UK Board 9th Class English – (Supplementary Reader) – Chapter 8 A House is not a Home
UK Board 9th Class English – (Supplementary Reader) – Chapter 8 A House is not a Home
UK Board Solutions for Class 9th English – (Supplementary Reader) – Chapter 8 A House is not a Home
A HOUSE IS NOT A HOME (Zan Gaudioso)
[ यह कहानी किशोरावस्था में आने वाली चुनौतियाँ और उम्र के बढ़ने पर आने वाली समस्याओं को दर्शाती है। लेखक अपनी समस्याओं को किस प्रकार सुलझाता है ? ]
SUMMARY OF THE STORY
The author loved his junior high school most. He could not adjust in his new high school. One Sunday afternoon he was doing his homework. His red tabby cat was lying on top of all his papers. The author noticed smoke pouring in through the ceiling. The house was on fire groping their way to the front door, they all ran out into the front yard.
The author went to call the fire department, while he watched his mother run back into the house. She brought out a small box full of important documents. She again ran back into the house to bring some pictures, the author screamed at her and wanted to follow her. But he was held back by a fireman. Another fireman brought the mother out.
Five hours later, the fire was finally out, their house was completely burned down. There was no sign of the cat. The author, along with his mother, went to his grandparents’ house to spend the night.
The next day, Monday, the author went to school without proper dress, books, homework and backpack. The author was totally embarrassed. He did not want to grow up, change or have to handle life in that way. He just wanted to curl up and die.
Everyone in high school was aware of his plight. They made a collection and bought the author school supplies and all kinds of different clothes. He got all kinds of invitations to other people’s houses. They were genuinely concerned about the author’s plight. The author finally breathed a sigh of relief. He thought that things were going to be okay. He made friends that day.
A month later, he was at his house which was under construction. But he was not alone, he was with two of his new friends from school. The author stopped focusing on his feelings of insecurity and understood the goodwill of all the wonderful people around him. A woman brought his cat back anyhow.
As he sat there with his friends and his cat, all the overwhelming feelings of loss and tragedy seemed to diminish. He felt gratitude for his life, his new friends, the kind lady and the beloved cat’s purring. He said, “My cat was back and so was I.”
सम्पूर्ण कहानी का हिन्दी रूपान्तर
