UK 10TH ENGLISH

UK Board 10th Class English – (Supplementary Reading) – Chapter 6 The Making of a Scientist

UK Board 10th Class English – (Supplementary Reading) – Chapter 6 The Making of a Scientist

UK Board Solutions for Class 10th English – (Supplementary Reading) – Chapter 6 The Making of a Scientist

Read and Find Out – 1
(पढ़ो और ढूँढो)
Q. 1. How did a book become a turning point in Richard Ebright’s life?
(एक पुस्तक ने किस प्रकार रिचर्ड इब्राइट की जिन्दगी बदल दी ? )
Ans. The book “The Travel of Monarch X’ became a turning point in his life. It told him how monarch butterflies migrated to central America and new world of science was opened before him.
(The Travel of Monarch X’ पुस्तक उसके जीवन परिवर्तन का बिन्दु बन गई। उसने उसे बताया कि कैसे राजा तितलियाँ मध्य अमेरिका को उत्प्रवासन करती हैं और विज्ञान का नया संसार उसके सामने खुल गया।)
Q. 2. How did his mother help him?
(उसकी माँ ने उसकी कैसे सहायता की ? )
Ans. His mother encouraged his interest in learning. She took him on trips, bought him telescope, microscope, cameras, mounting materials and other equipments that helped him in many ways.
(उसकी माँ ने सीखने में उसको प्रोत्साहित किया। वह उसे भ्रमण पर गई, उसने दूरबीन, सूक्ष्मदर्शी यन्त्र, कैमरा, माउन्टिंग का सामान और अन्य उपकरण खरीदे जिन्होंने अनेक प्रकार से उसकी सहायता की।)
Read and Find Out – 2
(पढ़ो और ढूँढो)
Q. 1. What lesson does Ebright learn when he does not win anything at a science fair?
(विज्ञान मेले में जब रिचर्ड इब्राइट कुछ नहीं जीत सका तो उसने क्या पाठ सीखा ? )
Ans. When Ebright does not win anything at a science fair, he learns that winner had tried to show real experiments.
(जब ईश्वर विज्ञान मेले में कुछ नहीं जीत सका तो उसने सीखा ‘ जीतने वालों ने अपने वास्तविक प्रयोग दिखाने का प्रयास किया था । )
Q. 2. What experiments and projects does he then undertake?
(तब उसने क्या प्रयोग और प्रायोजन ग्रहण किया? )
Ans. He decided to do a real experiment. He tried to find the cause of viral disease that kills nearly all monarch caterpillars every few years. Then he began his research into discovery of an unknown. insect monarch.
(उसने वास्तविक प्रयोग करने का निर्णय लिया। उसने वायरल बीमारी के कारण जानने का प्रयास किया जो प्रति कुछ वर्षों में लगभग सभी राजा कैटरपिलर को मार देता है। तब उसने अपना शोध शुरू किया उस अनजान राजा कीड़े के बारे में।)
Q. 3. What are the qualities that go into the making of a scientist ?
(वैज्ञानिक बनने के लिए कौन-कौन सी विशेषताएँ आवश्यक हैं? )
Ans. There are many qualities that go into making of a scientist. Richard Ebright became a scientist. He had a first-rate mind with curiosity and mix in the will to win for the right reasons.
(वैज्ञानिक बनने के लिए अनेक गुण होने चाहिए। रिचर्ड इब्राइट एक वैज्ञानिक बन गया। उसका मस्तिष्क विकसित था जो सदैव जिज्ञासु रहता और सही तथ्यों को पकड़ने के लिए लालायित रहता था। )

SUMMARY OF THE LESSON

At the age of 22 Richard Ebright formed a new theory on how cells work. He started his experiment with butterflies. He had to stop many of his childhood activities.
His mother always encouraged him. She was his best companion who bought all kinds of instruments needed. Mother also brought “The Travels of Monarch X” which also opened the world of science.
Ebright caught a female monarch, took her eggs and raised them through life cycle. As required, he lost interest in tagging butterflies.
