके उन्हें लिखने का अभ्यास … Read more

RBSE Class 8 Sanskrit व्याकरण संख्यावाचका शब्दा

RBSE Class 8 Sanskrit व्याकरण संख्यावाचका शब्दा Rajasthan Board RBSE Class 8 Sanskrit व्याकरण संख्यावाचका शब्दा संख्यावाचका – शब्दा नोट-एकोनविंशति (19) से नवनवति (99) तक के सभी शब्दों के रूप स्त्रीलिंग एकवचन में ही बनते हैं। इकारान्त शब्दों के रूप ‘मति’ की तरह तथा तकारान्त शब्दों के रूप में सरित् की तरह बनते हैं। शत्, … Read more

RBSE Class 8 Sanskrit व्याकरण विशेषण-विशेष्यशब्दा

RBSE Class 8 Sanskrit व्याकरण विशेषण-विशेष्यशब्दा   Rajasthan Board RBSE Class 8 Sanskrit व्याकरण विशेषण-विशेष्यशब्दा जिस शब्द से संज्ञा पद की विशेषता प्रकट होती है, वह शब्द विशेषण कहलाता है। जिस शब्द की विशेषता प्रकट होती है, वह विशेष्य होता है। विशेषण विशेष्य के अनुसार ही गुणों वाला होता है। अर्थात् विशेष्य का जो लिंग, … Read more

RBSE Class 8 Sanskrit व्याकरण कारकम्

RBSE Class 8 Sanskrit व्याकरण कारकम् Rajasthan Board RBSE Class 8 Sanskrit व्याकरण कारकम् (कारक एवं उपपद विभक्तियों का ज्ञान) वाक्य में क्रिया को शीघ्र ही अन्वय जिस पद अथवा शब्द के साथ होता है, उस पद को कारक कहते हैं। कारकों का अर्थ प्रकाशित करने के लिए जिन प्रत्ययों का संयोजन (मेल) शब्दों के … Read more

RBSE Class 8 Sanskrit व्याकरण सर्वनाम शब्द

RBSE Class 8 Sanskrit व्याकरण सर्वनाम शब्द   Rajasthan Board RBSE Class 8 Sanskrit व्याकरण सर्वनाम शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्द ‘सर्वनाम कहलाते हैंसंस्कृत में ‘सर्व’ शब्द से आरम्भ होने वाले पैंतीस सर्वनाम शब्द हैंयहाँ महत्त्वपूर्ण कुछ सर्वनाम शब्दों के रूप तीनों लिंगों में दिये जा रहे हैंइनमें सम्बोधन नहीं होता … Read more

RBSE Class 8 Sanskrit व्याकरण संज्ञा शब्द

RBSE Class 8 Sanskrit व्याकरण संज्ञा शब्द Rajasthan Board RBSE Class 8 Sanskrit व्याकरण संज्ञा शब्द शब्द-रूपाणि किसी व्यक्ति, वस्तु या जगह के नाम को संज्ञा कहते हैं। जैसे-राम, जयपुर, फल आदि। इनके रूप सात विभक्तियों में चलते हैं। विभक्ति का ज्ञान कारक प्रकरण में कराया गया है। यहाँ महत्त्वपूर्ण संज्ञा शब्दों के रूप दिये … Read more

RBSE Class 8 Sanskrit व्याकरण धातु-रूपाणि

RBSE Class 8 Sanskrit व्याकरण धातु-रूपाणि Rajasthan Board RBSE Class 8 Sanskrit व्याकरण धातु-रूपाणि पढ़ना, लिखना, जाना आदि क्रियाओं को संस्कृत में धातु कहते हैं। इनके रूप तीन पुरुषों व तीन वचनों में चलते हैं।। यथा– 1. पठ् (पढ़ना) धातु के रूप 2. श्रु (सुनना) धातु, लट्लकारः 3. दा (देना) धातुः 4. ज्ञा (जानना) धातु, … Read more

RBSE Class 8 Sanskrit व्याकरण अव्यय

RBSE Class 8 Sanskrit व्याकरण अव्यय Rajasthan Board RBSE Class 8 Sanskrit व्याकरण अव्यय अव्यय की परिभाषा-‘अव्यय’ का अर्थ है जो खर्च न हो, अर्थात् जिसके रूप में परिवर्तन या विकार नहीं आवे। इस तरह अव्यय शब्द को ‘अविकारी शब्द भी कहते हैं। इन शब्दों में लिंग, विभक्ति, वचन आदि के कारण रूपपरिवर्तन नहीं होता … Read more

RBSE Class 8 Sanskrit व्याकरण प्रत्यय

RBSE Class 8 Sanskrit व्याकरण प्रत्यय Rajasthan Board RBSE Class 8 Sanskrit व्याकरण प्रत्यय विभक्ति रहित मूल शब्द के अन्त में, अर्थसहित शब्द को बतलाने के लिए जो शब्द अथवा वर्ण प्रयुक्त होता है, उसे प्रत्यय कहते हैंविभक्ति रहित मूल-शब्द को संस्कृत व्याकरण में प्रकृति कहा जाता हैयह प्रकृति दो प्रकार की होती है धातु … Read more

RBSE Class 8 Sanskrit व्याकरण उपसर्ग

RBSE Class 8 Sanskrit व्याकरण उपसर्ग Rajasthan Board RBSE Class 8 Sanskrit व्याकरण उपसर्ग उपसर्ग मूल धातुओं तथा शब्दों के पहले लगने वाले ऐसे शब्द या शब्दांश होते हैं, जिनके लगने से धातु या शब्द के अर्थ में परिवर्तन या विशेषता आ जाती है। जैसे-हार शब्द के पहले ‘प्र’ उपसर्ग लगाने से ‘प्रहार’ शब्द बनता … Read more