PSEB 9th Class Hindi Grammar उपसर्ग
PSEB 9th Class Hindi Vyakaran उपसर्ग
प्रश्न 1.
उपसर्ग किसे कहते हैं?
उत्तर:
उपसर्ग उस शब्दांश को कहते हैं जो किसी शब्द के शुरू में लगकर विशेष अर्थ प्रकट करता है और उस शब्द का अर्थ ही बदल देता है ; जैसे-‘कर्म’ शब्द का अर्थ है कार्य अथवा काम। इस कर्म से पहले ‘सु’ और ‘कु’ लगाने से नए शब्द बनते हैं-सु + कर्म = सुकर्म तथा कु + कर्म = कुकर्म ! यहाँ ‘सु’ और ‘कु’ लगने से नए शब्द सुकर्म और कुकर्म बनें जिनके अर्थ भी बदल गए हैं। सुकर्म का अर्थ अच्छे कार्य तथा कुकर्म का अर्थ बुरे कार्य हैं। यहाँ ‘सु’ और ‘कु’ उपसर्ग हैं।
प्रश्न 2.
उपसर्ग की परिभाषा दीजिए।
उत्तर:
जो शब्दांश किसी शब्द के पहले जुड़कर नया शब्द बनाते हैं और उसके अर्थ में भी परिवर्तन हो जाता है, उसे उपसर्ग कहते हैं।
प्रश्न 3.
उपसर्ग कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर:
हिंदी में उपसर्ग चार प्रकार के होते हैं:
- तत्सम अथवा संस्कृत के उपसर्ग
- संस्कृत अव्यय जो उपसर्ग की तरह प्रयोग होते हैं
- तद्भव अर्थात् हिंदी के उपसर्ग और
- विदेशी भाषाओं उर्दू, फारसी, अंग्रेज़ी से आए हिंदी में प्रचलित उपसर्ग।
(क) तत्सम उपसर्ग/संस्कृत के उपसर्ग जो उपसर्ग संस्कृत से हिंदी में आए हैं और अभी भी तत्सम रूप में ही प्रयुक्त किए जाते हैं, उन्हें तत्सम उपसर्ग कहते हैं।
| उपसग | अर्थ | उपसर्ग + मूल शब्द = शब्द रूप |
| 1. अति | अधिक, ऊपर, उस पार | अति + रिक्त = अतिरिक्त, अति + आचार = अत्याचार, अति + शय = अतिशय, अति + क्रमण = अतिक्रमण, अति + सार = अतिसार, अति + काल = अतिकाल, अति + अधिक = अत्यधिक, अति + अंत = अत्यंत, अति + उत्तम = अत्युत्तम। |
| 2. अधि | श्रेष्ठ, ऊपर, समीपता | अधि + आत्म = अध्यात्म, अधि + पति = अधिपति, अधि + कार = अधिकार, अधि + भार = अधिभार, अधि + नायक = अधिनायक, अधि + कृत = अधिकृत, अधि + राज = अधिराज, अधि + अयन = अध्ययन, अधि + आदेश = अध्यादेश, अधि + ईश = अधीश, अधि + करण = अधिकरण, अधि + अक्ष = अध्यक्ष। |
| 3. अनु | अर्थ पीछे, समान, क्रम, पश्चात्, समानता | अनु + करण = अनुकरण, अनु + शासन = अनुशासन, अनु + चर = अनुचर, अनु + रोध = अनुरोध, अनु + सार = अनुसार, अनु + ग्रह = अनुग्रह, अनु + क्रम = अनुक्रम, अनु + शीलन = अनुशीलन, अनु + गामी = अनुगामी, अनु + वाद = अनुवाद, अनु + राग = अनुराग, अनु + ज = अनुज। |
| 4. अप | बुरा, अनुचित, हीनता, विपरीत, अभाव, लघुता | अप + यश = अपयश, अप + शब्द = अपशब्द, अप + कीर्ति = अपकीर्ति, अप + वाद = अपवाद, अप + हरण = अपहरण, अप + कार = अपकार, अप + कर्ष = अपकर्ष, अप + व्यय = अपव्यय। |
