MP 10TH Sanskrit

MP Board Class 10th Sanskrit व्याकरण धातु रूप-प्रकरण

MP Board Class 10th Sanskrit व्याकरण धातु रूप-प्रकरण

MP Board Class 10th Sanskrit व्याकरण धातु रूप-प्रकरण

क्रिया-जिसके द्वारा किसी कार्य का करना अथवा होना पाया जाता है, उसे क्रिया कहते हैं। प्रयोग के अनुसार क्रियाओं में परिवर्तन होने से पहले क्रिया का जो मूल रूप होता है, उसे संस्कृत में ‘धातु’ कहते हैं।

जैसे-

‘रामः मन्दिरं गच्छति’
(राम मन्दिर जाता है।)

इस वाक्य में ‘गच्छति’ (जाता है) क्रिया के द्वारा जाने का कार्य हो रहा है, अतः ‘गच्छति’ क्रिया है। यह गम्’ मूल धातु से बनी है। अतः इसमें ‘गम्’ धातु है।
पद-क्रियाओं के रूप चलने के क्रम को पद कहते हैं। पद दो होते हैं-
१. परस्मैपद,
२. आत्मनेपद,

पद के अनुसार धातु भेद-पद के अनुसार धातुएँ तीन प्रकार की होती हैं-
१. परस्मैपदी,
२. आत्मनेपदी,
३. उभयपदी।

प्रत्येक क्रिया किसी न किसी समय में सम्पन्न होती है। अतः इस समय को सूचित करने के लिए संस्कृत में दस लकार होते हैं। यहाँ पाठयक्रम में पाँच लकारों के रूप दिये जा रहे हैं-
१. लट्लकार – वर्तमान काल।
२. लुट्लकार – भविष्यकाल।
३. लङ्लकार – भूतकाल।
४. लोट्लकार – आज्ञा-सूचक।
५. विधिलिङ्लकार – इच्छार्थक – चाहिए अर्थ में।

♦ I. परस्मैपदी

१. “भू” (भव्) होना

२. गम् (गच्छ) जाना

३. दृश् (पश्य) देखना

 

४. पच् (पकाना)

५. पा (पिब्) पीना

♦ II. आत्मनेपदी

६. लभ् (पाना)

७. सेव (सेवा करना)

८. वृध् (बढ़ना)


९. वृत् (होना)


♦ III. अभयपदी

लङ्लकार

लुट्लकार

लोट्लकार

विधिलिङ्लकार
MP Board Class 10th Sanskrit व्याकरण धातु रूप-प्रकरण img 23

११. ह् (हरना)

लट्लकार

लङ्लकार

लङ्लकार
MP Board Class 10th Sanskrit व्याकरण धातु रूप-प्रकरण img 26

लोट्लकार
MP Board Class 10th Sanskrit व्याकरण धातु रूप-प्रकरण img 27

विधिलिङ्लकार
MP Board Class 10th Sanskrit व्याकरण धातु रूप-प्रकरण img 28

१२. याच् (माँगना)

लट्लकार

ललकार
MP Board Class 10th Sanskrit व्याकरण धातु रूप-प्रकरण img 30

लुट्लकार
MP Board Class 10th Sanskrit व्याकरण धातु रूप-प्रकरण img 31

लोट्लकार

विधिलिङ्लकार
MP Board Class 10th Sanskrit व्याकरण धातु रूप-प्रकरण img 33

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहु-विकल्पीय

प्रश्न १. ‘भवति’ रूप बनता है
(अ) प्रथम पुरुष – द्विवचन,
(ब) प्रथम पुरुष – एकवचन,
(स) प्रथम पुरुष – बहुवचन,
(द) मध्यम पुरुष – एकवचन।
उत्तर-
(ब) प्रथम पुरुष – एकवचन,

२. ‘भू’ धातु, लृट् लकार, प्रथम पुरुष, बहुवचन का रूप
(अ) भवन्ति,
(ब) भविष्यामि,
(स) भविष्यामः,
(द) भविष्यन्ति।
उत्तर-
(द) भविष्यन्ति।

३. ‘गम्’ धातु, लङ्लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन का रूप
(अ) अगच्छत्,
(स) अगच्छः
(ब) अगच्छम्,
(द) अगच्छत।
उत्तर-
(अ) अगच्छत्,

४. ‘दृश्’ धातु का ‘द्रक्ष्यति’ रूप किस प्रकार का है?
(अ) लट्,
(ब) लङ्,
(स) लृट,
(द) लोट।
उत्तर-
(स) लृट,

५. ‘पिबन्ति’ रूप ‘पा’ धातु के किस पुरुष, से बनता है?
(अ) प्रथम,
(ब) मध्यम,
(स) उत्तम,
(द) अधम।
उत्तर-
(अ) प्रथम,

रिक्त स्थान पूर्ति
१. ‘भू’ धातु, लङ् लकार, उत्तम पुरुष, एकवचन का रूप ………………………………… है।
२. ‘गम्’ धातु, लृट् लकार, मध्यम पुरुष, बहुवचन का रूप ………………………………… है।
३. ‘दृश्’ धातु, लट् लकार, उत्तम पुरुष, द्विवचन का रूप ………………………………… है।
४. ‘पचेत्’ रूप ………………………………… लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन का रूप ………………………………… है।
५. ‘द्रक्ष्यति’ रूप लट् लकार, प्रथम पुरुष, ………………………………… वचन का रूप है।
उत्तर-
१. अभवम्,
२. गमिष्यथ,
३. पश्यावः,
४. विधिलिङ्,
५. एक।

सत्य/असत्य
१. ‘भवामि’ रूप लृट् लकार का है।
२. ‘गमिष्यामि’ रूप मध्यम पुरुष में बनता है।
३. ‘द्रक्ष्यति’ रूप लृट् लकार में बनता है।
४. ‘पचेत्’ रूप विधिलिङ् लकार प्रथम पुरुष का है।
५. ‘पा’ धातु, लट्लकार, उत्तम पुरुष, बहुवचन का रूप पचामः
उत्तर-
१. असत्य,
२. असत्य,
३. सत्य,
४. सत्य,
५. सत्य।

जोड़ी मिलाइए

उत्तर-
१. → (iv)
२. → (i)
३. → (v)
४. → (ii)
५. → (iii)

Best Deals on Laptops>>>

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *