RBSE Solutions for Class 6 Science Chapter 2 पादपों में पोषण

By | October 16, 2021
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RBSE Solutions for Class 6 Science Chapter 2 पादपों में पोषण

Rajasthan Board RBSE Class 6 Science Chapter 2 पादपों में पोषण

पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नोत्तर

सही विकल्प का चयन कीजिए
1. मृतजीवी पादप है
(अ) नीम
(ब) ड्रोसेरा
(स) म्यूकर
(द) अमरबेल

2. ऐसे पादप जो भोजन के लिए दूसरे पादप पर निर्भर रहते हैं, कहलाते हैं
(अ) परजीवी
(ब) स्वपोषी
(स) मृतजीवी
(द) कीटभक्षी

3. कीटभक्षी पादप नहीं है
(अ) ड्रोसेरा
(ब) डायोनिया
(स) अमरबेल
(द) यूट्रीकुलेरिया
उत्तर:
1. (स)
2. (अ)
3. (स)

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए.

  1. लाइकेन में………..एवं…………साथ-साथ रहते हैं।
  2. घटपर्णी पादप में घड़ा………….का रूपान्तरित रूप है।
  3. सजीवों द्वारा अपने स्वास्थ्य एवं शरीर की वृद्धि के लिए भोजन के रूप में आवश्यक पोषक तत्वों को ग्रहण करने की प्रक्रिया को………कहते हैं।

उत्तर:

  1. कवक, शैवाल
  2. पत्ती
  3. पोषण

लघु उत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
प्रकाश संश्लेषण किसे कहते हैं ?
उत्तर:
प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis)-हरे पौधों की क्लोरोफिल युक्त कोशिकाएँ सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में, जल एवं कार्बन डाइ-ऑक्साइड के द्वारा अपना भोजन स्वयं बनाती हैं। इस क्रिया को प्रकाश संश्लेषण कहते हैं।

प्रश्न 2.
सहजीवन क्या है ?
उत्तर:
सहजीवन (Symbiosis)-जीवधारियों का ऐसा सम्बन्ध, जिसमें दो जीवधारी एक-दूसरे के साथ रहकर लाभ पहुँचाते हैं, इस सम्बन्ध को सहजीवन कहते हैं।

प्रश्न 3.
परपोषी एवं परजीवी में क्या अन्तर है ?
उत्तर:
वह वृक्ष अथवा पादप जिससे परजीवी अपनी भोजन प्राप्त करते हैं, परपोषी (Host) कहलाते हैं तथा वे पौधे, जो अन्य वृक्ष अथवा पादपों से अपना भोजन प्राप्त करते हैं, परजीवी (Parasites) कहलाते हैं।

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
कीटभक्षी पादपों का उदाहरण सहित वर्णन कीजिए।
उत्तर:
RBSE Solutions for Class 6 Science Chapter 2 पादपों में पोषण 1
कीटभक्षी पादप (Insectivorous plants)-ऐसे पौधे जो जीवित रहने के लिए कीटों को पकड़ लेते हैं तथा उन्हें पचा लेते हैं, कीटभक्षी पादप कहलाते हैं; जैसे-डायोनिया, घटपर्णी आदि। घटपर्णी (Pitcher plant) एक कीटभक्षी पादप है। इस पौधे में पत्तियाँ घड़े (घट) के रूप में रूपान्तरित हो जाती हैं। पत्ते का शीर्ष भाग घड़े का ढक्कन बनाता , है। घड़े में नीचे की ओर झुके हुए चित्रपट रोम पाए जाते हैं। घड़े का मुख वाला भाग चिकना होता है जिससे जब कोई कीट घड़े में प्रवेश करता है तो फिसलकर गर्दन वाले भाग में पाए जाने वाले रोमों में फंस जाता है। रोम नीचे की तरफ झुके रहते हैं जिससे यह कीट बाहर नहीं निकल सकते हैं। घड़े में पाचक रस होते हैं जो इन कीटों को पचा डालते हैं।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए
(अ) सहजीवी पादप
(ब) मृतजीवी पादप
(स) परजीवी पादप
(द) प्रकाश संश्लेषण
उत्तर:
(अ) सहजीवी पादप (Symbiotic plants)-ऐसे पौधे जो एक-दूसरे के साथ घनिष्ठ सम्बन्ध बनाकर रहते हैं। और एक-दूसरे को लाभ पहुँचाते हैं, सहजीवी पादप कहलाते हैं। उदाहरण-लाइकेन।