| 5. अभि | निकट, समीप, ओर, अधिकता | अभि + मान = अभिमान, अभि + भावक = अभिभावक, अभि + नेता = अभिनेता, अभि + यान = अभियान, अभि + शाप = अभिशाप, अभि + आगत = अभ्यागत, अभि + इष्ट = अभीष्ट, अभि + उदय = अभ्युदय, अभि + नव = अभिनव, अभि + मुख = अभिमुख, अभि + योग = अभियोग, अभि + प्राय = अभिप्राय। |
| 6. अव | बुरा, नीचे, हीन, पतन, अनादर | अव + शेष = अवशेष, अव + गुण = अवगुण, अव + नति = अवनति, अव + हेलना = अवहेलना, अव + गत = अवगत, अव + तार = अवतार, अव + लोकन = अवलोकन, अव + रोहण = अवरोहन, अव + गति = अवगति, अव + नत = अवनत। |
| 7. आ | तक, समेत, सीमा, कमी, सीमा | आ + रक्त = आरक्त, आ + कर्षण = आकर्षण, आ + दान = आदान, आ + चरण = आचरण, आ + जीवन = आजीवन, आ + मरण = आमरण, आ + रोहण = आरोहण, आ + गमन = आगमन, आ + ग्रह = आग्रह, आ + कृति = आकृति, आ + क्रमण = आक्रमण। |
| 8. उत् / उद्। | ऊँचा, श्रेष्ठ, ऊपर, उत्कर्ष, उच्चता | उत् + कंठा = उत्कंठा, उत् + पाद = उत्पाद, उत् + थान = उत्थान, उत् + खनन = उत्खनन, उत् + साह = उत्साहे, उत् + कर्ष = उत्कर्ष, उत् + पत्ति = उत्पत्ति, उत् + तम = उत्तम, उत् + गार = उद्गार, उत् + गम = उद्गम, उत् + धार = उद्धार, उत् + चरण = उच्चरण, उत् + लेख = उल्लेख, उत् + घाटन = उद्घाटन, उत् + भव = उद्भव, उत् + लंघन = उल्लंघन। |
| 9. उप | निकट, समान, गौण, सहायक, सुदृढ़ | उप + कार = उपकार, उप + ग्रह = उपग्रह, उप + चार = उपचार, उप + वन = उपवन, उप + नाम = उपनाम, उप + स्थित = उपस्थित, उप + भेद = उपभेद, उप + करण = उपकरण, उप + संहार = उपसंहार, उप + देश = उपदेश, उप + निवेश = उपनिवेश। |
| 10. दुर / दुस् / दुष | बुरा, कठिन | दुर् + दशा = दुर्दशा, दुर् + लभ = दुर्लभ, दुर् + आचार = दुराचार, दुर् + गम = दुर्गम, दुर् + गति = दुर्गति, दुर् + गुण = दुर्गुण, दुर् + भाग्य = दुर्भाग्य, दुस् + साध्य = दुस्साध्य, दुस् + साहस = दुस्साहस, दुर् + घटना = दुर्घटना, दुर् + नीति = दुर्नीति, दुस् + शासन = दुश्शासन। |
| 11. निर् / निस् | रहित, निषेध, नहीं, बिना | निर् + अपराध = निरपराध, निर् + विघ्न = निर्विघ्न, निर् + आदर = निरादर, निर् + गुण = निर्गुण, निस् + फल = निष्फल, निस् + छल = निश्छल, निस् + चय = निश्चय, | निस् + सार = निस्सार, निस् + सहाय = निस्सहाय, निर् + करण = निराकरण, निर् + मल = निर्मल, निर् + दोष = निर्दोष, निर् + जीव = निर्जीव, निस् + संदेह = निस्संदेह। |
| 12. नि | नीचे, भीतर, निपुणता, बाहर | नि + पात = निपात, नि + बंध = निबंध, नि + युक्त = नियुक्त, नि + युक्ति = नियुक्ति, नि + यम = नियम, नि + वास = निवास, नि + मग्न = निमग्न, नि + रोध = निरोध, नि + रूपण = निरूपण, नि + दान = निदान। |
