UK 9th Hindi

UK Board Class 9 Hindi – पत्र-लेखन

UK Board Class 9 Hindi – पत्र-लेखन

UK Board Solutions for Class 9 Hindi – पत्र-लेखन

1. औपचारिक पत्र
FORMAL LETTERS

(क) प्रार्थना-पत्र

(i) अवकाश के लिए प्रार्थना-पत्र
प्रश्न 1 – दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण अवकाश हेतु अपने प्रधानाचार्य को एक प्रार्थना-पत्र लिखिए।
उत्तर-
सेवा में,
प्रधानाचार्य
केन्द्रीय विद्यालय
ऋषिकेश।
विषय : अवकाश हेतु प्रार्थना-पत्र ।
महोदय/श्रीमान्,
      सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय का कक्षा 9 का छात्र हूँ। कल विद्यालय की बस से उतरकर सड़क पार करते समय एक स्कूटर सवार ने मुझे टक्कर मारकर घायल कर दिया। इस दुर्घटना में मेरे दायें पैर की हड्डी टूट गई है, जिस पर प्लास्टर चढ़ा दिया गया है। डॉक्टर के परामर्श के अनुसार मैं पूरी तरह से बिस्तर पर आराम करने को विवश हूँ।
आपसे विनती है आप मुझे 15 नवम्बर से 6 दिसम्बर तक (22 दिन) का अवकाश प्रदान करने की कृपा करें। आपका आभारी रहूँगा ।
धन्यवाद ।
आपका आज्ञाकारी शिष्य,
सुधीर तिवारी
कक्षा 9 ‘ब’
अनुक्रमांक………..
दिनांक : 15 नवम्बर, 2010
प्रश्न 2 – अपनी बड़ी बहन के विवाह के सिलसिले में आप 23 फरवरी, 2010 को अवकाश चाहती हैं। इस हेतु अपनी प्रधानाचार्या को प्रार्थना पत्र लिखिए।
उत्तर-
सेवा में,
प्रधानाचार्या
सन्त ज्ञानेश्वर बालिका विद्यालय
हल्द्वानी।
विषय : एक दिन (23 फरवरी, 2010) के अवकाश हेतु प्रार्थना-पत्र ।
महोदया,
      मेरी बड़ी बहन का विवाह 23 फरवरी, 2010 को होना सुनिश्चित हुआ है। वैवाहिक संस्कार के आयोजन में हाथ बँटाने एवं अतिथि सत्कार आदि के लिए उस दिन मेरा घर पर रहना आवश्यक है।
आपसे प्रार्थना है कि आप मुझे दिनांक 23 फरवरी, 2010 का अवकाश प्रदान करने की कृपा करें। आपकी अत्यन्त आभारी रहूँगी।
धन्यवाद ।
आपकी शिष्या,
भारती उन्याल
कक्षा 9 ‘ब’
अनुक्रमांक………..
दिनांक 22.2.2010
(ii) आर्थिक सहायता के लिए प्रार्थना-पत्र
प्रश्न 3 – अपने प्रधानाचार्य को आर्थिक सहायता के लिए प्रार्थना पत्र लिखिए।
अथवा अपने मुख्याध्यापक को छात्रवृत्ति स्वीकृत करने के लिए प्रार्थना-पत्र लिखिए।
उत्तर-
सेवा में,
मुख्याध्यापक
मान्धाता बालक विद्यालय
हरिद्वार।
विषय : आर्थिक सहायता / निःशुल्क प्रवेश के लिए प्रार्थना-पत्र ।
महोदय,
      निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय का पुराना छात्र हूँ। इस वर्ष कक्षा 9 ‘स’ में पढ़ रहा हूँ। गतवर्ष पिताजी के आकस्मिक निधन के उपरान्त हमारे घर की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। मेरी माताजी अधिक पढ़ी-लिखी नहीं हैं। वे सिलाई का कार्य करके किसी प्रकार घर का खर्च चला रही हैं। बड़ी बहन के स्वास्थ्य पर दो साल से बराबर खर्च हो रहा है। हम बहुत परेशान हैं।
मैं विद्यालय का प्रतिभाशाली छात्र रहा हूँ। शैक्षिक एवं इतर गतिविधियों में मैं विद्यालय का प्रतिनिधित्व करता रहा हूँ और अनेक पुरस्कार भी मैंने प्राप्त किए हैं। यदि मेरी पढ़ाई रुक जाती है तो मेरे परिवार का भविष्य अन्धकारमय हो जाएगा।
मेरी इच्छा है कि मैं पढ़ाई पूरी करके कोई रोजगारपरक प्रशिक्षण प्राप्त करूँ, जिससे मेरी माताजी की व परिवार की आर्थिक समस्या सुलझे । आपसे विनती है कि आप छात्रवृत्ति प्रदान करके / विद्यालय में निःशुल्क प्रवेश देकर मुझे पढ़ाई जारी रखने का अवसर प्रदान करें।
मैं जीवनभर आपका आभारी रहूँगा।
धन्यवाद ।
आपका आज्ञाकारी शिष्य,
रवीन्द्र रावत
कक्षा 9 ‘स’
क्रमांक ……….