(ब) मृतजीवी पादप (Saprophytic plants)-ऐसे पौधे, जो जीव-जन्तुओं के अवशेषों अर्थात् सड़ी-गली कार्बनिक वस्तुओं; जैसे-लकड़ी, गोबर, अचार, सब्जी आदि से अपना भोजन प्राप्त करते हैं, मृतजीवी पादप कहलाते हैं। जैसे-कवक, मोनोट्रापा।

(स) परजीवी पादप (Parasites)-ऐसे पौधे, जो अन्य पौधों से अपना भोजन, उनकी जीवित अवस्था में प्राप्त करते हैं, परजीवी पादप कहलाते हैं। जैसे अमरबेल

(द) प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis)-हरे पौधों की क्लोरोफिल युक्त कोशिकाएँ, सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में, जल एवं कार्बन डाइऑक्साइड के द्वारा अपना भोजन स्वयं बनाती हैं। इस क्रिया को प्रकाश संश्लेषण कहते हैं।

क्रियात्मक कार्य
1. अपने आस-पास की पत्तियों का संग्रह कर स्क्रेप बुक तैयार कीजिए।
निर्देश-छात्र विभिन्न पत्तियों को एकत्र करके उन्हें किसी पुरानी पुस्तक या नोट बुक में सीधा करके रखें। पुस्तक को किसी समतल भारी वस्तु से दबा दें। दो-तीन दिन बाद पत्तियों को सावधानी पूर्वक दूसरे पृष्ठों के बीच में रखें। अब दो-तीन दिन बाद पत्तियों को स्क्रेप बुक पर लगाएँ।

2. यदि आपके घर के आस-पास कोई ग्रीन हाउस हो, तो वहाँ जाइए। देखिए, वहाँ पादप कैसे उगाए जाते हैं? पता लगाइए कि पौधों की स्वस्थ वृद्धि के लिए वहाँ प्रकाश, जल एवं कार्बन डाइऑक्साइड का नियमन किस प्रकार करते हैं ?
क्रिया-ग्रीन हाउस (Greenhouse) काँच की दीवारों वाला झोपड़ीनुमा घर होती है। इसमें ठण्डे मौसम में गर्म मौसम वाले पौधे उगाए जाते हैं। ग्रीन हाउस के अन्दर विभिन्न प्रकार की पौध तैयार की जाती हैं। इसमें सब्जियाँ एवं फल वाले पौधे भी उगाए जाते हैं। ग्रीन हाउस की काँच की दीवारें सूर्य के प्रकाश को अन्दर आने देती हैं जिससे पौधों को प्रकाश की आपूर्ति हो जाती है। साथ ही, प्रकाश के कारण अन्दर का तापमान बाहर के तापमान से अधिक हो जाता है। ग्रीन हाउस में जल की व्यवस्था पाइपों या ऑटोमाइजर द्वारा की जाती है। कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर से अन्दर प्रवेश कराया जाता है।

पाठगत प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
जीवों को भोजन की आवश्यकता क्यों होती हैं ? (पृष्ठ11)
उत्तर:
जीवों को भोजन की आवश्यकता ऊर्जा प्राप्ति, शरीर की वृद्धि, विकास एवं क्षतिग्रस्त भागों की मरम्मत के लिए होती है।

प्रश्न 2.
क्या आप बता सकते हैं कि पोषण के आधार पर पौधे कितने प्रकार के होते हैं ? (पृष्ठ 12)
उत्तर:
पोषण के आधार पर पौधे निम्नलिखित प्रकार के होते हैं___
(अ) स्वपोषी (Autotrophs)
(ब) परजीवी (Parasites)
(स) कीटभक्षी (Insectivores)
(द) मृतजीवी (Saprophytes)
(य) सहजीवी (Symbionts)

प्रश्न 3.
जड़ द्वारा अवशोषित जल एवं खनिज लवण पत्ती तक कैसे पहुँचते हैं ? (पृष्ठ 13)
उत्तर:
पौधों में जड़ों से लेकर तने में होती हुई पौधों के विभिन्न भागों तक नली के समान वाहिकाएँ होती हैं। इन वाहिकाओं द्वारा जल तथा खनिज लवण पत्तियों तक पहुँचते हैं।

प्रश्न 4.
कुछ पादपों में क्लोरोफिल नहीं पाया जाता है, इस कारण यह अपना भोजन स्वयं नहीं बना सकते हैं। ये भोजन के लिए किस पर निर्भर रहते हैं? (पृष्ठ 14)
उत्तर:
ऐसे पादप अन्य पादपों से भोजन प्राप्त करते हैं या उनके मृत भागों से भोजन अवशोषित करते हैं।

प्रश्न 5.
क्या आपने कभी ऐसे पौधों के बारे में भी सुना है, जो जीवित रहने के लिए कीट-पतंगों से अपना भोजन प्राप्त करते हैं ? (पृष्ठ 14)
उत्तर:
हाँ, घटपर्णी तथा ड्रोसेरा ऐसे पादप हैं जो जीवित रहने के लिए कीट-पतंगों को पकड़कर उनसे नाइट्रोजन प्राप्त करते हैं।

प्रश्न 6.
कीट-पतंगों का भक्षण करने वाले पौधे क्या कहलाते हैं और कौन से हैं ? (पृष्ठ 14)
उत्तर:
कीटभक्षी पादप ये पादप घटपर्णी, ड्रोसेरा हैं।

प्रश्न 7.
चित्र को ध्यानपूर्वक देखिए। यह घटपर्णी पादप है।
RBSE Solutions for Class 6 Science Chapter 2 पादपों में पोषण 2
(a) यह घटरूपी संरचना किसका रूपान्तरण है?
(b) इस घड़े के ऊपर क्या दिखाई दे रहा है ? (पृष्ठ 15)
उत्तर:
(a) घटपर्णी पादप में घटरूपी संरचना, पत्ती का रूपान्तरण है।
(b) इस घड़े के ऊपर एक पत्रक दिखाई दे रहा है जो, घड़े के ढक्कन का कार्य करता है।

प्रश्न 8.
क्या आपने कभी सोचा है कि इन पादपों को भोजन के रूप में कीटों की आवश्यकता क्यों होती है ? (पृष्ठ 15)
उत्तर:
ये पौधे दलदली भूमि वाले क्षेत्रों में पाये जाते हैं। ऐसी भूमि में नाइट्रोजन की कमी होती है। ये पौधे नाइट्रोजन की कमी को पूरा करने के लिए कीटों को पकड़ते हैं।

प्रश्न 9.
आपने बरसात के दिनों में गोबर, अचार, सब्जी, लकड़ी आदि सड़ी-गली वस्तुओं पर छत्रक या सफेद धागे के समान संरचनाएँ देखी होंगी। इन्हें आप अपनी भाषा में क्या कहते हैं ? (पृष्ठ 16)
उत्तर:
हम अपनी भाषा में इन्हें फफूदी कहते हैं। फफूद को विज्ञान की भाषा में कवक कहते हैं। इन जीवों में क्लोरोफिल नहीं होता है।

प्रश्न 10.
यदि ये अपना भोजन स्वयं नहीं बना सकते हैं। तो ये अपना भोजन कहाँ से प्राप्त करते हैं ? (पृष्ठ 16)
उत्तर:
ये अपना भोजन सड़ी-गली वस्तुओं से प्राप्त करते हैं।