In seventh grade he lost on his slide of frog tissues. He realised that real experiments were needed. Then Ebright worked to find the cause of viral diseases that killed monarch caterpillars. This theory led testing viceroy butterflies copy monarchs. His project which concluded that starting would not eat ordinary bird food, was highly acclaimed by the zoology division.
Earlier these spots were regarded ornamental. A device was built to study about the spots producing hormone. This project was praised at International Science and Engineering Fair and Walter Reed Army Institute of Research. He concluded that cells would devide and develop into normal butterfly wing if fed on the hormone from gold spots.
While talking X-ray photos of structure of hormone, DNA, blueprint for life was discovered. This theory was a big step to understand process of life.
A part from being a scientist, Richard Ebright became a champion debator, public speaker and good canoeist. He also became expert photographer of nature. Mr Weiherer was his social studies teacher.
First rate mind, curiosity and mix in the will to win opened the world of science for him.

सम्पूर्ण पाठ का हिन्दी रूपान्तर

एक वैज्ञानिक का बनना
रिचर्ड इब्राइट को सीलें स्कॉलर अवार्ड तथा सेहरिंग प्लग अवार्ड जैव रसायन और मोलेक्यूलर बायोलॉजी में प्राप्त हुए हैं। तितलियों के प्रति उसके आकर्षण ने उसके लिए विज्ञान का क्षेत्र खोल दिया।
22 वर्ष की आयु में एक पूर्व ‘स्काउट ऑफ दि ईयर’ ने ‘कोशिकाओं के कार्य करने का सिद्धान्त प्रतिपादित करके विज्ञान जगत को आन्दोलित कर दिया। रिचर्ड एच० इब्राइट तथा उनके कॉलेज के सहपाठी ने ‘दि प्रोसीडिंग ऑफ द नेशनल अकादमी ऑफ साइंस’ नामक लेख में इस सिद्धान्त का विश्लेषण किया है।
ऐसा पहली बार हुआ था कि इस महत्त्वपूर्ण वैज्ञानिक जर्नल ने विद्यार्थियों का लेख प्रकाशित किया था। खेल में, जैसे पन्द्रह वर्ष की आयु में एक टीम बनाकर महत्त्वपूर्ण मुकाबला जीतने जैसा ही था। रिचर्ड इब्राइट ने विज्ञान तथा अन्य क्षेत्रों में उपलब्धियों की लम्बी श्रृंखला तैयार कर दी और यह सब तितलियों से ही शुरू हुआ।
अपने माता-पिता की अकेली सन्तान के रूप में पेनसिलवेनिया के नॉर्थ और रिडिंग में इनका बचपन बीता। उन्होंने कहा, “वहाँ उन्होंने कोई विशेष सफलता अर्जित नहीं की।” मैं निश्चित रूप से एक व्यक्ति की टीम से न तो फुटबॉल और न ही बेसबॉल खेल सकता था। परन्तु एक काम मैं कर सकता था और वह है- ” संग्रह करना” ।
ऐसा ही उन्होंने किया, और सदैव ही किया। किंडरगार्टेन से ही इब्राइट तितलियाँ संग्रह करता रहता जो उसकी गतिविधियाँ तथा दृढ़ संकल्प को प्रमाणित करता है। वह चट्टानें, जीवाश्म एवं सिक्के संग्रह किया करता था। कभी-कभी तारों को सारी रात निहारते रहता जिससे वह जिज्ञासु खगोलशास्त्री भी बना।
