UP Board Class 10 Hindi Chapter 2 – हिन्दी व्याकरण (शब्द रचना के तत्त्व) (व्याकरण)
UP Board Class 10 Hindi Chapter 2 – हिन्दी व्याकरण (शब्द रचना के तत्त्व) (व्याकरण)
UP Board Solutions for Class 10 Hindi Chapter 2 हिन्दी व्याकरण (शब्द रचना के तत्त्व) (व्याकरण)
महत्त्वपूर्ण बिन्दु व परिभाषाएँ
शब्द रचना से अभिप्राय
वर्णों या अक्षरों के मेल से बनने वाले अर्थवान अक्षर समूह को ‘शब्द’ कहते हैं। नवीन शब्दों का निर्माण भाषा की चलने वाली सतत प्रक्रिया है। इसे ही भाषा में शब्द रचना या निर्माण कहते हैं। यह तीन प्रकार से होता है
- अर्थवान, स्वतन्त्र मूल शब्द के पूर्व में शब्दांश (उपसर्ग) जोड़कर ।
- अर्थवान, स्वतन्त्र मूल शब्द के पश्चात् में शब्दांश (प्रत्यय) जोड़कर ।
- दो पृथक्-पृथक् अर्थवान स्वतन्त्र शब्दों के मेल से (समास से)।
शब्दांश को अर्थात् शब्द के अंश को स्वतन्त्र रूप से वाक्य में प्रयुक्त नहीं किया जाता है। शब्दांश जोड़कर जिस नवीन शब्द की रचना होती है, वही शब्द वाक्य में प्रयुक्त किया जाता है।
नोट नवीनतम पाठ्यक्रम में हिन्दी व्याकरण के अन्तर्गत उपसर्ग, समास, तत्सम शब्द तथा पर्यायवाची शब्द को सम्मिलित किया गया है।
(क) उपसर्ग
उपसर्ग का अर्थ एवं परिभाषा
‘उपसर्ग’ दो शब्दों (उप + सर्ग) के योग से निर्मित हुआ है। ‘उप’ का अर्थ ‘समीप’, ‘निकट’ या ‘पास में’ होता है, जबकि ‘सर्ग’ का अर्थ है- सृष्टि करना। वे वर्ण या वर्ण-समूह जो किसी शब्द में पहले जुड़कर उस शब्द के अर्थ में परिवर्तन कर देते हैं या नवीन विशेषता उत्पन्न कर देते हैं, उपसर्ग कहलाते हैं; जैसे- ‘हार’ के पहले ‘प्र’ उपसर्ग लगा दिया जाए, तो नया शब्द ‘प्रहार’ बन जाएगा, जिसका नया अर्थ होगा – ‘ मारना’।
उपसर्ग के भेद
उपसर्ग मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं
- संस्कृत के उपसर्ग (तत्सम) ये उपसर्ग अपने मूल रूप में संस्कृत भाषा से हिन्दी भाषा में आए हैं। इनका प्रयोग उन तत्सम शब्दों में होता है, जो हिन्दी में व्यवहार में लाए जाते हैं। इन्हें तत्सम उपसर्ग भी कहा जाता है। संस्कृत के उपसर्गों की संख्या 22 मानी गई है।
- हिन्दी के उपसर्ग (तद्भव) हिन्दी के उपसर्ग मूलतः संस्कृत से ही विकसित हुए हैं। इनका प्रयोग तद्भव शब्दों के पूर्व होता है। इनकी कुल संख्या 10 है। अ, अन्, अध, उन, औ, अव, दु, नि, बिन, भर, कु. क, स, सु आदि हिन्दी के प्रचलित उपसर्ग हैं।
- आगत उपसर्ग विदेशी भाषाओं के वे उपसर्ग, जिनका प्रयोग हिन्दी में होता है, ‘आगत उपसर्ग’ कहलाते हैं। इन्हें विदेशी उपसर्ग भी कहते हैं। अरबी, फारसी, उर्दू, अंग्रेज़ी आदि भाषाओं के उपसर्ग हिन्दी में अत्यधिक प्रचलित हैं। इनमें खुश, ना, सर, बद, कम, गैर, दर, बिला, बे, हम, हर, डिप्टी आदि प्रमुख हैं।
नोट नवीनतम पाठ्यक्रम में हिन्दी भाषा के दो उपसर्ग ‘अ’ एवं ‘अन्’ और संस्कृत भाषा के नौ उपसर्ग ‘अधि’, ‘अप’, ‘अनु’, ‘उप’, ‘सह’, ‘निर्’, ‘अभि’, ‘परि’ एवं ‘सु’ को ही सम्मिलित किया गया है। इसलिए यहाँ इन्हीं से सम्बन्धित अध्ययन सामग्री प्रस्तुत की जा रही है।
संस्कृत एवं हिन्दी के उपसर्ग
| उपसर्ग | अर्थ | नवीन शब्द |
| अ | निषेध, विरोध | अविश्वास, अदृश्य, अलिखित, अहिंसा, असुविधा, अनाथ |
| अन् | अभाव, निषेध | अनादि, अनर्थ, अनाचार, अनपेक्षित, अनुपस्थित, अनन्त, अनभिज्ञ |
| अधि | प्रधान, ऊपर, श्रेष्ठं | अधिकार, अधिपति, अधिकरण, अध्यादेश, अधिगुण, अधिग्रहण, अध्यक्ष, अधिनायक, अधिकृत |
| अप | दूर, बुरा, विरोध, हीनता | अपकार, अपवाद, अपकीर्ति, अपमान, अपयश, अपशब्द, अपमानित, अपव्यय, अपहरण, अपकर्ष, अपराध, अपशकुन, अपकर्म |
| अनु | प्रत्येक, पीछे, समान, क्रम | अनुकरण, अनुरूप, अनुचर, अनुभव, अनुग्रह, अनुयायी, अनुगामी, अनुशासन, अनुगमन, अनुक्रम, अनुकूल, अनुसरण, अनुदिन, अनुरंजित, अनुभूत अनुसार, अनुज, अनुवाद, अनुराग, अनुभूति, अनुसन्धान, अनुमान |
| उप | समान, निकट | उपनाम, उपवन, उपमान, उपकार, उपदेश, उपमन्त्री, उपहार, उपयोग, उपस्थित, उपयुक्त, उपवेद, उपभेद, उपसंहार, उपचार, उपनिवेश, उप-प्रधान, उपाधीक्षक |
| सह | साथ | सहमति, सहचर, सहगायन, सहपाठी, सहकारी, सहयोग, सहगान, सहयात्री, सहकर्मी, सहधर्मिणी, सहयोगी, सहोदर, सहानुभूति |
| निर् | निषेध, रहित, बाहर | निर्दोष, निर्धन, निर्जन, निरभिमान, निर्जल, निजेल निराकरण, निर्मम, निरपराध, निर्भय, निर्वाह, निर्जन, निराकार, निर्मल, निर्जीव |
| अभि | सम्मुख, निकट, ओर | अभिमुख, अभिसार, अभिराम, अभिनव, अभ्यागत, अभ्युदय, अभिलाषा, अभिप्राय, अभिवादन, अभिमान, अभिशाप, अभिज्ञान, अभिजात, अभियोग |