हाईस्कूल का मेरा पहला वर्ष अजीब-सा रहा। जूनियर हाईस्कूल छोड़ने के बाद नए सिरे से अध्ययन आरम्भ करना अजीब सा लगा। जूनियर हाईस्कूल में मैं अपनी कक्षा में प्रथम स्थान पर था और मुझे उच्चतर स्तर पर उपलब्ध सभी ज्येष्ठताएँ प्राप्त थीं। यह स्कूल मेरे पुराने स्कूल से दुगना बड़ा था और बदतर बात यह हुई कि मेरे घनिष्ठ मित्र भिन्न हाईस्कूल में भर्ती हो गए। मैंने बहुत सूनापन अनुभव किया।
मुझे अपने पुराने अध्यापकों की अनुपस्थिति इतनी अधिक खलती थी कि मैं उस स्कूल में वापस जाता था और उनसे मिलता था। वे मुझे स्कूल के क्रियाकलाप में सम्मिलित होने के लिए उत्साहित करते थे जिससे मैं नए लोगों से मिल सकूँ। वे मुझे कहते थे कि कुछ समय में मैं वहाँ समायोजित हो जाऊँगा और शायद मैं अपने नए स्कूल को पुराने स्कूल से अधिक प्यार करने लगूँगा। उन्होंने मुझसे वचन लिया कि जब ऐसा हो जाएगा मैं तब भी समय-समय पर वहाँ आऊँगा और उन लोगों से मिलूँगा वे जो कह रहे थे मैं उस मनोविज्ञान को समझता था, पर फिर भी मुझे उस बात से आराम मिला।
हाईस्कूल में मुझे ज्यादा समय नहीं हुआ था, एक रविवार के तीसरे पहर, मैं अपने घर में डाइनिंग रूम की मेज पर बैठा गृहकार्य कर रहा था। ठण्डा और तूफानी पतझड़ का दिन था और हमारे आग जलाने के स्थान में आग जल रही थी। और दिनों की तरह से, मेरी लाल टैबी बिल्ली मेरे सभी कागजों की चोटी पर लेटी हुई थी। वह जोर से घुर घुर की आवाज कर रही थी और कभी आनन्द के लिए मेरे कलम पर तेजी से प्रहार कर रही थी।
वह मुझसे कभी दूर नहीं रहती थी। जब वह बच्ची थी मैंने उसको खतरनाक स्थिति से बचाया था और वह किसी तरह से जानती थी कि मैं उसको ‘अच्छा जीवन’ देने के लिए एक जिम्मेदार व्यक्ति था ।
मेरी माता घर को ठीक और गरम रखने के लिए आग में कोयले डाल रही थी और उसको सहला रही थी। अचानक ही मुझे किसी विचित्र चीज की गन्ध आई और तब मैंने यह देखा …… सीलिंग की सिलाइयों से धुआँ निकल रहा था। धुएँ ने कमरे को इतनी तेजी से भरना शुरू कर दिया कि हम मुश्किल से कोई चीज देख सकते थे।
सामने के दरवाजे का रास्ता हाथों से टटोलते हुए, हम सब अगले आँगन में दौड़ आए। उस समय तक हम बाहर निकल आए थे, सारी छत लपटों में लिपट चुकी थी और लपटें तेजी से फैल रही थीं। मैं दौड़कर पड़ोसियों के घर गया कि दमकल को बुला सकूँ। उसी समय मैंने देखा कि मेरी माता दौड़कर वापस घर में गईं।
तब मेरी माता महत्त्वपूर्ण दस्तावेजों से भरा एक धातु का बक्स लिए हुए मकान से बाहर आईं। उन्होंने बक्स को लॉन में डाल दिया और उन्मत्त दशा में दौड़कर घर में वापस गईं। मैं जानता था कि वह किस चीज के पीछे पड़ी हैं। जब मैं छोटा था, मेरे पिता जी मर चुके थे और मैं सुनिश्चित था कि वह मेरे पिता जी के चित्रों और पत्रों को आग में नहीं जलने देंगीं। वे मात्र चीजें थीं जिनसे वह पिता जी को याद करती थीं। फिर भी, मैं उन पर चिल्लाया, “माँ, मत जाओ !”
मैं उनके पीछे दौड़कर जाने ही वाला था कि मुझे लगा कि किसी बड़े हाथ ने मुझे वापस रोक लिया था। वह आग बुझाने वाला था । मैं यह भी नहीं देख पाया था कि गली में पहले से ही अग्निशमन करने वाले ट्रक भरे हुए थे। मैं उसकी मजबूत पकड़ से अपने को छुड़ाने की कोशिश कर रहा • था। मैं चिल्ला रहा था, “आप नहीं समझते, मेरी माता मकान में हैं। “