| 13. परा | अधिक, विपरीत, नाश, अनादर | परा + जय = पराजय, परा + क्रम = पराक्रम, परा + मर्श = परामर्श, परा + अस्त = परास्त, परा + काष्ठा = पराकाष्ठा, परा + शक्ति = पराशक्ति। |
| 14. परि | अधिक, चारों ओर | परि + जन = परिजन, परि + पूर्ण = परिपूर्ण, परि + चालक = परिचालक, परि + भ्रमण = परिभ्रमण, परि + कल्पना = परिकल्पना, परि + दर्शन = परिदर्शन, परि + वर्तन = परिवर्तन, परि + वेश = परिवेश, परि + चर्या = परिचर्या, परि+ श्रम = परिश्रम, परि + सर = परिसर, परि + धान = परिधान, परि + भाषा = परिभाषा, परि + ईक्षा = परीक्षा, परि + आवरण = पर्यावरण। |
| 15. प्र | अधिक, आगे, ऊपर, यश | प्र + सन्न = प्रसन्न, प्र + ताप = प्रताप, प्र + सिद्ध = प्रसिद्ध, प्र + क्रिया = प्रक्रिया, प्र + वाह = प्रवाह, प्र + यत्न = प्रयत्न, प्र + तिष्ठा = प्रतिष्ठा, प्र + योग = प्रयोग, प्र + दूषण = प्रदूषण, प्र + चार = प्रचार, प्र + दत्त = प्रदत्त। |
| 16. प्रति | हरेक, सामने, विरोध | प्रति + एक = प्रत्येक, प्रति + निधि = प्रतिनिधि, प्रति + कार = प्रतिकार, प्रति + उपकार = प्रत्युपकार, प्रति + वादी = प्रतिवादी, प्रति + क्षण = प्रतिक्षण, प्रति + ध्वनि = प्रतिध्वनि, प्रति + कार = प्रतिकार, प्रति + शत = प्रतिशत, प्रति + वर्ष = प्रतिवर्ष, प्रति + अक्ष = प्रत्यक्ष। |
| 17. वि | विरोध, विशेषता, अभाव, हीनता | भिन्नता, वि + पक्ष = विपक्ष, वि + कास = विकास, वि + ज्ञान = विज्ञान, वि + कार = विकार, वि + राम = विराम, वि + नय = विनय, वि + नाश = विनाश, वि + राम = विराम, वि + जय = विजय, वि + देश = विदेश, वि + क्रय = विक्रय, वि + मुख = विमुख, वि + भाग = विभाग, वि + फल = विफल, वि + चित्र = विचित्र, वि + भिन्न = विभिन्न, वि + योग = वियोग। |
| 18. सम् | अच्छा, संयोग, सहित | सम् + कल्प = संकल्प, सम् + चय = संचय, सम् + तोष = संतोष, सम् + पूर्ण = संपूर्ण, सम् + मति = सम्मति, सम् + सार = संसार, सम् + वाद = संवाद, सम् + तोष = संतोष। सम् + पत्ति = संपत्ति, सम + पूर्ण = संपूर्ण। |
| 19. सु | सहज, अच्छा | सु + पुत्र = सुपुत्र, सु + कवि = सुकवि, सु + जन = सुजन, सु + आगत = स्वागत, सु + वास = सुवास, सु + कन्या = सुकन्या, सु + कुमार = सुकुमार, सु + योग्य = सुयोग्य, सु + चेता = सुचेता। |
विशेष:
संस्कृत में कभी-कभी एक से अधिक उपसर्गों का प्रयोग भी किया जाता है ; जैसे-
1. सु + वि + ख्यात = सुविख्यात
2. निर् + अप + राध = निरपराध
3. वि + आ + करण = व्याकरण
4. सम + आ + लोचना = समालोचना
प्रश्न 1.