जब वह पहली कक्षा में पढ़ता था तभी उसके तेज दिमाग में भ्रमण की उत्कण्ठा जागी। उसकी माँ थी जो उसके सीखने की रुचि को और अधिक प्रोत्साहित करती थी। वह (माँ) उसे सैर के लिए ले जाती जहाँ उसके दूरबीन, माइक्रोस्कोप, कैमरे, भ्रमण सम्बन्धी सामान और अन्य उपकरण खरीद देती तथा अन्य तरीकों से भी उसकी सहायता करती ।
उसकी माँ ने कहा, “जब तक वह स्कूल पढ़ने नहीं गया तब तक मैं ही उसकी साथी या दोस्त थी। उसके बाद मैं उसके लिए अपने घर उसके मित्र को बुलाती । किन्तु रात के समय हम दोनों एक साथ कार्य करते । रिची के पिता की मृत्यु के पश्चात् ही वह मेरा सम्पूर्ण जीवन बन गया। रिची तीसरी कक्षा में था तब उसके पिता का देहान्त हआ। “
वह (माँ) और उसका बेटा (इब्राइट) शाम के समय डाइनिंग टेबल पर बैठकर प्राय: शाम बिता देते थे। “जब उसे कोई कार्य करने के लिए नहीं होता तो मैं उसे कुछ करने के लिए देती — शारीरिक परिचय नहीं बल्कि कुछ सीखने जैसी चीजें”, माँ ने कहा । “उसे अच्छा लगता था। वह चाहता भी था । “
और वह जो साखना चाहता था वह सीखा भी। वह स्कूल में हमेशा ऊँचे अंक प्राप्त करता था । ” प्रत्येक वस्तु के लिए वह वैसा ही था जैसे अन्य बच्चे होते हैं।” उसकी माँ ने कहा ।
इब्राइट ने तितलियों की लगभग 25 प्रजातियों को अपने गृहनगर में संग्रहीत किया जब वह ग्रेड दो में पढ़ रहा था ।
“उसने कहा था बस अब मेरा तितलियों का संग्रह करना सम्भवत: समाप्त हो जाता”, ऐसा उसने (रिचर्ड ने कहा । ” परन्तु मेरी माँ ने बच्चों की एक पुस्तक ‘दि ट्रेवल ऑफ मोनार्क X’ लाकर दी ।” उस पुस्तक में राजा तितलियों के मध्य अमेरिका के लिए उत्प्रवासन का वर्णन था । इसी पुस्तक ने जिज्ञासु संग्रही बालक के लिए विज्ञान जगत का द्वार खोल दिया।
पुस्तक के अन्त में पाठकों को आमन्त्रित किया गया कि वे तितलियों के देशान्तरण अध्ययन के लिए अध्ययन को आगे बढ़ाएँ। उनसे अनुरोध किया गया कि वे लोग तितलियों के पर में टैग लगाकर डॉ० फ्रेड्रिक के पास कनाडा भेज दें। इब्राइट की माँ ने डॉ० फ्रेड्रिक को पत्र लिखा। परिणामस्वरूप शीघ्र ही इब्राइट ने राजा तितलियों के परों में हल्का टैग चिपकाना शुरू कर दिया तथा यह अनुरोध किया गया कि जिसे भी टैग, लगी तितलियाँ मिले वह उन्हें डॉ० फ्रेड्रिक के पास भेज दे।
ग्रीष्म के अन्त में Reading में तितलियों का संग्रह करने की ऋतु छह सप्ताह तक रहती है आप एक-एक कर तितलियों को पकड़ना चाहेंगे तो बहुत नहीं पकड़ सकते। अतः इब्राइट का अगला कदम था तितलियों को झुण्ड में पकड़ना । वह इस प्रकार मादा रानी तितलियों को पकड़ता, उनके अण्डे लेता तथा उन्हें अपने बेसमेंट में लेकर जीवनचक्र पूरा होने तक पालन-पोषण करता, अण्डे से इल्ली, इल्ली से प्यूपा, प्यूपा से वयस्क तितलियाँ बन जाने तक। तब वह तितलियों के परों में टैग लगा देता । कई वर्षो तक उसका बेसमेंट हजारों राजा तितलियों का आवास बना रहा, जब वे अपने शारीरिक विकास के विभिन्न चरणों में थीं।
