UP Board Class 10 Hindi Chapter 6 – पद परिचय-विकारी एवं अविकारी पद (व्याकरण)
UP Board Class 10 Hindi Chapter 6 – पद परिचय-विकारी एवं अविकारी पद (व्याकरण)
UP Board Solutions for Class 10 Hindi Chapter 6 पद परिचय-विकारी एवं अविकारी पद (व्याकरण)
पद परिचय
वाक्य में प्रयुक्त होने पर प्रत्येक शब्द व्याकरणिक इकाई के रूप में कार्य करने लगते हैं। इस प्रकार वे संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया और अव्यय में से कुछ भी हो सकते हैं। पद का इसी तरह व्याकरणिक विश्लेषण करना ही ‘ पद परिचय’ कहलाता है। पद का परिचय देने से पहले हमें पद के भेदों का अध्ययन करना होगा।
पद के भेद
वाक्य प्रयुक्त पद दो प्रकार के होते हैं
(क) विकारी पद
जिन पर लिंग, वचन, कारक काल, पुरुष आदि का प्रभाव पड़ता है, उन्हें विकारी पद कहते हैं। संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया विकारी पद हैं। इनका संक्षिप्त परिचय इस प्रकार है
1. संज्ञा पद
किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, अवस्था, स्थिति, गुण या भाव के नाम का बोध कराने वाले शब्द को संज्ञा कहते हैं; जैसे-मीरा, हिमालय, दिल्ली आदि।
संज्ञा के भेद
संज्ञा के मुख्य रूप से तीन भेद होते हैं
- व्यक्तिवाचक संज्ञा किसी विशेष व्यक्ति, प्राणी, वस्तु या स्थान का बोध कराने वाले शब्द व्यक्तिवाचक संज्ञा कहलाते हैं; जैसे- अशोक, रामायण, मेरठ आदि।
- जातिवाचक संज्ञा एक ही जाति के विभिन्न व्यक्तियों, प्राणियों, स्थानों एवं वस्तुओं का बोध कराने वाले शब्द जातिवाचक संज्ञा कहलाते हैं;
जैसे – मनुष्य, पशु, मेज, नदी, पहाड़ आदि।जातिवाचक संज्ञा के उपभेद
- द्रव्यवाचक संज्ञा किसी द्रव्य (पदार्थ) या धातु का बोध कराने वाले शब्द द्रव्यवाचक संज्ञाएँ कहलाते हैं; जैसे-दूध, सोना, चाँदी, जल, लकड़ी आदि ।
- समूहवाचक संज्ञा किसी समूह या समुदाय का बोध कराने वाले शब्द समूहवाचक संज्ञाएँ कहलाते हैं; जैसे- भीड़, परिवार, सेना, आदि।
- भाववाचक संज्ञा किसी गुण, दशा, भाव, अवस्था अथवा स्वभाव का बोध कराने वाले शब्द भाववाचक संज्ञा कहलाते हैं; जैसे-प्रेम, क्रोध, ममता, बुढ़ापा, गरमी, सुन्दरता आदि।
लिंग के प्रकार
- लिंग लिंग का अर्थ होता है-पहचान। ये दो प्रकार के होते हैं
- पुल्लिंग पुरुष जाति का बोध कराने वाले शब्द पुल्लिंग कहलाते हैं; जैसे- लड़का, बैल आदि ।
- स्त्रीलिंग सभी जाति का बोध कराने वाले शब्द स्त्रीलिंग कहलाते हैं; जैसे-लड़की, गाय आदि ।
- वचन वचन का अर्थ होता है – संख्या । ये दो प्रकार के होते हैं
- एकवचन संज्ञा या सर्वनाम की एक संख्या का बोध कराने वाले शब्द एकवचन कहलाते हैं; जैसे-लड़का, गाय, माला आदि ।
- बहुवचन संज्ञा या सर्वनाम की एक से अधिक संख्या का बोध कराने वाले शब्द बहुवचन कहलाते हैं; जैसे-लड़के, गायें, मालाएँ आदि ।
