Category Archives: मध्यकालीन भारत

आर्थिक और सामाजिक जीवन, शिक्षा और धार्मिक विश्वास (800-1200)

आर्थिक और सामाजिक जीवन, शिक्षा और धार्मिक विश्वास (800-1200) आर्थिक और सामाजिक जीवन, शिक्षा आर्थिक और सामाजिक जीवन तथा धार्मिक और सांस्कृतिक विकासक्रम के अध्ययन के लिए उत्तर और दक्षिण, पूरे देश पर ध्यान तो दिया जाना चाहिए, क्षेत्रीय विविधताओं को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। आठवीं से बारहवीं सदी के काल में हमें निरंतरता… Read More »

चोल साम्राज्य ( नवीं से बारहवीं सदी तक ) | Chola Empire (9th to 12th century

चोल साम्राज्य ( नवीं से बारहवीं सदी तक ) | Chola Empire (9th to 12th century चोल साम्राज्य ( नवीं से बारहवीं सदी तक ) दक्षिण भारत में छठी और आठवीं सदियों के बीच बहुत-से शक्तिशाली साम्राज्यों का उदय हुआ। उनमें सबसे महत्त्वपूर्ण थे पल्लव और पांड्य जो आधुनिक तमिलनाडु पर राज्य करते थे, आधुनिक… Read More »

उत्तर भारत और दकन : तीन साम्राज्यों का युग (आठवीं से दसवीं सदी तक)

उत्तर भारत और दकन : तीन साम्राज्यों का युग (आठवीं से दसवीं सदी तक) सातवीं सदी में हर्ष के साम्राज्य के पतन के बाद उत्तर भारत, दकन और दक्षिण भारत में अनेक बड़े राज्य पैदा हुए। उत्तर भारत में गुप्त साम्राज्य और हर्ष के  साम्राज्य के समान कोई भी राज्य गंगा की पूरी वादी को… Read More »

भारत और विश्व | India and world

भारत और विश्व | India and world भारत और विश्व भारत और विश्व में आठवीं से अठारहवीं सदी तक के एक हज़ार वर्षों में महत्त्वपूर्ण परिवर्तन आए। यूरोप और एशिया में भी नई सामाजिक और राजनीतिक संरचनाएँ पैदा हुई। इन नई संरचनाओं ने लोगों के सोचने और जीने के ढंग पर गहरा प्रभाव डाला। इन… Read More »

मध्यकालीन भारतीय इतिहास की जानकारी के महत्त्वपूर्ण साहित्यिक स्रोत

मध्यकालीन भारतीय इतिहास की जानकारी के महत्त्वपूर्ण साहित्यिक स्रोत भारतीय इतिहास की जानकारी प्राप्त करने  के पर्याप्त स्रोत हैं। मध्यकालीन शासक अपने यहाँ इतिहासकारों को आश्रय दिया करते थे, जिन्होंने शासकों व उनके विजय अभियानों का वर्णन किया है। सल्तनत काल की अपेक्षा मुगलकालीन साहित्य ज्यादा उपलब्ध हैं। ये स्रोत ज्यादातर अरबी व फारसी भाषा में लिखें गए… Read More »

मुहम्मद गौरी का इतिहास (1173-1206 ई.) | History of Muhammad Ghauri

मुहम्मद गौरी का इतिहास (1173-1206 ई.) शहाब-उद-दीन मुहम्मद ग़ोरी १२वीं शताब्दी का अफ़ग़ान सेनापति था जो १२०२ ई. में ग़ोरी साम्राज्य का शासक बना। सेनापति की क्षमता में उसने अपने भाई ग़ियास-उद-दीन ग़ोरी (जो उस समय सुल्तान था) के लिए भारतीय उपमहाद्वीप पर ग़ोरी साम्राज्य का बहुत विस्तार किया और उसका पहला आक्रमण मुल्तान (११७५ ई.) पर था। पाटन (गुजरात) के शासक भीम द्वितीय… Read More »

अलबरूनी कौन था | Who was Alberuni

अलबरूनी कौन था | Who was Alberuni   अलबरूनी का पूरा नाम अबु रेहान मुहम्मद बिन अहमद अल – बदरूनी था। अलबरूनी का जन्म 973 ई. में ख्वारिज्म में हुआ था। ख्वारिज्म वर्तमान में उज्बेकिस्तान में है। यह एक फारसी विद्वान लेखक, वैज्ञानिक, धर्मज्ञ था। अलबरूनी महमूद गजनवी के साथ भारत आया था। इसे भारतीय इतिहास का पहला जानकार कहा जाता… Read More »

भारत पर तुर्क आक्रमणः महमूद गजनवी | Turk invasion of India

भारत पर तुर्क आक्रमणः महमूद गजनवी | Turk invasion of India गजनवी तुर्क शासन (977 से) : अरबों के बाद तुर्कों ने भारत पर आक्रमण किया। अलप्तगीन नामक एक तुर्क सरदार ने गजनी में तुर्क साम्राज्य की स्थापना की। 977 ई. में अलप्तगीन के दामाद सुबुक्तगीन ने गजनी पर शासन किया। सुबुक्तगीन ने मरने से पहले कई लड़ाइयां… Read More »

भारत (सिंध) पर अरबों का आक्रमण, कारण और प्रभाव या परिणाम

भारत (सिंध) पर अरबों का आक्रमण, कारण और प्रभाव या परिणाम प्रमुख बिंदु भारत पर अरब आक्रमण के  मध्यकालीन भारत की प्रमुख घटना मुस्लिमों का आक्रमण थी जिसमें सर्वप्रथम अरबी आक्रमण हुआ और बाद में तुर्की  आक्रमण  हुआ सर्वप्रथम अरबी मुस्लमानों का आक्रमण 636 ई0 में हुआ था ये आक्रमण खलीफा उमर के समय में हुआ और यह आक्रमण… Read More »