| परि | पूर्ण, चारों ओर, आस-पास | परिताप, परिजन, परिग्रह, परिवेष्टित, परिकल्पना, पर्यावरण, परिणाम, परिवर्तन, परिपूर्ण, परिगणित, परिचय, परिमाण, परिधान, परिक्रमा, परिवहन, परितोष, परिभाषा |
| सु | अधिक, अच्छा, सहज | सुरक्षा, सुपथ, सुमुखि, सुयश, सुकवि, सुभाषित, सुशिक्षित, सुदेश, सुकेश, सुनन्द, सुवास, सुमार्ग, सुकर्म, सुधार, सुगम, सुलभ, सुशिक्षा, सुपुत्र, सुजन, सुयोग्य, सुडौल, सुदूर स्वागत, सुपात्र, सुचारु, सुजान |
| आ | सीमा, ओर, समेत | आलेख, आदान, आमरण, आजन्म, आकाश, आजीवन आक्रमण, आरम्भ |
| अति | अधिक | अत्यधिक, अत्यल्प, अत्याचार, अतिचार, अत्यन्त, अतिरिक्त, अतिबल |
| अव | नीचे, बाहर, हीन | अवमान, अवनमन, अवसान, अवरोह, अवगुण, अवधान, अवनति |
| वि | भिन्न, अभाव, विशेष | विदेश, विभाग, विहाग, विश्वास, विभेद, विहित, विदेह, विजय |
| प्र | ऊपर, आगे, अधिक | प्रहार, प्रचार, प्रबल, प्रमुख, प्रज्वल, प्रभाव, प्रस्थान, प्रमाण |
| कु | हीन, बुरा | कुपुत्र, कुकर्म, कुमार्ग, कुठार, कुचाल, कुपात्र, कुमति |
बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1. उपसर्ग होते हैं
(a) शब्द
(b) धातु
(c) वर्ण
(d) शब्दांश
उत्तर (d) शब्दांश
प्रश्न 2. उपसर्ग को कहते हैं
(a) अन्त्य प्रत्यय
(b) आदि प्रत्यय
(c) माध्य प्रत्यय
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर (b) आदि प्रत्यय
प्रश्न 3. उपसर्ग शब्द की व्युत्पत्ति है।
(a) उपसर्ग + ग
(b) उप + सर्ग
(c) उ + पसर्ग
(d) उपस + र्ग
उत्तर (b) उप + सर्ग
प्रश्न 4. उपसर्ग के नहीं किए जा सकते हैं
(a) खण्ड
(b) सार्थक खण्ड
(c) निरर्थक खण्ड
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर (b) सार्थक खण्ड
प्रश्न 5. उपसर्ग का प्रयोग कहाँ होता है?
(a) शब्द के आदि में
(b) शब्द के मध्य में
(c) शब्द के अन्त में
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर (a) शब्द के आदि में
प्रश्न 6. ‘उत्कर्ष’ शब्द में उपसर्ग है
(a) उत
(b) उत्
(c) उतक
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर (b) उत्
प्रश्न 7. निष्कपट’ शब्द में उपसर्ग है
(a) निष
(b) निष्
(c) निस्
(d) निस
उत्तर (c) निस्
प्रश्न 8. ‘जय’ शब्द में कौन-सा उपसर्ग लगाने से वह ‘जय’ का विलोमार्थक हो जाता है?
(a) वि
(b) परि
(c) परा
(d) अ
उत्तर (c) परा
प्रश्न 9. किस शब्द में उपसर्ग का प्रयोग हुआ है?
(a) उपकार
(b) लाभदायक
(c) अपनापन
(d) समझदार
उत्तर (a) उपकार
प्रश्न 10. निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द उपसर्ग रहित है?
(a) संयोग
(b) विदेश
(c) अत्यधिक
(d) सुरेश
उत्तर (d) सुरेश
प्रश्न 11. किस शब्द में ‘अन्’ उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है?
(a) अनिच्छा
(b) अनुचित
(c) अनुपम
(d) अनुगमन
उत्तर (d) अनुगमन
प्रश्न 12. निर्जन शब्द में किस उपसर्ग का प्रयोग किया गया है?
(a) नी
(b) नीर
(c) नि
(d) निर्
उत्तर (d) निर्
प्रश्न 13. ‘पर्यावरण’ शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग है
(a) पर्या
(b) वरण
(c) परि
(d) प्र
उत्तर (c) परि
प्रश्न 14. ‘उपदेश’ शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग है
(a) उ
(b) अ
(c) उप
(d) अन
उत्तर (c) उप
प्रश्न 15. ‘उप’ उपसर्ग बना शब्द नहीं है
(a) उपदेश
(b) ऊपर
(c) उपनाम
(d) उपवन
उत्तर (b) ऊपर
प्रश्न 16. अनुचर’ शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग है
(a) अन
(b) अनु
(c) अ
(d) आ
उत्तर (b) अनु
प्रश्न 17. ‘अनुग्रह’ शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग है
(a) अन्
(b) अ
(c) अनु
(d) ग्रह
उत्तर (c) अनु
प्रश्न 18. ‘अधिग्रहण’ शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग है
(a) अति
(b) अधि
(c) अध
(d) अ
उत्तर (b) अधि
प्रश्न 19. ‘अनुरूप’ शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग है
(a) अ
(b) अन
(c) अनु
(d) रूप
उत्तर (c) अनु
प्रश्न 20. ‘निर्दय’ शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग है।
(a) दय
(b) नि
(c) निर्
(d) नीर्
उत्तर (c) निर्
प्रश्न 21. ‘सुगम’ शब्द में प्रयुक्त उपसर्ग है।
(a) सु
(b) स
(c) सुग
(d) गम
उत्तर (a) सु
प्रश्न 22. ‘अपव्यय’ शब्द में उपसर्ग जुड़ा है।
(a) अ
(b) उप
(c) अप
(d) अधि
उत्तर (c) अप
प्रश्न 23. निम्नलिखित में से किस शब्द में ‘अनु’ उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है?