- कारक संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से वाक्य के अन्य शब्दों के साथ उनका सम्बन्ध प्रकट हो, उसे कारक कहते हैं। जिन प्रत्ययों से कारक की स्थिति का पता चले उन्हें परसर्ग विभक्ति / कारक चिह्न कहते हैं।
कारक के भेद
| कारण | परसर्ग | उदाहरण | |
| कर्ता | ने, | राम ने पत्र लिखा। | राधा घर चली गई। |
| कर्म | को, | उसने नन्दिनी को बुलाया। | मीरा ने पत्र लिखा । |
| करण | से, के द्वारा (साधन माध्यम) | उसने चाकू से सेब काटा। | रमेश ने साबुन से कपड़े धोए। |
| सम्प्रदान | को, के लिए (देने का या कुछ करने का भाव) | यह कम्बल भिखारी को दे दो। | यह पेन मीरा के लिए है। |
| अपादान | से (अलगाव) | बिल्ली दीवार से कूद गई। | वृक्ष से पत्ते गिरे। |
| सम्बन्ध | का, की, के, रा, री, रे | यह राम का भाई है। | यह किताब मेरी है। |
| अधिकरण | में, पर | मनोज कमरे में है। | चिड़िया पेड़ पर है। |
| सम्बोधन | अरे! हे ! | अरे! वहाँ एक साँप है। | हे राम! ये क्या हो गया ? |
2. सर्वनाम पद
संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्दों को सर्वनाम कहते हैं; जैसे- मैं, तुम, यह, कोई आदि।
सर्वनाम के भेद
सर्वनाम के निम्नलिखित छः भेदे होते हैं
- पुरुषवाचक सर्वनाम जो सर्वनाम बोलने वाले, सुनने वाले तथा जिसके बारे में बात की जाए के लिए प्रयुक्त किया जाए, उसे पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं। इस आधार पर पुरुषवाचक सर्वनाम तीन प्रकार के होते हैं।
- उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम मैं, हम, मेरा, मुझे, हमें, हमारा ।
- मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम तू, तुम, आप, तुम्हें, तेरा आपका।
- अन्य पुरुषवाचक सर्वनाम वह, वे।
- निश्चयवाचक सर्वनाम जिस सर्वनाम से पास या दूर के किसी व्यक्ति या ‘वस्तु की ओर संकेत का बोध हो, निश्चयवाचक सर्वनाम कहलाते हैं; जैसे-यह, ये, वह, वे आदि।
- अनिश्चयवाचक सर्वनाम जिन सर्वनामों से किसी निश्चित वस्तु या व्यक्ति का बोध न हो, अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहलाते हैं; जैसे-कोई, कुछ आदि।
- प्रश्नवाचक सर्वनाम जिन सर्वनामों से किसी संज्ञा के विषय में प्रश्न का बोध हो, वे प्रश्नवाचक सर्वनाम कहलाते हैं; जैसे-कौन, क्या आदि।
- सम्बन्धवाचक सर्वनाम संज्ञा के स्थान पर आने वाले जिन दो सर्वनाम शब्दों से सम्बन्ध का भाव प्रकट होता है, उन्हें सम्बन्धवाचक सर्वनाम कहते हैं; जैसे – जो, जिस, जिससे, जिसे, जिसने आदि ।
- निजवाचक सर्वनाम जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग वक्ता या कर्ता अपने लिए करता है, उन्हें निजवाचक सर्वनाम कहते हैं; जैसे- आप स्वयं आदि ।
3. विशेषण
जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं, उन्हें विशेषण कहते हैं। विशेषण शब्द जिस संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं, उसे विशेष्य कहा जाता है; जैसे—यह ठण्डा पानी है। इस वाक्य में ‘ठण्डा ‘ विशेषण और ‘पानी’ विशेष्य है