“आखिरकार मुझे तितलियों के परों में टैग लगाने के कार्य में अरुचि होने लगी। यह कार्य उबाऊ है तथा बहुत अच्छा परिणाम देने वाला नहीं है”, इब्राइट ने कहा । “इतने समय तक मैंने यह कार्य किया, मैं केवल दो टैग लगी तितलियों को ही पुन: पकड़ सका।” उसने हँसते हुए कहा- ” और वे दोनों ही तितलियाँ जहाँ मैं रहता था उसके पचहत्तर किमी. की दूरी पर थीं। “
जब वह सातवीं ग्रेड में था ता उसे वास्तविक विज्ञान की थोड़ी-सी जानकारी मिली। जब उसने अपनी काउंटी के विज्ञान मेले में प्रवेश किया — और सो गया। ” यह बहुत दुःख की बात थी वहाँ (मेले में) उपस्थित रहने के बाद भी कोई इनाम नहीं मिला जबकि अन्य लोगों को कुछ न कुछ मिला । ” इब्राइट ने कहा- इस मेले में मेंढक के ऊतकों का स्लाइड था जिन्हें माइक्रोस्कोप से दर्शाया था। उसे पता चला विजेताओं ने वास्तव में प्रयोग का प्रयास किया है केवल उसका प्रदर्शन नहीं किया।
इब्राइट में प्रतियोगिता की भावना साफ-साफ झलक रही थी। उसने कहा, “अगले वर्ष के मेले में उसे वास्तविक प्रयोग करके दिखाना होगा। प्रयोग का विषय होगा ‘कीड़ा’ जिस पर मैं वर्षों से प्रयोग करता आ रहा हूँ।”
इसलिए उसने डॉ० फ्रेड्रिक को पत्र लिखा कि वे उसे कुछ सलाह दें। उसे ढेर सारे सुझाव मिले। इन सुझावों ने इब्राइट को हाईस्कूल की पढ़ाई के समय हमेशा व्यस्त रखा तथा काउंटी एवं अन्तर्राष्ट्रीय विज्ञान मेले में उसे पुरस्कार परियोजना तक पहुँचाया।
अपनी आठवीं ग्रेड परियोजना के लिए इब्राइट ने यह खोज निकालने का प्रयत्न किया कि प्रत्येक वर्ष राजा इल्लियों को वायरस कैसे मार डालता है। इब्राइट ने सोचा कि भृंग द्वारा कोई रोग इल्लियों तक पहुँचाया जाता रहा होगा। उसने भृंग की उपस्थिति में इल्लियों को पालने का प्रयत्न किया । “मुझे कोई ठोस परिणाम नहीं मिला।” उसने कहा, “परन्तु मैं आगे बढ़ता गया और दिखा दिया कि मैंने प्रयोग किया है। इस बार मैंने पुरस्कार जीता। “
अगले वर्ष उसकी विज्ञान मेले की परियोजना थी कि वह उस. सिद्धान्त की परीक्षा करे जो वाइसराय तितलियाँ राजा तितलियों की नकल करती हैं। सिद्धान्त यह था कि वाइसराय तितलियाँ राजा तितलियों जैसी दिखती हैं क्योंकि राजा तितलियों का स्वाद चिड़ियों को अच्छा नहीं लगता। परन्तु वाइसराय तितलियों का स्वाद ‘चिड़ियों को अच्छा लगता है। इसलिए वे जितनी अधिक राजा तितलियाँ जैसी दिखेंगी पक्षियों से बच पाएँगी।
इब्राइट की परियोजना थी कि क्या वास्तव में चिड़िया राजा तितलियों को खाती है या नहीं। उसने शोध किया कि तेलियर चिड़िया राजा तितलियों का ही भोजन करती है। इब्राइट ने कहा कि अन्य लोगों द्वारा किए गए बाद के प्रयोगों से पता चला कि सम्भवतः वाइसरायों द्वारा राजा का अनुकरण किया जाता है। परियोजना को सर्वप्रथम जन्तु विज्ञान विभाग के सामने रखो गया। बाद में काउंटी के विज्ञान मेले में।
अपनी हाईस्कूल की पढ़ाई के द्वितीय वर्ष में इब्राइट ने शोध करना प्रारम्भ किया जिससे उसने उस समय तक अज्ञात ‘कीड़े हार्मोन’ का पता लगाया था। अप्रत्यक्ष रूप से उसकी इस खोज ने कोशिकाओं के जीवन पर आधारित नए सिद्धान्त को भी जन्म दिया।
जिस प्रश्न का उत्तर उसने खोजने का प्रयास किया वह सरल था। राजा’ प्यूपा के शरीर पर बारह प्रकार की सुनहरी चित्तियों का क्या उद्देश्य हो सकता है?