दिनांक: 16 जून, 2010
(iii) शुल्क में छूट के लिए प्रार्थना-पत्र
प्रश्न 4 – अपनी प्रधानाचार्या को प्रार्थना पत्र लिखकर अपना मासिक शुल्क कम कराने के लिए प्रार्थना कीजिए ।
अथवा शुल्क क्षमा ( फीस माफी) के लिए अपने प्रधानाध्यापक को प्रार्थना पत्र लिखिए ।
उत्तर-
सेवा में,
प्रधानाचार्या
पार्वती देवी कन्या इण्टर कॉलेज
ऋषिकेश मार्ग
देहरादून।
विषय : मासिक शुल्क कम कराने के लिए प्रार्थना-पत्र।
महोदया,
      सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय की कक्षा 9 ‘अ’ की छात्रा हूँ। मेरे पिताजी की एक छोटी-सी कपड़े की दुकान है। उससे इतनी आमदनी नहीं हो पाती है कि पूरे परिवार का खर्च चल सके। अपने परिवार में सबसे बड़ी सन्तान होने के कारण मेरी पढ़ाई भविष्य के लिए जरूरी है, परन्तु मेरे पिता सालभर की पूरी फीस नहीं दे पाएँगे। आपसे अनुरोध है कि मुझे मासिक शुल्क आधा जमा करने की छूट दी जाए, जिससे कि सुचारु रूप से अपनी पढ़ाई जारी रख सकूँ और समय पर परीक्षा दे सकूँ।
मैं आपको विश्वास दिलाती हूँ कि मैं अच्छे अंक लाकर विद्यालय का नाम रोशन करूँगी।
आपकी दयालुता के लिए मैं सदा कृतज्ञ रहूँगी ।
धन्यवाद ।
आपकी आज्ञाकारी शिष्या,
प्रसन्न कुमारी
कक्षा 9 ‘अ’
क्रमांक ………
दिनांक : 12 मई, 2010
(ख) आवेदन-पत्र
(i) नियोक्ता कार्यालय में पद के लिए आवेदन-पत्र
प्रश्न 5 – सर्वशिक्षा अभियान के अन्तर्गत चल रहे रात्रिकालीन शिक्षण – केन्द्रों में प्रौढ़ों को पढ़ाने के लिए अंशकालिक शिक्षकों की आवश्यकता है, जो कम-से-कम सेकण्डरी तक पढ़े हों। इस कार्य के लिए निदेशक प्रौढ़ शिक्षा, जयपुर, राजस्थान को आवेदन पत्र लिखिए ।
उत्तर-
सेवा में,
निदेशक प्रौढ़ शिक्षा
जयपुर
राजस्थान।
विषय : अंशकालिक शिक्षक पद के लिए आवेदन।
महोदय,
    आपके कार्यालय द्वारा 12 जनवरी, 2010 के ‘रोजगार समाचार’ में प्रकाशित विज्ञापन क्रमांक 268 (क) का सन्दर्भ लें।
उक्त पद के लिए मैं अपनी सेवाएँ प्रस्तुत करना चाहता हूँ। मेरा परिचय तथा शैक्षणिक योग्यता इस प्रकार है—
नाम                     : हरिशंकर तिवारी
पिता का नाम       : श्री मेवाराम तिवारी
जन्म-तिथि           : 10.5.1988
(दस मई उन्नीस सौ अठासी)
स्थायी निवास      : 272, सेक्टर-II,
एल०आई०सी० कॉलोनी, देहरादून
पत्र-व्यवहार का पता : 272, सेक्टर-II,
एल०आई०सी० कॉलोनी, देहरादून
दूरभाष                   :
शैक्षणिक योग्यताएँ :
कक्षा विद्यालय का नाम बोर्ड/विश्वविद्यालय का नाम प्राप्तांक विषय
हाईस्कूल राजकीय उच्चतर विद्यालय, कानपुर उत्तर प्रदेश शिक्षा बोर्ड  485/600 हिन्दी, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, कम्प्यूटर
इण्टरमीडिएट राजकीय उच्चतर विद्यालय, कानपुर उत्तर प्रदेश शिक्षा बोर्ड 395/500 हिन्दी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, नागारिकशास्त्र, कला
बी० ए० आगरा कॉलेज, आगरा आगरा विश्वविद्यालय 850/1000 साहि० हिन्दी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र
कार्यानुभव : डी०ए०वी० स्कूल, कानपुर में पढ़ाने का 8 मास का अनुभव
वर्तमान में : बेरोजगार
मैं आपके द्वारा विज्ञापित पद की अर्हताएँ पूरी करता हूँ और मुझे कार्यानुभव भी है। आशा है आप मुझे सेवा का अवसर अवश्य प्रदान करेंगे।
धन्यवाद ।
आवेदक
हस्ताक्षर
(हरिशंकर तिवारी)
दिनांक : 14 जनवरी, 2010
संलग्नकों की संख्या : 4
प्रश्न 6 – आदर्श कन्या विद्यालय, बागेश्वर में निम्न श्रेणी लिपिक पद (हिन्दी) के लिए आवेदन-पत्र लिखिए।
उत्तर-
सेवा में,
मुख्य अध्यापिका
आदर्श कन्या विद्यालय
बागेश्वर |
विषय : निम्न श्रेणी लिपिक पद (हिन्दी) के लिए आवेदन-पत्र।
महोदया,
आपके विद्यालय का विज्ञापन ‘दैनिक जागरण’ (अंक 10.5.2010) में निम्न श्रेणी लिपिक पद (हिन्दी) हेतु देखा। मैं उपर्युक्त पद के लिए अपना आवेदन प्रस्तुत कर रहा हूँ। आशा है आप मुझे सेवा का एक अवसर अवश्य देंगी। मेरा परिचय तथा शैक्षिक योग्यताएँ आदि इस प्रकार हैं-
पद, जिसके लिए आवेदन किया जा रहा :
निम्न श्रेणी लिपिक (हिन्दी)
1. नाम  : राजवीर सिंह नेगी
2. पिता का नाम  : श्री परमवीर सिंह नेगी
3. पिता का व्यवसाय : सुरक्षाकर्मी
4. जन्म-तिथि  : 8.12.1990
    (आठ दिसम्बर उन्नीस सौ नब्बे)
5. जन्म-स्थान   : ऊधमसिंहनगर
6. वर्तमान पता  : 124, लक्ष्मी निवास, रवीन्द्रनगर, चमोली
7. स्थायी पता    : 124, लक्ष्मी निवास, रवीन्द्रनगर, चमोली
