PSEB Solutions for Class 10 Computer Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग

PSEB Solutions for Class 10 Computer Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग

PSEB 10th Class Computer Solutions Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग

PSEB 10th Class Computer Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग

जान पहचान
डाक्यूमैंट प्रिंट करने की प्रक्रिया को पब्लिश करना कहते हैं। यह कार्य एक प्रिंटर तथा प्रेस की मदद से किया जा सकता है। आजकल यह सारा कार्य कम्प्यूटर की मदद से किया जाता है।

डैस्कटॉप पब्लिशिंग
डैस्कटॉप पब्लिशिंग प्रोग्राम का इस्तेमाल किताबें, मैगज़ीन, समाचार-पत्र, फलाइर, फलिट और अन्य किस्म के प्रिंटिड डाक्यूमैंट तैयार करने के लिए किया जा सकता है। वर्ड प्रोसैसिंग प्रोग्राम जैसे कि माइक्रोसाफ्ट वर्ड का इस्तेमाल बेसिक डैस्कटॉप पब्लिशिंग के काम करने के लिए किया जाता है। संपूर्ण डैस्कटॉप पब्लिशिंग में, टाइप सैटिंग (फौंट और टैक्सट ले-आउट को चुनना) ग्राफिक डिज़ाइन, पेज ले-ऑउट (जिसका मतलब है यह सब पेज पर कैसे फिट होगा) और डाक्यूमैंट को प्रिंट करना शामिल होता है। डैस्कटॉप पब्लिशिंग के लिए हमें एक कंप्यूटर, मोनीटर, प्रिंटर और ऐसे साफ्टवेयर की ज़रूरत होती है जो कि प्रिंट होने योग्य डाक्यूमैंट तैयार कर सकता हो।

डी0 टी० पी० की परिभाषा
डैस्कटॉप पब्लिशिंग वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा हम कंप्यूटर और कुछ खास तरह के साफ्टवेयर का प्रयोग करते हुए टैक्सट, तस्वीरों के आर्टवर्क को इकट्ठा करके पूरी तरह से प्रिंट करने या विजुअली (देखने योग्य) इस्तेमाल करने के लिए फारमैटिड डाक्यूमैंट तैयार कर सकते हैं।

डी० टी० पी० विजूअल संचार
डी० टी० पी० द्वारा हम अपने घर, व्यापार, दुकान-शिक्षा आदि से संबंधित कार्यों का संचार ढंग से कर सकते हैं। डी० टी० पी० द्वारा अपने कार्य को विजूअल माध्यम से बढ़िया ढंग से पेश किया जा सकता है।

डैस्कटॉप पब्लिशिंग का आधुनिकीकरण डैस्कटॉप पब्लिशिंग प्रिंट ओनली ऐपलीकेशनों से बहुत आगे निकल चुका है। डैस्कटॉप पब्लिशिंग हार्डवेयर और साफ्टवेयर का प्रयोग वैब पेज़ डिजाइनिंग करने और बनाने में किया जा रहा है। इस काम में, कंटैंट सिर्फ दिखाई देते हैं न कि प्रिंटिंग के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं। इनको हम कंप्यूटर या मोबाइल उपकरण जैसे कि टैबलेट या स्मार्टफोन से भी एकसैस (देख) कर सकते हैं। अन्य नॉन-प्रिंटिंग डैस्कटॉप पब्लिशिंग के उदाहरण हैं-स्लाइड शोअज़, ई-मेल न्यूज़लेटर, ई-पब बुक्स और पी०डी०एफ० आदि।

डैस्कटॉप पब्लिशिंग साफ्टवेयर
पेज ले-आउट साफ्टवेयर और वैब डिज़ाइनिंग साफ्टवेयर, डैस्कटाप पब्लिशिंग में इस्तेमाल किए जाने वाले प्राइमरी साफ्टवेयर हैं। उपलब्ध साफ्टवेयर की सूची बहुत बड़ी है जिनमें से कुछ अग्रलिखित हैं-
1. प्रिंटिंग के लिए पेज ले-आउट साफ्टवेयर

  • अडोब इन डिज़ाइन
  • Serif at Page Plus Series
  • कुयार्क एक्सप्रैस Quark Xpress

2. ऑफिस के लिए पेज ले-आऊट साफ्टवेयर

  • माइक्रोसाफ्ट ऑफिस सूट
  • ऐपल आइवर्क सूट

3. ग्राफिक साफ्टवेयर

  • अडोब इलसरेटर (Adobe Illustrator)
  • कोरल ड्रा (Coral Draw)
  • इंकस्केप (Inkscape)

4. फोटो ऐडीटिंग साफ्टवेयर

  • अडोब फोटोशॉप (Adobe Photoshop)
  • कोरल पेंट शॉप प्रो (Corel Paint Shop Pro)

5. वैब डिज़ाइन साफ्टवेयर

  • अडोब ड्रीम वीवर सी सी (Adobe Dreamweaver CC)
  • अडोब मूज़ (Adobe Muse)

वर्ड प्रोसैसिंग और डैस्कटॉप पब्लिशिंग की तुलना डेस्कटॉप पब्लिशिंग एवं वर्ड प्रोसैसर में निम्नलिखित अन्तर हैं-

डेस्कटॉप पब्लिशिंग वर्ड प्रोसेसर
1. डी.टी.पी. का मुख्य उद्देश्य दस्तावेज़ के डिजाइन को ठीक रखना होता है। 1. वर्ड प्रोसेसर का मुख्य उद्देश्य उसमें टैकस्ट की शुद्धता होता है।
2. यह एक ऑब्जैक्ट आधारित साफ्टवेयर है। 2. यह टैकस्ट आधारित ऐडिटर सॉफ्टवेयर है।
3. इसमें पेज ले आऊट पर अधिक ध्यान दिया जाता है। 3. इसमें शब्दों की शुद्धता मुख्य है।
4. हर एक ऑब्जैक्ट अकेले तौर पर संभाला नहीं जाता है। 4. सभी टैक्सट को एक साथ प्रयुक्त किया जाता है।
5. इसमें आब्जैक्ट लचीला होता है। 5. इसमें आब्जैक्ट्स में लचीलापन कम होता है।

WYSIWYG की सुविधा 
WYSIWYG WHAT YOU SEE IS WHAT YOU GET का छोटा रूप है। WYSIWYG वो ऐपलीकेशन है जो डिस्पले स्क्रीन पर डाक्यूमैंट को बिल्कुल उसी तरह दर्शाती है, जिस तरह डाक्यूमैंट प्रिंट हो कर लगता है। WYSIWYG वो प्रणाली है जिसमें कंटैंट (टैक्स्ट और ग्राफिक्स) उसी रूप में ऐडिट किए जाते हैं जिस रूप में वे अंत में बन कर दिखते हैं जैसे कि एक प्रिंटिड डाक्यूमैंट, एक ही वैब पेज या स्लाइड प्रेजनटेशन। WYSIWYG खास रूप से डैस्कटॉप पब्लिशिंग के लिए प्रसिद्ध है।

