RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् उपसर्गाः

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् उपसर्गाः RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् उपसर्गाः उपसर्ग की परिभाषा – जब प्र, परा, अप आदि अव्यय शब्दों का प्रयोग धातु से पहले होता है, तब वे प्र, परा, अप आदि उपसर्ग कहलाते हैं। उपसर्ग के द्वारा धातु के अर्थ में परिवर्तन – उपसर्गों के प्रयोग से प्रायः धातुओं के अर्थों … Read more

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् अव्ययपदानि

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् अव्ययपदानि RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् अव्ययपदानि संस्कृत भाषा में दो प्रकार के शब्द होते हैं-विकारी और अविकारी। जिन शब्दों का विभक्ति प्रत्यय, उपसर्ग लगाकर रूप-परिवर्तन हो जाता है, वे विकारी शब्द कहलाते हैं। अविकारी शब्दों का कभी भी रूप-परिवर्तन नहीं होता है। ये ‘अव्यय’ कहे जाते हैं। अर्थात् जिन शब्दों … Read more

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् प्रत्ययज्ञानम्

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् प्रत्ययज्ञानम् RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् प्रत्ययज्ञानम् प्रत्यय की परिभाषा – धातु अथवा प्रातिपदिक के बाद जिनका प्रयोग किया जाता है, उन्हें प्रत्यय कहते हैं। प्रत्ययों के भेद-प्रत्ययों के मुख्यतः तीन भेद होते हैं। वे क्रमशः इस प्रकार हैं – (i) कृत्-प्रत्यय, (ii) तद्धित-प्रत्यय, (iii) स्त्री-प्रत्यय। कृत्-प्रत्यया:-जिन प्रत्ययों का प्रयोग धातु … Read more

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् कारकाणि

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् कारकाणि RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् कारकाणि कारक की परिभाषा – क्रिया को जो करता है अथवा क्रिया के साथ जिसका सीधा अथवा परम्परा से सम्बन्ध होता है, वह ‘कारक’ कहा जाता है। क्रिया के साथ कारकों का साक्षात् अथवा परम्परा से सम्बन्ध किस प्रकार होता है, यह समझाने के लिए … Read more

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् समासः

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् समासः RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् समासः समास : शाब्दिक अर्थ – ‘समसनं समासः’ अर्थात् बहुत से पदों को मिलाकर एक पद बन जाना समास कहलाता है। ‘सम्’ उपसर्गपूर्वक अस् (एक साथ रखना) धातु से ‘समास’ शब्द बना है। जब अनेक पदों को एक साथ मिलाकर एक पद के समान बना … Read more

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् सन्धिकार्यम्

RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् सन्धिकार्यम् RBSE Class 10 Sanskrit व्याकरणम् सन्धिकार्यम् [ध्यातव्यः – नवीन पाठ्यक्रमानुसार निर्धारित सन्धियों में से पदों की सन्धि/सन्धि-विच्छेद करना अपेक्षित है। यहाँ विषय-वस्तु को सरलता से हृदयंगम कराने के उद्देश्य से हिन्दी-भाषा में सन्धियों का ज्ञान कराकर अभ्यासार्थ प्रश्नोत्तर संस्कृत-भाषा में ही दिये जा रहे हैं।] सन्धि शब्द की व्युत्पत्ति – … Read more

RBSE Class 10 Sanskrit अपठित-अवबोधनम् अपठित गद्यांशः

RBSE Class 10 Sanskrit अपठित-अवबोधनम् अपठित गद्यांशः RBSE Class 10 Sanskrit अपठित-अवबोधनम् अपठित गद्यांशः (80-100 शब्दपरिमिताः सरल गद्यांशाः) ध्यान देने योग्य बिन्दु-अपठित अवबोधन के अन्तर्गत दिये गये गद्यांश के प्रश्नों का उत्तर लिखने से पूर्व निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए – सर्वप्रथम दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ना चाहिए। गद्यांश के भावार्थ को समझ लेना … Read more

RBSE Class 10 Sanskrit Solutions Shemushi Chapter 12 अनयोक्त्यः

RBSE Class 10 Sanskrit Solutions Shemushi Chapter 12 अनयोक्त्यः अनयोक्त्यः Summary and Translation in Hindi पाठ परिचय : अन्योक्ति अर्थात् किसी की प्रशंसा अथवा निन्दा अप्रत्यक्ष रूप से अथवा किसी बहाने से करना। जब किसी प्रतीक या माध्यम से किसी के गुण की प्रशंसा या दोष की निन्दा की जाती है, तब वह पाठकों के लिए … Read more

RBSE Class 10 Sanskrit Solutions Shemushi Chapter 11 प्राणेभ्योऽपि प्रियः सुह्रद्

RBSE Class 10 Sanskrit Solutions Shemushi Chapter 11 प्राणेभ्योऽपि प्रियः सुह्रद् प्राणेभ्योऽपि प्रियः सुह्रद् Summary and Translation in Hindi पाठ परिचय : प्रस्तुत नाट्यांश महाकवि विशाखदत्त द्वारा रचित ‘मुद्राराक्षसम्’ नामक नाटक के प्रथम अङ्क से उद्धृत किया गया है। नन्दवंश का विनाश करने के बाद उसके हितैषियों को खोज-खोजकर पकड़वाने के क्रम में चाणक्य अमात्य राक्षस … Read more

RBSE Class 10 Sanskrit Solutions Shemushi Chapter 10 भूकंपविभीषिका

RBSE Class 10 Sanskrit Solutions Shemushi Chapter 10 भूकंपविभीषिका भूकंपविभीषिका Summary and Translation in Hindi पाठ परिचय : प्रस्तुत पाठ हमारे वातावरण में होने वाले प्रकोपों (आपदाओं) में सबसे प्रमुख भूकम्प की भयानकता को प्रकाशित करता है। प्रकृति में होने वाली आपदाएँ भयंकर प्रलय को उत्पन्न करके मानव-जीवन को अत्यन्त त्रस्त कर देती हैं, उनसे प्राणियों … Read more