(a) अनुकरण
(b) अनुशासन
(c) अनुत्तीर्ण
(d) अनुवाद
उत्तर (c) अनुत्तीर्ण
प्रश्न 24. ‘आगमन’ में किस उपसर्ग का प्रयोग हुआ है?
(a) वि
(b) अक
(c) मान
(d) आ
उत्तर (d) आ
प्रश्न 25. ‘अभ्यागत’ शब्द में उपसर्ग है
(a) अनु
(b) अपि
(c) अव
(d) अभि
उत्तर (d) अभि
(ख) तद्भव – तत्सम शब्द
तत्सम शब्द ‘तत्सम’ का शाब्दिक अर्थ है उसके समान’ या ‘ज्यों-का-त्यों’ संस्कृत भाषा के वे शब्द जो हिन्दी भाषा में अपने मूल रूप ही प्रयोग में लाए जाते हैं, ‘तत्सम शब्द ‘ कहलाते हैं। जैसे- अग्नि, अरुण, अश्रु, आम्र, कन्या, कृष्ण, कृषि, चन्द्र, चरण, जीवन, तरुण, धर्म, दक्षिण, परिषद्, पृथ्वी, प्रजा, पुष्प, ब्राह्मण, मधु, मित्र, रात्रि, रोहिणी, वायु, वसन्त, वर्ण, शत्रु, सूर्य, सम्राट आदि ।
तद्भव शब्द संस्कृत भाषा के वे शब्द, जो कुछ परिवर्तित रूप में हिन्दी में प्रयुक्त किए जाते हैं, तद्भव शब्द कहलाते हैं। समय के साथ अन्य भाषाओं का प्रभाव पड़ने के कारण संस्कृत के ये शब्द अपने मूल रूप से विकृत अथवा परिवर्तित हो गए हैं; जैसे – आग (अग्नि), पानी (पानीय), नया (नव), आँसू (अश्रु) आदि । महत्त्वपूर्ण तत्सम-तद्भव शब्दों की सूची निम्नलिखित है
| तत्सम | तद्भव | तत्सम | तद्भव |
| अमावस्या | अमावस | अक्षि | आँख |
| अंगुष्ठ | अँगूठा | अन्न | अनाज |
| अग्नि | आग | इक्षु | ईख |
| उज्ज्वल | उजला | धूम्र | धुआँ |
| कर्म | काम | धनका | धनिया |
| नव | नया | धान्य | धान |
| अद्य | आज | धूलि | धूल |
| अग्र | आगे | ध्वनि | धुनि |
| उलूक | उल्लू | नृत्य | नाच |
| वर्ष | बरस | निष्ठुर | निठुर |
| शिर | सिर | नासिका | नाक |
| मक्षिका | मक्खी | पर्यङ्क | पलंग |
| कुक्कुर | कुत्ता | पृष्ठ | पीठ |
| हस्ती | हाथी | पुष्कर | पोखर |
| अट्टालिका | अटारी | पक्व | पक्का |
| अन्ध | अन्धा | प्रिय | प्यारा |
| कुपुत्र | कपूत | कीर्ति | कीरति |
| काक | काग | कर्ण | कान |
| कोकिल | कोयल | कलेश | कलेस |
| आदित्यवार | इतवार | वार्ता | बात |
| अम्लिका | इमली | वैर | बैर |
| एला | इलायची | वन्ध्य | बाँझ |
| इष्टिका | ईंट | वात | बयार |
| उपर्युक्त | उपरोक्त | विवाह | ब्याह |
| उपालम्भ | उलाहना | बिडाल | बिलाव |
| कण्टक | काँटा | मौक्तिक | मोती |
| क्षार | खार | मृत्तिका | मिट्टी |
| स्तम्भ | खम्भा | मुख्य | मुखिया |
| खर्जूर | खजूर | महार्घ | महँगा |
| गणना | गिनती | मधुप | महुआ |
| गर्त | गड्ढा | म्रक्षण | मक्खन |
| गौर | गोरा | मत्स्य | मछली |
| चटका | चिड़िया | मोदक | लड्डू |
| चूर्ण | चूना | लालसा | लालच |
| प्रस्तर | पत्थर | पानीय | पानी |
| पक्ष | पंख | पाषाण | पाहन |
| पौत्र-बहू | पतोहू | वर्षा | बरखा |
| जिहवा | जीभ | लुब्द्ध | लोभ |
| चित्रकार | चितेरा | लोमशा | लोमड़ी |
| छत्र | छतरी | वीभत्स | बीभत्स |
| शिथिल | थकान | श्रेष्ठी | सेठ |
| स्तम्भ | खम्भा | हरित | हरा |
| दश | दस | दुर्बल | दुबला |
| हस्त | हाथ | धैर्य | धीरज |
| होलिका | होली | सूर्य | सूरज |
| क्षीर | खीर | प्रमोद | परमोद |
| कूप | कुआँ | कुक्षि | कोख |
| कर्पट | कपड़ा | ग्राम | गाँव |
| गोमय | गोबर | घृत | घी |
| गर्गर | गागर | चतुष्पथ | चौराहा |
| चरण | चरन | चणक | चना |
| जीर्ण | जीरण | ज्येष्ठ | जेठ |
| तड़ाग | तालाब | दुग्ध | दूध |
| स्नेह | नेह | उदर | पेट |
| वर्तिका | बाती/बत्ती | क्षेत्र | खेत |
| वाष्प | भाप | लक्ष्मण | लखन |
| मस्तक | माथा | सप्त | सात |
| मित्र | मीत | उष्ट्र | ऊँट |
| श्रावण | सावन | स्वप्न | सपना |
| मुख | मुँह | हरिद्रा | हल्दी |
बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1. तत्सम और तद्भव का कौन-सा युग्म सही है?
