ऋग्वैदिक काल | Rigvedic period

ऋग्वैदिक काल | Rigvedic period ऋग्वैदिक काल इण्डो-आर्यों का आगमन इण्डो-ईरानी का तात्पर्य है इण्डो-आर्य और ईरानी, जो मध्य एशिया के दो क्षेत्रों से भारत की तरफ आए। पुरातत्व में इस पहले क्षेत्र को एण्ड्रॉनोवा संस्कृति कहा जाता है। यह ई.पू. दूसरी सहस्राब्दि के आस-पास पूरे मध्य एशिया में फैली हुई थी। दूसरे को बैक्ट्रिया- … Read more

आर्य संस्कृति की पहचान | Identity of Aryan Culture

आर्य संस्कृति की पहचान | Identity of Aryan Culture आर्य संस्कृति की पहचान आर्य संस्कृति के ग्रन्थ आर्य संस्कृति की मुख्य विशेषता वैदिक,ईरानी एवम ग्रीक साहित्यिक ग्रंथो तथा प्रोटो-भारोपीय भाषाओं में पाए जाने वाले संज्ञानात्मक शब्दों से निर्धारित की जाती हैं। आर्य संस्कृति के पुनर्निर्माण व अन्य पहलुओं में मदद करने वाले लिखित ग्रन्थों और … Read more

हड़प्पा संस्कृति : सिन्धु घाटी में काँस्य युगीन शहरीकरण

हड़प्पा संस्कृति : सिन्धु घाटी में काँस्य युगीन शहरीकरण हड़प्पा संस्कृति : सिन्धु घाटी में काँस्य युगीन शहरीकरण परिचय पाकिस्तान इलाके वाले पंजाब के हड़प्पा में कांस्य युग की शहरी संस्कृति एक अग्रणी खोज थी । सन 1853 में एक महान उत्खननकर्ता और खोजी ब्रिटिश इंजीनियर ए. कनिंघम का ध्यान एक हड़प्पा मुहर पर गई। … Read more

ताम्रपाषाण युग की संस्कृति | Chalcolithic culture

ताम्रपाषाण युग की संस्कृति | Chalcolithic culture ताम्रपाषाण युग की संस्कृति ताम्रपाषाण युग में बसावट नवपाषाण काल के अन्त में धातुओं का उपयोग शुरू हुआ। इस्तेमाल की जाने वाली धातु ताँबा थी ।ताँबा और पत्थल के औजारों के उपयोग पर कई संस्कृतिया आधारित थीं। इस तरह की संस्कृति को ताम्रयुग कहा जाता है, जिसका अर्थ … Read more

नवपाषाण-युग : पहला आजीविका का उत्पादन और पशुपालन

नवपाषाण-युग : पहला आजीविका का उत्पादन और पशुपालन नवपाषाण-युग : पहला आजीविका का उत्पादन और पशुपालन बलूचिस्तान में सबसे प्राचीन ग्रामीण बसावट वैश्विक सन्दर्भ में नवपाषाण-युग की शुरुआत ई.पू. 9000 में हुई। भारतीय उपमहाद्वीप ई.पू. 7000 का एकमात्र ज्ञात नवपाषाण बसावट मेहरगढ़ में है, जो पाकिस्तान के एक प्रान्त बलूचिस्तान में स्थित है। मेहरगढ़ कोची … Read more

मानव विकास : पुरापाषाण-युग | Human Evolution: Paleolithic Age

मानव विकास : पुरापाषाण-युग | Human Evolution: Paleolithic Age मानव विकास : पुरापाषाण-युग मानव के अफ्रीकी पूर्वज पृथ्वी 4600 मिलियन वर्ष पुरानी है। इस धरती के भूपटल के विकास का चार चरण हैं। चौथे चरण को चतुर्भाग (क्वाटरनरी) कहा जाता है। यह दो युगों में विभाजित है, जिसे नवयुग (हिमयुग) और अभिनव युग (उत्तर-हिमयुग) कहते … Read more

भाषाई पृष्ठभूमि | linguistic background

भाषाई पृष्ठभूमि | linguistic background भाषाई पृष्ठभूमि प्रमुख भाषा समूह भारत कई भाषाओं का देश है। भारत के भाषिक सर्वेक्षण (The Linguistic Survey lof India) के सम्पादक और संकलक, ग्रियर्सन के अनुसार लगभग 180 भाषा और लगभग 550 बोलियाँ भारतीयों द्वारा बोली जाती हैं। इन भाषाओं का महत्त्वपूर्ण समूह है : ऑस्ट्रो-एशियाटिक, तिब्बत-बर्मन, द्रविड़ और … Read more

पारिस्थितिकी और पर्यावरण | ecology and environment

पारिस्थितिकी और पर्यावरण | ecology and environment पारिस्थितिकी और पर्यावरण समकालीन समय में कई देशों में विस्फोटक जनसंख्या वृद्धि के साथ बढ़ते हुए उद्योगीकरण के चलते पौधों, जानवरों, पानी के स्रोतों, मिट्टी और धातुओं जैसे प्राकृतिक संसाधनों को बचाने की समस्या पर पूरी दुनिया चिंतित है। प्राकृतिक वातावरण और जनसंख्या के बीच अन्तर्सम्बन्ध एक महत्त्वपूर्ण … Read more

भौगोलिक स्थिति | geographical situation

भौगोलिक स्थिति | geographical situation भौगोलिक स्थिति भारत का उद्भव चार करोड़ साल पहले भारतीय उपमहाद्वीप एक अलग भौगोलिक इकाई के रूप में उभरा । मूल रूप से प्रायद्वीपीय भारत को ,अंटार्कटिका , अफ्रीका,अरब और दक्षिण अमेरिका के साथ, दक्षिणी सुपर महाद्वीप का एक हिस्सा माना जाता है, जिसे गोण्डवानालैण्ड कहा जाता था। पहले, गोण्डवानालैण्ड … Read more

इतिहास का निर्माण और उसके स्रोत | History and its sources

इतिहास का निर्माण और उसके स्रोत | History and its sources इतिहास का निर्माण और उसके स्रोत भौतिक अवशेष पुरातत्त्व की विधियाँ हमें प्राचीन, मध्य और आधुनिक काल के इतिहास में पाए जाने वाले भौतिक अवशेषों को ढूंढने में मदद करती हैं। भारत एवं अन्य देशों में, पुरातत्त्व का इस्तेमाल प्रागैतिहास और प्राचीन इतिहास के … Read more