RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण अव्यये निरूपणम्
Rajasthan Board RBSE Class 6 Sanskrit व्याकरण अव्यये निरूपणम्
अव्यय-जिसमें व्यय अर्थात् परिवर्तन न हो, उसे अव्यय कहते हैं। संस्कृत व्याकरण में अव्यय उन शब्दों को कहते हैं। जिनके रूप में लिंग या कारक के आधार पर किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं होता। मुख्य अव्यय शब्द निम्नलिखित हैं
अव्यय और उनके अर्थ


पाठ्यपुस्तकट्य आधारे उदाहरणानि


अभ्यास
प्रश्न 1,
मञ्जुषातः चितम् अव्ययपदं चित्वा रिक्तस्थाने पूरयत (मञ्जूषा से उचित अव्यय पद चुनकर रिक्तस्थानों को पूरा कीजिए)|
मंजूषा : तत्र, यत्र, अत्र, कुत्र, सर्वत्र, अधः, आम्, यथा, तथा, अते, अपि
प्रश्न 1.
ईश्वरः ……………. अस्ति
उत्तर:
सर्वत्र
प्रश्न 2.
ज्ञानात् …………. ने मुक्ति ।
उत्तर:
ऋते
प्रश्न 3.
जलम् …………. गच्छति।
उत्तर:
अधः
प्रश्न 4.
मीनः …………… तरति ?
उत्तर:
कुत्र
प्रश्न 5.
………… धूमः ………………. अग्निः
उत्तर:
यत्र, तत्र।
प्रश्न 2.
उचित विकल्पं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत (उचित विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए)
प्रश्न 1.
अत्र लताः कलिकाः …………… सन्ति।
(अ) अपि
(ब) तु
(स) च
(द) एवम्
उत्तर:
(स) च
प्रश्न 2.
……………. जनौ भमतः
(अ) कथम्
(ब) अत्र
(स) यत्र
(द) श्वः
उत्तर:
(ब) अत्र
प्रश्न 3.
वयम् ……………… विद्यालये पठाः
(अ) अत्र
(ब) कुत्र
(स) यत्र
(द) सर्वत्र।
उत्तर:
(अ) अत्र
प्रश्न 4.
युवा …………….. गच्छथः?
(अ) यत्रे
(ब) अत्र
(स) कुत्र
(द) तत्र।
उत्तर:
(स) कुत्र
प्रश्न 5.
प्रणवः मित्रै …………… क्रीडति।
(अ) समीपम्
(ब) सदृ
(स) एवं
(द) अपि।
उत्तर:
(ब) सदृ