इब्राइट ने कहा, “सभी ने अनुमान लगाया कि चित्तियाँ अलंकारी हैं। परन्तु डॉ० फ्रेड्रिक ने उस पर विश्वास नहीं किया । “
इब्राइट तथा एक अन्य प्रतिभाशाली विज्ञान के विद्यार्थी ने ऐसे उपकरण का पता लगाया जो दर्शाता था कि चित्तियाँ हार्मोन उत्पन्न करती हैं जो तितलियों के पूर्ण विकास हेतु आवश्यक हैं।
इस परियोजना से इब्राइट को काउंटी मेले में प्रथम पुरस्कार मिला । उसे अन्तर्राष्ट्रीय विज्ञान तथा अभियान्त्रिकी मेले में प्रवेश मिला। वहाँ उसे प्राणी विज्ञान में तीसरा स्थान मिला। ग्रीष्मकाल के अवकाश में उसे वाटर रीड आर्मी इन्स्टीट्यूट ऑफ रिसर्च की प्रयोगशाला में कीट विज्ञान में शोधकार्य करने का मौका भी मिला।
हाईस्कूल जूनियर के रूप में, रिचर्ड इब्राइट ने राजा इल्लियों पर अपना अग्रवर्ती प्रयोग जारी रखा जिससे उस वर्ष अन्तर्राष्ट्रीय विज्ञान मेले में उसे प्रथम पुरस्कार मिला। इस पुरस्कार के कारण ही उसे पुनः ग्रीष्म में सेना की प्रयोगशाला में कार्य करने का दूसरा अवसर प्राप्त हुआ।
अगले वर्ष वह एक कदम और आगे बढ़ा। उसने संवर्द्धन द्वारा राजा तितलियों के पर से कोशिकाएँ पैदा कीं और बताया कि कोशिकाएँ टूटती हैं तथा सामान्य तितलियों के पर के रूप में तभी विकसित होती हैं जब उन्हें सुनहरी चित्तियों के द्वारा हार्मोन से पोषित किया जाता है। उस परियोजना ने अन्तर्राष्ट्रीय मेले में प्रथम पुरस्कार पाया। स्नातक होने के बाद उसने अपना ग्रीष्मावकाश सेना की प्रयोगशाला तथा संयुक्त राज्य अमेरिका के कृषि विभाग की प्रयोगशाला के माध्यम से आगे बढ़ाया। !