उसने मुझे पकड़े ही रखा जबकि आग बुझाने वाले अन्य लोग मकान के अंदर दौड़े। वह जानता था कि मैं बहुत तर्कसंगत ढंग से कार्य नहीं कर रहा था और वह जानता था कि यदि वह मुझे जाने देता, मैं दौड़ता। वह सही था।
उसने कहा, “बात बिल्कुल ठीक है, वे तुम्हारी माता को ले आएँगे।”
उसने मेरे चारों ओर एक कम्बल लपेटा और उसने मुझे हमारी कार में बैठा दिया। उसके थोड़े ही समय के बाद, एक आग बुझाने वाला मेरी माता को लेकर बाहर निकला। वह मेरी माता को तेजी से ट्रक पर ले गया और उनको ऑक्सीजन का नकाब पहना दिया। मैं दौड़ा और अपनी माता से लिपट गया। इन सभी घण्टों में मैंने माता के साथ तर्क-वितर्क किया और उन्हें खो देने का विचार अपने मन में आते ही मैं अलग होने के पहलू से नफरत करने लगा।
आग बुझाने वाले ने कहा, “वह ठीक हो जाएँगी। उन्होंने केवल थोड़ा धुआँ साँस के द्वारा अपने फेफड़ों में भर लिया है।” और तब वह आग बुझाने के लिए वापस दौड़कर गया जबकि मैं और मेरी माता स्तम्भित होकर बैठे रहे। मुझे याद है कि मैं अपने मकान को जलता हुआ देखता रहा और सोच रहा था कि मैं उस विषय में कुछ नहीं कर सकता था।
पाँच घंटे बाद, अंतिम रूप से आग बुझी । हमारा घर लगभग पूरी तरह से जलकर राख हो गया था। पर तब मुझे याद आया……….मैंने अपनी बिल्ली नहीं देखी। मेरी बिल्ली कहाँ थी ? मैं बहुत भयभीत था, मैंने महसूस किया कि बिल्ली कहीं भी मिल नहीं सकेगी। तब एकदम मुझे याद आया- नया स्कूल, आग, मेरी बिल्ली – मेरे आँसू फूट पड़े और चिल्लाता रहा। मैं बहुत बड़ी हानि बहुत समय तक सहन करता रहूँगा ।
उस रात आग बुझाने वाले लोगों ने हमको घर में वापस नहीं जाने दिया। घर में जाना अब भी खतरनाक था । मृत या जीवित, मैं अपनी बिल्ली के बारे में जाने बिना जाने की कल्पना नहीं कर सका। बिना किसी कारण के, मुझे जाना पड़ा। हम अपनी कार में बैठ गए, हमारे पास केवल वे कपड़े थे जो हमने पहने हुए थे और आग बुझाने वालों के थोड़े कम्बल थे और रात बिताने के लिए हम अपनी दादी के घर की ओर रवाना हो गए।
अगला दिन सोमवार था, मैं स्कूल में गया। जब आग फैल चुकी थी, मैं वह ड्रेस पहने हुए था जो प्रातः काल गिरजाघर के लिए पहनी थी। पर मेरे पास जूते नहीं थे, जब मैं अपना गृहकार्य कर रहा था, मैंने उनको निकाल फेंका था। वे भी आग के शिकार हो गए थे। अतः मैंने अपनी आन्ट से टेनिस के जूते माँगे । मैं स्कूल न जाकर घर पर क्यों रुक नहीं सका? मेरी माता यह सुनना नहीं चाहेगी, पर मैं पूरी तरह प्रत्येक चीज के द्वारा लज्जित था। कपड़े जो मैं पहने हुए था, विचित्र लग रहे थे, मेरे पास पुस्तकें नहीं थीं, मेरे पास गृहकार्य नहीं था और कमर पर बाँधने वाला थैला नष्ट हो गया था। जितना अधिक मैंने सँभलने का प्रयत्न किया, उतना ही बदतर परिणाम हुआ। क्या मेरे भाग्य में जाति से बहिष्कृत होना लिखा था और क्या जीवनभर सामाजिक रूप से अयोग्य व्यक्ति रहूँगा? मुझे ऐसा महसूस हुआ। यदि जीवन को इसी प्रकार व्यतीत होना है, तो मैं बड़ा होना, परिवर्तित होना, जीवन से निपटना नहीं चाहता। मैं केवल मुड़ना चाहता हूँ और मरना मैं चाहता हूँ।
मैं स्कूल में चारों ओर मूर्खो की तरह घूमता रहा। सबकुछ विचित्र लग रहा था और यह निश्चित नहीं था कि क्या होने वाला है । सब सुरक्षा जो मैं जानता था, अपने पुराने स्कूल से, अपने मित्र, अपना घर और मेरी बिल्ली सभी अलग हो गए थे।
