Category Archives: प्राचीन भारत

सुदूर दक्षिण में इतिहास का उद्भव | The Origin of History in the Far South

सुदूर दक्षिण में इतिहास का उद्भव | The Origin of History in the Far South सुदूर दक्षिण में इतिहास का उद्भव महापाषाणिक पृष्ठभूमि प्रागैतिहासिक युग के बाद कई वस्तुएँ, ऐतिहासिक युग की शुरुआत का संकेत देती हैं-जैसे लोहे के फाल वाले हल से खेतों की जुताई करने वाले ग्रामीण समुदायों का बड़े पैमाने पर बसना;… Read More »

सातवाहन काल | Satavahana period

सातवाहन काल | Satavahana period सातवाहन काल राजनीतिक इतिहास उत्तरी क्षेत्र में मौर्य साम्राज्य के सबसे महत्त्वपूर्ण उत्तराधिकारी शुंग थे और उसके बाद कण्व। दक्कन और मध्य भारत में, मौर्यों के बाद सातवाहन का शासन लगभग 100 वर्षों के अन्तराल के बाद आया। सातवाहन को पुराणों में उल्लिखित आन्ध्रवासी सातवाहन ही माना जाता है। पुराणों… Read More »

मध्य एशिया से सम्पर्क और उसका प्रभाव | Contact and its influence with Central Asia

मध्य एशिया से सम्पर्क और उसका प्रभाव | Contact and its influence with Central Asia मध्य एशिया से सम्पर्क और उसका प्रभाव 1. राजनीतिक पहलू ई पू. 200 के कालावधि में मौर्य साम्राज्य जितना बड़ा किसी अन्य साम्राज्य का साक्ष्य नहीं मिलता, इस दौरान मध्य एशिया और भारत के बीच एक घनिष्ट सम्बन्ध और व्यापक… Read More »

मौर्य शासन का महत्त्व | Importance of Mauryan rule

मौर्य शासन का महत्त्व | Importance of Mauryan rule मौर्य शासन का महत्त्व राज्य नियन्त्रण हिन्दू धर्म ग्रन्थों और विधि-विधानों में बार-बार जोर दिया गया है कि राजा का मार्ग ‘दर्शन धर्मशास्त्रों और भारत में प्रचलित रीति-रिवाजों के द्वारा निर्देशित कानूनों से किया जाना चाहिए। वर्ण और आश्रम (जीवन के विविध चरण) आधारित सामाजिक श्रेणी… Read More »

मौर्य काल | Mauryan period

मौर्य काल | Mauryan period मौर्य काल चन्द्रगुप्त मौर्य मौर्य वंश की स्थापना चन्द्रगुप्त मौर्य ने की थी, जो एक साधारण कुल और परिवार के थे। ब्राह्मणवादी परम्परा के अनुसार, वे नन्दों के रनवास में रहने वाली एक शुद्र महिला, मुरा की कोख से पैदा हुए थे। हालाँकि, प्राचीन बौद्ध परम्परा से पता चलता है… Read More »

बुद्ध काल में राज्य और वर्ण व्यवस्था | State and Varna System in Buddha Period

बुद्ध काल में राज्य और वर्ण व्यवस्था | State and Varna System in Buddha Period बुद्ध काल में राज्य और वर्ण व्यवस्था द्वितीय नगरीकरण पाली ग्रन्थों और संस्कृत सूत्र साहित्य के साथ पुरातत्त्व सामग्री के आधार पर उत्तर भारत, खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के भौतिक जीवन की तस्वीर खींची जा सकती है। पुरातात्त्विक… Read More »

ईरान और मकदूनिया का आक्रमण

ईरान और मकदूनिया का आक्रमण ईरान और मकदूनिया का आक्रमण ईरानी आक्रमण “उत्तर-पूर्व भारत में, छोटी रियासत और गणराज्य धीरे-धीरे मगध साम्राज्य में मिल गए। हालाँकि, ई.पू. छठी शताब्दी में उत्तर-पश्चिम भारत ने एक अलग तस्वीर पेश की। कम्बोज, गान्धार और मद्रास जैसी कई छोटी रियासतों ने आपस में संघर्ष किए। इस क्षेत्र में मगध… Read More »

प्रादेशिक राज्य और मगध का उदय | Territorial state and rise of Magadha

प्रादेशिक राज्य और मगध का उदय | Territorial state and rise of Magadha प्रादेशिक राज्य और मगध का उदय बड़े राज्यों के उदय की स्थितियाँ पू. छठी शताब्दी से, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी बिहार में लोहे के बढ़ते उपयोग लैश, योद्धा वर्ग ने एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। नए कृषि उपकरण और औजारों ने किसानों… Read More »

जैन और बौद्ध धर्म | Jainism and Buddhism

जैन और बौद्ध धर्म | Jainism and Buddhism जैन और बौद्ध धर्म ई पृ. छठी- पाँचवीं शताब्दी में मध्य गंगा के मैदानी इलाकों में कई धार्मिक सम्प्रदायों का उदय हुआ, उनमें से लगभग बासठ धार्मिक सम्प्रदायों के बारे में जानकारी मिलती है। इनमे से कई सम्प्रदाय ऐसे थे जो पूर्वोत्तर भारत में रहने वाले अलग-अलग… Read More »

उत्तर-वैदिक काल : राज्य और सामाजिक व्यवस्था की शुरुआत

उत्तर-वैदिक काल : राज्य और सामाजिक व्यवस्था की शुरुआत उत्तर-वैदिक काल में सामाजिक ढांचे का विस्तार (1000-500 ई.पू.) उत्तर-वैदिक काल का इतिहास वैदिक ग्रन्थों पर आधारित है, जिन्हें ऋग्वेद काल के बाद संग्रहित किया गया था। वैदिक श्लोक या मन्त्रों का संग्रह संहिता कहलाता है। ऋग्वेद संहिता सबसे पुराना वैदिक ग्रन्थ है, जिसके आधार पर… Read More »