ग्राफिक्स
साधारण रूप में कंप्यूटर ग्राफिक्स कंप्यूटर स्क्रीन पर प्रदर्शित होने वाली इमेज है। ग्राफिक्स टैक्सट से अलग होता है। इसमें इमेज के साथ नंबर और लेटरज़ (अक्षर) शामिल होते हैं।

कंप्यूटर ग्राफिक्स दो या तीन आयामी (2 या 3 Dimensional) हो सकते हैं। शुरुआती कंप्यूटरों में सिर्फ 2D (2 Dimensional) मोनोक्रोम ग्राफिक्स होते हैं, धीरे-धीरे कंप्यूटरों ने रंगीन इमेज़िज को स्पोर्ट करना शुरू कर दिया। अब ज्यादातर कंप्यूटर लाखों रंगों में ग्राफिक्स प्रदर्शित कर सकते हैं।

  • 2 D (दो आयामी) ग्राफिक्स प्रदर्शित कर सकते हैं।
  • बिटमैप या रास्टर ग्राफिक्स
  • वैक्टर ग्राफिक्स

PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग 1

1. बिटमैप या रास्टर ग्राफिक्स-जो भी हम ड्रा करते हैं उसकी मात्रा की डिटेल प्रति वर्ग इंच (PSI) पिक्सल की गिनती पर निर्भर करती है। कंप्यूटर को चित्र के बीच में हर एक पिक्सल के बारे में जानकारी स्टोर करनी पड़ती है। इसके लिए बिटमैप ग्राफिक की फाइल का आकार बहुत बड़ा होता है। जब हम एक बिटमैप ग्राफिक का आकार बदलते हैं, तो इसकी गुणवत्ता (Quality) कम हो जाती है।

2. वैक्टर ग्राफिक्स-वैक्टर ग्राफिक्स कंट्रोल प्वाइंटों पर आधारित होते हैं जो लाइनों या कर्वस के द्वारा जुड़े होते हैं, जिनको वैक्टर पाथ या सिर्फ वैक्टर्स कहा जाता है। वैक्टर पाथ को शेप आब्जैक्ट बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। हर एक शेप आब्जैक्ट को अलग ढंग से ऐडिट करना संभव है।

वैक्टर ग्राफिक्स सॉफ्टवेयर में अडोब इलसटरेटर (Adobe Illustrator) और कोरल ड्रा शामिल हैं।
जब एक वैक्टर ग्राफिक्स को फिर से आकार दिया जाता है तो इसकी गुणवत्ता समाप्त नहीं होती। वैक्टर ग्राफिक्स हर एक पिक्सल के बारे में जानकारी स्टोर नहीं करते हैं, इसके लिए फाइल का आकार, इमेज के आकार पर निर्भर नहीं करता है, इसके अलावा यह इस पर निर्भर करता है कि इमेज में किस चीज़ की डिटेल है ?

मार्जन
हाशिया एक पेज की मुख्य सामग्री और पेज के किनारे के बीच का क्षेत्र है। मार्जन यह परिभाषित करने में सहायता करता है कि टैक्सट की एक लाइन कहां से आरंभ होती है और कहां पर समाप्त होती है। एक पन्ने में टॉप (Top), नीचे (Bottom), बायां (Left) और (Right) दायां मार्जन होता है। डिफाल्ट मार्जन साधारण रूप से हर तरफ एक इंच होता है। जबकि ज़रूरत के आधार पर, मार्जन भिन्न-भिन्न हो सकते हैं। यह मार्जन पन्ने की सामग्री के इर्द-गिर्द एक फ्रेम बनाते हैं ताकि टैक्सट किनारों से बाहर न जाये। डाक्यूमैंट के किनारों पर सफेद स्थान (White Space) पेज को साफ दिखावट देती है और टैक्सट को पढ़ना आसान होता है।

गटर पोजीशन
एक गटर मार्जन सैटिंग उस डाक्यूमैंट के साइड या टॉप (ऊपर के) मार्जन में अतिरिक्त स्थान को जोड़ती है जिसको हम बाइंड (जिल्द) करने की योजना बनाते हैं। एक गटर मार्जन यह यकीनी बनाने में मदद करता है कि टैक्सट बाइंडिंग करने के समय छुप न जाये।

फौंट
एक फौंट एक खास शैली और आकार में छपने योग्य या दिखने योग्य (डिसप्ले ऐबल) टैक्सट करैक्टर का सैट है या हम कह सकते हैं कि एक फौंट एक खास साइज और शैली का एक टाइप फेस है। एक टाइप फेस एक जैसे डिज़ाइन के अक्षरों का समूह है। इन अक्षरों में अक्षर, नंबर, विराम चिह्न और सिंबल शामिल हैं। कुछ प्रसिद्ध टाइप फेसों में ऐरीयल, हैलेटिका, टाइमज़ और वरदेना शामिल हैं। ‘टाइप फेस’ शब्द को अक्सर फौंट समझ लिया जाता है जो कि टाइप फेस की एक खास आकार और शैली है।

फ्रेमज़
फ्रेम आयताकार क्षेत्र हैं जो कि ग्राफिक्स और टैक्सट इनसर्ट करने के लिए बने होते हैं। यह यूज़र को आब्जैक्टस को पेज के उस स्थान पर रखने की आज्ञा देता है जिस पर वो उसको रखना चाहता है। इन फ्रेमों का आकार और स्थिति, बाऊंडिंग बाक्स का प्रयोग करके बदला जा सकता है। फ्रेमज़ एक पेज के डिज़ाइन के पूरे नियंत्रण की आज्ञा देते हैं। फ्रेम आयताकार, ओवल (Oval) या (Polygon) पोलीगॉन हो सकते हैं। पोलीगॉन फ्रेम को किसी भी आकार में बदला जा सकता है। फ्रेम में टैक्सट या ग्राफिक हो सकता है या फिर यह खाली हो सकते हैं।

प्रिंटर-
एक प्रिंटर एक बाहरी (External) आउटपुट यंत्र है जो कंप्यूटर से डाटा लेता है और पेपर पर ग्राफिक्स या टैक्सट के रूप में आउटपुट तैयार करता है। प्रिंटर की दो किस्में हैं –
1. इम्पैक्ट प्रिंटर (Impact Printers)
2. नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर (Non-Impact Printers)

इम्पैक्ट प्रिंटर
PSEB 10th Class Computer Notes Chapter 5 डैस्कटॉप पब्लिशिंग 5
एक इम्पैक्ट प्रिंटर में एक हैड होता है, जिसमें पिन लगी होती है जिसके प्रयोग से यह पेपर के साथ संपर्क बनाता है। इसमें साधारण रूप में पिनज़ को रिबन और स्ट्राइक करके कागज़ पर तस्वीरें या टैक्सट को प्रिंट किया जाता है। इमपैक्ट प्रिंटर की कुछ उदाहरणे निम्नलिखित हैं –
1. डॉट मैटरिक्स प्रिंटर-डॉट मैटरिक्स प्रिंटर 9 से 24 पिन वाला प्रिंटर होता है। एक 24 पिन वाला प्रिंटर एक 9 पिन वाले डॉट मैटरिक्स के मुकाबले ज्यादा डॉटस छापता है, जिसके परिणामस्वरूप बहुत बढ़िया क्वालिटी और स्पष्ट अक्षर छपते हैं। पिन अलग रूप से रिबन पर स्ट्राइक करते हैं। यूजर डॉट-मैटरिक्स प्रिंटर से रंगीन आउटपुट भी ले सकते हैं। डॉट-मैटरिक्स प्रिंटर सस्ते होते हैं और साधारण रूप में प्रति सैकिंड 100-600 अक्षरों की स्पीड पर प्रिंट करते हैं।