विशेषण के भेद
विशेषण के निम्नलिखित चार भेद होते हैं
- गुणवाचक विशेषण जिन विशेषणों से संज्ञा या सर्वनाम के गुणों (गुण-दोष, रूप-रंग, आकार-प्रकार, अवस्था, दशा स्थिति आदि) का बोध होता है, उन्हें गुणवाचक विशेषण कहते हैं; जैसे-लाल, अमीर, ईमानदार, भारतीय आदि ।
- परिमाणवाचक विशेषण जिन विशेषणों से विशेष्य की मात्रा या माप-तौल का बोध होता है, उन्हें परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं।
परिमाणवाचक विशेषण के दो भेद होते हैं
- निश्चित परिमाणवाचक विशेषण; जैसे-चार किलो गेहूँ, दो मीटर कपड़ा, तीन लीटर दूध आदि।
- अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण; जैसे- थोड़ा जल, ढेर सारा दूध, कुछ चावल आदि।
- संख्यावाचक विशेषण जिन विशेषण शब्दों से संज्ञा की संख्या सम्बन्धी विशेषता का बोध होता है, उन्हें संख्यावाचक विशेषण कहते हैं;
जैसे-तीन मेजें, कुछ लोग आदि।संख्यावाचक विशेषण के भी दो भेद हैं
- निश्चित संख्यावाचक विशेषण; जैसे- बीस कंचे, तीसरा व्यक्ति आदि।
- अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण; जैसे- कुछ लोग, अनेक पेन्सिलें, कई लोग आदि।
- सार्वनामिक विशेषण जब सर्वनाम शब्द संज्ञा शब्दों से पहले लगकर उनकी विशेषता बताने लगते हैं तो उन्हें सार्वनामिक विशेषण कहते हैं: जैसे – वह लड़की, इस घर, कोई आदमी आदि।
4. क्रिया
जिन शब्दों से किसी कार्य के करने या होने का बोध होता है, उन्हें क्रिया कहते हैं। धातु क्रिया का मूलरूप धातु कहलाता है; जैसे- जाना पाएगा में ‘जा’ तथा ‘पा’ धातु हैं। क्रिया का सामान्य रूप धातु में ‘ना’ प्रत्यय लगाकर बनता है; जैसे- जा → जाना, पा → पाना, लिख → लिखना आदि ।
क्रिया के भेद
- कर्म के आधार पर क्रिया के भेद कर्म के आधार पर क्रिया के निम्नलिखित दो भेद होते हैं
- अकर्मक क्रिया जिस क्रिया का फल कर्त्ता पर पड़े, वह अकर्मक क्रिया कहलाती है; जैसे-दौड़ना, भागना, उठना, हँसना, रोना, डूबना आदि ।
- सकर्मक क्रिया वाक्य में जिसे कर्म की आवश्यकता पड़े अथवा जिस क्रिया का फल कर्म पर पड़े, वह सकर्मक क्रिया कहलाती है; जैसे-देना, पढ़ना, लेना, लिखना, खाना, पीना, आदि।
- रचना के आधार पर क्रिया के भेद रचना के आधार पर क्रिया के निम्नलिखित मुख्य भेद होते हैं
- समस्त क्रिया या सामासिक क्रिया दो धातुओं के योग से बनने वाली क्रियाएँ समस्त क्रियाएँ कहलाती हैं। इनमें दो क्रियाएँ परस्पर मिलकर द्वन्द्व समास के एक पद के रूप में कार्य करती हैं; अतः इन्हें सामासिक क्रिया भी कहते हैं; जैसे- उठना-बैठना, चलना-फिरना, हँसना-बोलना आदि। इनमें दोनों ही क्रियाओं का अर्थ बना रहता है। समस्त क्रिया के उदाहरण इस प्रकार है
- वह चल-फिर नहीं सकता।
- खूब पढ़ो लिखो।
