RBSE Class 9 Sanskrit व्याकरणम् सन्धिकार्यम्

RBSE Class 9 Sanskrit व्याकरणम् सन्धिकार्यम् RBSE Class 9 Sanskrit व्याकरणम् सन्धिकार्यम् सन्धि शब्द की व्युत्पत्ति – सम् उपसर्ग पूर्वक डुधाञ् (धा) धातु से “उपसर्गे धोः किः” सूत्र से कि प्रत्यय करने पर ‘सन्धि’ शब्द निष्पन्न होता है। सन्धि की परिभाषा – वर्ण सन्धान को सन्धि कहते हैं। अर्थात् दो वर्गों के परस्पर के मेल अथवा … Read more

RBSE Class 9 Sanskrit Solutions Shemushi Chapter 12 वाडमनःप्राणस्वरूपम्

RBSE Class 9 Sanskrit Solutions Shemushi Chapter 12 वाडमनःप्राणस्वरूपम् वाडमनःप्राणस्वरूपम् Summary and Translation in Hindi पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ छान्दोग्योपनिषद् के छठे अध्याय के पञ्चम खण्ड पर आधारित है। इसमें मन, प्राण तथा वाक् (वाणी) के संदर्भ में रोचक विवरण प्रस्तुत किया गया है। उपनिषद् के गूढ़ प्रसंग को बोधगम्य बनाने के उद्देश्य से इसे आरुणि … Read more

RBSE Class 9 Sanskrit Solutions Shemushi Chapter 11 पर्यावरणम्

RBSE Class 9 Sanskrit Solutions Shemushi Chapter 11 पर्यावरणम् पर्यावरणम् Summary and Translation in Hindi पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ्यांश पर्यावरण को ध्यान में रखकर लिखा गया एक लघु निबन्ध है। वर्तमान युग में प्रदूषित | वातावरण मानव-जीवन के लिए भयङ्कर अभिशाप बन गया है। नदियों का जल कलुषित हो रहा है, वन वृक्षों से रहित हो … Read more

RBSE Class 9 Sanskrit Solutions Shemushi Chapter 10 जटायोः शौर्यम्

RBSE Class 9 Sanskrit Solutions Shemushi Chapter 10 जटायोः शौर्यम् जटायोः शौर्यम् Summary and Translation in Hindi पाठपरिचय – प्रस्तुत पाठ्यांश आदिकवि वाल्मीकि-प्रणीत रामायणम् के अरण्यकाण्ड से उद्धृत किया गया है जिसमें जटायु और रावण के युद्ध का वर्णन है। पंचवटी कानन में सीता का करुण विलाप सुनकर पक्षिश्रेष्ठ जटायु उनकी रक्षा के लिए दौड़े। वे … Read more

RBSE Class 9 Sanskrit Solutions Shemushi Chapter 9 सिकतासेतुः

RBSE Class 9 Sanskrit Solutions Shemushi Chapter 9 सिकतासेतुः सिकतासेतुः Summary and Translation in Hindi पाठ-परिचय – प्रस्तुत नाट्यांश सोमदेवरचित कथासरित्सागर के सप्तम लम्बक (अध्याय) पर आधारित है। यहाँ तपोबल से विद्या पाने के लिए प्रयत्नशील तपोदत्त नामक एक बालक की कथा का वर्णन है। उसके समुचित मार्गदर्शन के लिए वेश बदलकर इन्द्र उसके पास आते … Read more

RBSE Class 9 Sanskrit Solutions Shemushi Chapter 8 लौहतुला

RBSE Class 9 Sanskrit Solutions Shemushi Chapter 8 लौहतुला लौहतुला Summary and Translation in Hindi पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ विष्णुशर्मा द्वारा रचित ‘पञ्चतन्त्रम्’ नामक कथा-ग्रन्थ के ‘मित्रभेद’ नामक तन्त्र से सङ्कलित है। इसमें विदेश से लौटकर जीर्णधन नामक व्यापारी अपनी धरोहर (तराजू) को सेठ से माँगता है। ‘तराजू चूहे खा गये हैं’ ऐसा सुनकर जीर्णधन उसके … Read more

RBSE Class 9 Sanskrit Solutions Shemushi Chapter 7 प्रत्यभिज्ञानम्

RBSE Class 9 Sanskrit Solutions Shemushi Chapter 7 प्रत्यभिज्ञानम् प्रत्यभिज्ञानम् Summary and Translation in Hindi पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ भास रचित ‘पञ्चरात्रम्’ नामक नाटक से सम्पादित कर लिया गया है। दुर्योधन आदि कौरव वीरों ने राजा विराट की गायों का अपहरण कर लिया। विराट-पुत्र उत्तर बृहन्नला (छद्मवेषी अर्जुन) को सारथी बनाकर कौरवों से युद्ध करने जाता … Read more

RBSE Class 9 Sanskrit Solutions Shemushi Chapter 6 भ्रान्तो बालः

RBSE Class 9 Sanskrit Solutions Shemushi Chapter 6 भ्रान्तो बालः भ्रान्तो बालः Summary and Translation in Hindi पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ ‘संस्कृत प्रौढपाठावलिः’ नामक ग्रन्थ से सम्पादित कर लिया गया है। इस कथा में एक ऐसे बालक का चित्रण है, जिसका मन अध्ययन की अपेक्षा खेल-कूद में लगा रहता है। यहाँ तक कि वह खेलने के … Read more

RBSE Class 9 Sanskrit Solutions Shemushi Chapter 5 सूक्तिमौक्तिकम्

RBSE Class 9 Sanskrit Solutions Shemushi Chapter 5 सूक्तिमौक्तिकम् सूक्तिमौक्तिकम् Summary and Translation in Hindi पाठ-परिचय – संस्कृत साहित्य में नीति-ग्रन्थों की समृद्ध परम्परा है। इनमें सारगर्भित और सरल रूप में नैतिक शिक्षाएँ दी गई हैं, जिनका उपयोग करके मनुष्य अपने जीवन को सफल और समृद्ध बना सकता है। ऐसे ही मनोहारी और बहुमूल्य सुभाषित यहाँ … Read more

RBSE Class 9 Sanskrit Solutions Shemushi Chapter 4 कल्पतरूः

RBSE Class 9 Sanskrit Solutions Shemushi Chapter 4 कल्पतरूः कल्पतरूः Summary and Translation in Hindi पाठ-परिचय – प्रस्तुत पाठ ‘वेतालपञ्चविंशतिः’ नामक कथा-संग्रह से लिया गया है, जिसमें मनोरञ्जक एवं आश्चर्यजनक घटनाओं के माध्यम से जीवन-मूल्यों का निरूपण किया गया है। इस कथा में जीमूतवाहन अपने पूर्वजों के काल से गृहोद्यान में आरोपित कल्पवृक्ष से सांसारिक द्रव्यों … Read more