आगामी ग्रीष्मावकाश में हार्वर्ड विश्वविद्यालय में प्रथम वर्ष की समाप्ति पर इब्राइट पुन: कृषि विभाग की प्रयोगशाला में गया और सुनहरी चित्तियों के हार्मोन्स के बारे में और अधिक शोधकार्य किया। वह हार्मोनों के रसायन को पहचान गया।
डेढ़ वर्ष पश्चात् इब्राइट के मस्तिष्क में कोशिका के जीवन पर आधारित अपने नए सिद्धान्त के लिए नवीनतम विचार उत्पन्न हुआ। ऐसा तब हुआ जब वह हार्मोन के रासायनिक संरचना के फोटो को देख रहा था।
जब उसने वे फोटो देखे तो खुशी के अतिरेक में ‘यूरेका’ अर्थात् मैंने पा लिया, जैसे शब्द नहीं कहे । परन्तु अब उसे विश्वास हो गया कि कीट हार्मोन के साथ ही उसे फोटो द्वारा जीवविज्ञान की अनेक पहेलियों का हल प्राप्त हो गया है। कोशिका द्वारा डीएनए का ब्लू प्रिंट किस प्रकार पढ़ लिया जाता है। डीएनए केन्द्रक का एक भाग होता है जो पैतृक गुणों को संयोजित करता है। यह कोशिका की आकृति व कार्य का निर्धारण करता है। इस प्रकार डीएनए जीवन का ब्लू प्रिंट है।
इब्राइट अपने कॉलेज के सहपाठी जेम्स आर० वॉग के साथ मिलकर रात भर तस्वीरें बनाता रहा तथा अणुओं के प्लास्टिक मॉडल बनाकर यह ‘ दिखाया कि वह कैसे होता है? बाद में उन दोनों ने मिलकर उस सिद्धान्त की व्याख्या एक लेख के माध्यम से की।
बड़े आश्चर्य का विषय था कि इब्राइट ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय से स्नातक किया एवं प्रतिष्ठा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। वह 1510 विद्यार्थियों में द्वितीय स्थान पर रहा। इब्राइट हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में स्नातक बनने के लिए शोध करने लगा। वहाँ वह अपने सिद्धान्त को प्रयोग की कसौटी पर कसने लगा।
यदि सिद्धान्त सही साबित होता है तो जीवन की प्रक्रिया को समझने के प्रति एक बहुत बड़ा कदम होगा। इस सिद्धान्त से कुछ प्रकार के कैंसर तथा अन्य रोगों को रोकने में सहायता मिलेगी। यह सब सम्भव हुआ है इब्राइट की वैज्ञानिक जिज्ञासा के कारण। राजा प्यूपा के शरीर चित्तियों पर उसके हाईस्कूल में ही शोध के उद्देश्य ने उसे अन्ततः कोशिका के जीवन पर सिद्धान्त प्रतिपादित करने का अवसर दिया।
रिचर्ड इब्राइट को विज्ञान में तभी से रुचि होने लगी थी जब उसने सर्वप्रथम तितलियों को संग्रह करना प्रारम्भ किया। परन्तु उतना समय नहीं दिया जितना अन्य विषयों के लिए दिया गया। इब्राइट कुशल वक्ता बन गया। वह डॉमी चलाना भी जानता था। वह एक कुशल फोटोग्राफर भी था। विशेषकर प्राकृतिक दृश्य तथा वैज्ञानिक प्रदर्शनों का।
हाईस्कूल में रिचर्ड इब्राइट एक सीधे-सादे सुस्पष्ट व्यक्ति थे। क्योंकि पढ़ना सरल था, इसलिए अपनी अधिक ऊर्जा वाद-विवाद में संयुक्त राष्ट्र के मॉडल क्लब्स में लगाते। रिचर्ड ए विहरर जो उसके समाज अध्ययन के अध्यापक उसकी बहुत प्रशंसा करते थे और वे उसके दोनों क्लबों के परामर्शदाता भी थे। “मि० विहरर तब मेरे लिए सबकुछ थे, उन्होंने नए विचारों के लिए मेरा मार्ग प्रदर्शन किया”, इब्राइट ने कहा।
विहरर महोदय ने कहा, “ रिचर्ड हमेशा अधिक प्रयास करता ही रहता था। उसकी इस विशेषता ने मुझे प्रसन्न किया कि वह तितलियों पर शोधकार्य करते हुए एवं अन्य विषयों में रुचि लेते हुए भी तीन-चार घण्टे तक रात को शोधकार्य पर विवाद करता रहता था।”
विहरर महोदय ने आगे बताया, “रिचर्ड जुझारु था, परन्तु गलत अर्थ में नहीं।” रिचर्ड केवल पुरस्कार के लिए ही पुरस्कार नहीं जीतता, बल्कि वह यथासम्भव अधिक से अधिक सर्वोत्कृष्ट बनना चाहता था। सही तर्कों के लिए वह सर्वोत्तम बनना चाहता है।”
उपर्युक्त विचारों में एक विचार ने उसे वैज्ञानिक बनाया। तीव्र विलक्षण बुद्धि के साथ ही जिज्ञासा भी शामिल थी, तथा निर्दोष भाव से पुरस्कार जीतने की लालसा को भी मिश्रित किया। इब्राइट में ये सारे गुण थे। दि ट्रेवल्स ऑफ मोनार्क X पुस्तक ने ही विज्ञान जगत का दरवाजा उसके लिए खोल दिया, रिचर्ड इब्राइट ने कभी भी वैज्ञानिक जिज्ञासा को कम नहीं होने दिया।
Think about it
(इस बारे में सोचिए)
Q. 1. How can one become a scientist, an economist, a historian ….. ? Does it simply involve reading many books on the subject? Does it involve observing, thinking and doing experiments ?
