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UK Board 9th Class English – (Supplementary Reader) – Chapter 7 The Last Leaf

UK Board 9th Class English – (Supplementary Reader) – Chapter 7 The Last Leaf

UK Board Solutions for Class 9th English – (Supplementary Reader) – Chapter 7 The Last Leaf

THE LAST LEAF (O. Henry)

[पतझड़ की ऋतु है। हवा तेज गति से चल रही है और मूसलाधार वर्षा हो रही है। आइवी (सिरपेंच) की लता की एक पत्ती के सिवाय सभी पत्तियाँ गिर चुकी हैं। अन्तिम पत्ती क्यों नहीं गिरती ? ]
SUMMARY OF THE STORY
Sue and Johnsy were two young artists. They shared a small flat on the third storey of an old house. It was the month of November. Johnsy fell seriously ill. She had pneumonia. Sue, her friend, sent for the doctor. Although the doctor came everyday, there was no change in Johnsy’s condition. The doctor said to Sue if Johnsy did not want to live, medicines would not help her.
Sue tried her best to make Johnsy take an interest in things. One day she heard Johnsy counting backwards. Sue anxiously looked out of the window. She saw an old ivy creeper climbing half-way up the brick wall opposite their window. The creeper was shedding its leaves.
Johnsy said with finality, “When the last leaf falls, I will die.” She sat on Johnsy’s bed, kissed her and said, “You are not going to die. Please try to sleep.” She said, “I have to paint an old miner. I will call Behrman up to be my model.”
Sue rushed down. Behrman who was a sixty-year-old painter, lived on the ground floor. She told him how Johnsy felt. Behrman came up. Johnsy was sleeping. Sue showed him the creeper which had only one leaf. He went back to his room.
Johnsy woke up next morning. There was still one leaf on the creeper. She called out to Sue and said, “I have been depressed and gloomy. The last leaf has shown me how wicked I have been. I have realised that it is a sin to want to die.” Sue hugged Johnsy. Then she gave her comb and mirror. Johnsy combed her hair and smiled brightly.
In the afternoon the doctor came, examined his patient and told Sue, “ Johnsy now has the will to live. I am confident she will recover soon.” The doctor went downstairs and examined Behrman who was also suffering from pneumonia.
The next morning Sue told Johnsy that the Behrman died of pneumonia this morning. Sue asked Johnsy to look out of window and look at that ivy leaf “Haven’t you wondered why it doesn’t flutter when the wind blows ? That’s Behrman’s masterpiece. He painted it the night the last leaf fell.”
सम्पूर्ण कहानी का रूपान्तर
सू और जोन्सी, दो युवती कलाकार एक छोटे फ्लैट में साथ-साथ रहते थे। वह फ्लैट एक पुराने मकान की तीसरी मंजिल पर था।
नवम्बर में जोन्सी गंभीर रूप से बीमार हो गई। उसको निमोनिया हो गया था। वह बिना हिले-डुले अपने बिस्तर पर लेटी रहती थी, केवल खिड़की से बाहर टकटकी लगाकर देखती रहती थी। उसकी मित्र सू बहुत चिंतित थी। उसने डॉक्टर को बुलाया । यद्यपि डॉक्टर प्रतिदिन आता था, तथापि जोन्सी की दशा में कोई सुधार होता नजर नहीं आता था।
एक दिन डॉक्टर सू को एक ओर ले गया और उससे पूछा, “क्या कोई चीज जोन्सी को चिन्तित कर रही है?”
सू ने उत्तर दिया, “नहीं, पर आप क्यों पूछते हैं?”