2. डेज़ी वील प्रिंटर-इसको डेजी वील प्रिंटर इसलिए कहा जाता है क्योंकि प्रिंटिंग प्रणाली डेज़ी (एक लंबा फूलों वाला पौधा) की तरह लगती है। हर एक पैटल के आखिर में एक पूरी तरह तैयार अक्षर होता है, जो ठोस लाइन प्रिंट करता है। एक हैमर जब इस अक्षर वाले पैटल जो रिबन के सामने है पर टकराता है तो अक्षर पेपर पर छप जाता है। इसकी गति धीमी होती है और यह ज्यादातर 25-25 अक्षर प्रति सैकिंड ही प्रिंट कर सकता है।

3. लाइन प्रिंटर-ये प्रिंटर एक खास प्रणाली का प्रयोग करते हैं जो कि एक समय पर पूरी लाइन प्रिंट करते हैं। यह साधारण रूप में 1200 से 6000 लाइनें प्रति मिनट प्रिंट कर सकते हैं। ड्रम (Drum), चेन (Chain) और बैंड (Band) प्रिंटरज़ “Line-at-a-time” प्रिंटर हैं।

नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर
नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर कागज़ पर प्रिंट करने के लिए स्ट्राइकिंग डिवाइस का प्रयोग नहीं करते क्योंकि इन प्रिंटरों में हैमर पेपर पर नहीं बजता, इसलिए यह बहुत शांत काम करते हैं। नीचे कुछ नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर दिए गए हैं –
1. इंक जैट प्रिंटरर्ज-इंक जैट प्रिंटरज़ उसी तरह काम करते हैं जिस तरह डाट-मैटरिक्स छोटे डॉटस के साथ तस्वीरें और अक्षर बनाते हैं। पर यह डॉटस स्याही की छोटी बूंदों से बनते हैं। इंक-जैट प्रिंटर एक छोटी नोजल के साथ पेपर पर स्याही स्प्रे करता है और इलैक्ट्रिक फील्ड के माध्यम से 250 अक्षर प्रति सैकिंड के हिसाब से इन चार्ज हुई स्याही की बूंदों को अक्षरों की शक्ल में बदल देता है। स्याही पेपर द्वारा सोख ली जाती है और तुरंत सूख जाती है।

इसमें कई रंगों की स्याही का प्रयोग किया जा सकता प्रिंट हैड में लगी एक से ज्यादा नोज़लें स्याही की निरंतर धाराएं छोड़ती हैं। नोजल से छोड़ने के बाद स्याही को बिजली से चार्ज किया जाता है। फिर बूंदों को बिजली से चार्ज किए प्लेट का इस्तेमाल करके कागज़ की तरफ भेजा जाता है। टैक्सट को प्रिंट करने के लिए काली स्याही वाली नोजल सबसे ज़रूरी हो सकती है। पर फुल कलर्ड प्रिंटिंग वाला टैक्सट प्रिंट करने के लिए स्यान (Cyan) मेसेंटा (Magenta) और पीले (Yellow) प्राइमरी रंगों की नोजल जोड़ी जा सकती है।

2. लेज़र प्रिंटर-लेज़र प्रिंटर, एक लेज़र बीम को एक मिरर (दर्पण) पर निर्देशित करते हैं जो बीम को आगे ड्रम पर भेजता है, जिसकी मदद से पेपर पर इमेज बनाते हैं। ड्रम में एक विशेष परत होती है, जिसमें टोनर (एक स्याही पाउडर) चिपक जाता है। छोटे बिंदुओं के नमूने का इस्तेमाल करते हुए, एक लेज़र बीम कंप्यूटर से जानकारी लेकर पाजीटिव चार्ज वाले ड्रम तक पहुंचा कर उसको न्यूटरलाइजड (Neutralized) करता है। फिर ड्रम का वो स्थान न्यूटरलाइजड हो जाता है और टोनर अलग हो जाता है जैसे ही ड्रम के द्वारा पेपर घूमता है, टोनर को कागज पर अक्षर या अन्य ग्राफिक्स छापने के लिए भेज दिया जाता है। एक गर्म रोलर टोनर को पेपर पर चिपका देता है।

Computer Guide for Class 10 PSEB डैस्कटॉप पब्लिशिंग Textbook Questions and Answers

I. वस्तुनिष्ठ प्रश्न

(A) बहुविकल्पीय प्रश्न

1. इस प्रोग्राम का उपयोग किताबें, मैगज़ीन, अखबारें, फलाइर, पैंफलिट और अन्य किस्म के प्रिंटिड डाक्यूमैंट तैयार करने के लिए किया जा सकता है –
(a) डैस्क पब्लिशिंग
(b) डैस्कटॉप पब्लिशिंग
(c) टॉप पब्लिशिंग
(d) पब्लिशिंग।
उत्तर-
(b) डैस्कटॉप पब्लिशिंग,

2. यह डिस्पले स्क्रीन पर डाक्यूमैंट को बिल्कुल उसी तरह दर्शाती है, जिस तरह डाक्यूमैंट प्रिंट होकर लगता है।
(a) WYSWJKI
(b) WKSWUG
(c) WYSIWYQ
(d) WYSIWYG.
उत्तर-
(c) WYSIWYQ,

3. यह एक बाहरी आऊटपुट यंत्र है जो कंप्यूटर से डाटा लेता है और पेपर और ग्राफिक्स या टैक्सट के रूप में आऊटपुट तैयार करता है।
(a) फ्रेमज़
(b) प्रिंटरर्स
(c) फौंट्स
(d) प्लोटरस।
उत्तर-
(b) प्रिंटरर्स

4. एक प्रिंटर जो एक फोटो कॉपी मशीन की तरह काम करता है।
(a) लेज़र
(b) इंकजैट
(c) लाइन
(d) ड्रम।
उत्तर-
(a) लेज़र

5. आयताकार क्षेत्र जो कि ग्राफिक्स और टैक्सट इनसर्ट करने के लिए बने होते हैं।
(a) आयत
(b) फ्रेमज़
(c) स्ट्रक्चर
(d) फौंट्स।
उत्तर-
(b) फ्रेमज़

6. यह एक इमेज की विजुअल पेशकारी है।
(a) चार्टस
(b) ग्राफिक्स
(c) फ्रेमज़
(d) फौंट्स।
उत्तर-
(b) ग्राफिक्स

7. इंकजेट प्रिंटर्स पेपर पर स्याही स्प्रे करके ………………. अक्षर प्रति सैकिंड के हिसाब के अक्षर बनाता है।
(a) 250
(b) 350
(c) 200
(d) 100.
उत्तर-
(a) 250