- संयुक्त क्रिया संयुक्त क्रिया भी दो क्रियाओं (धातुओं) के योग से बनती है, परन्तु समस्त क्रिया के विपरीत यहाँ क्रिया का मुख्य अर्थ केवल पहली क्रिया के द्वारा ही बताया जाता है। दूसरी क्रिया अपने अर्थ का पूर्णतः त्याग करके पहली क्रिया के अर्थ में विशिष्टता लाने या रंग भरने का काम करती है; जैसे-आ जाना, सो जाना, चल देना, गिर पड़ना, चढ़ बैठना, आदि।
- व्युत्पन्न क्रिया मूल अकर्मक/ सकर्मक धातुओं से व्युत्पन्न क्रियाएँ प्रायः प्रेरणार्थक होती हैं तथा वे सकर्मक होती हैं। व्युत्पन्न अकर्मक क्रिया और सामान्य अकर्मक क्रिया देखने में समान होती हैं, परन्तु अर्थ और प्रकार्य की दृष्टि से अलग-अलग होती हैं; जैसे- मोहन भाग रहा है। (अकर्मक क्रिया)
- बस भाग रही थी। (व्युत्पन्न अकर्मक क्रिया)
मोहन (कर्ता) स्वयं भाग सकता है, पर गाड़ी स्वयं नहीं भाग सकती।व्युत्पन्न अकर्मक क्रिया के कर्ता का लोप कर दिया जाता है।
- बस भाग रही थी। (व्युत्पन्न अकर्मक क्रिया)
- प्रेरणार्थक क्रिया जिन क्रियाओं को कर्ता स्वयं न करके किसी दूसरे को उन्हें करने के लिए प्रेरित करता है, उन्हें प्रेरणार्थक क्रिया कहते हैं; जैसे – माँ नौकरानी से घर की सफाई करवाती है।
- नामधातु क्रिया संज्ञा, सर्वनाम तथा विशेषण शब्दों से जो धातुएँ बनाई जाती हैं, उन्हें नामधातु या नामिक क्रिया कहते हैं; जैसे-
संज्ञा से निर्मित विशेषण से निर्मित सर्वनाम से निर्मित हाथ-हथियाना गरम-गरमाना अपना-अपनाना बात-बतियाना चिकना-चिकनाना - पूर्वकालिक क्रिया मुख्य क्रिया से पूर्व होने वाली क्रिया पूर्वकालिक क्रिया कहलाती है। यह धातु में ‘कर’ प्रत्यय लगाकर बनती है; जैसे- राहुल स्कूल से आकर खेलने चला गया।
- समस्त क्रिया या सामासिक क्रिया दो धातुओं के योग से बनने वाली क्रियाएँ समस्त क्रियाएँ कहलाती हैं। इनमें दो क्रियाएँ परस्पर मिलकर द्वन्द्व समास के एक पद के रूप में कार्य करती हैं; अतः इन्हें सामासिक क्रिया भी कहते हैं; जैसे- उठना-बैठना, चलना-फिरना, हँसना-बोलना आदि। इनमें दोनों ही क्रियाओं का अर्थ बना रहता है। समस्त क्रिया के उदाहरण इस प्रकार है
क्रिया के विकार
क्रियापदों के मुख्य विकारक तत्त्व इस प्रकार हैं
- काल काल के मुख्यतः तीन भेद होते हैं भूतकाल, वर्तमान काल, भविष्यत् काल ।
- वाच्य वाच्य भी तीन होते हैं कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य, भाववाच्य। क्रिया पर लिंग तथा वचन का भी प्रभाव पड़ता है।
(ख) अविकारी पद या अव्यय
जिन पदों के रूप में लिंग, वचन और काल के प्रभाव से कोई परिवर्तन नही आता, उन्हें अविकारी पद कहते हैं। मुख्य अविकारी पदों का संक्षिप्त परिचय इस प्रकार है
1. क्रियाविशेषण
क्रिया की विशेषता बताने वाले शब्दों को क्रियाविशेषण कहते हैं।
क्रियाविशेषण के भेद
क्रियाविशेषण के चार भेद होते हैं।
- रीतिवाचक क्रियाविशेषण जो क्रिया, के तरीके, विधि या रीति से सम्बन्धित विशेषता बताते हैं, उन्हें रीतिवाचक क्रियाविशेषण कहते हैं। क्रिया के साथ ‘कैसे’ प्रश्नवाचक शब्द लगाकर प्रश्न करने पर उत्तर में रीतिवाचक क्रियाविशेषण प्राप्त होता है; जैसे- तेज, धीरे, शीघ्र, ध्यानपूर्वक, अचानक आदि।