उस दिन स्कूल के बाद, जहाँ मेरा घर होता था, मैं उस स्थान पर घूमा, मुझे यह देखकर धक्का लगा कि कितनी क्षति हुई— जो जल गया था, आग बुझाने के लिए पानी और रासायनिक चीजों के प्रयोग ने नष्ट कर दिया था। वे चीजें जो नष्ट नहीं हुई थीं, वे केवल फोटो एलबम, दस्तावेज और कुछ वैयक्तिक चीजें थीं जिनको मेरी माता ने वीरता से बचाने की व्यवस्था की थी। पर मेरी बिल्ली चली गई थी और मेरा हृदय उसके लिए दुःखी था।
दुःखी होने का कोई समय नहीं था। मेरी माता मुझे तेजी से घर के बाहर निकाल लाईं। हमें रहने के लिए कोई स्थान ढूँढना है और मुझे स्कूल के लिए कुछ कपड़े खरीदने जाना है।
हमें अपनी दादी से पैसा उधार लेना पड़ा, क्योंकि कोई क्रेडिट कार्ड, कैश या कोई पहचान का सबूत नहीं था जिससे हम बैंक से पैसा निकाल सकते। प्रत्येक चीज जलकर धुएँ में ऊपर चली गई थी।
उस सप्ताह हमारे घर का मलबा बहुत बड़ी मात्रा में साफ किया जा रहा था। यद्यपि हमने पास ही एक एपार्टमेंट किराए पर ले लिया था, मैं वहाँ जाता था यह देखने के लिए कि मलबा साफ किया जा रहा है, यह आशा थी कि कहीं मेरी बिल्ली मिल जाए। वह चली गई थी। मैं उसके बारे में सोचता रहता था कि वह असुरक्षित बिल्ली थी। सुबह ही सुबह जब मैं बिल्ली के सोने में बाधा डालता था और उसको उसके सोने के स्थान से बाहर निकाल देता था, वह मेरे पीछे-पीछे चलती थी, मेरे कपड़ों पर चढ़ जाती थी और सोने के लिए रेंगकर मेरी जेब में सोने के लिए आ जाती थी। मुझे उसकी अनुपस्थिति बुरी तरह से खल रही थी।
यह सदा होता है कि बुरी खबर तेजी से फैलती है और मेरे मामले में भी यह कोई भिन्न बात नहीं थी। हाईस्कूल में प्रत्येक व्यक्ति, उसमें अध्यापक भी शामिल थे, मेरे दुर्भाग्य से परिचित था। मैं लज्जित था जैसे कि किसी तरह से मैं जिम्मेदार था। नए स्कूल में किस प्रकार अध्ययन आरम्भ किया जाए। यह ध्यान देने की बात नहीं थी जिसकी मैं खोज कर रहा था।
अगले दिन स्कूल में, लोग स्वाभाविक रूप की अपेक्षा अधिक विचित्र ढंग से व्यवहार कर रहे थे। मैं अपने लॉकर पर जिम क्लास के लिए तैयार हो रहा था। लोग बिना किसी उद्देश्य के मेरे चारों ओर घूम रहे थे और मुझे जल्दी करने के लिए कह रहे थे। मुझे यह विचित्र लगा, पर बीते हुए कुछ सप्ताहों के संदर्भ में, मुझे कोई आश्चर्य नहीं हो रहा था। लगभग ऐसा प्रतीत हो रहा था कि वे मुझे जिम में ढकेलने का प्रयत्न कर रहे थे- तब मैंने देखा ऐसा क्यों था। एक बहुत बड़ी मेज थी, जिस पर सभी प्रकार का सामान लगाया गया, और वह केवल मेरे लिए था। उन्होंने कुछ चन्दा एकत्र किया था और मेरे लिए स्कूल की सामग्री, नोट बुक, सभी प्रकार के विभिन्न वस्त्र – जीन्स, सिर पर पहनने के कपड़े, गर्म सूट | यह क्रिसमस जैसा था। मैं भावुकता से पराजित था। वे लोग जो पहले मुझसे कभी नहीं बोले थे, अपना परिचय कराने के लिए मेरे पास आ रहे थे। उन्होंने अपने घर आने के लिए मुझे सब प्रकार के निमन्त्रण दिए। वे मेरे प्रति वास्तविक चिन्ता प्रकट कर रहे थे इससे मैं प्रभावित हुआ।
उस क्षण, अंतिम रूप से मैंने चैन की साँस ली और पहली बार सोचा कि चीजें ठीक हो रही हैं। मैंने उस दिन मित्र बनाए ।