8. ………………………….. यह स्याही की छोटी बूंदों से बनते हैं।
(a) पिक्सल
(b) डॉटस
(c) फौंट्स
(d) करेक्टर्ज।
उत्तर-
(b) डॉटस

9. यह पिनज़ को रिबन पर स्ट्राइक या प्रैस करके कागज़ पर तस्वीरों या टैक्सट को प्रिंट करता है।
(a) इंक-जैट
(b) इम्पैक्ट
(c) नॉन-इमपैक्ट
(d) लेज़र।
उत्तर-
(b) इम्पैक्ट

10. यह ग्राफिक हर एक पिक्सल के बारे में जानकारी स्टोर नहीं करते हैं, इसलिए फाइल का आकार, इमेज़ के आकार पर निर्भर नहीं करता।
(a) रास्टर
(b) प्लेन ग्राफिक्स
(c) वैक्टर
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर-
(c) वैक्टर|

(B) रिक्त स्थान भरें

1. Arial, Helvetica, Times and Verdana ……….. की उदाहरण है और इनका एक जैसा ……………. होता है।
उत्तर-
टाइप फेस, डिज़ाइन,

2. एक गटर मार्जिन सैटिंग उस डाक्यूमैंट के ………… या ……….. मार्जिन में एक्स्ट्रा स्थान जोड़ती है जिसको हम बाईंड (जिल्द) करने की योजना बनाते हैं।
उत्तर-
साइड, टॉप,

3. पॉलीगन फ्रेम को किसी भी ………….. और ……… भी बदला जा सकता है।
उत्तर-
सेप, साइज़,

4. वैब पेज़ में कन्टैंट सिर्फ ………… देते हैं न कि ……… के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं।
उत्तर-
देखने योग्य, प्रिंट,

5. लेज़र प्रिंटर ……… का प्रयोग करते हैं जो कि एक समय पर …………. को स्टोर करते हैं।
उत्तर-
बफर, पूरा पेज।

(C) सही या गलत

1. DTP का अर्थ है डैस्कटॉप पब्लिशिंग।
उत्तर-
सही,

2. डैस्कटॉप पब्लिशिंग हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का प्रयोग वैब पेज़ बनाने और डिज़ाइन करने के लिए भी किया जाता है।
उत्तर-
सही,

3. इंक जैट प्रिंटर्ज में स्याही पेपर द्वारा सोख ली जाती है और तुरंत सूख जाती है।
उत्तर-
गलत,

4. फ्रेमज़ यूजर को ऑब्जैक्ट्स को पेज़ के उस स्थान पर रखने की आज्ञा देता है जिस पर वह उसको रखना चाहता है।
उत्तर-
सही,

5. डॉट-मैटरिक्स प्रिंटर में 19 से 124 पिन वाला प्रिंट हैड होता है।
उत्तर-
गलत।

II. अति लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
कौन-सा प्रिंटर एक मिनट में 1200 से 6000 लाइन प्रिंट करता है ?
उत्तर-
लेज़र प्रिंटर।

प्रश्न 2.
कौन-से इमेजिज दो या तीन आयामी हो सकते हैं ?
उत्तर-
कंप्यूटर ग्राफिक्स।

प्रश्न 3.
किस प्रिंटर में एक विशेष परत होती है, जिसमें टोनर (एक स्याही पाऊडर) चिपक जाता है?
उत्तर-
लेज़र प्रिंटर।

प्रश्न 4.
एक जैसे डिजाइन के अक्षरों के समूह को क्या कहते हैं ?
उत्तर-
टाइप फेस।

प्रश्न 5.
एक पेज़ की मुख्य सामग्री और पेज़ के किनारे के बीच के क्षेत्र को क्या कहते हैं ?
उत्तर-
मार्जिन।

III. लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
डेस्कटॉप पब्लिशिंग क्या है ?
उत्तर-
डेस्कटॉप पब्लिशिंग का अर्थ है कंप्यूटर और कुछ सॉफ्टवेयरों का इस्तेमाल करके बढ़िया ढंग से डिज़ाइन वाले दस्तावेज़ तैयार करना। इसका संबंध कुछ ऐप्लीकेशन सॉफ्टवेयरों से होता है जो दस्तावेज़ तैयार और प्रिंट करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं।

प्रश्न 2.
प्रिंटर की भिन्न-भिन्न किस्में कौन-सी हैं ?
उत्तर-
प्रिंटर की निम्नलिखित किस्में हैं –

  • इमपैक्ट प्रिंटर।
  • नॉन-इमपैक्ट प्रिंटर।

प्रश्न 3.
फ्रेम क्या है ?
उत्तर-
फ्रेम एक आयताकार क्षेत्र होता है जो किसी ऑबजैक्ट को अपने में समाकर रखता है।

प्रश्न 4.
फौंट की परिभाषा दें।
उत्तर-
फौंट एक खास शैली और आकार में छापने योग्य या देखने योग्य टैक्सट करैक्टर का सैट होता है।

प्रश्न 5.
मार्जिन क्या है?
उत्तर-
मार्जिन किसी दस्तावेज में ऑबजैक्ट और पेज़ की हद के बीच की दूरी होती है। इसको हाशिया भी कहते हैं। यह चार तरफ से देखी जाती है।

  • ऊपर,
  • बायें,
  • दायें,
  • नीचे।

मार्जिन अक्सर इंच या सैंटीमीटर में नापे जाते हैं। यह बताते हैं कि किसी पेज़ के चारों तरफ कितनी जगह खाली रहेगी।

प्रश्न 6.
गटर पोजीशन से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर-
गटर पोजीशन किसी पेज़ पर उस छोड़े गए स्थान को कहते हैं जो जिल्द बाँधने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसका उद्देश्य टैक्सट को जिल्द में आने से बचाना होता है।

प्रश्न 7.
ग्राफिक्स क्या है ?
उत्तर-
ग्राफिक्स कंप्यूटर पर किसी भी प्रकार की विजुयल पेशकारी को कहते हैं जो साधारण टैक्सट से अलग होता है।

प्रश्न 8.
लेज़र प्रिंटर की कार्य प्रणाली की व्याख्या करें।
उत्तर-
लेज़र प्रिंटर में एक लेज़र टीम को दर्पण से निर्देशित किया जाता है। जो आगे ड्रम पर पड़ती है। इसकी मदद से पेपर पर इमेज़ बनती है, जिसको एक टोनर की मदद से छापा जाता है।

प्रश्न 9.
WYSIWYG विशेषता की व्याख्या करें।
उत्तर-
WYSIWYG का अर्थ है What You See Is What You Get. इसका अर्थ है आप जिस प्रकार अपने दस्तावेज़ को कंप्यूटर पर देखते हो, उसी प्रकार का ही प्रिंट रूप में प्राप्त करोगे।

IV. बड़े उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
वेक्टर एवं बिटमैप ग्राफिक्स में अन्तर स्पष्ट करें।
उत्तर-
वेक्टर एवं बिटमैप ग्राफिक्स में निम्नलिखित अन्तर हैं –