- स्थानवाचक क्रियाविशेषण जो क्रिया के स्थान का बोध कराते हैं, उन्हें स्थानवाचक क्रियाविशेषण कहते हैं। क्रिया के साथ ‘कहाँ’ प्रश्नवाचक शब्द लगाकर प्रश्न करने पर उत्तर में स्थानवाचक क्रियाविशेषण प्राप्त होता है; जैसे – वहाँ, यहाँ, बाहर, भीतर, ऊपर, नीचे, पास, सामने आस-पास, दूर, आदि।
- कालवाचक क्रियाविशेषण जो क्रिया की समय से सम्बन्धित विशेषता बताते हैं उन्हें कालवाचक क्रियाविशेषण कहते हैं। क्रिया के साथ ‘कब’ प्रश्नवाचक शब्द लगाकर प्रश्न करने पर उत्तर में कालवाचक क्रियाविशेषण प्राप्त होता है; जैसे – शाम, सुबह, आजकल, दोपहर, परसों, प्रतिदिन आदि।
- परिमाणवाचक क्रियाविशेषण जो क्रिया की परिमाण या मात्रा से सम्बन्धित विशेषता बताते हैं, उन्हें परिमाणवाचक क्रियाविशेषण कहते हैं। क्रिया के साथ ‘कितना’ प्रश्नवाचक शब्द लगाकर प्रश्न करने पर उत्तर में परिमाणवाचक क्रियाविशेषण प्राप्त होता है; जैसे-कम, अधिक, थोड़ा, पर्याप्त,. . खूब आदि।
2. सम्बन्धबोधक अव्यय
वे अव्यय या अविकारी शब्द, जो संज्ञा या सर्वनाम शब्दों के बाद लगकर उनका सम्बन्ध वाक्य के अन्य संज्ञा या सर्वनाम शब्दों से जोड़ते हैं, उन्हें सम्बन्धबोधक अव्यय कहते हैं; जैसे-
- मैं रेणु के बिना नहीं जी सकता ।
- राम के पास जाओ।
की ओर, की तरह, के पहले, के अनुसार, के पास आदि कुछ प्रमुख सम्बन्धबोधक अव्यय हैं।
3. समुच्चयबोधक अव्यय
जो अव्यय दो शब्दों, दो वाक्यांशों अथवा दो वाक्यों को जोड़ने का कार्य करते हैं, उन्हें समुच्चयबोधक या योजक अव्यय कहते हैं; जैसे-
(i) राधा और किशन यमुना नदी पर जा रहे हैं।
(ii) उसकी सुनो या मेरी ।
तथा, क्योंकि, एवं, व, अथवा, और, या, चाहे, न कि मगर, अगर, किन्तु, परन्तु, चूँकि, तथापि, मानो आदि कुछ प्रमुख समुच्चयबोधक अव्यय हैं।
4. विस्मयादिबोधक अव्यय
जो अव्यय विस्मय, घृणा, हर्ष, लज्जा, दुःख, पीड़ा आदि मनोभावों का बोध कराते हैं, उन्हें विस्मयादिबोधक अव्यय कहते हैं; जैसे-‘हे’ ‘शाबाश’, ‘हा’ आदि।
इन शब्दों के साथ विस्मयादिबोधक चिह्न (!) का प्रयोग किया जाता है।
5. निपात
जो अव्यय शब्द वाक्य में किसी पद के बाद लगकर उसके अर्थ में विशेष प्रकार का बल या भाव उत्पन्न करने में सहायता करते हैं, उन्हें ‘निपात’ कहते हैं; जैसे-‘
(i) मुझे भी वहाँ जाना है।
(ii) मुझे वहाँ भी जाना है।
पहले वाक्य में ‘मुझे’ पर बल है, अर्थात् दूसरों के साथ-साथ मुझे भी वहाँ जाना है। दूसरे वाक्य में ‘ वहाँ’ पर बल है, अर्थात् कहीं ओर जाने के साथ-साथ मुझे वहाँ भी जाना है। प्रमुख निपात हैं तो, तक, ही, भर, मात्र, भी
बहुविकल्पीय प्रश्न
प्रश्न 1. बाजार से कुछ सामान ले आओ।
(a) निश्चयवाचक सर्वनाम स्त्रीलिंग, अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण, विशेष्य ‘समास’