(a) कर्हाट-कड़ाह
(b) कपित्थ-कैथा
(c) कुक्षि- कोख
(d) (b) और (c) दोनों
उत्तर (d) (b) और (c) दोनों
प्रश्न 2. निम्नलिखित में कौन-सा शब्द तत्सम नहीं है?
(a) परतीत
(b) प्रतीत
(c) प्रतिमान
(d) प्रतिबिम्ब
उत्तर (a) परतीत
प्रश्न 3. ‘कवि’ शब्द है
(a) संकर
(b) तद्भव
(c) देशज
(d) तत्सम
उत्तर (d) तत्सम
प्रश्न 4. ‘तत्सम’ का अर्थ है
(a) उसके समान
(b) किसी भाषा का वह शब्द जो अन्य भाषा मूल रूप प्रयुक्त हो
(c) वे संस्कृत शब्द जो हिन्दी भाषा में बिना किसी परिवर्तन के प्रयुक्त होते हैं
(d) उपरोक्त सभी
उत्तर (d) उपरोक्त सभी
प्रश्न 5. ‘हल्दी’ शब्द का तत्सम है
(a) हरदी
(b) हरिद्रा
(c) हल्दिका
(d) हरद्रिका
उत्तर (b) हरिद्रा
प्रश्न 6. ‘अँगीठी’ का तत्सम शब्द है
(a) अग्निका
(b) अनिष्ठका
(c) अग्निष्ठिका
(d) अग्निष्ठकी
उत्तर (c) अग्निष्ठिका
प्रश्न 7. निम्नलिखित विकल्पों में से तत्सम शब्द का चयन कीजिए
(a) गहरा
(b) तीखा
(c) अटारी
(d) निकृष्ट
उत्तर (d) निकृष्ट
प्रश्न 8. निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द तत्सम नहीं है?
(a) गायक
(b) नायक
(c) शावक
(d) उपखान
उत्तर (d) उपखान
प्रश्न 9. ‘जाँचकर्ता’ शब्द है
(a) तत्सम
(b) संकर
(c) आगत शब्द
(d) तद्भव
उत्तर (b) संकर
प्रश्न 10. प्रस्तर का तद्भव शब्द है
(a) पाथर
(b) पत्थर
(c) पत्तर
(d) फत्थर
उत्तर (b) पत्थर
प्रश्न 11. ‘सूरज’ का तत्सम रूप है
(a) सूर्य
(b) दिनकर
(c) सुरिज
(d) प्रकाश
उत्तर (a) सूर्य
प्रश्न 12. ‘खीर’ का तत्सम रूप है
(a) छोर
(b) क्षीर
(c) क्षीण
(d) खीन
उत्तर (b) क्षीर
प्रश्न 13. ‘परमोद’ शब्द का तत्सम रूप है
(a) पृमोद्
(b) प्रमुद
(c) प्रमोद
(d) प्रमाद
उत्तर (c) प्रमोद
प्रश्न 14. ‘खेत’ का तत्सम रूप है
(a) भूमि
(b) जमीन
(c) क्षेत्र
(d) पृथ्वी
उत्तर (c) क्षेत्र
प्रश्न 15. ‘सौ’ का तत्सम शब्द है
(a) शत
(b) सव
(c) सत
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर (a) शत
प्रश्न 16. ‘आम’ का तत्सम है
(a) आम्ब
(b) आम्र
(c) अम्बु
(d) अम्म
उत्तर (b) आम्र
प्रश्न 17. ‘योगी’ शब्द का तद्भव शब्द होगा
(a) जोगी
(b) युगी
(c) जौगी
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर (a) जोगी
(ग) समास
समास का अर्थ एवं परिभाषा
समास शब्द का शाब्दिक अर्थ है-संग्रह, सम्मिलन, संक्षेप, मिश्रण आदि। समास दो शब्दों के योग से बना है – सम् + आस । यहाँ ‘सम्’ का अर्थ ‘पास’ तथा ‘आस’ का अर्थ ‘रखना’ है। इस प्रकार परस्पर सम्बन्ध रखने वाले दो या दो से अधिक स्वतन्त्र सार्थक पदों के संक्षिप्त रूप को ‘समास’ कहते हैं, जैसे- गंगाजल, रामावतार, . पत्रोत्तर आदि ।
समास में दो पद होते हैं- पूर्व पद और उत्तर पद। कभी पूर्व पद, कभी उत्तर पद और कभी दोनों पद प्रधान होते हैं। कभी-कभी दोनों ही पद अप्रधान हो जाते हैं और उनका एक विशिष्ट अर्थ महत्त्वपूर्ण हो जाता है। सामासिक प्रक्रिया में बीच की विभक्तियों का लोप हो जाता है; जैसे-
| सामासिक पद | समास विग्रह | पूर्व पद | उत्तर पद |
| राजमहल | राजा का महल | राजा | महल |
| बलहीन | बल से हीन | बल | हीन |
| राज्याध्यक्ष | राज्य का अध्यक्ष | राज्य | अध्यक्ष |
समास के भेद अथवा प्रकार
समास के निम्न छः भेद होते हैं
1. द्वन्द्व समास
2. द्विगु समास
3. कर्मधारय समास
4. बहुव्रीहि समास
5. अव्ययीभाव समास
6. तत्पुरुष समास
नोट माध्यमिक शिक्षा परिषद्, उत्तर प्रदेश द्वारा निर्धारित नवीनतम पाठ्यक्रम में केवल द्वन्द्व, द्विगु कर्मधारय एवं बहुव्रीहि समास सम्मिलित किए गए हैं। अतः यहाँ इन्हीं को विस्तारपूर्वक दिया जा रहा है।
1. द्वन्द्व समास
जिस समास में दोनों पद प्रधान होते हैं एवं विग्रह करते समय समुच्चयबोधक अव्ययों; जैसे—’तथा’ या ‘और’ का लोप हो जाता है, उसे द्वन्द्व समास कहते हैं। इसमें दोनों पदों को मिलाते समय मध्य में योजक चिह्न लगाए जाते हैं; जैसे-
| समस्तपद | विग्रह | समस्तपद | विग्रह |
| खरा-खोटा | खरा और खोटा | माता-पिता | माता और पिता |
| पाप-पुण्य | पाप और पुण्य | हर्ष-विवाद | हर्ष और विषाद |
| उत्थान-पतन | उत्थान और पतन | सुख-दुख | सुख और दुख |
| अन्न-जल | अन्न और जल | भवानी शंकर | भवानी और शंकर |
| जीवन-मरण | जीवन और मरण | विशेषण-विशे | विशेषण और विशेष्य |