वेक्टर ग्राफिक्स बिटमैप ग्राफिक्स
1. वेक्टर ग्राफिक्स हर पिक्सेल के साथ डील करती है। 1. बिटमैप ग्राफिक्स हर पिक्सेल के साथ डील नहीं करता।
2. इसमें हर पिक्सेल की ऐडिटिंग नहीं की सकता| 2. इसमें हर पिक्सेल को ऐडिट किया जा जाती।
3. फाइल का आकार छोटा होता है। 3. फाइल का आकार बड़ा होता है।
4. आकार परिवर्तन होने के साथ गुणवत्ता कम हो नहीं होती। 4. आकार परिवर्तन होने के साथ गुणवत्ता कम जाती है।
5. यह गणितीय गणना पर आधारित होती है। 5. यह गणितीय गणना पर आधारित नहीं होती है।
6. हर ऑब्जैक्ट विभिन्न प्रकार से ऐडिट किया  संभव नहीं होता। 6. हर आब्जैक्ट को विभिन्न प्रकार से ऐडिट करना जा सकता है।

प्रश्न 2.
डेस्कटॉप पब्लिशिंग के साथ संचार खुला है। विस्तार से बताएं।
उत्तर-
डेस्कटॉप पब्लिशिंग का दायरा अब काफी बड़ा हो रहा है। यह एक पेशे तक ही सीमित नहीं है। साधारण लोग भी अब इसका प्रयोग करते हैं। अब छोटे व्यापारी, सचिव, अध्यापक, विद्यार्थी आदि भी इसका प्रयोग करते हैं। पहले इसका दायरा प्रिंटिग तक ही सीमित था। अब डेस्कटॉप पब्लिशिंग में डिजिटल मीडिया भी शामिल है।

प्रश्न 3.
इम्पैक्ट और नॉन इम्पैक्ट प्रिंटर में अंतर बताएं।
उत्तर-
इम्पैक्ट और नॉन इम्पैक्ट प्रिंटर में नीचे लिखे अंतर हैं –

इम्पैक्ट नॉन इम्पैक्ट
1. इनमें एक हैड होता है। 1. इनमें एक हैड नहीं होता है।
2. यह प्रिंटर पेपर के साथ संपर्क करते हैं। 2. यह प्रिंटर पेपर के साथ संपर्क नहीं करते।
3. स्याही के लिए रिबन का प्रयोग होता है। 3. स्याही के लिए अलग स्थान होता है।
4. यह प्रिंटर आवाज़ करते हैं। 4. यह प्रिंटर आवाज़ नहीं करते।
5. प्रिंटिंग मूल्य कम होता है। 5. प्रिंटिंग मूल्य अधिक होता है।
6. आमतौर पर यह प्रिंटर सस्ते होते हैं। 6. यह प्रिंटर महंगे होते हैं।
7. इनका प्रयोग अब कम होता है। 7. इनका प्रयोग अब अधिक होता है।
8. हैड पेपर में स्ट्राइक करता है। 8. हैड पेपर पर स्ट्राइक नहीं करता।

प्रश्न 4.
दो प्रकार के इम्पैक्ट प्रिंटर की व्याख्या करें।
उत्तर-
इम्पैक्ट प्रिंटर की इन पिनों की किस्में हैं-डॉट मैट्रिक्स और डेजी वील। डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर-डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर 9 से 24 पिन वाला प्रिंटर होता है। यह प्रिंटर इन पिनों की मदद से छपाई करता है। इसकी गुणवत्ता अच्छी होती है। इसकी मदद से ग्राफिक्स छापा जा सकता है। यह आमतौर पर काले रंग के साथ ही छपाई करता है। पर रंगीन प्रिंटर भी होते हैं। इनमें स्याही एक रिबन पर लगी होती है। यह प्रिंटर सस्ते होते हैं एवं आमतौर पर 100 से 600 अक्षर प्रति सैकिंड की स्पीड के साथ छपाई करते हैं।

2. डेज़ी वील प्रिंटर-डेज़ी वील प्रिंटर का नाम इसकी प्रिंटिंग प्रणाली पर डेज़ी फूल के जैसे दिखाने पर पड़ा। इसमें पैटल होते हैं। हर पैटल एक पूर्ण रूप से तैयार अक्षर होता है। यह ठोस लाइन पर प्रिंट करता है। इसमें एक हैमर होता है जो अक्षर को रिबन से मारता है जिससे अक्षर छापा जाता है। इसकी गति कम होती है। यह अधिक से अधिक 25-35 अक्षर प्रति सैकिण्ड प्रिंट करता है।

प्रश्न 5.
डेस्कटॉप पब्लिशिंग एवं वर्ड प्रोसैसिंग सॉफ्टवेयर की तुलना करें।
उत्तर-
डेस्कटॉप पब्लिशिंग एवं वर्ड प्रोसैसर में निम्नलिखित अन्तर हैं।

डेस्कटॉप पब्लिशिंग वर्ड प्रोसैसिंग
1. डी.टी.पी. का मुख्य उद्देश्य दस्तावेज़ के डिजाइन को ठीक रखना होता है। 1. वर्ड प्रोसेसर का मुख्य उद्देश्य उसमें टैकस्ट की शुद्धता होता है।
2. यह एक ऑब्जैक्ट आधारित साफ्टवेयर है। 2. यह टैकस्ट आधारित ऐडिटर सॉफ्टवेयर है।
3. इसमें पेज ले आऊट पर अधिक ध्यान दिया जाता है। 3. इसमें शब्दों की शुद्धता मुख्य है।
4. हर एक ऑब्जैक्ट अकेले तौर पर संभाला नहीं जाता है। 4. सभी टैक्सट को एक साथ प्रयुक्त किया जाता है।
5. इसमें आब्जैक्ट लचीला होता है। 5. इसमें आब्जैक्ट्स में लचीलापन कम होता है।

PSEB 10th Class Computer Guide डैस्कटॉप पब्लिशिंग Important Questions and Answers

I. वस्तुनिष्ठ प्रश्न

(A) बहुविकल्पीय प्रश्न

1. निम्नलिखित में से ग्राफिक सॉफ्टवेयर कौन-सा है ?
(a) एडोब इलस्ट्रेटर
(b) कोरल ड्रा
(c) ईदसपेस
(d) सभी ही।
उत्तर-
(d) सभी ही।

2. निम्नलिखित में से फोटो ऐडिटिंग सॉफ्टवेयर कौन-सा है ?
(a) एडोब फोटोशॉप
(b) कोरल पेंट्स
(c) दोनों ही
(d) कोई नहीं।
उत्तर-
(c) दोनों ही

3. ग्राफिक कितने प्रकार के होते हैं ?
(a) 2
(b) 3
(c) 1
(d) 4.
उत्तर-
(a) 2

4. लेजर प्रिंटर किस प्रकार का प्रिंटर है ?
(a) इम्पैक्ट
(b) नॉन-इम्पैक्ट
(c) दोनों ही
(d) कोई नहीं।
उत्तर-
(b) नॉन-इम्पैक्ट|

(B) रिक्त स्थान भरें

1. …….. का अर्थ है दो से अधिक लाइनों के बीच दूरी।
उत्तर-
लीडिंग

2. फ्रेम संबद्ध सूचना एवं ग्राफिक्स को ………….. करते हैं।
उत्तर-
इकट्ठा

3. WYSIWYG का अर्थ है …………. ।
उत्तर-
What you see is what you get

4. हम कई तरीके से डाक्यूमैंट को ………… कर सकते हैं।
उत्तर-
प्रिंट

5. सब से तेज़ रंगदार लेजर प्रिंटर ……….. पेज़ प्रिंट कर सकता है।
उत्तर-
200.