डॉक्टर ने कहा, “ऐसा प्रतीत होता है कि जोन्सी ने अपने मन में निश्चय कर लिया है कि उसे ठीक नहीं होना है। यदि वह जीवित रहना नहीं चाहती, दवाएँ उसकी सहायता नहीं करेंगी।”
सूने भरसक प्रयत्न किया कि जोन्सी सांसारिक चीजों में रुचि ले। उसने कपड़ों और फैशनों के बारे में बातचीत की, पर जोन्सी ने उत्तर कुछ नहीं कहा। जोन्सी अपने बिस्तर पर शान्त लेटी रहती थी। सू अपना ड्राइंग बोर्ड जोन्सी के कमरे में ले आई और चित्रकारी आरम्भ कर दी। जोन्सी के मन को बीमारी से दूर हटाने के लिए वह काम करते हुए सीटी बजाती रहती थी।
अचानक ही सू ने जोन्सी को कुछ बुदबुदाते हुए सुना । वह दौंड़कर उसके बिस्तर के पास गई और उसने जोन्सी को उल्टी गिनती गिनते हुए सुना। वह खिड़की के बाहर देख रही थी और कह रही थी, “बारह ! ” थोड़े समय पश्चात उसने धीरे से कहा ‘ग्यारह’, तब ‘दस’, तब ‘नौ’, ‘आठ’, ‘सात’। सू ने व्याकुलता से खिड़की के बाहर देखा । उसने देखा कि पुरानी आइवी की बेल उनकी खिड़की के सामने ईंट से बनी दीवार की आधी ऊँचाई तक ऊपर फैल गई थी। बाहर जोर से हवा चल रही थी, लता अपनी पत्तियाँ गिरा रही थी।
सू ने पूछा, “प्रिय, यह क्या है?’ “
जोन्सी ने धीरे से कहा, “छह ! वे अब तेजी से गिर रही हैं। तीन दिन पूर्व लगभग सौ पत्तियाँ थीं। अब केवल पाँच पत्तियाँ बची हैं। “
सू ने कहा, “यह पतझड़ की ऋतु है और पत्तियाँ गिरेंगी। “
जोन्सी ने अंतिम विश्वास के साथ कहा, “जब अंतिम पत्ती गिरेगी, मैं मर जाऊँगी। मुझे इस बात की जानकारी पिछले तीन दिनों में हुई है । “
सू ने उत्तर दिया, “ओह, यह बकवास है। पुरानी आइवी की पत्तियों का तुम्हारे स्वस्थ होने से क्या सम्बन्ध है? डॉक्टर को विश्वास है कि तुम ठीक हो जाओगी।”
जोन्सी ने कुछ नहीं कहा। सू गई और जोन्सी के लिए सूप से भरा हुआ एक कटोरा लाई ।
जोन्सी ने कहा, “मुझे कोई सूप नहीं चाहिए। मैं भूखी नहीं हूँ। अब केवल चार पत्तियाँ रह गई हैं। मैं चाहती हूँ कि अँधेरा होने से पूर्व अंतिम . पत्ती गिरे। तब मैं सदा के लिए सो जाऊँगी।”
सू अब ज़ोन्सी के बिस्तर पर बैठ गई, उसको चूमा और कहा, ” तुमको मरना नहीं है। मैं पर्दा नहीं खींच सकती क्योंकि मुझे प्रकाश चाहिए। मैं चित्र पूरा करना चाहती हूँ ताकि हम दोनों को कुछ धन की प्राप्ति हो । “
उसने जोन्सी से आग्रह किया, “मेरी प्रिय सहेली, जब तक मैं चित्रकारी करती हूँ, वादा करो कि तुम बाहर नहीं देखोगी । “
जोन्सी ने कहा, “अच्छा, अपनी चित्रकारी शीघ्र समाप्त करो क्योंकि मैं अंतिम पत्ती को गिरते हुए देखना चाहती हूँ। मैं प्रतीक्षा करते-करते थक गई हूँ। मुझे मरना ही होगा इसलिए इन थकी हुई पत्तियों के समान ही मुझे भी आराम से जाने दो।”
सू ने कहा, “सोने की कोशिश करो। मुझे खदान में काम करने वाले एक बूढ़े व्यक्ति का चित्र बनाना है। मैं बेरमन को अपने मॉडल होने के लिए ऊपर बुलाऊँगी।”
सू दौड़कर नीचे गई। बेरमन ग्राउन्ड फ्लोर पर रहता था ।
वह 60 वर्ष का चित्रकार था। उसका जीवन भर यह स्वप्न रहा है कि वह एक सर्वोत्कृष्ट चित्रकारी करे पर वह एक स्वप्न मात्र ही रह गया । सू ने अपनी चिंताएँ बेरमन को सुनाई। उसने उसको बताया कि जोन्सी का विश्वास है कि अन्तिम पत्ती के झड़ जाने पर उसकी भी मृत्यु हो जाएगी।
बेरमन ने पूछा, “क्या वह मूर्ख है? वह इतनी बेवकूफ कैसे हो सकती है?”