प्रश्न 11.
आपने अपने चारों ओर अलग-अलग व्यवसाय करने वाले व्यक्तियों को देखा होगा जो एक-दूसरे की सहायता करते हैं। क्या इनमें से कोई भी एक, किसी अन्य व्यवसाय के व्यक्ति के सहयोग के बिना जीवन जीने की कल्पना कर सकता है ? (पृष्ठ 16)
उत्तर:
नहीं। हम सब आपसी सहयोग से ही सहज जीवन जी सकते हैं।

प्रश्न 12.
क्या पौधों में भी ऐसा सहयोग और सामंजस्य होता है ? (पृष्ठ 16)
उत्तर:
हाँ, पौधों में भी ऐसा सहयोग और सामंजस्य होता है। इसका प्रमुख उदाहरण है-लाइकेन (Lichen)।

क्रियाकलाप

गतिविधि-1 (पृष्ठ 13)
प्रश्न 1.
क्या दोनों पत्तियों के रंग में अन्तर होता है ?
उत्तर:
हाँ, हम देखते हैं कि सूर्य के प्रकाश में रखे पौधे की पत्ती का रंग गहरा नीला हो जाता है जबकि अँधेरे में रखे पौधे की पत्ती का रंग परिवर्तित नहीं होता है।

प्रश्न 2.
अन्धकार में रखे पौधे की पत्ती के रंग में कोई परिवर्तन क्यों नहीं हुआ ?
उत्तर:
प्रकाश संश्लेषण की क्रिया सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में ही होती है। इस कारण प्रकाश में रखे पौधे की, पत्ती में ही स्टार्च (Starch) का निर्माण होता है, अतः आयोडीन की बूंदें डालते ही प्रकाश में रखे पौधे की पत्ती का रंग गहरा नीला हो जाता है जबकि अन्धेरे में रखे पौधे की पत्ती में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया नहीं होने के कारण स्टार्च का निर्माण नहीं होता है।
इस कारण अन्धेरे में रखे पौधे की पत्ती के रंग में कोई परिवर्तन नहीं होता है। स्टार्च आयोडीन से क्रिया करके नीला रंग प्रदान करता है, यह प्रक्रिया स्टार्च परीक्षण (Starch test) कहलाती है।

 

अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

बहुविकल्पीय प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्नों में सही विकल्प का चयन कीजिए
1. भोजन आवश्यक है, सजीवों की___
(अ) वृद्धि के लिए।
(ब) विकास के लिए
(स) क्षतिग्रस्त भागों की मरम्मत के लिए
(द) इन सभी के लिए।

2. वृहत्तमात्रिक पोषक तत्व है
(अ) जिंक
(ब) बोरॉन ।
(स) नाइट्रोजन
(द) क्लोरीन।

3. सूक्ष्ममात्रिक तत्व है
(अ) नाइट्रोजन
(ब) ताँबा
(स) पोटैशियम
(द) गन्धक।

4. प्राथमिक पोषक तत्व है
(अ) नाइट्रोजन
(ब) कैल्शियम.
(स) निकिल
(द) गन्धक

5. लाइकेन उदाहरण है
(अ) परभक्षी का
(ब) मृतजीवी का
(स) सहजीवी का
(द) परपोषी को।
उत्तर:
1. (द).
2. (स)
3. (ब)
4. (अ)
5. (स)

रिक्त स्थान
निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

  1. पौधे सभी प्राणियों के लिए……….के स्रोत हैं।
  2. …………पोषक तत्व, वे तत्व हैं जिनकी पौधों को अधिक मात्रा में आवश्यकता होती है।
  3. विभिन्न तत्वों में से किसी भी तत्व की कमी होने पर पौधे…………हो जाते हैं।
  4. पादपों में भोजन निर्माण का कार्य………..में होता है।.

उत्तर:

  1. भोजन
  2. वृहत्तमात्रिक
  3. रोगग्रस्त
  4. पत्तियों

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
पौधों के ऊतकों में वृहत्तमात्रिक पोषक तत्वों की मात्रा कितनी होती है ?
उत्तर:
0:2% से 4% तक।

प्रश्न 2.
सूक्ष्ममात्रिक दो तत्वों के नाम लिखिए।
उत्तर:
मैंगनीज, मॉलिब्डेनम ।

प्रश्न 3.
रन्ध्र किसे कहते हैं ?
उत्तर:
पत्तियों की सतह पर पाए जाने वाले सूक्ष्म छिद्र रन्ध्र (Stomata) कहलाते हैं।

प्रश्न 4.
पत्तियों में रन्ध्र क्या कार्य करते हैं ?
उत्तर:
पत्तियों में रन्ध्र वातावरण और ऊतकों के बीच गैसों का आदान-प्रदान करते हैं।

प्रश्न 5.
पत्तियों का हरा रंग क्यों होता है ?
उत्तर:
पर्ण-हरित (Chlorophyll) की उपस्थिति के कारण पत्तियों का रंग हरा होता है।

प्रश्न 6.
पौधों में कार्बोहाइड्रेट किस रूप में संग्रहित हो जाता है ?
उत्तर:
पौधों में कार्बोहाइड्रेट स्टार्च के रूप में संग्रहित हो जाता है।

प्रश्न 7.
कीटभक्षी पौधे कहाँ पाए जाते हैं ?
उत्तर:
कीटभक्षी पौधे दलदली भूमि में पाए जाते हैं जहाँ नाइट्रोजन की कमी होती है।

प्रश्न 8.
फकँद को वैज्ञानिक भाषा में क्या कहते हैं ?
उत्तर:
फरूंद को वैज्ञानिक भाषा में कवक (fungi) कहते हैं।

लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
पौधे किस प्रकार अपना पोषण प्राप्त करते हैं ? समझाइए।
उत्तर:
बीजांकुर के पश्चात् नवोद्भिद् (seedling) पादप मृदा से विभिन्न प्रकार के पोषक तत्वों को अवशोषित वरते हैं। ये पोषक तत्व इन्हें जल के माध्यम से प्राप्त होते हैं। स्वपोषी पौधे प्रकाश संश्लेषण करके भोजन स्वयं बना लेते हैं।

प्रश्न 2.
परजीवी पौधे क्या होते हैं ? एक उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर:
वे पौधे, जो दूसरे पौधों से भोजन प्राप्त करते हैं, परजीवी कहलाते हैं। अमरबेल (Cuscuta) एक परजीवी पादप है। यह तन्तुनुमा बेल के रूप में होता है। इसमें क्लोरोफिल नहीं पाया जाता है। यह अपना भोजन उस वृक्ष से प्राप्त करता है, जिस पर यह लिपटा रहता है।

प्रश्न 3.
कीटभक्षी पादपों के चार उदाहरण लिखिए।
उत्तर:
कीटभक्षी पादपों के उदाहरण

  1. ड्रोसेरा
  2. डायोनिया
  3. यूट्रीकुलेरिया
  4. घटपर्णी

प्रश्न 4.
ड्रोसेरा नामक कीटभक्षी पादप का नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर:
RBSE Solutions for Class 6 Science Chapter 2 पादपों में पोषण 3

प्रश्न 5.
मृतजीवी पौधे किस प्रकार अपना पोषण प्राप्त करते हैं ? उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
मृतजीवी पादप सड़ी-गली वस्तुओं की सतह पर पाचक रस (enzymes) स्रावित करते हैं। ये पाचक रस इनको विलयन में बदल देते हैं जिसे पादप अवशोषित कर पोषक तत्व प्राप्त करते हैं। अधिकांश कवक; जैसे-म्यूकर, एगेरिकस आदि मृतजीवी पादप हैं। मोनोटापा एक पुष्पीय पादप है जो सड़ी-गली वस्तुओं से भोजन प्राप्त करता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
मात्रात्मक आवश्यकता के अनुसार पोषक तत्वों का वर्गीकरण उदाहरण सहित कीजिए।
उत्तर:
मात्रात्मक आवश्यकतानुसार पोषक तत्वों को मुख्यतः दो भागों में वर्गीकृत किया जा सकता है
1. वृहत्तमात्रिक पोषक तत्व (Macro nutrients)वृहत्तमात्रिक पोषक तत्व वे तत्व हैं, जिनकी पौधों को अधिक मात्रा में आवश्यकता होती है। पौधों के ऊतकों (tissues) में इनकी मात्रा 0.2% से 4% तक पायी जाती है। जैसेकार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, गन्धक आदि। इन पोषक तत्वों को भी दो भागों में विभक्त किया जा सकता है