(कोई (व्यक्ति) एक वैज्ञानिक, एक अर्थशास्त्री, एक इतिहासकार कैसे बन सकता है? क्या यह विषय पर अनेक पुस्तकें पढ़ने से हो सकेगा ? क्या यह निरीक्षण, विचार और प्रयोग करने से हो सकेगा?)
Ans. Science is something which involves experiments, analysis and conclusions. By simply reading we can just get the facts but cannot get to know the reasons behind a particular result. Many diseases which were thought to be incurable in the past have been overcome by means of scientific inventions and discoveries.
Subjects like Economics or History may not be regarded as science in vague terms. But if we go deep in these subjects, we find that Economics and History is a science of human behaviour. It is the experiment which enables us to form, scientific theory.
(विज्ञान प्रयोग, विश्लेषण और निष्कर्ष में समाहित है। केवल पढ़ने मात्र से हम तथ्य प्राप्त कर सकते हैं लेकिन उन कारणों को प्राप्त नहीं कर सकते जो एक विशिष्ट परिणाम में निहित हैं। अनेक बीमारियों को भूतकाल में ठीक न होने वाली माना जाता था किन्तु वैज्ञानिक आविष्कारों और खोजों से उन पर विजय प्राप्त कर ली गई।
अर्थशास्त्र अथवा इतिहास किसी सीमा तक विज्ञान के रूप में स्वीकार नहीं किए जा सकते। लेकिन यदि हम इन विषयों की गहराई में जाएँ, तो हम पाएँगे कि अर्थशास्त्र और इतिहास मानवीय व्यवहार का विज्ञान है। यह प्रयोग ही है जो हमें वैज्ञानिक सिद्धान्त बनाने के योग्य बनाता है।)
Q. 2. You must have read about cells and DNA in your science books. Discuss Richard Ebright’s work in the light of what you have studied. If you get an opportunity to work like Richard Ebright on projects and experiments, which field would you like to work on and why?
(आपने अपनी विज्ञान की पुस्तक में सूक्ष्म जीव और डी०एन०ए० के बारे में अवश्य पढ़ा होगा। आपने जो अध्ययन किया है उसके प्रकाश में रिचर्ड इब्राइट के कार्य की विवेचना कीजिए। यदि आपको रिचर्ड इब्राइट के समान किसी योजना और प्रयोग पर कार्य करने का अवसर मिले तो आप किस क्षेत्र में काम करना पसन्द करेंगे और क्यों ? )
Ans. I have studied something about cells and DNA in my science book. Richard Ebright’s research is very important. It shall let the scientists know the origins of diseases etc. The field of experiments in cells is very vast. If I get an opportunity to work like Ebright, I shall take up this field for the welfare of humanity.
(मैंने अपनी विज्ञान की पुस्तक में सूक्ष्म जीव व डी० एन०ए० के बारे में कुछ अध्ययन किया है। रिचर्ड इब्राइट का शोध बहुत महत्त्वपूर्ण है । वह वैज्ञानिकों को बीमारियों के पैदा होने के बारे में जानकारी देगा। सूक्ष्म जीव के प्रयोग का क्षेत्र बहुत विस्तृत है। यदि मुझे अवसर प्राप्त होगा तो मैं इब्राइट के समान इस क्षेत्र को मानवता के कल्याण के लिए ग्रहण करूँगा । )
Talk about it
(इस बारे में बात कीजिए)
Q. 1. Children everywhere wonder about the world around them. The questions they ask are the beginning of scientific inquiry. Given below are some questions children in India have asked Professor Yash Pal and Dr Rahul Pal as reported in their book, ‘Discovered Questions’.