एक माह पश्चात्, मैं अपने मकान पर था और उसका पुनर्निर्माण देख रहा था। पर इस समय भिन्न बात थी— मैं अकेला नहीं था। मेरे साथ स्कूल से आए दो मित्र भी थे। अब मुझे अपनी असुरक्षा की भावनाओं पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए रुकने के लिए उत्साह मिला और मेरे चारों • ओर जो सभी आश्चर्यजनक लोग थे उनके सामने अपनी भावनाओं को रखने के लिए उत्साह मिला। अब मैं अपने मकान का पुनर्निर्माण बैठकर देख रहा था कि मैंने अनुभव किया कि मेरे जीवन का भी पुनर्निर्माण हो रहा था।
अब हम मुँडेर पर बैठकर अपने नए शयन कक्ष की योजना बना रहे थे। मैंने पीछे से अपनी ओर किसी को आते हुए सुना और उसने कहा, “क्या यह आपकी है?” जब मैं यह देखने के लिए घूमा कि वह कौन है, मुझे अपनी आँखों पर विश्वास नहीं हुआ। मेरी बिल्ली को पकड़े हुए वहाँ एक स्त्री खड़ी थी। मैं उछल पड़ा और बिल्ली को उस स्त्री की भुजाओं से अपने कब्जे में कर लिया।
मैंने उसको अपने हृदय से लगाया और उस नारंगी रंग की बिल्ली से चिपटकर रोया । उसने खुशी से घुर घुर किया। मेरे मित्र मेरा आलिंगन कर रहे थे, बिल्ली का आलिंगन कर रहे थे और मेरे चारों ओर कूद रहे थे।
स्पष्ट रूप से, मेरी बिल्ली आग से इतना डर गई थी कि वह एक मील दूर भाग गई थी। उसके पट्टे पर हमारा फोन नम्बर था, पर हमारे फोन नष्ट हो गए थे और उनका कनेक्शन कट चुका था। इस अजनबी स्त्री ने उसको अपने घर में रखा और यह जानने के लिए परिश्रम किया कि यह बिल्ली किसकी है। लेकिन वह स्त्री समझ गई कि यह बिल्ली पालतू है और इसकी अनुपस्थिति बुरी तरह से खल रही होगी।
जब मैं वहाँ अपने मित्रों सहित बैठा था और मेरी बिल्ली गोदी में सिमटी हुई बैठी थी तो गहराई में छिपी हानि और वज्रपात की भावनाएँ समाप्त होती प्रतीत हुईं। मैंने अपने जीवन, अपने नए मित्रों, एक अजनबी की दयालुता और अपनी प्रिय बिल्ली की जोर से घुर घुर की आवाज के प्रति आभार अनुभव किया। मेरी बिल्ली वापस मिल गई और मैं भी जिन्दगी में वापस आ गया था।
LONG ANSWER TYPE QUESTIONS
(To be answered in about 100 words)
Q.1. What does the author notice one Sunday afternoon ? What is his mother’s reaction ? What does she do?
( रविवार के तीसरे पहर लेखक क्या देखता है? उसकी माँ की क्या प्रतिक्रिया है? वह क्या करती है ? )
Ans. One Sunday afternoon the author was doing his homework. It was a cold and windy fall day. His mother kept stoking the fire to keep the house worm. Suddenly he noticed smoke pouring in through the ceiling. The smoke filled the room and they could not see anything. They groped their way to the front door. They all ran out into the front yard. The fire engulfed the whole roof. He ran to the neighbours to call the fire department, while his mother ran back into the house.
The mother took out a small box full of important documents. She dropped the box on the lawn. She again ran back into the house, The author screamed at her. A fireman emerged from the house accompanying the mother. She had inhaled a little smoke. So the fireman put an oxygen mask on her. The author ran over and hugged her.