(C) सही या गलत

1. हेडर पेज़ के नीचे लिखे जाते हैं।
उत्तर-
गलत

2. ऐम० एस० वर्ड, डेस्कटॉप पब्लिशिंग सॉफ्टवेयर है।
उत्तर-
गलत

3. पेज़ तैयार करने के लिए प्लानिंग की ज़रूरत नहीं होती।
उत्तर-
गलत

4. स्टाइल में बुलेट्स आदि शामिल होते हैं।
उत्तर-
सही

5. स्केलिंग दो से अधिक पंक्तियों के बीच की दूरी को कहा जाता है।
उत्तर-
गलत।

II. अति लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
WYSIWYG का पूरा नाम बताएं।
उत्तर-
What you see is what you get.

प्रश्न 2.
कौन-सी प्रिंटिंग अच्छी होती है ?
उत्तर-
लेजर प्रिंटिंग।

प्रश्न 3.
जिस प्रिंटिंग पर स्याही बैठ जाती है। उसे क्या कहते हैं ?
उत्तर-
ऑफसैट प्रिंटिंग।

III. लघु उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
प्रिंटिंग के कौन-कौन से तरीके हैं ?
उत्तर-
प्रिंटिंग के दो तरीके हैं –

  1. ऑफसैट प्रिंटिंग-यह वह प्रिंटिंग है जिसमें स्याही पेपर पर बैठ जाती है उसको ऑफसैट प्रिंटिंग कहते हैं।
  2. लेजर प्रिंटिंग-जिस प्रिंटिंग में लेजर की मदद से प्रिंटिंग की जाती है उसको लेजर प्रिंटिंग कहते हैं। यह प्रिंटिंग तेज़ गति वाली होती है।

प्रश्न 2.
स्केलिंग, ट्रैकिंग एवं लीडिंग बारे में बताएं।
उत्तर-
स्केलिंग-स्केलिंग का अर्थ है दस्तावेज़ में अक्षर को फौंट के साइज़ को बिना कम या बढ़ाए हुए अक्षर की चौड़ाई, लंबाई को बढ़ाना या कम कर देना। ट्रैकिंग-ट्रैकिंग का अर्थ है किसी भी शब्द या लाइन के अक्षरों में दूरी बढ़ाना या कम करना। लीडिंग-लीडिंग का अर्थ है, दस्तावेज में दो या अधिक लाइनों के बीच की दूरी को बढ़ाना या कम करना।

प्रश्न 3.
स्केलिंग क्या है ?
उत्तर-
स्केलिंग-डाक्यूमैंट में बहुत से तरीके द्वारा फौंट को छोटा तथा बड़ा किया जा सकता है। इसका अर्थ है कि फौंट के प्वाइंट को बिना बढ़ाये या कम किये अक्षर की चौड़ाई को बढ़ा या कम कर सकते हैं। इसकी स्केलिंग कहा जाता है।

प्रश्न 4.
ट्रैकिंग क्या होता है ?
उत्तर-
ट्रैकिंग-ट्रैकिंग का अर्थ है कि किसी भी वर्ड या लाइन के अक्षर में दूरी बढ़ाना। इसको प्वाइंट में मापा जा सकता है या किसी और विधि द्वारा मापा जाता है।

प्रश्न 5.
लीडिंग क्या होता है ?
उत्तर-
यह दो या दो से अधिक लाइनों के बीच की दूरी को दर्शाता है। इसको पाइंट से भी मापा जा सकता है या यह डैस्कटॉप पब्लिशिंग सॉफ्टवेयर पर निर्भर करता है।

प्रश्न 6.
फ्रेमस किसे कहते हैं ?
उत्तर-
फ्रेमस संबद्ध सूचना और ग्राफिक्स को इकट्ठा करते हैं। हर फ्रेम में हर ऑबजैक्ट की अलग ऐनटिटी (Entity) है। हर फ्रेम, बॉक्स, बॉर्डर का खास उद्देश्य होना चाहिए। फ्रेम अक्षर की सीमा बनाता है। खास अक्षरों पर ध्यान देने के लिए फ्रेम का प्रयोग किया जाता है। प्रेम की सूचना अधिक महत्त्व देती है।

IV. बड़े उत्तरों वाले प्रश्न

प्रश्न 1.
पेज़ ले-आऊट का क्या अर्थ है ?
उत्तर-
पेज़ ले-आऊट का अर्थ है कि किसी पेज़ की ले-आऊट अर्थात् किसी दस्तावेज़ को पेज़ से आब्जेक्ट किस प्रकार रखा जाती है। इसमें ऑबजेक्ट को अपनी जरूरत अनुसार उसकी सही जगह पर पूरी सटीकता के साथ रखा जाता है। इसके साथ ही इनके साथ बनने वाले डिज़ाइन का भी ध्यान रखा जाता है कि वह पेज़ देखने में ठीक लगता है या नहीं। इसका संबंध पेज़ एवं कंपोजीशन के साथ होता है। इसमें सभी प्लेस होल्डर भी शामिल किए जाते हैं जो प्रिंट नहीं होते। किसी भी दस्तावेज की पेज ले-आऊट सैट करने के लिये पेज़ के मार्जन, आबजेक्ट, टैक्सट, फौंट साइज, कलर और डिजाइन आदि का पूरा ध्यान रखा जाता है।

प्रश्न 2.
फौंट्स क्या होते हैं ?
उत्तर-
फौंट्स का अर्थ है अक्षरों की बनावट। किसी भी दस्तावेज में कुछ न कुछ टैक्सट प्रयुक्त किया जाता है। वह टैक्सट किसी भी भाषा में हो सकते हैं। उस भाषा के अक्षरों की बनावट को फौंट्स कहते हैं। जैसे अंग्रेज़ी के अक्षर A, B, C ………. Z आदि की बनावट कई प्रकार की हो सकती है। इन सबको फौंट कहते हैं। इनको कुछ खास नामों से जाना जाता है।

कुछ आम प्रयोग होने वाले फौंटस हैं –
1. Arial
2. Times New Roman
आप इन फौंट्स को बोल्ड, इटैलिक और अंडरलाइन आदि भी कर सकते हैं।

प्रश्न 3.
डाक्यूमैंट प्लानिंग का क्या अर्थ है ?
उत्तर-
डाक्यूमैंट प्लानिंग का अर्थ है किसी भी दस्तावेज़ को तैयार करने के लिए उसके साथ संबद्ध सभी प्लानिंग करनी। इसमें किस स्टेज पर क्या करना है आदि के बारे में विचार किया जाता है।

