बुद्ध काल में राज्य और वर्ण व्यवस्था | State and Varna System in Buddha Period

बुद्ध काल में राज्य और वर्ण व्यवस्था | State and Varna System in Buddha Period बुद्ध काल में राज्य और वर्ण व्यवस्था द्वितीय नगरीकरण पाली ग्रन्थों और संस्कृत सूत्र साहित्य के साथ पुरातत्त्व सामग्री के आधार पर उत्तर भारत, खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के भौतिक जीवन की तस्वीर खींची जा सकती है। पुरातात्त्विक … Read more

ईरान और मकदूनिया का आक्रमण

ईरान और मकदूनिया का आक्रमण ईरान और मकदूनिया का आक्रमण ईरानी आक्रमण “उत्तर-पूर्व भारत में, छोटी रियासत और गणराज्य धीरे-धीरे मगध साम्राज्य में मिल गए। हालाँकि, ई.पू. छठी शताब्दी में उत्तर-पश्चिम भारत ने एक अलग तस्वीर पेश की। कम्बोज, गान्धार और मद्रास जैसी कई छोटी रियासतों ने आपस में संघर्ष किए। इस क्षेत्र में मगध … Read more

प्रादेशिक राज्य और मगध का उदय | Territorial state and rise of Magadha

प्रादेशिक राज्य और मगध का उदय | Territorial state and rise of Magadha प्रादेशिक राज्य और मगध का उदय बड़े राज्यों के उदय की स्थितियाँ पू. छठी शताब्दी से, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी बिहार में लोहे के बढ़ते उपयोग लैश, योद्धा वर्ग ने एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। नए कृषि उपकरण और औजारों ने किसानों … Read more

जैन और बौद्ध धर्म | Jainism and Buddhism

जैन और बौद्ध धर्म | Jainism and Buddhism जैन और बौद्ध धर्म ई पृ. छठी- पाँचवीं शताब्दी में मध्य गंगा के मैदानी इलाकों में कई धार्मिक सम्प्रदायों का उदय हुआ, उनमें से लगभग बासठ धार्मिक सम्प्रदायों के बारे में जानकारी मिलती है। इनमे से कई सम्प्रदाय ऐसे थे जो पूर्वोत्तर भारत में रहने वाले अलग-अलग … Read more

उत्तर-वैदिक काल : राज्य और सामाजिक व्यवस्था की शुरुआत

उत्तर-वैदिक काल : राज्य और सामाजिक व्यवस्था की शुरुआत उत्तर-वैदिक काल में सामाजिक ढांचे का विस्तार (1000-500 ई.पू.) उत्तर-वैदिक काल का इतिहास वैदिक ग्रन्थों पर आधारित है, जिन्हें ऋग्वेद काल के बाद संग्रहित किया गया था। वैदिक श्लोक या मन्त्रों का संग्रह संहिता कहलाता है। ऋग्वेद संहिता सबसे पुराना वैदिक ग्रन्थ है, जिसके आधार पर … Read more

ऋग्वैदिक काल | Rigvedic period

ऋग्वैदिक काल | Rigvedic period ऋग्वैदिक काल इण्डो-आर्यों का आगमन इण्डो-ईरानी का तात्पर्य है इण्डो-आर्य और ईरानी, जो मध्य एशिया के दो क्षेत्रों से भारत की तरफ आए। पुरातत्व में इस पहले क्षेत्र को एण्ड्रॉनोवा संस्कृति कहा जाता है। यह ई.पू. दूसरी सहस्राब्दि के आस-पास पूरे मध्य एशिया में फैली हुई थी। दूसरे को बैक्ट्रिया- … Read more

आर्य संस्कृति की पहचान | Identity of Aryan Culture

आर्य संस्कृति की पहचान | Identity of Aryan Culture आर्य संस्कृति की पहचान आर्य संस्कृति के ग्रन्थ आर्य संस्कृति की मुख्य विशेषता वैदिक,ईरानी एवम ग्रीक साहित्यिक ग्रंथो तथा प्रोटो-भारोपीय भाषाओं में पाए जाने वाले संज्ञानात्मक शब्दों से निर्धारित की जाती हैं। आर्य संस्कृति के पुनर्निर्माण व अन्य पहलुओं में मदद करने वाले लिखित ग्रन्थों और … Read more

हड़प्पा संस्कृति : सिन्धु घाटी में काँस्य युगीन शहरीकरण

हड़प्पा संस्कृति : सिन्धु घाटी में काँस्य युगीन शहरीकरण हड़प्पा संस्कृति : सिन्धु घाटी में काँस्य युगीन शहरीकरण परिचय पाकिस्तान इलाके वाले पंजाब के हड़प्पा में कांस्य युग की शहरी संस्कृति एक अग्रणी खोज थी । सन 1853 में एक महान उत्खननकर्ता और खोजी ब्रिटिश इंजीनियर ए. कनिंघम का ध्यान एक हड़प्पा मुहर पर गई। … Read more

ताम्रपाषाण युग की संस्कृति | Chalcolithic culture

ताम्रपाषाण युग की संस्कृति | Chalcolithic culture ताम्रपाषाण युग की संस्कृति ताम्रपाषाण युग में बसावट नवपाषाण काल के अन्त में धातुओं का उपयोग शुरू हुआ। इस्तेमाल की जाने वाली धातु ताँबा थी ।ताँबा और पत्थल के औजारों के उपयोग पर कई संस्कृतिया आधारित थीं। इस तरह की संस्कृति को ताम्रयुग कहा जाता है, जिसका अर्थ … Read more

नवपाषाण-युग : पहला आजीविका का उत्पादन और पशुपालन

नवपाषाण-युग : पहला आजीविका का उत्पादन और पशुपालन नवपाषाण-युग : पहला आजीविका का उत्पादन और पशुपालन बलूचिस्तान में सबसे प्राचीन ग्रामीण बसावट वैश्विक सन्दर्भ में नवपाषाण-युग की शुरुआत ई.पू. 9000 में हुई। भारतीय उपमहाद्वीप ई.पू. 7000 का एकमात्र ज्ञात नवपाषाण बसावट मेहरगढ़ में है, जो पाकिस्तान के एक प्रान्त बलूचिस्तान में स्थित है। मेहरगढ़ कोची … Read more