8. क्या आप अनुसूचित जाति/जनजाति/ पिछड़ी जाति के हैं ? : नहीं
9. यदि ‘हाँ’ तो जाति का नाम लिखिए : —
10. क्या आप भारतीय नागरिक हैं? : हाँ
11. यदि ‘नहीं’ तो अपनी नागरिकता लिखिए : —
12. अर्हताएँ :
कक्षा श्रेणी प्राप्तांक वर्ष बोर्ड विषय
हाईस्कूल प्रथम 383/600 2005 यू०पी० बोर्ड हिन्दी, गणित, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी, कम्प्यूटर, विज्ञान
इण्टरमीडिएट द्वितीय 232/500 2007 यू०पी० बोर्ड हिन्दी, अंग्रेजी, इतिहास, अर्थशास्त्र, नागरिकशास्त्र
टंकण डिप्लोमा 2008 आई०टी० आई०, नई दिल्ली हिन्दी टंकण
13. पोस्टल ऑर्डर ( संख्या 058275) संलग्न ।
मैं घोषणा करता हूँ कि मेरे द्वारा दी गई उपर्युक्त सभी सूचनाएँ मेरी जानकारी में सही हैं।
आवेदक
हस्ताक्षर
(राजवीर सिंह नेगी)
दिनांक : 12 मई, 2010
संलग्नकों की संख्या: 5
(ii) निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन प्रस्तुत करना
प्रश्न 7 – आप महिमा तिवारी हैं। आपने बी०एड० किया है। आप हिन्दी अध्यापिका पद के लिए निर्धारित प्रपत्र पर अपना आवेदन प्रस्तुत कीजिए ।
उत्तर-
पद, जिसके लिए आवेदन किया जा रहा है : हिन्दी अध्यापिका (टी०जी०टी०)
1. नाम : महिमा तिवारी
2. पिता का नाम : श्री रामशरण तिवारी
3. माता का नाम : श्रीमती यशोदा तिवारी
4. पिता का व्यवसाय : प्राध्यापक
5. जन्म-तिथि : 16.01.1985
  (सोलह जनवरी उन्नीस सौ पिचासी )
6. वर्तमान पता : 321, सेक्टर II.
     ज्वालापुर, हरिद्वार
7. स्थायी पता : उपर्युक्त
8. दूरभाष : 3987255
9. क्या आप अनुसूचित जाति/जनजाति/या पिछड़ी जाति के हैं? : नहीं
10. यदि ‘हाँ’ तो जाति का नाम लिखिए : —
11. क्या आप भारतीय नागरिक हैं? : हाँ
12. यदि ‘नहीं’ तो अपनी नागरिकता लिखिए : —
13. अर्हताएँ :
कक्षा श्रेणी वर्ष बोर्ड/विश्वविद्यालय विषय
हाईस्कूल प्रथम 2000  मध्य प्रदेश बोर्ड हिन्दी, गणित, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी, विज्ञान, कम्प्यूटर
इण्टरमीडिएट द्वितीय 2002 मध्य प्रदेश बोर्ड हिन्दी, अंग्रेजी, इतिहास, अर्थशास्त्र, नागरिकशास्त्र
बी० ए० द्वितीय 2005 सागर विश्वविद्यालय हिन्दी, अंग्रेजी, इतिहास, अर्थशास्त्र
बी० एड० प्रथम 2006 सागर विश्वविद्यालय हिन्दी, संस्कृत अध्यापन विषय
आवेदित पद के लिए निर्धारित योग्यताएँ एवं अर्हताएँ मुझमें हैं। मैं घोषणा करती हूँ कि उपर्युक्त सारी जानकारी मेरे अनुसार सही है।
आवेदिका
हस्ताक्षर
(महिमा तिवारी)
दिनांक : 12 मई, 2010
संलग्न : (क) हाईस्कूल के प्रमाण-पत्र की प्रतिलिपि
(ख) इण्टरमीडिएट के प्रमाण पत्र की प्रतिलिपि
(ग) बी०ए० के प्रमाण-पत्र की प्रतिलिपि
(घ) बी० एड० के प्रमाण-पत्र की प्रतिलिपि
(ङ) चरित्र प्रमाण-पत्र
(च) पोस्टल ऑर्डर ( संख्या 2916 ) ।
(ग) बधाई पत्र
चयन होने पर बधाई पत्र
प्रश्न 8 – आप डी०ए०वी० पब्लिक स्कूल, देहरादून के प्राचार्य डॉ० सुमित रावत हैं। आपके विद्यालय के हिन्दी विभाग की अध्यापिका श्रीमती प्रवीना कुलश्रेष्ठ को राष्ट्रीय संगोष्ठी के संचालन के लिए चयनित किया गया है। आप उन्हें बधाई पत्र लिखिए।
उत्तर-
डॉ० सुमित रावत
प्राचार्य
डी०ए०वी० पब्लिक स्कूल
देहरादून।
2 मार्च, 2010
प्रिय श्रीमती प्रवीना कुलश्रेष्ठ (हिन्दी विभाग),
आपको सूचित करते हुए मुझे अपार हर्ष हो रहा है कि आपको 15 अगस्त, 2010 को होनेवाली राष्ट्रीय संगोष्ठी के संचालन के लिए चुना गया है। यह आपके लिए व हमारे विद्यालय के लिए बड़े गौरव की बात है। मेरी ओर से तथा विद्यालय परिवार की ओर से बधाई स्वीकार करें।
भवदीय
हस्ताक्षर
(सुमित रावत)
(iv) सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए बधाई पत्र
प्रश्न 9 – आप मान्धाता पब्लिक स्कूल, जयपुर के प्राचार्य डॉ० रोमेश शर्मा हैं। आपके विद्यालय के छात्र कलाकारों ने राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता में पूरे राजस्थान में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। आप छात्रों को बधाई – पत्र लिखिए।
उत्तर-
डॉ० रोमेश शर्मा
प्राचार्य
मान्धाता पब्लिक स्कूल
जयपुर।
15 मार्च, 2010
प्रिय छात्रगण,
मुझे यह जानकर अत्यन्त प्रसन्नता हुई कि आपके गायक दल राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता में पूरे राजस्थान में प्रथम स्थान अर्जित किया है। विद्यालय का गौरव बढ़ाने के लिए आप सब बधाई के पात्र हैं। मैं प्रार्थना करता हूँ कि आपकी प्रतिभा और भी ऊँचाइयाँ प्राप्त करे। एक बार फिर बधाई !