  • प्राथमिक पोषक तत्व-नाइट्रोजन, फास्फोरस एवं कैल्शियम।
  • द्वितीयक पोषक तत्व-कैल्शियम, मैग्नीशियम एवं गन्धक। पौधों को कार्बन, हाइड्रोजन एवं ऑक्सीजन पोषक तत्व सामान्यतया जल एवं वायु से प्राप्त होते हैं।

2. सूक्ष्ममात्रिक पोषक तत्व (Micro nutrients)- मृदा में उपस्थित कुछ खनिज लवणों की पौधों की स्वस्थ वृद्धि के लिए अत्यन्त अल्प मात्रा में आवश्यकता होती है। ऐसे पोषक तत्व सूक्ष्ममात्रिक पोषक तत्व कहलाते हैं। पादप ऊतकों में इनकी उपस्थिति 0.02% से भी कम होती है। इनमें से किसी भी तत्व की कमी होने पर पौधे रोगग्रस्त हो जाते हैं। उदाहरण-जिंक, ताँबा, मैंगनीज, लोहा, बोरॉन, मॉलिब्डेनम, क्लोरीन, निकिल आदि।

प्रश्न 2.
पत्ती की आन्तरिक संरचना का नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर:
RBSE Solutions for Class 6 Science Chapter 2 पादपों में पोषण 4

प्रश्न 3.
प्रकाश संश्लेषण की क्रिया को समझाइए।
उत्तर:
प्रकाश संश्लेषण-पौधों के हरे भागों की कोशिकाओं (cells), मुख्यतः पृत्तियों की कोशिकाओं में हरे रंग का पदार्थ पर्णहरित (chlorophyll) पाया जाता है। सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में क्लोरोफिल की सहायता से ये कोशिकाएँ जल एवं कार्बन डाइऑक्साइड ग्रहण करके भोजन; जैसे-कार्बोहाइड्रेट का निर्माण करती हैं। इस प्रक्रिया में ऑक्सीजन भी मुक्त होती है जो वायुमण्डल में चली जाती है। इस प्रक्रिया को प्रकाश संश्लेषण कहते हैं।

इस क्रिया को निम्नलिखित समीकरण द्वारा दर्शाया जा सकता है
RBSE Solutions for Class 6 Science Chapter 2 पादपों में पोषण 5
इस क्रिया में भोजन के रूप में कार्बोहाइड्रेट बनता है एवं ऑक्सीजन मुक्त होती है। यह कार्बोहाइड्रेट अंत में स्टार्च में रूपान्तरित होकर पौधों में संग्रहित रहता है।

प्रश्न 4.
सहजीवी पौधे क्या हैं ? संक्षिप्त विवरण दीजिए।
उत्तर:
कुछ जीव एक-दूसरे के साथ रहकर भोजन, जल, पोषक तत्व व रहने के लिए स्थान आपस में बाँटते हैं। इस प्रकार के जीवन को सहजीवन (symbiosis) तथा साथ-साथ रहने वाले पादपों को सहजीवी पादप (symbiotic plants) कहते हैं।

लाइकेन (Lichen) सहजीवी पौधों एवं सहजीवन का अच्छा उदाहरण है। लाइकेन में दो प्रकार के सजीव, कवक व शैवाल साथ-साथ रहते हैं। शैवाल में क्लोरोफिल होता है। जबकि कवक में क्लोरोफिल नहीं होता है। शैवाल प्रकाश संश्लेषण द्वारा तैयार भोजन (कार्बोहाइड्रेट), कवक को उपलब्ध कराता है तथा बदले में कवक, शैवाल को स्थान, जल व अन्य पोषक तत्व उपलब्ध कराता है।

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