(b) अनिश्चयवाचक सर्वनाम, पुल्लिंग, अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण, विशेष्य ‘सामान’
(c) अनिश्चयवाचक सर्वनाम, पुल्लिंग, अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण, विशेष्य, ‘बाजार’
(d) निजवाचक सर्वनाम, स्त्रीलिंग, निश्चित परिमाणवाचक विशेषण, विशेष्य ‘सामान’
उत्तर (b) अनिश्चयवाचक सर्वनाम, पुल्लिंग, अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण, विशेष्य ‘सामान’
प्रश्न 2. मैं तेज चलता हूँ। वाक्य में ‘तेज’ का पद परिचय होगा ज’
(a) रीतिवाचक क्रियाविशेषण क्रिया ‘चलता हूँ’ की विशेषता
(b) संकर्मक क्रिया, पुल्लिंग, एकवचन, धातु,
(c) कालवाचक विशेषण, स्त्रीलिंग, एकवचन, ! ‘चल’
(d) स्थानवाचक विशेषण, पुल्लिंग, बहुवचन, छात् ‘चल’
उत्तर (a) रीतिवाचक क्रियाविशेषण क्रिया ‘चलता हूँ’ की विशेषता
प्रश्न 3. हुसैन आज दिल्ली जाएगा।
(a) व्यक्तिवाचक संज्ञा, पुल्लिंग, एकवचन, कर्ताकारक
(b) जातिवाचक संज्ञा, पुल्लिंग, एकवचन, कर्ताकारक
(c) अनिश्चयवाचक सर्वनाम, व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, कर्मकारक
(d) उपरोक्त से कोई नहीं
उत्तर (a) व्यक्तिवाचक संज्ञा, पुल्लिंग, एकवचन, कर्ताकारक
प्रश्न 4. ‘यह घड़ी मेरे छोटे भाई की है।’ वाक्य में रेखांकित पद है
(a) गुणवाचक विशेषण
(b) सार्वनामिक विशेषण
(c) व्यक्तिवाचक संज्ञा
(d) प्रविशेषण
उत्तर (a) गुणवाचक विशेषण
प्रश्न 5. विकारी पद होते हैं
(a) परिवर्तनीय
(b) अपरिवर्तनीय
(c) ‘a’ और ‘b’ दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर (a) परिवर्तनीय
प्रश्न 6. इनमें से विकारी पद है।
(a) प्रतिदिन
(b) धीरे-धीरे
(c) तेज
(d) अच्छा
उत्तर (d) अच्छा
निर्देश प्र. सं. 7 से 13 दिए वाक्यों के रेखांकित पदों का व्याकरणिक परिचय दीजिए ।
प्रश्न 7. कमला आज तक उससे उबर नहीं पाई है।
(a) जातिवाचक संज्ञा, स्त्रीलिंग, एकवचन, कर्ता कारक
(b) व्यक्तिवाचक संज्ञा, स्त्रीलिंग, एकवचन, कर्म कारक
(c) व्यक्तिवाचक संज्ञा, स्त्रीलिंग, एकवचन, कर्ता कारक
(d) जातिवाचक संज्ञा स्त्रीलिंग, एकवचन, कर्म कारक
उत्तर (c) व्यक्तिवाचक संज्ञा, स्त्रीलिंग, एकवचन, कर्ता कारक
प्रश्न 8. अब हम क्या करें, मरते दम तक न यह शहनाई छूटेगी न काशी ।
(a) पुरुषवाचक सर्वनाम, पुल्लिंग, उत्तम पुरुष, कर्ता कारक
(b) संबंधवाचक सर्वनाम, पुल्लिंग, मध्यम पुरुष, कर्म कारक
(c) पुरुषवाचक सर्वनाम, पुल्लिंग, उत्तम पुरुष, कर्म कारक
(d) जातिवाचक संज्ञा, स्त्रीलिंग, उत्तम पुरुष, कर्ता कारक
उत्तर (a) पुरुषवाचक सर्वनाम, पुल्लिंग, उत्तम पुरुष, कर्ता कारक
प्रश्न 9. वह अपनी जन्मभूमि पर मर मिटेगा ।
(a) सकर्मक क्रिया, स्त्रीलिंग, एकवचन, वर्तमान काल
(b) अकर्मक क्रिया, पुल्लिंग, एकवचन, भविष्यत्काल
(c) अकर्मक क्रिया, पुल्लिंग, बहुवचन, भविष्यत्काल
(d) सकर्मक क्रिया, स्त्रीलिंग, एकवचन, भविष्यत्काल
उत्तर (b) अकर्मक क्रिया, पुल्लिंग, एकवचन, भविष्यत्काल
प्रश्न 10. वह कौन है?