| देश-विदेश | देश और विदेश | राम-रहीम | राम और रहीम |
| जल-वायु | जल और वायु | हानि-लाभ | हानि और लाभ |
| नर-नारी | नर और नारी | राजा-रानी | राजा और रानी |
| जल-थल | जल और थल | नदी-नाले | नदी और नाले |
2. द्विगु समास
जिस समस्तपद का पूर्व पद संख्यावाची विशेषण हो और उत्तर पद उस संख्या का विशेष्य तथा दोनों पदों से समूह या समाहार का बोध होता हो उसे द्विगु समास कहते हैं; जैसे-
| समस्तपद | विग्रह | समस्तपद | विग्रह |
| त्रिभुवन | तीन भुवनों का समूह | चौपाया | चार पैरों वाला |
| त्रिनेत्र | तीन नेत्रों का समूह | बारहमास | बारह मासों का समाहार |
| त्रिलोक | तीन लोकों का समूह | चौराहा | चार राहों का समाहार |
| चौमासा | चार मासों का समहार | दोपहर | दो पहरों का समाहार |
| त्रिफला | तीन फलों का समूह | नवरत्न | नौ रत्नों का समूह |
| त्रिवेणी | तीन वेणियों (नदियों) का समूह | सप्तर्षि | सात ऋषियों का समाहार |
| पंचवटी | पाँच वटों (वृक्षों) का समाहार | नवग्रह | नौ ग्रहों का समूह |
| तिरंगा | तीन रंगों का समाहार | पंचानन | पाँच आननों (मुखों) का समाहार |
| त्रिकोण | तीन कोणों का समाहार | सप्तसिन्धु | सात सिन्धुओं का समूह |
| त्रिभुज | तीन भुजाओं का समाहार | चतुर्वेद | चार वेदों का समूह |
| पंचगंगा | पाँच गंगाओं का समूह | एकदन्त | एक दाँत वाला |
3. कर्मधारय समास
जिस समस्त पद में पूर्व पद और उत्तर पद में विशेषण- विशेष्य या उपमेय-उपमान का सम्बन्ध हो, ‘कर्मधारय समास’ कहलाता है। इसमें उत्तर पद प्रधान होने के साथ-साथ विशेष्य अर्थात् उपमेय होता है, जबकि पूर्व पद विशेषण अर्थात् उपमान होता है। कर्मधारय समास के दो भेद होते हैं; जैसे-
(I) विशेषण – विशेष्य कर्मधारय
| समस्तपद | विग्रह | समस्तपद | विग्रह |
| प्रधानाध्यापक | प्रधान है जो अध्यापक | नीलकमल | नीला है जो कमल |
| अधपका | आधा है जो पका | पीताम्बर | पीला है जो अम्बर |
| कुबुद्धि | कु (बुरी) है जो बुद्धि | महामानव | महान है, जो मानव |
| नीलगगन | नीला है जो गगन | महात्मा | महान है जो आत्मा |
| शुभकर्म | शुभ हैं जो कर्म | नीलमणि | नीली है जो मणि |
(II) उपमेय-उपमान (उपमेयोपमान) कर्मधारय
| समस्तपद | विग्रह | समस्तपद | विग्रह |
| प्राणप्रिय | प्राणों के समान प्रिय | लतादेह | लता के सदृश देह |
| विद्याधन | विद्यारूपी धन | मृगनयन | मृग के समान नयन |
| भवसागर | भवरूपी सागर | विद्युतचंचला | विद्युत जैसी चंचल |
| चरणकमल | कमल के समान चरण | कनकलता | कनक के समान लता |
| मुख कमल | कमल के समान मुख |
4. बहुव्रीहि समास
जिस समास में दोनों पदों के मिलाने पर विशेष अर्थ देने वाला नवीन या अन्य पद प्रधान होता है, उसे ‘बहुव्रीहि समास’ कहते हैं; जैसे-
| समस्तपद | विग्रह |
| बारहसिंगा | बारह सींग हैं जिसके (हिरण के समान एक पशु का नाम ) |
| चक्रपाणि | चक्र है पाणि में जिसके (विष्णु) |
| वीणावीणा | वीणा है पाणि में जिसके (सरस्वती) |
| अंशुमाली | अंशुओं का माली है जो (कोई व्यक्ति) |
| मृगनयनी | मृग के समान नयन हैं जिसके (कोई सुन्दर स्त्री) |
| लम्बोदर | लम्बा है उदर जिसका (गणेश) |
| मीनाक्षी | मीन के समान आँखें हैं जिसकी (कोई सुन्दर स्त्री) |
| यशोधन | यश ही है धन जिसका |
बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1. समास के मुख्यतः कितने भेद होते हैं?
(a) पाँच
(b) तीन
(c) छः
(d) चार
उत्तर (c) छ:
प्रश्न 2. जब प्रथम शब्द संख्यावाची और द्वितीय शब्द संज्ञा हो, तो कौन-सा समास होता है?
(a) द्विगु
(b) कर्मधारय
(c) तत्पुरुष
(d) बहुव्रीहि
उत्तर (a) द्विगु
प्रश्न 3. ‘धानकोठी’ में कौन-सा समास है?
(a) अव्ययीभाव
(b) कर्मधारय
(c) तत्पुरुष
(d) द्विगु
उत्तर (c) तत्पुरुष
प्रश्न 4. ‘चरणकमल’ में समास है।
(a) कर्मधारय
(b) बहुव्रीहि
(c) द्वन्द्व
(d) तत्पुरुष
उत्तर (a) कर्मधारय
प्रश्न 5. द्विगु समास के उदाहरण चुनिए
(a) चौमासा
(b) नवरत्न
(c) पंचवटी
(d) ये सभी
उत्तर (d) ये सभी
प्रश्न 6. ‘महापुरुष’ में समास है
(a) द्वन्द्व
(b) कर्मधारय
(c) द्विगु
(d) तत्पुरुष
उत्तर (b) कर्मधारय
प्रश्न 7. शताब्दी में समास है
(a) द्वन्द्व
(b) द्विगु
(c) कर्मधारय
(d) तत्पुरुष
उत्तर (b) द्विगु
प्रश्न 8. ‘षड्दर्शन’ में कौन-सा समास है?