अव्यय किसे कहते हैं? ये कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर:
जिन शब्दों का लिंग, वचन, कारक, काल आदि के कारण कोई परिवर्तन या विकार नहीं होता उन्हें अव्यय या अविकारी शब्द कहते हैं; जैसे-आज, कल, अहा !, ओ !, हाय !, और, तथा, यहाँ, के ऊपर, की ओर आदि।
अव्यय पाँच प्रकार के होते हैं-क्रिया विशेषण, समुच्चयबोधक, संबंधबोधक, विस्मयादिबोधक और निपात। संस्कृत के कुछ अव्यय भी उपसर्गों की तरह प्रयोग में लाए जाते हैं।
(ख) उपसर्ग की तरह प्रयुक्त किए जाने वाले संस्कृत अव्यय




तद्भव उपसर्ग / हिंदी के उपसर्ग
| उपसग | अर्थ | उपसर्ग + मूल शब्द = शब्द रूप |
| 1. अ | अभाव, निषेध | अ + चेत = अचेत, अ + जर = अजर, अ + मर = अमर, अ + टल = अटल, अ + मोल = अमोल, अ + थाह = अथाह, अ + पढ़ = अपढ़, अ + जान = अजान, अ + ज्ञान = अज्ञान, अ + शांत = अशांत। |
| 2. अध | आधा | अध + खिला = अधखिला, अध + मरा = अधमरा, अध + खाया = अधखाया, अध + पका = अधपका, अध + जल = अधजल, अध + बीच = अधबीच। |
| 3. अन | अभाव, निषेध | अन + जाना = अनजाना, अन + पढ़ = अनपढ़, अन + होनी = अनहोनी, अन + देखा = अनदेखा, अन + जान = अनजान, अन + बन = अनबन। |
| 4. उन | एक कम | उन + सठ = उनसठ, उन + तीस = उनतीस, उन + चालीस = उनचालीस, उन + अस्सी = उनासी, उन + पचास = उनचास, उन + साठ = उनसठ। |
| 5. औ/ अव | हीनता, निषेध | औ + घट = औघट, औ + गुण = औगुन, अव + गुण = अवगुण, अव + हठ = अवहठ, औ + सर = औसर।। |
| 6. कु, क | बुरा, हीनता | कु + पात्र = कुपात्र, कु + घड़ी = कुघड़ी, कु + चाल = कुचाल, क + पूत = कपूत, कु + पुत्र = कुपुत्र, कु + मार्ग = कुमार्ग, कु + ढंग = कुढंग, कु + चक्र = कुचक्र, कु + कर्म = कुकर्म। |
| 7. दु | बुरा, हीन, दो | दु + बला = दुबला, दु + काल = दुकाल, दु + रंगा = दुरंगा, दु + साध = दुसाध, दु + नीति = दुनीति, दु + साध्य = दुसाध्य। |
| 8. चौ | चार | उपसर्ग + मूलशब्द = शब्द रूप चौ + खट = चौखट, चौ + पाई = चौपाई, चौ + गुना = चौगुना, चौ + राहा = चौराहा, चौ + मंज़िला = चौमंजिला, चौ + कन्ना = चौकन्ना, चौ + मासा = चौमासा। |
| 9. नि | रहित, नहीं | नि + डर = निडर, नि + पूता = निपूता, नि + हत्था = निहत्था, नि + कम्मा = निकम्मा। |
| 10. बिन | अभाव, निषेध | बिन + देखा = बिनदेखा, बिन + पानी = बिनपानी, बिन + माँगे = बिनमाँगे, बिन + खाया = बिनखाया, बिन + ब्याहा = बिनब्याहा, बिन + चाहे = बिनचाहे, बिन + खिला = बिनखिला, बिन + जाने = बिनजाने। |
| 11. भर | पूरा, ठीक | भर + पेट = भरपेट, भर + मार = भरमार, भर + पूर = भरपूर, भर + पाई = भरपाई, भर + सक = भरसक। |
| 12. सु /स | अच्छा, सहित | सु + पात्र = सुपात्र, स + पूत = सपूत, सु + गंध = सुगंध, सु + फल = सुफल, सु + रूप = सुरूप, सु + घड़ = सुघड़, स + हित = सहित, स + जग = सजग, स + गोत्र = सगोत्र, स + रस = सरस, स + हित = सहित। |
| 13. औ | हीनता, निषेध | औ + गुन = औगुन, औ + सर = औसर, औ + घट = औघट। |
| 14. पर | अन्य पीढ़ी का | पर + दादा = परदादा, पर + नाना = परनाना, पर + दादी = परदादी। |
(ग) उर्दू के उपसर्ग
| उपसग | अर्थ | उपसर्ग + मूल शब्द = शब्द रूप |
| 1. अल | निश्चित | उपसर्ग + मूलशब्द = शब्द रूप अल + बत्ता = अलबत्ता, अल + बेला = अलबेला, अल + ग़रज = अलग़रज, अल + सुबह = अलसुबह, अल + मस्त = अलमस्त। |