(a) संबंधवाचक सर्वनाम, एकवचन
(b) निजवाचक सर्वनाम, बहुवचन
(c) निश्चयवाचक सर्वनाम द्विवचन
(d) प्रश्नवाचक सर्वनाम, एकवचन
उत्तर (d) प्रश्नवाचक सर्वनाम, एकवचन
प्रश्न 11. ‘रंग-बिरंगे फूल देखकर मन प्रसन्न हो गया ।’
(a) गुणवाचक विशेषण, बहुवचन, पुल्लिंग
(b) गुणवाचक विशेषण, भाववाचक संज्ञा, पुल्लिंग
(c) गुणवाचक विशेषण, भाववाचक संज्ञा, बहुवचन, स्त्रीलिंग
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर (a) गुणवाचक विशेषण, बहुवचन, पुल्लिंग
प्रश्न 12. रीना ने काली साड़ी पहनी है।
(a) जातिवाचक संज्ञा, स्त्रीलिंग, एकवचन, कर्ताकारक
(b) जातिवाचक संज्ञा, एकवचन, स्त्रीलिंग, कर्मकारक
(c) व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग
(d) जातिवाचक संज्ञा, बहुवचन, पुल्लिंग
उत्तर (b) जातिवाचक संज्ञा, एकवचन, स्त्रीलिंग, कर्मकारक
प्रश्न 13. वह छात्रा बहुत होशियार है।
(a) जातिवाचक संज्ञा, एकवचन, स्त्रीलिंग, कर्ताकारक
(b) व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, कर्मकारक
(c) जातिवाचक संज्ञा, बहुवचन, पुल्लिंग, कर्ताकारक
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर (a) जातिवाचक संज्ञा, एकवचन, स्त्रीलिंग, कर्ताकारक
प्रश्न 14. कुछ बालक बाहर खेल रहे हैं। चाय में कुछ पड़ा है। दोनों वाक्यों के ‘कुछ’ का सामान्य पद परिचय होगा
(a) पहला कुछ-सार्वनामिक विशेषण, दूसरा कुछ- अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण
(b) पहला कुछ- अनिश्चयवाचक सर्वनाम, दूसरा कुछ- अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण
(c) पहला कुछ- अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण, दूसरा कुछ -अनिश्चयवाचक सर्वनाम
(d) पहला कुछ- अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण, दूसरा कुछ निश्चयवाचक सर्वनाम
उत्तर (c) पहला कुछ–अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण, दूसरा कुछ – अनिश्चयवाचक सर्वनाम
प्रश्न 15. ‘वह अचानक चला गया।’ वाक्य में रेखांकित पद का पद परिचय है
(a) पुरुषवाचक सर्वनाम, मध्यम पुरुष, पुल्लिंग
(b) पुरुषवाचक सर्वनाम, उत्तम पुरुष, स्त्रीलिंग
(c) ‘पुरुषवाचक सर्वनाम, अन्य पुरुष, पुल्लिंग
(d) पुरुषवाचक सर्वनाम, अन्य पुरुष, स्त्रीलिंग
उत्तर (c) पुरुषवाचक सर्वनाम, अन्य पुरुष, पुल्लिंग।
प्रश्न 16. ‘नवाब साहब ने खीरा खाया।’ रेखांकित अंश का पद परिचय होगा
(a) अकर्मक क्रिया, सामान्य भूतकाल, कर्तृवाच्य
(b) सकर्मक क्रिया, कर्म – खीरा, सामान्य भूतकाल, कर्तृवाच्य
(c) प्रेरणार्थक क्रिया, कर्म-खीरा, सामान्य भूतकाल, कर्तृवाच्य
(d) द्विकर्मक क्रिया, कर्म – खीरा, नवाब साहब, सामान्य भूतकाल, कर्तृवाच्य
उत्तर (b) सकर्मक क्रिया, कर्म – खीरा, सामान्य भूतकाल, कर्तृवाच्य
प्रश्न 17. ‘मैं रामायण पढूँगा।’ वाक्य में रेखांकित पद का पद परिचय है
(a) सकर्मक क्रिया, सामान्य भविष्यत्काल, पुल्लिंग, एकवचन, कर्तृवाच्य
(b)” अकर्मक क्रिया, सामान्य भविष्यत्काल, पुल्लिंग, एकवचन, कर्तृवाच्य
(c) सकर्मक क्रिया, भूतकाल, पुल्लिंग, एकवचन, कर्मवाच्य
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर (a) सकर्मक क्रिया, सामान्य भविष्यत्काल, पुल्लिंग, एकवचन, कर्तृवाच्य
प्रश्न 18. स्थानवाचक क्रिया विशेषण है
(a) प्रतिदिन
(b) आस-पास
(c) बहुत
(d) स्वयं
उत्तर (b) आस-पास
प्रश्न 19. अविकारी पद को अन्य किस नाम से जाना जाता है?