(a) तत्पुरुष समास
(b) कर्मधारय समास
(c) द्विगु समास
(d) द्वन्द्व समास
उत्तर (c) द्विगु समास
प्रश्न 9. ‘त्रिवेणी’ में कौन-सा समास है?
(a) द्वन्द्व
(b) कर्मधारय
(c) द्विगु
(d) अव्ययीभाव
उत्तर (c) द्विगु
प्रश्न 10. ‘सुख-दुःख’ में समास है
(a) द्विगु
(b) अव्ययीभाव
(c) कर्मधारय
(d) द्वन्द्व
उत्तर (d) द्वन्द्व
प्रश्न 11. ‘हानि-लाभ’ में समास है
(a) द्वन्द्व
(b) कर्मधारय
(c) द्विगु
(d) बहुव्रीहि
उत्तर (a) द्वन्द्व
प्रश्न 12. ‘पंचवटी’ में कौन-सा समास है?
(a) कर्मधारय
(b) द्वन्द्व
(c) द्विगु
(d) तत्पुरुष
उत्तर (c) द्विगु
प्रश्न 13. ‘वेद-पुराण’ में समास है
(a) द्विगु
(b) बहुव्रीहि
(c) द्वन्द्व
(d) तत्पुरुष
उत्तर (c) द्वन्द्व
प्रश्न 14. ‘तिरंगा’ में कौन-सा समास है?
(a) द्वन्द्व
(b) द्विगु
(c) कर्मधारय
(d) तत्पुरुष
उत्तर (b) द्विगु
प्रश्न 15. ‘राम-कृष्ण’ में कौन-सा समास है?
(a) अव्ययी भाव समास
(b) द्वन्द्व समास
(c) कर्मधारय समास
(d) तत्पुरुष समास
उत्तर (b) द्वन्द्व समास
प्रश्न 16. ‘नीलगाय’ में कौन-सा समास है?
(a) कर्मधारय समास
(b) द्वन्द्व समास
(c) द्विगु समास
(d) बहुव्रीहि समास
उत्तर (a) कर्मधारय समास
प्रश्न 17. ‘नवरत्न’ में समास है।
(a) कर्मधारय समास
(b) द्विगु समास
(c) तत्पुरुष समास
(d) अव्ययीभाव समास
उत्तर (b) द्विगु समास
प्रश्न 18. ‘माता-पिता’ में समास है
(a) कर्मधारय
(b) द्विगु
(c) बहुव्रीहि
(d) द्वन्द्व
उत्तर (d) द्वन्द्व
प्रश्न 19. ‘नीलकण्ठ’ समस्तपद में प्रयुक्त समास है
(a) द्वन्द्व
(b) बहुव्रीहि
(c) द्विगु
(d) अव्ययीभाव
उत्तर (b) बहुव्रीहि
प्रश्न 20. ‘नीलाम्बर में कौन-सा समास है?
(a) द्वन्द्व
(b) द्विगु
(c) कर्मधारय
(d) बहुव्रीहि
उत्तर (c) कर्मधारय
प्रश्न 21. ‘नील कमल’ में समास है?
(a) द्वन्द्व
(b) द्विगु
(c) कर्मधारय
(d) बहुव्रीहि
उत्तर (c) कर्मधारय
(घ) पर्यायवाची शब्द
अर्थ एवं परिभाषा
अर्थ की दृष्टि से समानता रखने वाले शब्द ‘पर्यायवाची शब्द’ कहलाते हैं, इन्हें समानार्थी शब्द भी कहा जाता है; जैसे- ‘आँख’ के पर्यायवाची शब्द नेत्र, नयन, लोचन, चक्षु, विलोचन, दृग, अक्षि आदि हैं।
यह तथ्य ध्यान रखने योग्य है कि किसी भी भाषा में कोई भी दो शब्द पूर्ण रूप से समान नहीं होते हैं। यही कारण है कि पर्यायवाची शब्दों में समानता होने के बावजूद थोड़ी-बहुत भिन्नता अवश्य होती है। इसीलिए प्रसंग एवं सन्दर्भ के अनुकूल पर्यायवाची शब्दों का प्रयोग करना चाहिए। अर्थ की अत्यधिक समानता होने पर भी पर्यायवाची शब्दों का प्रयोग प्रायः एक-दूसरे के स्थान पर नहीं किया जा सकता।
उदाहरणार्थ-
नाले में पानी कम था।
गंगा नदी का जल पवित्र होता है।
उपरोक्त उदाहरणों में रेखांकित शब्द ‘पानी’ तथा ‘जल’ एक-दूसरे के पर्याय हैं, परन्तु प्रस्तुत वाक्य पढ़ने से ही स्पष्ट हो जाता है कि यहाँ ‘पानी’ और ‘जल’ का एक-दूसरे के स्थान पर प्रयोग करना असंगत एवं अनुचित होगा।
महत्त्वपूर्ण पर्यायवाची शब्द
अपमान – अनादर, उपेक्षा, तिरस्कार, निरादर, बेइज्जती
आकाशगंगा – मन्दाकिनी, नभोनदी, नभगंगा, स्वर्गनदी, सुरनदी
आशीर्वाद – आशीष, मंगलकामना, आशीर्वचन
आभूषण – गहना, भूषण, अलंकार, जेवर
इन्द्रधनुष – शक्रचाप, सप्तकर्ण, धनु, इन्द्रधनु, सुरचाप, धनुक
उत्सव- मंगलकार्य, पर्व, जलसा, त्योहार, समारोह
ऐश्वर्य – वैभव, सम्पदा, सम्पन्नता, समृद्धि, श्री धनसम्पति
काक – कौआ, काग, काण, वायस, पिशुन, करठ
खेती – कृषि, किसानी, कृषिकार्य, काश्तकारी, कृषिकर्म
गरुड़ – खगेश, हरियान, वातनेय, खगपति, सुपर्ण, नागान्तक, वैनतेय
झण्डा – ध्वज, पताका, केतु, निशान
झरना – प्रपात, निर्झर, स्रोत, उत्स, प्रस्रवण
देवता – सुर, अमर, देव, त्रिदिव, आदित्य, गीर्वाण, अमर्त्य
द्रौपदी – कृष्णा, पांचाली, द्रुपदसुता, याज्ञसेनी
निर्मल – शुद्ध, साफ, स्वच्छ, पवित्र, शुचि
दूध – क्षीर, पय, गोरस, पीयूष, दुग्ध, अमृत
आम – आम्र, रसाल, पिकबन्धु, अमृतफल, अतिसौरभ
शिव – महादेव, शंकर, गंगाधर, त्रिपुरारि, चन्द्रधर
वसन – वस्त्र, कपड़ा, चीर, पट, अम्बर
चतुर – विज्ञ, निपुण, कुशल, दक्ष, प्रवीण, योग्य
सुर – देव, अमर, देवता, आदित्य, अमर्त्य
कपड़ा – परिधान, वस्त्र, वसन, चीर, सन
लक्ष्मी – रमा लोकमाता, विष्णुप्रिय, श्री
लता – बल्लरी, बल्ली, बेली, लतिका
विष्णु – माधव, केशव, लक्ष्मीपति, नारायण, चक्रपाणि
मोर – मयूर, कलापी, शिखण्डी, शिखी
हाथी – गज, द्विप, मतंग, वितुण्ड, हस्ती
पुष्प – फूल, कुसुम, सुमन, प्रसून, पुहुप, मंजरी, लतान्त
नदी – सरिता, निर्झरिणी, तरंगिणी, तरनी, स्रोतस्विनी, लहरी, तरणि, सरी, कल्लोलिनी
अग्नि – आग, अनल, पावक, दहक, ज्वाला, हुताशन
आकाश – नभ, गगन, आसमान, अम्बर, व्योम, अन्तरिक्ष
आँख – दृग, लोचन, नयन, अक्षि, चक्षु, नेत्र
दिवस – वासर, वार, दिवा, दिन, अह
पक्षी – खग, विहग, नभचर, विहंगम, पतंग, शकुंत, पखेरू, खेचर, शकुनि
पर्वत – भूधर, गिरि, शैल, नग, भूमिधर, मेरु, महीधर, अचल, पहाड़, तुंग
बादल – मेघ, नीरद, जलज, घन, वारिद, पयोद, धराधर, अम्बुद
सूरज – रवि, सूर्य, भानु, दिनकर, दिवाकर, भास्कर, प्रभाकर, आदित्य, अर्क, दिनमणि
हंस – मराल, सरस्वतीवाहन, मुक्तभुक, कलकंठ, मानसौक
जल – पानी, वारि, नीर, सलिल, सारंग, तीय, पय, अम्बु, उदक
हवा – पवन, वायु, वात, मारुत, समीर, अनिल
अश्व – हय, बाजी, घोटक, तुरंग, घोड़ा, रविसुत
कामदेव – मदन, मार, एसर, मनसिज, अनंग, मन्मथ, मनोज, मथन, मकरध्वज, मीनकेतु, मकरकेतु
इन्द्र – सुरपति, शचीपति, मथवा, शक, देवराज, मेघपति, सुरेन्द्र, सुरेश, अमरपति, जिष्णु, वज्रघर
गणेश – विनायक, एकदन्त, गजानन, गणाधि, लम्बोदर, गणपति, महाकाय, गौरीसुत, मोदकप्रिय, मूषकवाहन
चाँद – निशानाथ, इन्दु, राशि, शशांक, सुधाकर, राकापति, विधु, राकेश, हिमांशु, चन्द्रमा
जंगल – वन, अरण्य, कानन, विपिन, विजन, अटवी
तालाब – तड़ाग, सर, जलाशय, कासार, ताल, सरसी, पुष्कर, छद, दह, पोखर, सरोवर
तीर – बाण, शर, तोमर, विशिख, शिलीमुख, नाराव, इषु, सायक, आशुग
नारी – महिला, औरत, स्त्री, रमणी, वनिता, ललना, वामा
पण्डित – विद्वान्, प्राश, बुद्धिमान, धीमान, वीर, सुधी
वज्र – अश्मि, पवि, कुलिश
शहद – मधु, पुष्परस, अमृत, सुधा
सोना – स्वर्ण, सुवर्ण, कंचन, हेम, हाटक, तामरस, जातरूप
समुद्र – सिन्धु, सागर, जलधि, उदधि, पयोधि, पारावार, नदीश, पयोनिधि, वारीश, रत्नाकर, अब्धि
साँप – सर्प, अहि, भुजंग, विषधर, मणिधर, व्याल, फणी, उरग, नाग, द्विजी।
संसार – विश्व, दुनिया, जग, जगत्, इहलोक
हिरण – मृग, सारंग, हरिण, सुरभी, कुरंग, चितल
बिजली – तड़ित, चपला, दामिनी, धनप्रिया, इन्द्रवज्र
वानर – बन्दर, कपि, मर्कट, कीश, शाखामृग, हरि
जननी – माता, मातृ, माँ, प्रसु, मैया, महतारी, धात्री
गाय – धेनु, गौ, गौरी, भद्रा, सुरभि
रात्रि – रात, निशा, रजनी, यामिनी, तिमिर, रैन, निशि
पत्ता – पत्र, पर्ण, पल्लव, पृष्ठ
कमल – मयंज, सरोद, सरोज, जलज, पंकज, राजी व अम्बुज, सरसिज
ईश्वर – प्रभु, परमात्मा, भगवान, परमेश्वर
पुत्र – तनय, सुत, लड़का, पूत, आत्मज
पुत्री – तनया, सुता, लड़की, आत्मजा, दुहिता, तनुजा
पृथ्वी – धरती, भूमि, वसुन्धरा, वसुधा, अवनि, धरा
वृक्ष – पेड़, तरु, द्रुम, विटप, पादप, रुख
अमृत – अमिय, सुधा, पीयूष, अमी
उन्नति – तरक्की, उत्थान, उत्कर्ष, प्रगति, विकास
गंगा – सुरसरि, देवनदी, भागीरथी, मन्दाकिनी, अलकनन्दा
घर – गृह, सदन, धाम, निकेत, आलय, भवन
पत्थर – पाषाण, प्रस्तर, उपल, अश्म, वाहन
बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1. ‘पक्षी’ का पर्यायवाची है
(a) खग
(b) बादल
(c) पयोद
(d) जलज
उत्तर (a) खग
प्रश्न 2. ‘सूरज’ का पर्यायवाची है
(a) रवि
(b) सूर्य
(c) भानु
(d) ये सभी
उत्तर (d) ये सभी
प्रश्न 3. ‘दिवस’ का पर्यायवाची है
(a) वासर
(b) गिरी
(c) दिवा
(d) (a) और (c) दोनों
