फल्गु बिहार की सांस्कृतिक नदी

फल्गु बिहार की सांस्कृतिक नदी   फल्गु बिहार की सांस्कृतिक नदी  चिन्तन-मनन आचार, स्वधर्म सेवन, विविध कलाएं और विधाएं तथा ज्ञान-विज्ञान के समन्वय से जो अहर्निश आत्मा का कर्षण होता है तथा उससे जो श्वेत पुष्प खिलता है, उसी का नाम संस्कृति है। आचार और स्वधर्म-सेवन में ही करूणा, मैत्री, शान्ति, अहिंसा, अपरिग्रह, सम्यक् जीविका … Read more