भवदीय
हस्ताक्षर
(रोमेश शर्मा )
(घ) धन्यवाद-पत्र
(i) कार्यक्रम में सहयोग के लिए धन्यवाद-पत्र
प्रश्न 10 – आप श्रीमती सुनन्दा गैरोला सिटी मॉण्टेसरी स्कूल, मसूरी की प्रधानाचार्या हैं। आपके विद्यालय का वार्षिकोत्सव सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। अपने स्टाफ को उसके सहयोग के लिए एक धन्यवाद – पत्र लिखिए ।
उत्तर-
श्रीमती सुनन्दा गैरोला
प्रधानाचार्या
सिटी मॉण्टेसरी स्कूल
मसूरी।
10 मार्च, 2010
सभी स्टाफ सदस्य,
विद्यालय का वार्षिकोत्सव बिना किसी विघ्न-बाधा सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया, इसके लिए आप सब धन्यवाद के पात्र हैं। आप सबके अथक परिश्रम, अपूर्व सहयोग तथा उत्साह के कारण ही यह सम्भव सका। विद्यालय की प्रबन्ध समिति ने इस आयोजन से प्रभावित एवं प्रसन्न होकर विद्यालय के स्टाफ रूम के लिए एक. वाटर कूलर प्रदान किया है।
छात्रों ने इस कार्यक्रम में जिस प्रकार उत्साहपूर्वक भाग लिया, वह आप सबकी प्रेरणा से ही सम्भव हो सका। छात्रों के अभिभावकों एवं विशिष्ट अतिथियों की ओर से प्रशंसा पत्र पाकर मैं आप सबको धन्यवाद दिए बिना नहीं रह सकती।
आशा है आप सब भविष्य में भी ऐसा ही सहयोग बनाए रखेंगे।
भवदीया
हस्ताक्षर
(सुनन्दा गैरोला)
(ङ) शुभकामना पत्र
(i) विदेश यात्रा के लिए शुभकामना पत्र
प्रश्न 11 – आप शिवाजी पब्लिक स्कूल, उल्हासनगर, मुम्बई के प्राचार्य डॉ० मुरली मनोहर फड़के हैं। आपके हिन्दी विभाग के अध्यापक श्री गोविन्द प्रकाश झा अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन में भाग लेने के लिए मॉरिशस जा रहे हैं। उनके प्रति शुभकामना व्यक्त करते हुए एक पत्र लिखिए।
उत्तर-
डॉ० मुरली मनोहर फड़के
प्राचार्य
शिवाजी पब्लिक स्कूल
उल्हासनगर
मुम्बई ।
दिनांक 10.1.2010
प्रिय श्री गोविन्द प्रकाश झा,
अत्यन्त हर्ष का विषय है कि मॉरिशस में सम्पन्न होनेवाले अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन में आपको प्रतिनिधि के रूप में जाने का सुअवसर मिला है।
यात्रा के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ ग्रहण करें।
भवदीय
हस्ताक्षर
(मुरली मनोहर फड़के)
(ii) नए पद के लिए शुभकामना पत्र
प्रश्न 12 – आप डी०ए०वी० पब्लिक स्कूल, पाटलिपुत्र कॉलोनी, पटना के प्राचार्य डॉ० मदनगोपाल सिंह हैं। आपके विद्यालय के एक वरिष्ठ अध्यापक डॉ० सुनील मिश्र किसी विद्यालय के प्राचार्य पद के लिए आवेदन कर रहे हैं। आप उनके प्रति शुभकामना पत्र प्रेषित कीजिए ।
उत्तर-
डॉ० मदनगोपाल सिंह
प्राचार्य
डी०ए०वी० पब्लिक स्कूल
पाटलिपुत्र कॉलोनी
पटना।
दिनांक 24.04.2010
डॉ० सुनील मिश्रजी,
मुझे प्रसन्नता है कि आप प्राचार्य पद के लिए आवेदन कर रहे हैं। मैं आपकी सफलता के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ। मेरी शुभकामनाएँ आपके साथ हैं।
भवदीय
हस्ताक्षर
(मदनगोपाल सिंह)
(च) शिकायती पत्र
(i) स्वास्थ्य अधिकारी के नाम शिकायती पत्र
प्रश्न 13 – अपने क्षेत्र में मच्छरों के प्रकोप का वर्णन करते हुए उचित कार्यवाही के लिए अपने नगर के स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखिए।
उत्तर-
सेवा में,
स्वास्थ्य अधिकारी
……….. नगरपालिका
……….. नगर ।
विषय : मच्छरों का बढ़ता प्रकोप ।
महोदय,
      मैं आपका ध्यान अपने क्षेत्र में मच्छरों के बढ़ते प्रकोप की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। मैं गोपालगंज क्षेत्र का निवासी हूँ। पूरे गोपालगंज क्षेत्र में आजकल मच्छरों का भयंकर प्रकोप है। दिन हो या रात, मच्छरों के झुण्ड के झुण्ड सदा मँडराते नजर आ जाते हैं। रात को सोना छोड़, पलभर के लिए चैन से बैठना भी मुश्किल है। सुबह उठते हैं तो बच्चों के मुँह लाल-लाल दानों से भरे होते हैं। मच्छरों के कारण घर-घर मलेरिया फैला हुआ है। प्रायः सभी घरों में एक-न-एक मलेरिया का रोगी मिल जाएगा। इन मच्छरों के कारण स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है।
हमारे क्षेत्र में मच्छरों की अधिकता का बड़ा कारण है— गन्दे पानी का तालाब और गली-मुहल्लों में फैली कच्ची चौड़ी-चौड़ी खुली देते, इसलिए नालियों में हमेशा गन्दगी भरी रहती है। लोग अपने घरों नालियाँ | मुहल्ले में नियुक्त सफाईकर्मी भी सफाई की ओर ध्यान नहीं की गन्दगी को बाहर यूँ ही बिखरा देते हैं, जो धीरे-धीरे नालियों में भरकर भयंकर बदबू पैदा करती है। नगरपालिका में हमने कई बार निवेदन किया है कि हमारे क्षेत्र के तालाब को भरवा दिया जाए, भवदीय जिससे मच्छरों का मुख्य अड्डा समाप्त हो जाए, किन्तु इस ओर कभी ध्यान नहीं दिया गया।