सू ने शिकायत की कि जोन्सी को बहुत अधिक बुखार है। वह खाने और पीने से मना करती है और उससे मुझे अत्यधिक चिंता होती है । “
बेरमन ने कहा, “मैं तुम्हारे साथ चलता हूँ और जोन्सी से मिलता हूँ।”
वे दबे पाँव शांतिपूर्वक चलकर कमरे में आए। जोन्सी सो रही थी। सू ने पर्दे साथ-साथ खींचे और वे दूसरे कमरे में गए। वह खिड़की से बाहर झाँकी । लता पर केवल एक पत्ती थी। मूसलाधार वर्षा हो रही थी और बर्फीली हवा चल रही थी। ऐसा लगता था जैसे कि पत्ती अब किसी भी मिनट गिर जाएगी। बेरमन कुछ नहीं बोला। वह वापस अपने कमरे में गया।
अगले दिन प्रात: काल जोन्सी जागी। क्षीण आवाज में उसने सू को पर्दे खींचने के लिए कहा। वह घबराई हुई थी। उसने अनिच्छा से पर्दों को वापस खींचा।
जैसे ही सू ने अंगूर की बेल की ओर देखा, उसने अपने उद्गार प्रकट किए, “ओहो ।”
“देखो, लता पर अब भी एक पत्ती है। वह एकदम हरी और स्वस्थ दिखाई देती है। तूफान और तेज हवाओं के बावजूद, वह नहीं गिरी । “
जोन्सी ने कहा, “मैंने गत रात्रि हवा की आवाज सुनी। मैंने सोचा था कि वह गिर गई होगी। वह निश्चित रूप से आज गिर जाएगी। तब मैं मर जाऊँगी।”
सू ने उत्साहपूर्वक कहा, “तुम नहीं मरोगी । तुम्हें अपने मित्रों के लिए जीवित रहना है। यदि तुम मर जाती हो तो मेरा क्या होगा ?”
जोन्सी धीरे से मुस्करायी और अपनी आँखें बन्द कर लीं। लगभग हर घण्टे पश्चात् वह खिड़की से बाहर देखती थी और उसको पत्ती नजर आती थी।
शाम के समय, दूसरा तूफान आया पर पत्ती नहीं गिरी। जोन्सी पत्ती की ओर देखते हुए बहुत देर तक लेटी रही। तब उसने सू को पुकारा।
” मैं एक बुरी लड़की रही हूँ। तुमने इतने प्रेम से मेरी देखभाल की और मैंने तुमको सहयोग नहीं दिया। मैं हताश और निराश रही। अंतिम पत्ती ने मुझे दिखाया हैं कि मैं कितनी दुष्ट रही हूँ। मैंने महसूस किया है कि मरने की इच्छा करना पाप है। “
सूने जोन्सी का आलिंगन किया। तब उसने जोन्सी को बहुत-सा गर्म सूप और दर्पण दिया। जोन्सी ने अपने बालों में कंघी की और प्रसन्नता से मुस्कराई।
तीसरे पहर डॉक्टर आया। अपने रोगी का परीक्षण करने के बाद उसने सू से कहा, “अब जोन्सी में जीवित रहने की इच्छा-शक्ति है। मुझे विश्वास है कि वह शीघ्र ही ठीक हो जाएगी। अब मुझे जीने से नीचे जाकर बेरमन को देखना चाहिए। वह भी निमोनिया से पीड़ित है। पर मुझे डर है, उसके जीने की कोई आशा नहीं है । “
“अगले दिन प्रातःकाल सू आई और जोन्सी के बिस्तर पर बैठ गई । जोन्सी का हाथ अपने हाथ में लेकर उसने कहा, “मुझे कुछ बात तुमसे कहनी है। आज सुबह मि० बेरमन निमोनिया से मर गए। वे केवल दो दिन ही बीमार रहे। पहले दिन चौकीदार ने उनको बिस्तर पर लेटा देखा। उनके कपड़े और जूते गीले थे और वे काँप रहे थे। वे उस तूफानी रात में बाह रहे थे। “
तब उन्होंने बिस्तर के पास एक सीढ़ी और जलती हुई लालटेन देखी।
सीढ़ी के पास कुछ ब्रुश और हरे तथा पीले रंग के पेन्ट भी थे। सू ने कहा, “प्रिय जोन्सी, खिड़की के बाहर देखो। उस आइवी की पत्ती की ओर देखो। क्या तुम्हें आश्चर्य नहीं हुआ है कि जब हवा चलती है तो वह पत्ती क्यों नहीं फड़फड़ाती है? वह बेरमन की सर्वश्रेष्ठ कलाकृति है। जिस रात अन्तिम पत्ती झड़कर गिरी उसी रात बेरमन ने यह अद्भुत चित्रकारी की थी।”
