GSEB Std 9 Hindi Textbook Solutions Purak Vachan Chapter 1 विमान से छलाँग
GSEB Solutions Class 9 Hindi पूरक वाचन Chapter 1 विमान से छलाँग
विमान से छलाँग Summary in Hindi
विषय-प्रवेश :
विमान की उड़ान के दरमियान कभी-कभी ऐसे अवसर आते हैं जब चालक को विमान से सीधे नीचे कूदना पड़ता है। यह कार्य पैराशूट की सहायता से किया जाता है। इसके लिए पर्याप्त प्रशिक्षण के अलावा साहस और दृढ़ मनोबल भी होना आवश्यक है। प्रस्तुत पाठ में लेखक ने विमान से छलांग लगाने का बहुत सरल और सुन्दर वर्णन किया है।
पाठ का सार :
जरूरी बातें : पैराष्ट्रपर बनने के लिए तीन बातें बहुत जरूरी हैं – बहादुरी, तंदुरुस्ती और हिम्मत।
ग्राउंड ट्रेनिंग : पैराट्रपिंग के लिए पहले ग्राउंड ट्रेनिंग दी जाती है। इसमें ऊंचाई से जमीन पर कूदने का अभ्यास कराया जाता है। ट्रेनिंग के दरमियान पैराशूट के बारे में आवश्यक बातें बताई जाती हैं। धीरे-धीरे ऊँचाई का डर दूर होता जाता है और छलांग लगाने के लिए मानसिक तैयारी हो जाती है। यह प्रशिक्षण एक महीने का होता है।
फैन जंपिंग : ग्राउंड ट्रेनिंग के बाद फैन जंपिंग का नंबर आता है। इसमें ऊँचे प्लेटफार्म से कूदना होता है। इस बात का ध्यान रखना होता है कि जमीन पर उसी तरह लुढ़कना है जिस तरह सिखाया गया हो।
परीक्षा के दिन : परीक्षा के दिन लेखक और अन्य शिक्षार्थी विमान में बैठ गए। विमान उड़ते समय जमीन पर की चीजें छोटी होने लगी। सब काफी उत्तेजित थे। विमान निश्चित ऊंचाई पर पहुंच गया।
अब उन्हें कूदना था। लेखक पूरी हिम्मत के साथ विमान के दरवाजे के पास पहुंचा। उन्हें बाहर की तेज हवा महसूस हो रही थी। लेखक अपने पैराशूट और हेल्मेट आदि के साथ पूरी तरह तैयार था और ‘गो’ की आवाज़ का इन्तजार करने लगा।
‘गो’ की आवाज़ : ‘गो’ की आवाज़ के साथ लेखक कूद पड़ा। उसका दिल जोर से धड़क रहा था। वह तेजी से नीचे जा रहा था। धरती बड़ी अजीब दिख रही थी। उसने पैराशूट खोल दिया। वह बड़े मजे के साथ हवा में तैरने लगा।
पृथ्वी के करीब : लेखक धीरे-धीरे पृथ्वी के निकट आ रहा था, अब पृथ्वी पर चीजें बड़ी होती जा रही थीं। जब जमीन 8-9 मीटर रह गई तो उसने अपने पैर सीधे कर लिए और देखते-देखते वह जमीन पर उतर आया। प्रशिक्षक ने लेखक और साथियों को बधाई दी।
प्रश्नोत्तर
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर विस्तार से लिखिए :
प्रश्न 1.
विमान से छलांग लगाने की पूर्व तैयारी का वर्णन कीजिए।
उत्तर :
विमान से छलांग लगाने के लिए सभी प्रशिक्षणार्थी विमान में बैठ गए। विमान उन्हें लेकर ऊपर उठने लगा। उड़ते-उड़ते वह उस ऊँचाई पर पहुंच गया, जहाँ से प्रशिक्षणार्थियों को छलांग लगानी थी। वे सब पूरी हिम्मत के साथ विमान के दरवाजे के पास पहुंच गए। वे अपने पैराशूट, हेल्मेट आदि के साथ पूरी तरह तैयार थे। अब बस उन्हें ‘गो’ की आवाज़ का इन्तजार था। इस आवाज़ के साथ उन्हें एकदम कूदना था। उनका पूरा ध्यान उसी पर केन्द्रित था। इस प्रकार विमान से छलांग लगाने की पूर्व तैयारी हो गई थी।
प्रश्न 2.
पैरादूपर को छलांग लगाने के लिए कैसे तैयार किया जाता है?
उत्तर :
पैराट्रपर को विमान से छलांग लगाने का एक महीने तक प्रशिक्षण दिया जाता है। पहले ग्राउंड में ट्रेनिंग दी जाती है। इस दरमियान पैराशूट के बारे में जानकारी दी जाती है। इसके बाद कैचे प्लेटफार्म से कूदने का अभ्यास कराया जाता है। इसे ‘फैन’ जंप कहते हैं। यह सब सीखते-सीखते प्रशिक्षणार्थी का ऊपर से कूदने का डर कम होता जाता है। इस एक महीने की ट्रेनिंग के आद प्रशिक्षणार्थों का मनोबल पर्याप्त बढ़ जाता है। इस प्रकार पैराष्ट्रपर को छलांग लगाने के लिए तैयार किया जाता है।