[एक रविवार के तीसरे पहर लेखक अपना गृहकार्य कर रहा था। वह ठण्डा, तूफानी पतझड़ का दिन था। उसकी माँ आग में कोयले डाल रही थी ताकि मकान को गरम रखा जा सके। अचानक ही उसने सीलिंग से बहुत सारा धुआँ आता देखा। कमरा धुएँ से भर गया और वे कुछ भी देख नहीं सके। वे हाथ से रास्ता टटोलते हुए सामने के दरवाजे तक आए। वे सब आगे के आँगन में दौड़ आए। आग सारी छत को निगल गई। वह अग्निशमक विभाग को बुलाने के लिए पड़ोसियों के मकान में गया, उसी समय उसकी माँ मकान में वापस दौड़कर गई ।
माँ एक छोटा बक्स जिसमें महत्त्वपूर्ण दस्तावेज थे बाहर लाई । उसने बक्स को लॉन में डाल दिया। वह पुनः दौड़कर मकान में गई। लेखक उस पर चिल्लाया। एक आग बुझाने वाला माँ के साथ मकान से बाहर आया। उसने थोड़ा धुआँ साँस के द्वारा फेफड़ों में भर लिया था। अतः आग बुझाने वाले व्यक्ति ने उसको ऑक्सीजन का नकाब पहनाया। लेखक दौड़कर आया और उसने अपनी माँ को अपनी भुजाओं में कसकर पकड़ लिया ।]
Q.2. The cat and the author are very fond of each other. How has this been shown in the story? Where was the cat after the fire ? Who brings it back and how?
(बिल्ली और लेखक एक-दूसरे के बहुत शौकीन थे। कहानी में इसको कैसे दर्शाया गया है? आग लगने के बाद बिल्ली कहाँ थी ? उसको कौन वापस लाया और कैसे ? )
Ans. The cat and the author were very fond of each other. In the early morning he would disturb her and get out of bed. She would tag along after him, climb up his robe and crawl into his pocket to fall asleep.
When the author was doing his homework, his red tabby cat was lying on top of all his papers. She purred loudly. She occasionally swatted at his pen for the sake of entertainment.
When the house of the author was on fire, the cat had been so freaked by the fire that she ran over a mile away. Her collar had author’s phone number on it. But the author’s phones had been destroyed and disconnected. A wonderful and kind woman took her in and worked hard to find out whose cat it was.
While the author with his friends was sitting at the house which was under construction, the author heard someone walk up to him from behind and say, “Does this belong to you?” When he turned around to see who it was, he couldn’t believe his eyes. A woman was standing there holding his cat! He leapt up and grabbed her out of the woman’s arms. The author hugged his cat.
[बिल्ली और लेखक एक-दूसरे के बहुत शौकीन थे। सुबह ही सुबह लेखक उसके सोने में बाधा डालता था और उसको बिस्तर से उठा देता था। बिल्ली उसके पीछे-पीछे चलती थी और उसके कपड़ों पर चढ़ जाती थी और सोने के लिए उसकी जेब में रेंगकर चली जाती थी।
जब लेखक अपना गृहकार्य कर रहा होता था, उसकी लाल टैबी बिल्ली उसके कागजों की चोटी पर लेटी रहती थी। वह जोर से घुर घुर करती थी। वह कभी – कभी मनोरंजन के लिए लेखक के कलम पर जोर से प्रहार करती थी ।
जब लेखक के मकान में आग लग रही थी, बिल्ली आग से इतनी भयभीत हुई कि वह एक मील दूर भाग गई। बिल्ली के पट्टे पर लेखक का फोन नम्बर था । पर लेखक के फोन नष्ट हो गए थे और उनका कनेक्शन कट गया था। एक अजनबी और दयावान स्त्री ने बिल्ली को अपने पास रख लिया था और यह ढूँढने के लिए परिश्रम किया कि बिल्ली किसकी थी।
जिस समय लेखक अपने मित्रों के साथ मकान पर बैठा हुआ था जो निर्माणाधीन था, लेखक ने पीछे से किसी को आते हुए और यह कहते हुए सुना, “क्या यह बिल्ली आपकी है?” जब लेखक यह देखने के लिए घूमा कि वह व्यक्ति कौन है, उसे अपनी आँखों पर विश्वास नहीं हुआ। एक स्त्री वहाँ खड़ी थी और वह बिल्ली को पकड़े हुए थी। वह उछला और उस स्त्री की भुजाओं से बिल्ली को अपने कब्जे में कर लिया। लेखक ने बिल्ली को अपने हृदय से लगा लिया।]
SHORT ANSWER TYPE QUESTIONS
of interpretative and evaluative nature
(To be answered in 30-40 words)
1. Why does the author break down in tears after the fire ?
(आग के बाद लेखक के आँसू क्यों फूट पड़े ? )
Ans. Five hours later, the fire was finally out. The author’s house was almost completely burned down. Then it struck him that he hadn’t seen his cat. Then all at once the idea hit him-the new school, the fire, his cat. He broke down in tears and cried bitterly because he was suffering loss.