LONG ANSWER TYPE QUESTIONS
(To be answered in about 100 words)
Q.1. What is Johnsy’s illness ? What can cure her, the medicine or the willingness to live?
(जोन्सी की क्या बीमारी है ? उसको कौन ठीक कर सकता है, औषधि या जीने की इच्छा ? )
Ans. Introduction: Johnsy fell very seriously ill with pneumonia in November. She would lie in her bed without moving, just gazing out of the window.
Her real illness: Sue sent for the doctor. Although he came every day. There was no change in Johnsy’s condition. One day the doctor took Sue aside and said, “Johnsy has made up her mind that she is not going to get well. If she doesn’t want to live, medicines will not help her. ” There was an old ivy creeper opposite their window. It was shedding its leaves. Johnsy was counting backwards. She thought she would die when the last leaf dropped.
Conclusion Johnsy suffered from depression. Only her will ingress to live can cure her and not the medicine.
[ भूमिका – जोन्सी नवम्बर में निमोनिया से गम्भीर रूप में बीमार हो गई। वह बिना हिले-डुले अपने बिस्तर पर लेटी रहती थी और केवल टकटकी लगाकर खिड़की के बाहर देखती रहती थी। उसकी वास्तविक बीमारी – सू ने डॉक्टर को बुलाया। यद्यपि डॉक्टर प्रतिदिन आता था, पर जोन्सी की दशा में कोई परिवर्तन
नहीं आया। एक दिन डॉक्टर सू को अलग ले गया और कहा, ” जोन्सी ने निश्चय कर लिया है कि वह ठीक होने वाली नहीं है।
यदि वह जीवित रहना नहीं चाहती, तो औषधि कोई सहायता नहीं ” करेगी।”
उनकी खिड़की के सामने एक पुराना आइवी क्रीपर था। वह अपनी पत्तियाँ गिरा रहा था। जोन्सी उल्टी गिनती गिन रही थी। उसका विचार था कि जब अंतिम पत्ती गिर जाएगी, वह मर जाएगी।
निष्कर्ष – जोन्सी अवसाद से पीड़ित थी। उसकी जीवित रहने की इच्छा ही उसको ठीक कर सकती है और औषधि नहीं ।]
Q. 2. Behrman has a dream. What is it? Does it come true ?
(बेरमन का एक सपना है। वह क्या है? क्या वह सत्य सिद्ध होता है ? )
Ans. Behrman was a sixty year old painter. He lived on the ground floor. He had a dream. His life long dream was to paint a masterpiece but that had remained a dream.
When Behrman came to see Johnsy, he found her asleep. Sue and Behrman went to the next room. She peeped out through the window. There was only one leaf on the creeper. It was raining heavily. The icy cold wind was blowing. It seemed as though the leaf would fall any minute now.
Behrman did not say a word. He went back to his room. He painted that last leaf on the wall of his room the painting of the leaf was the masterpiece of Behrman. He died in the morning.
