अलबरूनी कौन था | Who was Alberuni

अलबरूनी कौन था | Who was Alberuni   अलबरूनी का पूरा नाम अबु रेहान मुहम्मद बिन अहमद अल – बदरूनी था। अलबरूनी का जन्म 973 ई. में ख्वारिज्म में हुआ था। ख्वारिज्म वर्तमान में उज्बेकिस्तान में है। यह एक फारसी विद्वान लेखक, वैज्ञानिक, धर्मज्ञ था। अलबरूनी महमूद गजनवी के साथ भारत आया था। इसे भारतीय इतिहास का पहला जानकार कहा जाता … Read more

भारत पर तुर्क आक्रमणः महमूद गजनवी | Turk invasion of India

भारत पर तुर्क आक्रमणः महमूद गजनवी | Turk invasion of India गजनवी तुर्क शासन (977 से) : अरबों के बाद तुर्कों ने भारत पर आक्रमण किया। अलप्तगीन नामक एक तुर्क सरदार ने गजनी में तुर्क साम्राज्य की स्थापना की। 977 ई. में अलप्तगीन के दामाद सुबुक्तगीन ने गजनी पर शासन किया। सुबुक्तगीन ने मरने से पहले कई लड़ाइयां … Read more

प्रमुख अरबी लेखक – अलबरूनी एवं इब्नबतूता

प्रमुख अरबी लेखक – अलबरूनी एवं इब्नबतूता अरबी लेखक- अरबी यात्री, भूगोलवेता,तथा इतिहासकार 8वी.शता. के बाद भारत की ओर आकर्षित हुए। प्रारंभिक अरब लेखकों ने भारत के इतिहास के बारे में लिखने के स्थान पर यहाँ के निवासियों और देश के बारे में अधिक लिखा है। अलबरूनी अबु रेहान मुहम्मद बिन अहमद अल-बयरुनी (फ़ारसी-अरबी : ابوریحان محمد بن احمد … Read more

प्रागैतिहासिक काल एवं आद्य ऐतिहासिक काल

प्रागैतिहासिक काल एवं आद्य ऐतिहासिक काल प्रागितिहास (Prehistory) इतिहास के उस काल को कहा जाता है जब मानव तो अस्तित्व में थे लेकिन जब लिखाई का आविष्कार न होने से उस काल का कोई लिखित वर्णन नहीं है।  मानव प्रागितिहास, पत्थर के उपकरण का उपयोग 3.3 मिलियन साल पहले होमिनिन्स और लेखन प्रणालियों के आविष्कार के बीच की अवधि … Read more

लौकिक साहित्य | Cosmic literature

लौकिक साहित्य | Cosmic literature लौकिक साहित्य से अभिप्राय उस साहित्य से है जो लोक संवेदना से उपजकर उसका संवर्धन, संचयन और प्रकटीकरण करता है। इसके साथ ही वह लोक जीवन से अविच्छन्न रहकर लोक का कंठहार बना रहता है। इसके संरक्षण का दायित्व लोक द्वारा ही निभाया जाता है। लौकिक साहित्य के अन्तर्गत प्रमुख ऐतिहासिक स्रोत कौटिल्य कृत अर्थशास्र है। … Read more

ब्राह्मणेत्तर साहित्य – बौद्ध ग्रन्थ त्रिपिटक जैन ग्रंथ जातक कथाएं

ब्राह्मणेत्तर साहित्य – बौद्ध ग्रन्थ त्रिपिटक जैन ग्रंथ  जातक कथाएं Non-Brahmin Literature – Buddhist Texts Tripitaka, Jain Texts, Jataka Tales ब्राह्मणेत्तर साहित्य के अंतर्गत बौद्ध व जैन साहित्य आता है। ब्राह्मणेत्तर साहित्य के अंतर्गत सर्वाधिक प्राचीन ग्रन्थ त्रिपिटक हैं। सर्वाधिक प्राचीन बौद्ध ग्रन्थ भी  त्रिपिटक ही हैं। त्रिपिटक तीन हैं- सुत्त पिटक,विनय पिटक, अभिधम्म पिटक। सुत्तपिटक में बुद्ध के धार्मिक विचारों व वचनों का … Read more

पुरापाषाण काल | Palaeolithic period

पुरापाषाण काल | Palaeolithic period पाषाण युग इतिहास का वह काल है जब मानव का जीवन पत्थरों पर अत्यधिक आश्रित था। उदाहरनार्थ पत्थरों से शिकार करना, पत्थरों की गुफाओं में शरण लेना, पत्थरों से आग पैदा करना इत्यादि। इसके तीन चरण माने जाते हैं, पुरापाषाण काल, मध्यपाषाण काल एवं नवपाषाण काल जो मानव इतिहास के … Read more

प्राचीन भारत का धार्मिक साहित्य | Religious literature of ancient India

प्राचीन भारत का धार्मिक साहित्य | Religious literature of ancient India Religious literature of ancient India in hindi आज प्राचीन भारत के धार्मिक साहित्य के बारे में जानकारी लेते हैं। भारतीय साहित्य समृद्ध और संपन्न साहित्य है और विभिन्न भाषाओं में लिखे जाने के बावजूद भी एक ही है। भारतीय साहित्य धार्मिक, नीतिगत, सामाजिक और … Read more

प्राचीन भारत के पुरातात्विक स्रोत | Archaeological Sources of Ancient India

प्राचीन भारत के पुरातात्विक स्रोत | Archaeological Sources of Ancient India पुरातात्विक स्रोत पुरातत्व वह विज्ञान है जिसके अंतर्गत अतीत के गर्भ में छिपी हुई सामग्रियों की खुदाई कर प्राचीन काल के लोगों के भौतिक जीवन का ज्ञान प्राप्त किया जाता है। भारत के गौरव शाली इतिहास के स्रोतो के रूपों में जहां एक ओर साहित्यिक स्रोत … Read more

धर्म तथा समाज सुधार आंदोलन | Religion and Social Reform Movement

धर्म तथा समाज सुधार आंदोलन | Religion and Social Reform Movement 19वी शताब्दी को विश्व के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह शताब्दी बस भारत के लिए धार्मिक तथा सामाजिक पुनर्जागरण का संदेश लेकर आई थी। इस शताब्दी में भारत पराधीन था और उसका सामाजिक तथा धार्मिक जीवन तीव्र गति से नीचे गिरा रहा था। … Read more