डाक्यूमैंट प्लानिंग में नीचे लिखी चीजें ध्यान रखी जाता हैं-

  1. पेज़ ले-आऊट : पेज़ ले-आऊट का अर्थ है दस्तावेज़ का खाका तैयार करना।
  2. स्टाइल : स्टाइल का अर्थ है दस्तावेज़ को किस प्रकार का दिखना चाहिए, इस बारे में निर्णय लेना।
  3. मार्जन : मार्जन कितना रखना है, इस बारे में फैसला करना।
  4. हैडर और फुटर-दस्तावेज में हैडर और फुटर के बारे निर्णय करना।
  5. फौंट : दस्तावेज में फौंट कौन-कौन से होने चाहिए और उनका साइज, कलर आदि क्या होना चाहिए।

इस प्रकार हम देखते हैं कि डाक्यूमैंट प्लानिंग में दस्तावेज़ तैयार करने से पहले की दस्तावेज़ से संबंधित सब निर्णय लिए जाते हैं।

प्रश्न 4.
डेस्कटॉप पब्लिशिंग क्या है ? इसकी क्या ज़रूरत होती है ? कौन-कौन से सॉफ्टवेयर का प्रयोग डेस्कटॉप पब्लिशिंग (DTP) के लिए किया जाता है?
उत्तर-
डेस्कटॉप पब्लिशिंग-डेस्कटॉप पब्लिशिंग का अर्थ है कि कंप्यूटर का प्रयोग करके पब्लिशिंग और प्रिंटिग के साथ संबद्ध काम करने। इसमें कुछ सॉफ्टवेयर का प्रयोग करके दस्तावेज तैयार किए जाते हैं। उनको अपनी ज़रूरत अनुसार प्रिंट किया जाता है। डेस्कटॉप पब्लिशिंग की जरूरत-डेस्कटॉप पब्लिशिंग की जरूरत हमें अपने दस्तावेज को सही तरीके के साथ और सटीकता के साथ तैयार करने के लिए की जाती है। डी०टी०पी० सॉफ्टवेयर की मदद से अपने दस्तावेज को सुंदर, सही और अच्छा डिज़ाइन वाले बना सकते हैं। इसकी मदद के साथ हम अपने दस्तावेज में सभी ऑबजैक्टों को उनकी सही जगह पर सही आकार अनुसार रख सकते हैं। अपने दस्तावेज में रंगों का सही प्रयोग किया जा सकता है। दस्तावेज़ को भी किसी भी आकार का प्रिंट किया जा सकता है। यह सॉफ्टवेयर टैक्सट और ग्राफिक्स पर पूरा कंट्रोल कर सकते हैं।

डेस्कटॉप पब्लिशिंग के सॉफ्टवेयर-डेस्कटॉप पब्लिशिंग तीन प्रकार की हो सकती है और उसकी किस्म के अनुसार ही सॉफ्टवेयर लिए जाते हैं।

यह किस्में और उनके सॉफ्टवेयर की जानकारी नीचे दी गई है –

डी० टी० पी० की किस्म सॉफ्टवेयर
1. पेज़ ले-आऊट एडोब पेज़ मेकर, एडोब मैथ टाइप
2. ऐडिटिंग एडीब फोटोशॉप, कोरल फोटोपेंट, पिक्सा
3. इलस्ट्रेशन कोरल ड्रा, ऐम० एस० पब्लिश

प्रश्न 5.
डी० टी० पी० पर एक नोट लिखें।
उत्तर-
डी० टी० पी० का सम्बन्ध कम्प्यूटर की उस ऐप्लीकेशन के साथ है जो छोटी कंपनी या व्यक्तियों के लिए कम्प्यूटर के ज़रिए, रिपोटर्स, विजिटिंग कार्ड, कैलेंडर, विज्ञापन, मैगज़ीन आदि अच्छी गुणवत्ता के साथ छापता है। नए युग के कम्प्यूटर के साथ डी०टी०पी० सॉफ्टवेयर द्वारा बहुत सारे काम जैसे कि विज्ञापन, किताबें तैयार करना आदि अच्छी तरह किये जा सकते हैं।

ऐसे डी०टी०पी० सॉफ्टवेयर द्वारा कई भाषाओं के अक्षरों को बड़े अच्छे तरीके से और बहुत सारे तरीकों के साथ लिखा या छापा जा सकता है। साधारण तौर पर यह कम्प्यूटर की योग्यता होनी चाहिए कि इसकी प्रिंटिंग होने से पहले डाक्यूमैंट का प्रीवियू कम्प्यूटर की स्क्रीन पर देखा जाए। डैस्कटॉप पब्लिशिंग एक पेज़ के ले-आऊट की योग्यता बारे बताती है। डैस्कटॉप पब्लिशिंग 1985 में “Introduction to Mac Publisher” सॉफ्टवेयर के साथ शुरू हुई थी। यह WYSIWYG layout का पहला प्रोग्राम था। डैस्कटॉप पब्लिशिंग वाले सॉफ्टवेयर बनाने से पहले यह काम बहुत सारे आम लोगों द्वारा किया जाता था। ग्राफिक्स, टैक्सट या और डिज़ाइन के लिए खास निपुणता वाले लोग शामिल किये जाते थे जिस कारण बहुत समय लगता था।

अब डैस्कटॉप पब्लिशिंग सॉफ्टवेयर इस प्रकार के काम को बड़े अच्छे तरीके के साथ करते हैं और यह सॉफ्टवेयर टैक्सट या ग्राफिक्स पर पूरा नियंत्रण रख सकता है। डैस्कटॉप पब्लिशिंग आमतौर पर तीन प्रकार के हैं

  • पेज़ ले-आऊट (Page layout)-एडोब पेज़ मेकर (Adobe page Maker) आदि।
  • ऐडिटिंग (Editing)-एडोब फोटोशॉप (Adobe, Photoshop), कोरल फोटो पेंट (Corel Photo paint) आदि।
  • इलस्ट्रेशन (Illustration)–कोरल ड्रा (CorelDraw), ऐम०एस० पब्लिशर (M.S. Publishers) आदि।

कोई भी डाक्यूमैंट तैयार करने के लिए सबसे पहला कदम यह है कि यह निर्णय कर लिया जाए कि आपने शादी कार्ड तैयार करना है या किताब का सबसे पहला कवर पेज या कोई ब्रोशर (Brochure), या कोई बिजनेस कार्ड। अगर आप किताब का टाइटल कवर (Title Cover) बनाना चाहते हैं तो आपको उसका साइज़ पता होना चाहिए। अगर आप पीछे कही बातों के बारे में जानते हो तो आप डैस्कटॉप पब्लिशिंग सॉफ्टवेयर के साथ कुछ भी बना सकते हो।

प्रश्न 6.
दस्तावेज़ प्रिंट करना क्या होता है ? विस्तार में बताएं।
उत्तर-
यह डैस्कटॉप पब्लिशिंग का बहुत ज़रूरी हिस्सा है। हम बहुत से तरीकों के साथ डाक्यूमैंट को प्रिंट करते हैं। प्रिंटिंग एक प्रोसैस है जिसमें टैक्सट, ग्राफिक्स और तस्वीरें आदि को विभिन्न-विभिन्न प्रिंट किया जा सकता है। प्रिंटिग एक बड़ी फैक्टरी का काम भी हो सकता है और एक अकेला आदमी के लिए भी। प्रिंटिंग के तरीके-
1. ऑफसैट प्रिंटिंग-इसमें स्याही पेपर पर बैठ जाती है। अब आमतौर पर हर प्रिंटिंग ऑफसैट होती है। अगर बहुत कम कागजों पर प्रिंटिंग करनी हो तो वह कम्प्यूटर प्रिंटर/कापीयर पर होगी। हमें डाक्यूमैंट की बहुत सारी कापियां (सैंकड़ों हज़ारों, लाखों या करोड़ों) करने के लिए ऑफसैट प्रिंटिंग ही सस्ती और बहुत अच्छी होती है।