| 2. कम | थोड़ा | कम + ज़ोर = कमज़ोर, कम + बख्त = कमबख्त, कम + उम्र = कमउम्र, कम + अक्ल = कमअक्ल, कम + सिन = कमसिन। |
| 3. खुश | अच्छा | खुश + दिल = खुशदिल, खुश + नसीब = खुशनसीब, खुश + मिज़ाज = खुशमिज़ाज, खुश + किस्मत = खुशकिस्मत, खुश + हाल = खुशहाल, खुश + ख्याली = खुशख्याली, खुश + बू = खुशबू। |
| 4. गैर | निषेध, भिन्न, बिना | गैर + ज़रूरी = गैरज़रूरी, गैर + हाज़िर = गैरहाज़िर, गैर + ज़िम्मेदार = गैरजिम्मेदार, गैर + सरकारी = गैरसरकारी, . गैर + रस्मी = गैररस्मी। |
| 5. दर | में | दर + कार = दरकार, दर + असल = दरअसल, दर + मियान = दरमियान, दर + किनार = दरकिनार, दर + हकीकत = दरहकीकत। |
| 6. ना | अभाव | ना + मुमकिन = नामुमकिन, ना + पसंद = नापसंद, ना + राज़ = नाराज़, ना + लायक = नालायक, ना + चीज़ = नाचीज़, ना + समझ = नासमझ, ना + उम्मीद = नाउम्मीद, ना + कारा = नाकारा, ना + काफी = नाकाफी, ना + काबिल = नाकाबिल। |
| 7. ब | अनुसार, के साथ | ब + दौलत = बदौलत, ब + नाम = बनाम, ब + खूबी = बखूबी, ब + खैरियत = बखैरियत, ब + गैर = बगैर। |
| 8. बद. | बुरा | बद + इंतज़ामी = बदइंतज़ामी, बद + किस्मत = बदकिस्मत, बद + दुआ = बददुआ, बद + तमीज़ = बदतमीज़, बद + नाम = बदनाम, बद + चलन = बदचलन, बद + बू = बदबू, बद + सूरत = बदसूरत। |
| 9. बा | साथ, अनुसार | बा + असर = बाअसर, बा + क़ायदा = बाक़ायदा, बा + अदब = बाअदब, बा + इज्जत = बाइज्जत, बा + ज़ब्ता = बाज़ब्ता, बा + वजूद = बावजूद। |
| 10. बे | बिना, बगैर | बे + आसरा = बेआसरा, बे + क़दर = बेक़दर, बे + अदब = बेअदब, बे + ग़रज = बेग़रज, बे + ऐब = बेऐब, बे + काम = बेकाम, बे + वफ़ा = बेवफ़ा, बे + अक्ल = बेअक्ल, बे + दाग़ = बेदाग़, बे + काम = बेकाम, बे + कसूर = बेकसूर, बे + लगाम = बेलगाम, बे + वजह = बेवजह। |
| 11. बिला | बिना, बगैर | बिला + कसूर = बिलाकसूर, बिला + वजह = बिलावजह, बिला + लिहाज़ = बिलालिहाज़, बिला + नागा = बिलानागा। |
| 12. ला | बिना, नहीं | ला + जवाब = लाजवाब, ला + परवाह = लापरवाह, ला + इलाज = लाइलाज, ला + वारिस = लावारिस, ला + चार = लाचार, ला + पता = लापता। |
| 13. सर | मुख्य | सर + कार = सरकार, सर + पंच = सरपंच, सर + ताज़ = सरताज़, सर + हद = सरहद, सर + फ़रोश = सरफ़रोश, सर + गना = सरगना। |
| 14. हम | साथ, समान | हम + वतन = हमवतन, हम + साया = हमसाया, हम + शक्ल = हमशक्ल, हम + राही = हमराही, हम + जुल्फ़ = हमजुल्फ़, हम + उम्र = हमउम्र, हम + राज़ = हमराज़, हम + जोली = हमजोली, हम + सफ़र = हमसफ़र। |
| 15. हर | प्रत्येक | हर + पल = हरपल, हर + दिल = हरदिल, हर + दम = हरदम, हर + साल = हरसाल, हर + रोज़ = हररोज़, हर + घड़ी = हरघड़ी, हर + दिन = हरदिन, हर + हाल = हरहाल। |
निम्नलिखित शब्दों में से मूल शब्द व उपसर्ग अलग-अलग करके लिखिए।

एक वाक्य में उत्तर दीजिए
प्रश्न 1.
उपसर्ग किसे कहते हैं?
उत्तर:
किसी शब्द से पहले जो शब्दांश जुड़कर उसके अर्थ को बदल देता है या उसमें बदलाव उत्पन्न कर देता है, उसे उपसर्ग कहते हैं।
प्रश्न 2.
हिंदी में उपसर्ग कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर:
हिंदी में उपसर्ग चार प्रकार के होते हैं।
प्रश्न 3.
हिंदी के उपसर्गों के प्रकार लिखिए।
उत्तर:
- संस्कृत के उपसर्ग
- हिंदी के उपसर्ग
- विदेशी भाषाओं के उपसर्ग
- उपसर्ग की तरह प्रयुक्त होने वाले संस्कृत अव्यय।
प्रश्न 4.