इस बार अत्यधिक वर्षा के कारण जगह-जगह जल भराव हो गया है। सब जगह कीचड़, मल और बदबूदार जल का जमावड़ा दिखाई देता है। अतः मैं पुनः गोपालगंज के निवासियों की ओर से आपसे साग्रह प्रार्थना करता हूँ कि मच्छरों को समाप्त करने के लिए घरों में मच्छरनाशक दवाई छिड़कवाने की व्यवस्था की जाए। मलेरिया से सुरक्षा के लिए समय-समय पर चिकित्सा शिविर की व्यवस्था भी की जाए तथा पूरे क्षेत्र की सफाई के व्यापक प्रबन्ध किए जाएँ।
आशा है आप विषय की गम्भीरता को देखते हुए शीघ्र कार्यवाही करेंगे।
धन्यवादसहित ।
भवदीय
हस्ताक्षर
(क. ख.ग.)
सचिव
स्वास्थ्य रक्षा समिति
गोपालगंज, जसपुर
दिनांक …………….
(ii) डाकपाल के नाम शिकायती पत्र
प्रश्न 14 – आपके मुहल्ले का डाकिया ठीक से डाक वितरित नहीं करता, इस सम्बन्ध में डाकपाल को शिकायती पत्र लिखिए।
उत्तर-
सेवा में,
डाकपाल महोदय
क. ख. ग.
नगर ।
विषय : सिद्धपुर मुहल्ले की डाक-वितरण व्यवस्था सुचारु न होने के सम्बन्ध में।
महोदय,
      मैं अपने मुहल्ले सिद्धपुर के डाकिये की लापरवाही की ओर आपका ध्यान खींचना चाहता हूँ। जब से यह नया डाकिया हमारे मुहल्ले में आया है, तब से हमें डाक ठीक से नहीं मिलती। कभी पत्र पत्र पेटी के बाहर आँगन में पड़े मिलते हैं तो कभी बहुत देरी से मिलते हैं। मेरे अनेक पत्र उसकी लापरवाही से पानी में भीगकर गल चुके हैं। अभी कल ही मुझे एक पत्र मिला है। यह पत्र दस दिन पहले डाक में डाला गया था। पता नहीं, इसे मेरे घर पहुँचने में इतने दिन कैसे लगे ?
अतः आपसे निवेदन है कि आप उस पर निगरानी रखें, उसे चेतावनी दें तथा हमारे मुहल्ले की डाक-वितरण व्यवस्था ठीक कराएँ ।
धन्यवाद ।
भवदीय,
अ.ब.स. तथा
सिद्धपुर के अन्य निवासीगण
दिनांक: 6 मार्च, 2010
(छ) सम्पादकीय पत्र
सम्पादक के नाम विभिन्न समस्याओं पर पत्र
प्रश्न 15-अपने क्षेत्र में बिजली संकट से उत्पन्न कठिनाइयों का वर्णन करते हुए किसी दैनिक समाचार-पत्र के सम्पादक को पत्र लिखिए।
उत्तर-
सेवा में,
प्रधान सम्पादक
दैनिक अमर उजाला
देहरादून।
विषय : बिजली संकट से उत्पन्न कठिनाइयाँ ।
महोदय,
      आपके लोकप्रिय समाचार पत्र के माध्यम से मैं बिजली संकट से उत्पन्न कठिनाइयों की ओर सरकार तथा सम्बन्धित अन्य अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ। आशा है आप विषय की गम्भीरता को देखते हुए मेरे इस पत्र को अपने समाचार-पत्र में स्थान देंगे।
आजकल देहरादून बिजली बोर्ड की ओर से नित्य बिजली की कटौती की जा रही है। प्रायः दिनभर बिजली गायब रहती है। रात को भी आँख मिचौनी चलती रहती है। आजकल भीषण गरमी पड़ रही है। बिजली न होने से सारा जन-जीवन अस्त-व्यस्त-सा हो गया है। छात्रों की परीक्षाएँ सिर पर हैं। बिजली की इतनी अनियमितता से छात्र परेशान हैं। नगर का औद्योगिक क्षेत्र लगभग निष्क्रिय पड़ा है। दिहाड़ी मजदूर बेरोजगारी और भूख से बेहाल हैं।
सरकारी, गैर-सरकारी और निजी कार्यालय सब जगह भीषण गरमी से परेशान अधिकारी और कर्मचारी अपना कार्य सही तथा नियमितता से नहीं कर पा रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों की व्यथा इस असुविधा से और बढ़ जाती है। आवश्यक व्यापारिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों-संस्थानों आदि पर भी इसका दुष्प्रभाव पड़ रहा है। प्रेस, फोटोग्राफी, वैज्ञानिक प्रयोगशालाएँ, शोध संस्थान आदि सबका कार्य रुका पड़ा है।
सड़कों पर भी कहीं-कहीं टिमटिमाती रोशनी दिखती है। दुर्घटनाएँ आए-दिन होती रहती हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि हम कई सदी पीछे अँधेरे युग में पहुँच गए हैं। आपसे विनती है कि इन समस्याओं से आम जनता को राहत दिलाने का प्रयास करें।
विशेष रूप से बिजली बोर्ड के अधिकारियों से मेरा आग्रह है कि जनहित के लिए अधिक बिजली उत्पादन करें। जहाँ सम्भव हो, वहाँ बिजली की बरबादी और बिजली चोरी को रोकें। आज के जीवन की यह अनिवार्य आवश्यकता है; अत: इस ओर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है।
आशा है, आप शीघ्रातिशीघ्र कुछ सक्रिय पहल करेंगे जिससे जन-जीवन में व्याप्त रोष कम हो ।
धन्यवादसहित।
भवदीय
हस्ताक्षर
(अ.ब.स.)