(a) अपव्यय पद
(b) अव्यय पद
(c) व्यय पद
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर (b) अव्यय पद
प्रश्न 20. जिनके अलग-अलग रूप वाक्यों में मिलते हैं, वे पद कहलाते हैं
(a) विकारी पद
(b) अविकारी पद
(c) प्रत्यय पद
(d) अव्यय पद
उत्तर (a) विकारी पद
प्रश्न 21. विकारी पद नहीं है
(a) गाय
(b) सभा
(c) प्रतिदिन
(d) रमेश
उत्तर (c) प्रतिदिन
प्रश्न 22. ‘वह अचानक चला गया।’ वाक्य में प्रयुक्त ‘अचानक’ पद का व्याकरणिक परिचय है ]
(a) संज्ञा
(b) सर्वनाम
(c) क्रिया-विशेषण
(d) क्रिया
उत्तर (c) क्रिया – विशेषण
प्रश्न 23. निम्नलिखित में सर्वनाम है
(a) काला
(b) घोड़ा
(c) वह
(d) लड़का
उत्तर (c) वह
प्रश्न 24. अविकारी शब्द है
(a) इन्द्र
(b) गाय
(c) यथासम्भव
(d) आप
उत्तर (c) यथासम्भव
प्रश्न 25. ‘हाथी धीरे-धीरे चलता है।’ वाक्य में रेखांकित पद का व्याकरणिक परिचय है
(a) संज्ञा
(b) विशेषण
(c) क्रियाविशेष
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर (c) क्रियाविशेषण
प्रश्न 26. ‘मैं कल दिल्ली जाऊँगा ।’ वाक्य में सर्वनाम है
(a) कल
(b) मैं
(c) दिल्ली
(d) जाऊँगा
उत्तर (b) मैं
प्रश्न 27. ‘आशिमा फूल तोड़ रही है।’ वाक्य में रेखांकित पद का व्याकरणिक परिचय है
(a) जातिवाचक संज्ञा
(b) विशेषण
(c) व्यक्तिवाचक संज्ञा
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर (c) व्यक्तिवाचक संज्ञा
प्रश्न 28. ‘रमेश अच्छा लड़का है।’ वाक्य में रेखांकित पद का व्याकरणिक परिचय है
(a) सर्वनाम
(b) विशेषण
(c) संज्ञा
(d) क्रिया
उत्तर (b) विशेषण
प्रश्न 29. ‘चुप बैठो ताकि मैं अपना कार्य कर सकूँ।’ वाक्य में रेखांकित पद का व्याकरणिक परिचय है
(a) सम्बन्धबोधक
(b) समुच्चयबोधक
(c) क्रियाविशेषण
(d) विशेषण
उत्तर (b) समुच्चयबोधक
प्रश्न 30. ‘बिल्ली यहाँ बैठी है।’ वाक्य में रेखांकित पद का व्याकरणिक परिचय है
(a) रीतिवाचक क्रिया विशेषण
(b) परिमाणवाचक क्रिया विशेषण
(c) स्थानवाचक क्रिया विशेषण
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर (c) स्थानवाचक क्रिया विशेषण
प्रश्न 31. ‘मन की कोमलता अकसर चोट खा जाती है।’ वाक्य में अविकारी शब्द है
(a) कोमलता
(b) अकसर
(c) चोट
(d) मन
उत्तर (b) अकसर
प्रश्न 32. ‘यह पुस्तक मेरी है, मैं इसे पढ़ सकता हूँ।’ वाक्य में रेखांकित पद का व्याकरणिक परिचय है
(a) अकर्मक क्रिया
(b) सकर्मक क्रियां
(c) द्विकर्मक क्रिया
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर (b) सकर्मक क्रिया
प्रश्न 33. स्थानवाचक क्रिया विशेषण नहीं है
(a) आस-पास
(b) ऊपर
(c) नीचे
(d) तेज
उत्तर (d) तेज
प्रश्न 34. ‘क्योंकि’ शब्द है
(a) विकारी
(b) अविकारी
(c) विशेषज्ञ
(d) क्रिया
उत्तर (b) अविकारी