तत्सम उपसर्ग किसे कहते हैं?
उत्तर:
संस्कृत से हिंदी में आए वे उपसर्ग जो तत्सम रूप में प्रयुक्त किए जाते हैं उन्हें तत्सम उपसर्ग कहते हैं।
प्रश्न 5.
तत्सम उपसर्ग के चार उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
अति, अव, आ, उप, अनु, दुर, अभि, अप, प्र, प्रति।
प्रश्न 6.
उपसर्ग की तरह प्रयुक्त किए जाने वाले संस्कृत अव्यय के उदाहरण लिखिए।
उत्तर:
अंतर, अ, अध, कु, अलम् पुनर्, सह, सत्, चिर।
प्रश्न 7.
हिंदी के उपसर्गों के उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
अ, अध, अन, उन, अव, दु, कु, चौ, नि, भर, सु।
प्रश्न 8.
उर्दू के उपसर्गों के उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
कम, अल, बिला, बे, बा, दर, ना, बद्, गैर, खुश, हर, हम।
प्रश्न 9.
खुश, न, सर, हम, हर और कम उपसर्ग किस भाषा से संबंधित हैं?
उत्तर:
ये सभी उर्दू के उपसर्गों से संबंधित हैं।
एक शब्द में उत्तर दीयिजए
प्रश्न 1.
उपसर्ग किसी शब्द में क्या परिवर्तन कर देता है?
उत्तर:
अर्थ।
प्रश्न 2.
उपसर्ग कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर:
चार।
प्रश्न 3.
‘अधि’ उपसर्ग अर्थ को क्या प्रदान करता है?
उत्तर:
श्रेष्ठता।
प्रश्न 4.
‘अनु’ उपसर्ग अर्थ को क्या अर्थ देती है?
उत्तर:
समानता।
प्रश्न 5.
‘उत्’ उपसर्ग अर्थ को क्या प्रदान करती है?
उत्तर:
उच्चता/श्रेष्ठता/उत्कृष्टता।
प्रश्न 6.
‘गैर’ उपसर्ग किस भाषा से संबंधित है?
उत्तर:
उर्दू।
प्रश्न 7.
‘बे’ उपसर्ग किस अर्थ को प्रदान करता है?
उत्तर:
बिना/बगैर।
प्रश्न 8.
‘प्रत्यारोपण’ में किस उपसर्ग का प्रयोग किया गया है
उत्तर:
प्रति।
प्रश्न 9.
‘अधपका’ शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग को लिखिए।
उत्तर:
अध।
हाँ/नहीं में उत्तर दीजिए
प्रश्न 1.
‘चौराह’ में ‘चो’ उपसर्ग का प्रयोग किया गया है।
उत्तर:
नहीं।
प्रश्न 2.
‘कपूत’ में ‘कपू’ उपसर्ग का प्रयोग किया गया है।
उत्तर:
नहीं।
प्रश्न 3.
‘चिरस्मरणीय’ में चिर उपसर्ग का प्रयोग है।
उत्तर:
हाँ।
प्रश्न 4.
‘सच्चरित्र’ शब्द में सत् उपसर्ग का प्रयोग है।
उत्तर:
हाँ।
प्रश्न 5.
‘तिरोहित’ शब्द में तिर उपसर्ग है।
उत्तर:
हाँ।
प्रश्न 6.
‘स्वयंभू’ शब्द में ‘स्व’ उपसर्ग है।
उत्तर:
नहीं।
प्रश्न 7.
‘परदादा’ शब्द में पर उपसर्ग का प्रयोग किया गया है।
उत्तर:
हाँ।
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
प्रश्न 1.
उपसर्ग किसी शब्द के ……….. लगकर विशेष अर्थ को प्रकट करता है।
उत्तर:
आगे/शुरू में।
प्रश्न 2.
उपसर्ग के प्रयोग से शब्दांश का ……….. बदल जाता है।
उत्तर:
अर्थ।
प्रश्न 3.
उपसर्ग …………. प्रकार के होते हैं।
उत्तर:
चार।
प्रश्न 4.
संस्कृत से हिंदी में आने वाले रूपों को ………. उपसर्ग कहते हैं।
उत्तर:
तत्सम।
प्रश्न 5.
‘उन’ उपसर्ग ……….. अर्थ को व्यक्त करता है।
उत्तर:
एक कम।