46, सुहासनगर, देहरादून
दिनांक : 13 जून, 2010
प्रश्न 16 – किसी समाचार-पत्र के सम्पादक को पत्र लिखकर अपने मुहल्ले में ध्वनि विस्तारकों (लाउडस्पीकरों ) के कारण उत्पन्न शोर और ध्वनि-प्रदूषण के कष्टों का वर्णन कीजिए ।
उत्तर-
सेवा में,
सम्पादक महोदय,
नवभारत टाइम्स
नई दिल्ली।
विषय : ध्वनि विस्तारकों से उत्पन्न शोर एवं ध्वनि प्रदूषण ।
महोदय,
      आपके प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र ‘नवभारत टाइम्स’ के माध्यम से मैं ध्वनि विस्तारकों से होनेवाले कष्टों की ओर उन लोगों का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ, जो इन कष्टों की घोर उपेक्षा करते हैं। हमारे मुहल्ले के लोग पहले भी विनम्रतापूर्वक इसे रोकने के लिए उनसे कह चुके हैं, पर लगता है कि उन्हें हमारे कष्टों की तनिक भी परवाह नहीं है। इस पत्र के द्वारा मैं ऐसे लोगों की गैरजिम्मेदाराना हरकत को सबके सामने लाना अपना सामाजिक उत्तरदायित्व समझता हूँ। आशा है आप इस पत्र को अपने ‘लोकवाणी’ स्तम्भ में स्थान देकर जागरूकता लाने में सहयोग प्रदान करेंगे।
हमारे मुहल्ले पीपलबाग में चारों ओर लाउडस्पीकरों के शोर के कारण मुहल्लेवालों का जीवन कष्टमय हो गया है। धार्मिक स्थलों पर भजन-कीर्तन, नमाज और गुरुबानी में मानो लाउडस्पीकरों के प्रयोग की प्रतियोगिता – सी चलती रहती है। यह सि शुरू हो जाता है। सन्ध्याकाल और रात्रि का समय भी इसका अपवाद नहीं है। इतने कर्णकटु शोर में छात्र अपनी पढ़ाई को लेकर हमेशा तनावग्रस्त रहते हैं। उच्चस्तरीय परीक्षाओं की तैयारी करनेवाले छात्रों की कठिनाइयों का तो अनुमान लगाना भी कठिन है।
आपके पत्र के माध्यम मैं ऐसे लोगों से सामाजिक हित में हमारी कठिनाइयों को समझकर ध्वनि – विस्तारकों के अन्धाधुन्ध प्रयोग एक सभ्य नागरिक का आचरण करने की अपील करता हूँ। आशा है वे पर रोक लगाएँगे।
धन्यवाद ।
भवदीय
हस्ताक्षर
(फूलचन्द रावत)

पीपलबाग
ऊधमसिंह नगर
दिनांक : 10 मई, 2010
प्रश्न 17-अपने क्षेत्र में कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर प्रकाश डालते हुए किसी दैनिक समाचार-पत्र के सम्पादक को पत्र लिखिए।
उत्तर-
सेवा में,
मुख्य सम्पादक
दैनिक हिन्दुस्तान
दिल्ली।
विषय : कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति ।
महोदय,
      हमारे नगर में दिन-प्रतिदिन अपराधों की वृद्धि से नगरवासियों का जीवन कष्टमय हो गया है। आपके लोकप्रिय समाचार-पत्र द्वारा मैं इसी समस्या की ओर सम्बन्धित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ। आशा है आप विषय की गम्भीरता को ध्यान में रखकर इस पत्र को ‘पाठकों के पत्र’ स्तम्भ में अवश्य स्थान देंगे।
यों तो यह केवल हमारे नगर, प्रान्त या देश की ही समस्या नहीं, अपितु पूरे विश्व में इसका फैलाव है, परन्तु इधर कुछ दिनों से जिस तरह अपराधकर्मी बेधड़क अपराध करके सड़कों पर खुले घूम रहे हैं, उससे ऐसा लगता है कि प्रशासन ने इस ओर से आँखें मूँद रखी हैं। वास्तव में चिन्ता का विषय यही है। पिछले कुछ दिनों से आम आदमी का घर से बाहर कहीं किसी काम से निकलना भी दूभर हो गया है। आपराधिक तत्त्व सब तरफ हावी हैं। आजकल जिस प्रकार देश ही नहीं, विश्वभर में आतंकवाद का भय व्याप्त है उससे यहाँ की स्थिति और भी नाजुक हो जाती है। हर समय मन में एक भय-सा बना रहता है। कोई सामान्य अथवा गम्भीर घटना होने पर जब भी पुलिस को सूचित किया जाता है, उसका रवैया उपेक्षापूर्ण ही होता है। खबर पाकर भी पुलिस काफी देर से पहुँचती है। कार्यवाही का काम भी पुलिस बड़े ढीले, लचर तरीके से करती है।
मेरा सम्बन्धित अधिकारियों से अनुरोध है कि वे योजनाबद्ध तरीके से नगर की व्यवस्था सुधारने हेतु कड़े कदम उठाएँ, जिससे आम नागरिक चैन से जी सकें और यहाँ की पवित्रता कायम रहे।
धन्यवाद ।