[बेरमन साठ वर्षीय पेन्टर था । वह ग्राउण्ड फ्लोर पर रहता था। उसका एक सपना था। उसने पूरे जीवन एक सपना संजोया था कि वह एक सर्वश्रेष्ठ कृति पेन्ट करे, पर वह एक सपना ही बनकर रह गया।
जब बेरमन जोन्सी को देखने आया, उसने उसको सोता हुआ देखा । सू और बेरमन दूसरे कमरे में गए। सू खिड़की के बाहर झाँकी। क्रीपर पर केवल एक पत्ती थी। मूसलाधार वर्षा हो रही थी। ठण्डी बर्फीली हवा चल रही थी। ऐसा प्रतीत होता था जैसे कि वह पत्ती किसी भी मिनट गिर सकती है।
बेरमन एक शब्द भी नहीं बोला। वह अपने कमरे में वापस गया। उसने अपने कमरे की दीवार पर वह अंतिम पत्ती पेंट की। पत्ती का चित्रण बेरमन की सर्वश्रेष्ठ कृति थी। वह सुबह मर गया ।]
SHORT ANSWER TYPE QUESTIONS
of interpretative and evaluative nature
(To be answered in 30-40 words )
Q.1. Do you think the feeling of depression Johnsy has is common among teenagers?
( क्या आपके विचार से जोन्सी में जो अवसाद की भावना है वह किशोरों में सामान्य है ? )
Ans. Yes, the feeling of depression Johnsy has is common among teenagers. The teenagers are emotional. They think it a matter of pride to suffer from the feeling of depression. Hence this feeling of depression is common among teenagers.
[ हाँ, जोन्सी में जो अवसाद की भावना है वह किशोरों में सामान्य है। किशोर भावुक होते हैं। उनका विचार है कि अवसाद की भावना से पीड़ित रहना गर्व की बात है। अतः अवसाद की भावना किशोरों में सामान्य रूप से पाई जाती है ।]
Q.2. Behrman has a dream. What is it ? Does it come true ?
(बेरमन का एक सपना है। वह क्या है? क्या वह सत्य सिद्ध होता है?)
Ans. Behrman’s life long dream was to paint a masterpiece but that had remained a dream. It came true when Behrman painted the last leaf of ivy creeper the night the last leaf fell.
( बेरमन का जीवन में संजोया एक सपना था कि वह एक सर्वश्रेष्ठ कृति का चित्रण करे, पर वह एक सपना ही बना रहा। वह सत्य सिद्ध हुआ जब बेरमन ने आइवी क्रीपर की अंतिम पत्ती का रात में चित्रण किया जब वह गिर गई । )
VERY SHORT ANSWER TYPE QUESTIONS
based on factual aspects of the lesson
(To be answered in 20-30 words)
Q.1. What is Johnsy’s illness ? What can cure her, the medicine or the willingness to live?
( जोन्सी की बीमारी क्या है? उसको कौन ठीक कर सकता है – औषधि या जीवित रहने की इच्छा ? )
Ans. Johnsy’s illness is depression. The willingness to live can cure her, and not the medicine.
(जोन्सी की बीमारी अवसाद है। उसका इलाज जीवित रहने की इच्छा कर सकती है, न कि औषधि । )
Q.2. What is Behrman’s masterpiece ? What makes Sue say so?
(बेरमन की सर्वश्रेष्ठ कृति क्या है ? सू ऐसा क्यों कहती है ? )
Ans. Sue showed Behrman the last leaf of the ivy creeper opposite the window. It was raining heavily and an icy-cold wind was blowing then. Behrman went back to his room. He painted it the night the last leaf fell. On the basis of the circumstances Sue says so.
(सू ने खिड़की के सामने आइवी क्रीपर की अंतिम पत्ती बेरमन को दिखाई। तब मूसलाधार वर्षा हो रही थी और ठण्डी बर्फीली हवा चल रही थी। बेरमन अपने कमरे में वापस गया। उसने वह चित्रण उस रात में किया जब वह अंतिम पत्ती गिरी। परिस्थितियों के आधार पर सू ऐसा कहती है। )

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