UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 4 शकुन्तलाया पतिगृहगमनम्

UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 4 शकुन्तलाया पतिगृहगमनम् (कथा – नाटक कौमुदी) UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 4 शकुन्तलाया पतिगृहगमनम् परिचय- संस्कृत वाङ्मय में कालिदास को महाकवि की पदवी प्राप्त है। निम्नलिखित श्लोक इस बात को सूचित करता है कि कालिदास के समान दूसरा कवि संस्कृत साहित्य में नहीं हुआ। पुरा … Read more

UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 3

UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 3 न गङ्गदतः पुनरेति कूपम् (कथा – नाटक कौमुदी) UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 3 न गङ्गदतः पुनरेति कूपम् पाठ-सारांश परिचय-संस्कृत साहित्य में कथा-लेखन की परम्परा अत्यधिक प्राचीन है। तत्कालीन समय में इन कथाओं की रचना का उद्देश्य धर्म, अर्थ एवं काम की प्राप्ति हुआ … Read more

UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 2 वत्सराजनिग्रहः

UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 2 वत्सराजनिग्रहः (कथा – नाटक कौमुदी) UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 2 वत्सराजनिग्रहः परिचय–महाकवि भास संस्कृत नाट्य-साहित्य में अपना अन्यतम स्थान रखते हैं। स्वयं महाकवि कालिदास ने उनकी प्रशंसा की है। श्री टी० गणपति शास्त्री द्वारा उनका समय ईसा पूर्व चतुर्थ. शताब्दी निश्चित किया गया … Read more

UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 1 गार्गी-याज्ञवल्क्यसंवादः

UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 1 गार्गी-याज्ञवल्क्यसंवादः (कथा – नाटक कौमुदी) UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 1 गार्गी-याज्ञवल्क्यसंवादः परिचय-उपनिषद् ग्रन्थ भारतीय मनीषा की आध्यात्मिक चेतना के प्रतीक हैं। वैदिक साहित्य का अन्तिम भाग होने के कारण इन्हें वेदान्त’ भी कहा जाता है। यद्यपि उपनिषदों की संख्या शताधिक है; किन्तु इनमें … Read more

UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 13

UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 13 आरोग्य-साधनानि (पद्य-पीयूषम्) UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 13 परिचय-भारतीय चिकित्सा विज्ञान के दो अमूल्य रत्न हैं-‘चरक-संहिता’ और ‘सुश्रुत-संहिता’। महर्षि चरक ने ईसा से 500 वर्ष पूर्व ‘अग्निवेश-संहिता’ नामक ग्रन्थ का प्रतिसंस्कार करके चरक-संहिता’ की रचना की थी। इसके 200 वर्ष पश्चात् अर्थात् ईसा से … Read more

UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 12

UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 12 यक्ष-युधिष्ठिर-संलाप  (पद्य-पीयूषम्) UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 12 परिचय–प्रस्तुत पाठ महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित ‘महाभारत’ के वनपर्व से संगृहीत है। इन , श्लोकों में यक्ष और युधिष्ठिर के संलाप द्वारा जीवन एवं जगत् के व्यावहारिक पक्ष की मार्मिक व्याख्या की गयी है। अपने … Read more

UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 11

UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 11 नीति-नवनीतम्  (पद्य-पीयूषम्) UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 11 परिचय–महर्षि वेदव्यास कृत महाभारत नामक विशाल ग्रन्थ विचारों का एक महान् कोश है। इसमें कौरव-पाण्डव-युद्ध की कथा के माध्यम से अनेक विषयों पर व्यापक महत्त्व के विचार व्यक्त किये गये हैं। महाभारत के प्रमुख पात्रों … Read more

UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 10

UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 10 क्रियाकारक-कतूहलम्  (पद्य-पीयूषम्) UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 10 परिचय-कोरक और क्रिया के सम्बन्ध से वाक्य का निर्माण होता है। अतः कारक और क्रिया-पदों के भली-भाँति ज्ञान से ही वाक्य का ज्ञान सम्भव है। वाक्य-रचना के समुचित ज्ञान से ही किसी भाषा को समझने एवं … Read more

UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 9

UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 9 पण्डितमूढयोर्लक्षणम्  (पद्य-पीयूषम्) UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 9 परिचय-भारतीय वाङमय में वेदों के पश्चात् प्राचीन और सर्वमान्य ग्रन्थों में वेदव्यास अथवा कृष्णद्वैपायन व्यास द्वारा रचित महाभारत का सर्वोच्च स्थान है। धार्मिक, राजनीतिक, व्यावहारिक, भौगोलिक, ऐतिहासिक तथा साहित्यिक दृष्टि से यह ग्रन्थ अत्यधिक गौरवपूर्ण है। … Read more

UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 8

UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter नारी-महिमा (पद्य-पीयूषम्) UP Board Solutions for Class 9 Sanskrit Chapter 8 परिचय-सामाजिक एवं व्यक्तिगत जीवन के विविध पक्षों पर प्रकाश डालने वाले ग्रन्थों को स्मृति कहते हैं। श्रुति’ से जिस प्रकार वेद, ब्राह्मण, आरण्यक् और उपनिषद् ग्रन्थों का बोध होता है; उसी प्रकार ‘स्मृति’ को ग्रन्थकारों ने … Read more