भवदीय
हस्ताक्षर
(मोहम्मद कासिम)
म० नं० 28, दरगाह रोड,
पिरान कलियर |
दिनांक : 14 फरवरी, 2010
2. अनौपचारिक पत्र
(INFORMAL LETTERS)
(क) व्यक्तिगत पत्र
(i) बधाई पत्र
प्रश्न 1 – आपका मित्र बोर्ड परीक्षा में प्रथम आया है। इस सफलता पर उसे बधाई पत्र लिखिए।
उत्तर-
मकान नं० 46
मुहल्ला
कबीरनगर
चमोली |
10 मार्च, 2010
प्रिय मित्र हरीश,
सप्रेम नमस्कार ।
कल के ‘टाइम्स ऑफ इण्डिया’ में बोर्ड की परीक्षा में तुम्हारे प्रथम आने का समाचार पढ़कर मुझे जो हार्दिक प्रसन्नता हुई, उसे शब्दों में व्यक्त कर पाना कठिन है।
हरीश ! मैं तो पहले ही से यह आशा करता था। पढ़ाई के प्रति तुम्हारी लगन देखकर तो मुझे पूर्ण विश्वास हो गया था कि तुम्हें अवश्य बड़ी सफलता मिलेगी। दसवीं में सर्वोच्च अंक प्राप्त करके तुमने परिवार और अपने विद्यालय दोनों को गौरवान्वित किया है। तुम्हें छात्रवृत्ति भी मिली है। तुम अक्सर कहा करते थे कि तुम मेडिकल में जाना चाहते हो पर पिताजी इतना भार वहन नहीं कर सकते, परन्तु अब तो तुम्हारे परिश्रम ने ही तुम्हारे लिए मार्ग और दिशा निर्धारित कर दी है । तुम्हारे जैसे लोगों के लिए ही कहा जाता है कि मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता स्वयं है। मुझे तुम पर गर्व है ।
एक बार फिर ढेरों बधाई और प्यार ।
तुम्हारा मित्र
जगदीश
(ii) शुभकामना पत्र
प्रश्न 2 – तुम नवीन शर्मा, 184, जनकपुरी, नई दिल्ली के निवासी हो । अपने छोटे भाई को आनेवाली परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए शुभकामना पत्र लिखिए।
उत्तर-
184, जनकपुरी
नई दिल्ली।
दिनांक : 11 फरवरी, 2010
प्रिय प्रवीण,
सस्नेह ।
आशा है तुम स्वस्थ और सकुशल होंगे। अगले महीने में तुम्हारी बोर्ड की परीक्षाएँ हैं। यों तो तुम स्वयं ही परिश्रमी हो, परन्तु बड़े भाई के नाते अपने अनुभव से मैं तुम्हें यह बताना अपना फर्ज समझता हूँ कि परिश्रम से बढ़कर सफलता का कोई शॉर्ट-कट नहीं है। खूब मन लगाकर मेहनत करो। हम बड़ों का आशीर्वाद तुम्हारे साथ है। जीवन में दुआओं का भी बहुत महत्त्व है। आशीर्वाद और शुभकामनाएँ परिश्रम की घोर थकान को कम करते हैं और आत्मबल बढ़ाते हैं। मेरा स्वयं का यह अनुभव रहा है।
तुम्हें हमारी ओर से ढेरों शुभकामनाएँ। आनेवाली परीक्षा में तुम बहुत अच्छे अंक लाओ।
आशीर्वादसहित।
तुम्हारा भैया
नवीन शर्मा
प्रश्न 3 – तुम भगवतीनगर, जम्मू, सेक्टर III, मकान नं० 107 में रहनेवाले विनोद चौहान हो। अपने मित्र अनुपम गुप्ता को आगामी परीक्षा में सफलता के लिए शुभकामना – पत्र लिखिए।
उत्तर-
मकान नं० 107, सेक्टर III
भगवतीनगर
जम्मू।
दिनांक : 27 मार्च, 2010
प्रिय मित्र अनुपम गुप्ता,
सस्नेह नमस्कार।
आशा करता हूँ तुम स्वस्थ और सानन्द होंगे ।
आजकल तो तुम किताबों में ही खोए रहते होंगे, परीक्षाएँ जो सिर पर हैं। अब तो दिन-रात बस दो ही बातें याद रहती होंगी – एक तो पुस्तकें और दूसरी परिश्रम। तुम तो बहुत ही मेहनती हो; अतः तुम्हारी सफलता निश्चित है।
आनेवाली परीक्षाओं के लिए मेरी ओर से हार्दिक शुभकामनाएँ स्वीकार करो। इस समय तुम्हारा एक-एक पल कीमती है; अतः तुम्हारा अधिक समय न लूँगा ।
तुम्हारा ही
विनोद चौहान
(iii) संवेदना-पत्र ( निधन पर )
प्रश्न 4 – किसी मित्र को उसकी माताजी के आकस्मिक निधन पर एक संवेदना – पत्र लिखिए ।
उत्तर—
128, सेक्टर II
‘सीताधाम’
घण्टाघर के समीप
ऋषिकेश।
5 जून, 2010
प्रिय मित्र सूरज,
कल ही तुम्हारा पत्र मिला। पत्र के माध्यम से यह जानकर अत्यन्त दुःख हुआ कि पूज्य माँ का आकस्मिक निधन हो गया है। मैं समझ सकता हूँ कि तुम पर क्या बीत रही होगी । तुम्हारे दुःख को सहानुभूति और सांत्वना के शब्द समाप्त तो नहीं कर सकते, परन्तु कम अवश्य कर सकते हैं।
माता-पिता का अभाव मैं मानता हूँ कि जीवन का सबसे बड़ा अभाव है, परन्तु संसार के जन्म-मृत्यु के चक्र से कोई भी बच नहीं पाया है।