(i) What is DNA Fingerprinting ? What are its uses?
( डी०एन०ए० अंगुलीछाप क्या है? इसके क्या उपयोग हैं? )
Ans. DNA carries genetic information’ to each living being. DNA is inherited from our parents. DNA Fingerprinting is important in Forensic Department. Even from a single hair or a drop of blood DNA can help us to find out the true culprit.
(डी० एन०ए० प्रत्येक जीवित प्राणी की उत्पत्ति सम्बन्धी जानकारी रखता है। डी० एन०ए० हमें हमारे माता-पिता से प्राप्त होता है। डी०एन०ए० अंगुलीछाप फारेन्सिक विभाग में बहुत महत्त्वपूर्ण है। यहाँ तक कि एक बाल अथवा रक्त की एक बूँद का डी० एन०ए० सही अपराधी की खोज करने में हमारी बहुत मदद कर सकती है।)
(ii) How do honeybees identify their own honeycombs ?
(मधुमक्खियाँ अपना छत्ता कैसे ढूँढती हैं ? )
Ans. Honeybees use such a single guide. They also appear to have a good memory. They try to find through a clever dance language. The dance indicates the direction and distance of the food source. Thus they have a well developed direction finding mechanism and a way of reckoning distance.
(मधुमक्खियाँ एक दिशादर्शक का उपयोग करती हैं। वे अच्छी याददाश्त भी रखती हैं। वे एक चतुर नृत्यभाषा द्वारा खोजने का प्रयास करती हैं। नृत्य भोजन स्रोत की दिशा और दूरी का संकेत करता है। इस प्रकार वे एक अच्छी विकसित दिशा खोज तकनीक रखती हैं और दूसरा समझने का तरीका जानती हैं। )
(iii) Why does rain fall in drops ?
(वर्षा बूँदों में क्यों गिरती है ? )
Ans. Rain is formed as a result of condensation of vapour when air is cooled below the dew point. The raindrops start out as tiny ice crystals and on the way they collect moisture. The crystals change into water droplets and fall on the ground as drops.
(वाष्प के संघनन के परिणामस्वरूप वर्षा का निर्माण होता है, ऐसा तब होता है जब जमाव बिन्दु से नीचे हवा ठण्डी हो जाती है। वर्षाबूँदों का निर्माण बर्फ के छोटे-छोटे क्रिस्टलों के रूप में प्रारम्भ होता है, और अपने गन्तव्य की ओर बढ़ते हुए वे नमी को सोखती जाती हैं। फिर क्रिस्टलों के कण पानी की बूँदों का रूप धारण कर लेते हैं और ये बूँदें धरती पर गिरने लगती हैं। )
Q. 2. You also must have wondered about certain things around you. Share these questions with your class, and try and answer them.
(आप अपने आसपास अनेक आश्चर्यजनक वस्तुएँ देखते हो और उनको देखकर आपके मन में अनेक प्रश्न उठते होंगे। उन प्रश्नों को अपनी कक्षा के सम्मुख रखो और उनके उत्तर देने का प्रयत्न करो । )
Ans. There are many questions which are a question of worry for me. Some of them are as follows:
(i) Is there any material which does not burn in fire?
(ii) Why do rain bearing clouds appear black ?
(iii) Why do some people snort during sleep ?
(अनेक ऐसे प्रश्न हैं जो मेरे लिए चिन्ता का विषय हैं। उनमें से कुछ निम्न हैं-
(i) क्या ऐसा कोई पदार्थ है जो आग न जलता हो?
(ii) बारिश करने वाले बादल काले क्यों दिखाई देते हैं?
(iii) लोग सोते समय खर्राटे क्यों लेते हैं? )

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *