UP Board 10 Class Sanskrit Chapter 10 उपनिषत

UP Board 10 Class Sanskrit Chapter 10 उपनिषत उपनिषत – सुधा (पद्य – पीयूषम्) परिचय भारतवर्ष के वेद निर्विवाद रूप से विश्व-वाङमय में सर्वाधिक प्राचीन हैं। इन्हें अपौरुषेय और नित्य माना जाता है। यही कारण है कि इनके रचना-काल-निर्धारण के सन्दर्भ में भारतीय विचारक मौन हैं। सम्पूर्ण वैदिक वाङ्मय चार भागों-संहिता, ब्राह्मण, आरण्यक् और उपनिषद् … Read more

UP Board 10 Class Sanskrit Chapter 9 गीतामृतम्

UP Board 10 Class Sanskrit Chapter 9 गीतामृतम् गीतामृतम् (पद्य – पीयूषम्) परिचय समस्त उपनिषदों की सारभूत ‘श्रीमद्भगवद्गीता’ भारतीय दर्शन की अमूल्य निधि है। यह महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित अनुपम ग्रन्थ; ‘महाभारत’ जिसे पंचम वेद भी माना जाता है; के अन्तर्गत सात-सौ श्लोकों का संकलन है। श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया; निष्काम कर्म करने … Read more

UP Board 10 Class Sanskrit Chapter 8 सिद्धार्थस्य निर्वेदः

UP Board 10 Class Sanskrit Chapter 8 सिद्धार्थस्य निर्वेदः सिद्धार्थस्य निर्वेदः (पद्य – पीयूषम्) परिचय महाकवि अश्वघोष मूलत: बौद्ध दार्शनिक थे। बौद्ध भिक्षु होने के कारण इन्हें आर्य भदन्त भी कहा जाता है। ये कनिष्क के समकालीन और साकेत के निवासी थे। इनकी माता का नाम सुवर्णाक्षी था। अश्वघोष के दो महाकाव्यों—बुद्धचरितम् और सौन्दरनन्द के … Read more

UP Board 10 Class Sanskrit Chapter 7 विद्यार्थिचर्या

UP Board 10 Class Sanskrit Chapter 7 विद्यार्थिचर्या विद्यार्थिचर्या (पद्य – पीयूषम्) परिचय स्मृति-ग्रन्थों में जीवन की रीति-नीति, करणीय-अकरणीय कर्म, इनके औचित्य-अनौचित्य एवं विधि-दण्ड का विशेष रूप से वर्णन किया गया है। प्रमुख स्मृति-ग्रन्थों की संख्या अठारह मानी जाती है। इनमें जो सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण स्मृति-ग्रन्थ है, उसका नाम है-‘मनुस्मृति’। इसके रचयिता आदिपुरुष मनु को माना … Read more

UP Board 10 Class Sanskrit Chapter 6 नागाधीरजः

UP Board 10 Class Sanskrit Chapter 6 नागाधीरजः नागाधीरजः (पद्य – पीयूषम्) परिचय महाकवि कालिदास संस्कृत-साहित्य में ‘कविकुलगुरु’ की उपाधि से समलंकृत तथा विश्व के कवि-समाज में सुप्रतिष्ठित हैं। इनकी जन्मभूमि भारतवर्ष थी। इन्होंने निष्पक्ष होकर भारतभूमि व उसके प्रदेशों के वैशिष्ट्य का वर्णन किया है। इनके काव्यों व नाटकों में हिमालय से लेकर समुद्रतटपर्यन्त … Read more

UP Board 10 Class Sanskrit Chapter 5 क्षान्ति – सौख्यम्

UP Board 10 Class Sanskrit Chapter 5 क्षान्ति – सौख्यम् क्षान्ति – सौख्यम् (पद्य – पीयूषम्) परिचय प्रस्तुत पाठ महर्षि व्यास द्वारा प्रणीत महाभारत से संगृहीत है। धृतराष्ट्र के सारथी संजय को दिव्य-दृष्टि व्यास जी ने ही दी थी जिसके द्वारा उसने महाभारत के युद्ध का आँखों देखा वर्णन धृतराष्ट्र को सुनाया था। प्रस्तुत पाठ … Read more

UP Board 10 Class Sanskrit Chapter 4 सूक्ति – सुधा

UP Board 10 Class Sanskrit Chapter 4 सूक्ति – सुधा सूक्ति – सुधा (पद्य – पीयूषम्) परिचय प्रस्तुत पाठ के अन्तर्गत कुछ सूक्तियों का संकलन किया गया है। ‘सूक्ति’ का अर्थ ‘सुन्दर कथन है। सूक्तियाँ प्रत्येक देश और प्रत्येक काल में प्रत्येक मनुष्य के लिए समान रूप से उपयोगी होती हैं। जिस प्रकार सुन्दर वचन … Read more

UP Board 10 Class Sanskrit Chapter 3 वृक्षाणां चेतनत्वम्

UP Board 10 Class Sanskrit Chapter 3 वृक्षाणां चेतनत्वम् वृक्षाणां चेतनत्वम् (पद्य – पीयूषम्) परिचय प्रस्तुत पाठ महाभारत से संकलित है। ‘महाभारत’ एक वृहद्काय ग्रन्थ है। इसे पंचम वेद भी माना जाता है। इसकी रचना महर्षि वेदव्यास ने की थी। इस पाठ में दर्शाया गया है कि वृक्ष भी अन्य प्राणियों के समान सचेतन हैं … Read more

UP Board 10 Class Sanskrit Chapter 2 वर्षवैभवम्

UP Board 10 Class Sanskrit Chapter 2 वर्षवैभवम् वर्षवैभवम् (पद्य – पीयूषम्) परिचय प्रस्तुत पाठ महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित ‘रामायण’ के किष्किन्धाकाण्ड से संगृहीत है। रामायण में राम-कथा के प्रसंग में स्थान-स्थान पर बड़े ही सरस, स्वाभाविक प्रकृति-वर्णन उपलब्ध होते हैं। सीता-हरण के बाद उनको खोजते हुए राम और लक्ष्मण ऋष्यमूक पर्वत पर पहुँचते हैं। … Read more

UP Board Solutions for Class 10 Sanskrit Chapter 1 लक्ष्य-वेध-परीक्षा

UP Board Solutions for Class 10 Sanskrit Chapter 1 लक्ष्य-वेध-परीक्षा लक्ष्य-वेध-परीक्षा (पद्य – पीयूषम्) परिचय प्रस्तुत पाठ के ये श्लोक महाभारत (भण्डारकर संस्करण, पुणे) के आदिपर्व के 123वें अध्याय से संगृहीत किये गये हैं। महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित ‘महाभारत’ एक विशालकाय ग्रन्थ है। आचार्य द्रोण ने कौरवों और पाण्डवों को धनुर्विद्या की शिक्षा दी थी। … Read more