उत्तर (d) (a) और (c) दोनों
प्रश्न 4. निम्न में से ‘नदी’ का पर्यायवाची हैं
(a) कुसुम
(b) तरणि
(c) (a) और (b) दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर (b) तरणि
प्रश्न 5. ‘गंगा’ का पर्यायवाची है
(a) मन्दाकिनी
(b) भागीरथी
(c) देवनदी
(d) ये सभी
उत्तर (d) ये सभी
प्रश्न 6. अर्थ की दृष्टि से समानता रखने वाले शब्द कहलाते हैं।
(a) पर्यायवाची
(b) विलोम
(c) समास
(d) सन्धि
उत्तर (a) पर्यायवाची प्रश्न
7. निम्न में से ‘असुर’ का पर्यायवाची है
(a) तम
(b) देवबाला
(c) दानव
(d) देवता
उत्तर (c) दानव
प्रश्न 8. निम्न में से ‘आम’ का पर्यायवाची है
(a) क्षीर
(b) रसाल
(c) दुग्ध
(d) अम्बर
उत्तर (b) रसाल
प्रश्न 9. ‘आकाश’ का पर्यायवाची हैं
(a) आसमान
(b) पावक
(c) सरिता
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर (a) आसमान
प्रश्न 10. ‘आभूषण’ का पर्यायवाची है
(a) अभिमान
(b) अलंकार
(c) सम्पदा
(d) वायस
उत्तर (b) अलंकार
प्रश्न 11. निम्नलिखित में से ‘अग्नि’ का पर्यायवाची नहीं है।
(a) अनल
(b) अनिल
(c) पावक
(d) ज्वाला
उत्तर (b) अनिल
प्रश्न 12. ‘मछली’ का पर्यायवाची है
(a) द्विज
(b) मीन
(c) रसना
(d) मूढ़
उत्तर (b) मीन
प्रश्न 13. निम्नलिखित में से ‘गंगा’ का पर्यायवाची नहीं है
(a) भागीरथी
(b) कालिन्दी
(c) सुरसरिता
(d) देवनदी
उत्तर (b) कालिन्दी
प्रश्न 14. ‘धनुष’ का पर्यायवाची शब्द है
(a) अश्मि
(b) कुलिस
(c) कोदण्ड
(d) पवि
उत्तर (c) कोदण्ड
प्रश्न 15. ‘सोना’ का पर्यायवाची है
(a) हेम
(b) कान्ति
(c) फणि
(d) मणि
उत्तर (a) हेम
प्रश्न 16. ‘विद्युत’ किसका पर्यायवाची है ?
(a) मंजरी
(b) आभा
(c) चमक
(d) क्षणप्रभा
उत्तर (d) क्षणप्रभा
प्रश्न 17. ‘ब्रह्मा’ का पर्यायवाची है।
(a) कच
(b) घन
(c) चतुरानन
(d) मराल
उत्तर (c) चतुरानन
प्रश्न 18: ‘विभा’ किसका पर्यायवाची है?
(a) प्रकाश
(b) केश
(c) विद्युत
(d) स्फुरण
उत्तर (a) प्रकाश
प्रश्न 19. ‘समुद्र’ का पर्यायवाची है
(a) जलद
(b) जलधि
(c) अम्बुद
(d) तोयद
उत्तर (b) जलधि
प्रश्न 20. ‘कुरंग’ किसका पर्यायवाची है?
(a) मृग
(b) गिरा
(c) पर्वत
(d) गुफा
उत्तर (a) मृग
प्रश्न 21. वायु, समीर और बयार पर्याय हैं।
(a) सूर्य के
(b) तारों के
(c) हवा के
(d) बादल के
उत्तर (c) हवा के
प्रश्न 22. ‘पृथ्वी’ का पर्यायवाची शब्द नहीं है
(a) भू
(b) धरा
(c) वसुधा
(d) प्रसून
उत्तर (d) प्रसून
प्रश्न 23. ‘समुद्र’ शब्द का पर्यायवाची शब्द नहीं है
(a) सागर
(b) पारावार
(c) महीपति
(d) जलधि
उत्तर (c) महीपति
प्रश्न 24. ‘बादल’ का पर्यायवाची शब्द नहीं है
(a) नीरद
(b) अम्बुद
(c) जलद
(d) जलज
उत्तर (d) जलज
प्रश्न 25. ‘शर्वरी’ पर्यायवाची है
(a) देवी का
(b) पार्वती का
(c) रात्रि का
(d) वधू का
उत्तर (c) रात्रि का
प्रश्न 26. ‘समर’ किसका पर्यायवाची है?
(a) जंगल
(b) पक्षी
(c) आकाश
(d) युद्ध
उत्तर (d) युद्ध
प्रश्न 27. ‘वनिता’ पर्यायवाची है
(a) स्त्री का
(b) देवी का
(c) नदी का
(d) पर्वत का
उत्तर (a) स्त्री का
प्रश्न 28. ‘मर्कट’ किसका पर्यायवाची है।
(a) कपि
(b) बरसात
(c) विटप
(d) पशु
उत्तर (a) कपि
प्रश्न 29. आतंक का पर्यायवाची नहीं है
(a) उपद्रव
(b) संत्रास
(c) शान्ति
(d) अतिभय
उत्तर (c) शान्ति
प्रश्न 30. ईर्ष्या का पर्यायवाची है
(a) प्रेम
(b) स्नेह
(c) अपनत्व
(d) द्वेष
उत्तर (d) द्वेष
प्रश्न 31, ‘कर’ का पर्यायवाची नहीं है
(a) हस्त
(b) पग
(c) हाथ
(d) भुजा
उत्तर (b) पग
प्रश्न 32. ‘अश्व’ का पर्यायवाची है
(a) हय
(b) वृषभ
(c) सिंह
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर (a) हय
प्रश्न 33. ‘झण्डा’ का पर्यायवाची नहीं है
(a) ध्वज
(b) पताका
(c) केतु
(d) वस्त्र
उत्तर (d) वस्त्र
प्रश्न 34. ‘निर्मल’ का पर्यायवाची है।
(a) शुद्ध
(b) मूल
(c) अशुद्ध
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर (a) शुद्ध