2. लेजर प्रिंटिंग-यह आम प्रिंटिंग है जो कि टैक्सट और ग्राफिक्स का अच्छा प्रिंट करती है। लेज़र प्रिंटर एक नॉन-इमपैक्ट फोटो कॉपीयर टैक्नालोजी (Non-impact photocopier Technology) का प्रयोग करते हैं। इस प्रिंटिग में इलैक्ट्रीकल चार्ज (Electrical charges) द्वारा सिलीनीअम कोडड ड्रम पर लेजर बीम डाली जाती है।

जब ड्रम चार्ज होता है तो यह घूमने लग जाती है। कलर प्रिंटिंग के साथ किए हुआ काम ब्लैक एंड वाइट लेज़र प्रिंटर से 10 गुणा महंगा होता है। एक ब्लैक एंड वाईट लेज़र प्रिंटर मॉडल एक मिनट में 200 पेज प्रिंट कर सकता है। प्रिंटिंग स्पीड ग्राफिक्स पर भी निर्भर करती है। सबसे रंगदार प्रिंट करने वाला एक मिनट में 100 पेज़ प्रिंट कर सकता है। डी०टी०पी० के लिए लेजर प्रिंटर का रैजुलेशन 600 डॉटस पर (resolution 600 Dots per inch (dpi) होना चाहिए।

प्रश्न 7.
WYSIWYG क्या होता है ?
उत्तर-
WYSIWYG (What-You-See-Is-what-You-Get)-यह शब्द कम्प्यूटिंग में यह बताने के लिए इस्तेमाल होता है कि कंप्यूटर में इलैक्ट्रॉनिक पेज़ जो दिखा रहे हैं वह हमारी आऊटपुट के जैसे है। यह पेज़ एक प्रिंटिग डाक्यूमैंट हो सकता है। बैव पेज या स्लाइड भी हो सकता है। अब वाले डैस्कटॉप. पब्लिशिंग खास आऊटपुट के लिए स्क्रीन उसके अनुसार ढाल लेते हैं। उदाहरण के तौर पर ऐम०एस० वर्ड सॉफ्टवेयर (MS-Word Software) आम आदर्श रंगदार लेज़र प्रिंटर (Typical Colour Laser Printer) कागज़ पर आऊटपुट लेने योग्य होता है। हम डी०टी०पी० (DTP) में तैयार किया हुआ कोई भी डाक्यूमैंट प्रिंट करेंगे तो वह WYSIWYG के बिल्कुल पास होता है।

कुछ हालातों में WYSIWYG का कोई अर्थ नहीं रह जाता क्योंकि डाक्यूमैंट में पेज़ की रचना समय : -अतिरिक्त जानकारी लाभकारी होती है। जैसे कि कई बार हमें नॉन-प्रिंटिंग करैक्टर आदि की ज़रूरत होती है। पेज़ ले-आऊट मोड में हम अक्सर ही ग्रिड ; गाइड लाइन्ज (Guidelines) का उपयोग ऑब्जैक्ट को अलाईन करने के लिए करते हैं।

प्रश्न 8.
डाक्यूमैंट प्लानिंग क्या होती है ? व्याख्या करें।
उत्तर-
डाक्यूमैंट प्लानिंग में नीचे लिखी चीजें शामिल हैंपेज़-ले-आऊट-पेज़ ले-आऊट तैयार करने का मतलब किसी डाक्यूमैंट का खाका तैयार करना है। जब आप टैक्सट, ग्राफिक्स या खास प्रकार के निशान (Symbols), जैसे कि बॉक्स (डिब्बा) फ्रेम, बार्डर आदि इकट्ठा कर लिया तो पेज़ ले-आऊट तैयार कर सकते हैं। इसमें एक पेज़ की ज़रूरत पड़ सकती है।

स्टाइल-डैस्कटॉप पब्लिशिंग सॉफ्टवेयर में आप कितने सारे फौंट्स चुन सकते हैं। ले-आऊट ऐलीमैंट ग्राफिक्स में उनमें रंग तथा उनमें फिल्टर्स इफैक्ट आ सकता है। जो फौंट आप चुनें उसको सभी डाक्यूमैंट में इस्तेमाल करें। डाक्यूमैंट में जानकारी का स्टाइल अच्छा होना चाहिए, जो कि अच्छी तरह समझ आ सके ताकि उसको याद रखा जा सके। स्टाइल का अर्थ अपने डाक्यूमैंट में अपने आप फार्मेटिंग (Formatting) करने के लिए है।

स्टाइल के बिना आपके हर पैराग्राफ, लाइन की अलग से सैटिंग करनी पड़ेगी। यह काम बहुत कठिन और बोरिंग हो जाता है। एक स्टाइल में हैडिंग हैडर और फुटर, बुलेट (Heading, Header & Footer, Bullets) आदि शामिल होते हैं। – मार्जन-मार्जन टैक्सट की बाएं और दाएं, ऊपर और नीचे से टैक्सट की दूरी को कहा जाता है। मार्जन आमतौर पर (From Left, Right, Top, Bottom) एक ईंच के होते हैं। पर इनको अपनी इच्छा अनुसार बढ़ाया या कम किया जा सकता है।

हैडर (Header)-हैडर वह टैक्सट है जो कि पेज़ के ऊपरी हिस्से पर प्रिंट किया जाता है। यह पेज़ नंबर, पाठ नंबर या कोई खास सूचना हो सकती है।
फुटर (Footer)-फुटर वह टैक्सट है जो पेज़ के नीचे के हिस्से पर लिखा जाता है। इसमें भी पेज नंबर, पाठ का नाम और जानकारी हो सकती है। डी०टी०पी० सॉफ्टवेयर अपने आप हर पेज़ नंबर और और सूचना लिख सकता है।

फौंट : यह डाक्यूमैंट डिज़ाइन का बहुत ज़रूरी हिस्सा है। आमतौर पर पाठक एरियल (Arial) या टाईमज़ न्यू रोमन (Time New Roman) स्टाइल वाला फौंट पसंद करते हैं। क्योंकि इसके साथ अक्षर को पढ़ना आसान हो जाता है। आप कुछ फौंट्स को Bold, Italic, Under line आदि कर सकते हैं। एरियल; टाईमज़ न्यू रोम फौंट किताब, मैगजीन और अखबारों में प्रयोग किए जाते हैं।

यह डाक्यूमैंट प्लानिंग बारे कुछ ज़रूरी जानकारी है पर और बातें भी ध्यान देने योग्य हैं जैसे कि पेज का आकार, पेज़ों की संख्या, पेज़ के मध्य कालमों की गिनती, टाइटल, कैपशन (caption) आदि।

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