सूरज ! और अधिक क्या कहूँ; मृत्यु ही एक ऐसा सत्य है, जिस पर मनुष्य का कोई वश नहीं चलता। संसार में जो आता है उसका जाना निश्चित है। यह दुःख तो हमें न चाहकर भी सहन करना ही पड़ता है। पूज्य माँ का प्रेममय व्यवहार मैं कभी नहीं भूल सकता। जब हम रातों में देर तक साथ में पढ़ा करते थे तो वे नींद से जागकर भी हम लोगों को गरम दूध, चाय-कॉफी आदि पहुँचाया करती थीं। आज हमारे दुर्भाग्य से वे हमसे दूर हो गई हैं! अब इस भारी दुःख को सहने के अतिरिक्त और उपाय भी क्या है।
मेरी परमपिता परमेश्वर के चरणों में हार्दिक प्रार्थना है कि वह माँ की आत्मा को चिर शान्ति प्रदान करे। प्रिय मित्र, इस विपत्ति के समय में मैं तुम्हें धीरज रखने को ही कहूँगा । ईश्वर तुम्हें एवं परिवार के सभी सदस्यों को इस दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करे ।
तुम्हारे दुःख में तुम्हारे साथ |
तुम्हारा मित्र
सतीश
प्रश्न 5 – विवाह हेतु निमन्त्रण-पत्र तैयार कीजिए ।
उत्तर-
मान्यवर,
मेरे सुपुत्र
चिरंजीव सत्यप्रकाश
एवं
आयुष्मती वन्दना
(सुपुत्री श्रीमती एवं श्री नाहर सिंह निवासी ऋषिकेश )
के पाणिग्रहण संस्कार के शुभ अवसर पर
मेरे निवास 212, पश्चिम विहार, देहरादून पर
आप कार्यक्रमानुसार सादर आमन्त्रित हैं।
-कार्यक्रम-
रविवार, दिनांक 9 मई, 2010        घुड़चढ़ी           4:00 बजे सायं
रविवार, दिनांक 9 मई, 2010        प्रस्थान बारात  7:00 बजे सायं
सोमवार, दिनांक 10 मई, 2010     स्वागत भोज   6 : 00 बजे सायं
स्वागतोत्सुक :
समस्त सम्बन्धी
एवं मित्रगण
विनीत :
मधुसूदन नेपाली
विनीता नेपाली
(iv) निमन्त्रण-पत्र ( समारोह / आयोजन पर)
प्रश्न 6 – अपने मित्र को अपने जन्म-दिवस पर निमन्त्रण-पत्र लिखिए।
उत्तर-
129, सेक्टर II
चमोली |
दिनांक : अगस्त 1, 2010
प्रिय आरती,
सस्नेह नमस्कार ।
आशा है तुम स्वस्थ और सानन्द होंगी। मैं भी यहाँ सकुशल इस बार मैं अपना जन्म – दिवस धूमधाम से मनाने की सोच रही कुछ ऐसा संयोग पड़ रहा है कि चार साल बाद भैया अमेरिका से उसी दिन आ रहे हैं। माँ, पिताजी व भाभी सब उस दिन अर्थात् मेरे जन्मदिन पर पार्टी करने का मन बना रहे हैं। भैया ने मुझे वचन दिया है कि वे पार्टी के समय तक अवश्य आ पहुँचेंगे, इसलिए सबकुछ तय ही समझना। तुम्हें आना ही होगा। सुनीता, कल्पना, वन्दना, रेखा, उर्मिला सब शाम चार बजे ही आ जाएँगी।
अरे! तुम्हें मेरे जन्मदिन की तारीख तो याद है न! 22 अगस्त। 22 अगस्त को रविवार है; अतः तुम्हारे लिए छुट्टी की भी कोई समस्या नहीं है। सब लोग आ रहे हैं। तुम भी आना मत भूलना।
हालाँकि जन्मदिन की पार्टी शाम 5 बजे है, परन्तु सुबह 11 बजे यज्ञ-हवन तथा सत्यनारायण की पूजा भी होगी। 2 : 00 बजे दोपहर के खाने के बाद पार्टी की तैयारी में हम सब जुट जाएँगे। बहुत आनन्द आएगा।
तुम्हारी प्रतीक्षा में।
तुम्हारी सहेली
सुनन्दा
विविध पत्र 
प्रश्न 7 – अपने पिताजी की ओर से भारतीय स्टेट बैंक के प्रबन्धक को पत्र लिखकर ट्रैक्टर खरीदने के लिए ऋण स्वीकृत करने का अनुरोध कीजिए।
उत्तर-
सेवा में,
प्रबन्धक
भारतीय स्टेट बैंक
जीवन बीमा नगर, ऋषिकेश।
विषय : ट्रैक्टर खरीदने के लिए ऋण।
महोदय,
मैं ऋषिकेश का निवासी हूँ। मेरे पास 80 बीघा कृषि योग्य भूमि है। इसकी जुताई के लिए मुझे एक ट्रैक्टर की आवश्यकता है। इसके लिए ऋण प्राप्त करने हेतु आपके कार्यालय द्वारा माँगे गए सभी कागज तथा आवश्यक सूचनाएँ एवं प्रमाण-पत्र, मेरे द्वारा प्रस्तुत आवेदन-पत्र के साथ संलग्न हैं।
आपसे अनुरोध है कि शीघ्र कार्यवाही करके मुझे ऋण दिलाने की व्यवस्था करें।
सधन्यवाद ।
भवदीय
क. ख.ग.

म० नं० ………
मुहल्ला ……..
नगर …….
दिनांक : 21.1.2010

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