(पाँच घण्टे बाद, आग अन्ततोगत्वा बुझ गई । लेखक का मकान लगभग पूरी तरह से जल गया था। तब उसके मन में आया कि उसने अपनी बिल्ली को नहीं देखा। तब एकदम यह विचार उसके मन में आया – नया स्कूल, आग, उसकी बिल्ली । उसके आँसू फूट पड़े और वह फूट-फूटकर चिल्लाया क्योंकि वह हानि उठा रहा था। )
Q. 2. Why is the author deeply embarrassed the next day in school? Which words show his fear and insecurity?
( अगले दिन स्कूल में लेखक बहुत अधिक व्याकुल क्यों था? किन शब्दों से उसका डर और असुरक्षा प्रकट होती है ? )
Ans. The author was deeply embarrassed the next day in school because of his clothes, books or homework and his backpack. He thought if he was destined to be an outcost from society. He didn’t want to grow up, change or have to handle life in that way. He just wanted to curl up and die.
(लेखक अगले दिन स्कूल में बहुत अधिक व्याकुल था। इसका कारण उसके कपड़े, पुस्तकें या गृहकार्य और उसका स्कूली बस्ता था। उसने सोचा कि क्या उसके भाग्य में जाति और समाज से ‘बहिष्कृत होना लिखा है। वह उस प्रकार से बड़ा होना, बदलना और जीवन से निपटना नहीं चाहता था। वह केवल सिमटकर मर जाना चाहता था। )
Q.3. The cat and the author are very fond of each other. How has this been shown in the story ?
(बिल्ली और लेखक एक-दूसरे के बहुत चाहते हैं। कहानी में यह किस प्रकार दिखाया गया है ? )
Ans. In the early morning the author would disturb the cat and get out of bed. She would tag along after him, climb up his robe and crawl into his pocket to fall asleep. When the author was doing his homework, the cat was lying on top of all his papers. She purred loudly and occasionally swatted at his pen for the sake of entertainment.
( बहुत ही सुबह लेखक बिल्ली के सोने में बाधा डालता था और उसको बिस्तर से बाहर निकाल देता था। बिल्ली उसके पीछे-पीछे चलती थी और उसके कपड़ों पर चढ़ती थी और रेंगकर उसकी जेब में सोने के लिए जाती थी। जब लेखक अपना गृहकार्य करता होता था, बिल्ली कागजों की ढेर पर लेटी रहती थी। वह जोर से घुर घुर करती थी और कभी-कभी मनोरंजन के लिए उसके कलम पर जोर से प्रहार करती थी । )
Q.4. What is the meaning of “My cat was back and so was. I” ? Had the author gone anywhere? Why does he say that he is also back ?
(“मेरी बिल्ली वापस आ गई और मैं भी ।” इसका क्या अर्थ है ? क्या लेखक कहीं गया हुआ था? वह क्यों कहता है कि वह भी वापस आ गया है? )
Ans. The author got his cat back after a month. He was grateful of his life, his new friends and the kind lady. They set his life on the lines. He had not gone anywhere. He said that he was also back because he began to think positively about his life.
(लेखक को एक माह बाद बिल्ली वापस मिल गई। वह अपने जीवन, अपने नए मित्रों और दयालु स्त्री का कृतज्ञ था। उन्होंने उसके जीवन को सही ढर्रे पर ला दिया था। लेखक कहीं नहीं गया। उसने कहा कि वह भी वापस आ गया क्योंकि उसने अपने जीवन को फिर से जीना सीख लिया था । )
VERY SHORT ANSWER TYPE QUESTIONS
based on factual aspects of the lesson
(To be answered in 20-30 words)
Q.1. What does the author notice one Sunday afternoon ? What is his mother’s reaction ? What does she do?
(लेखक एक रविवार के तीसरे पहर क्या देखता है? उसकी माता की क्या प्रतिक्रिया है? वह क्या करती है ? )
Ans. One Sunday afternoon the author noticed smoke pouring in through the ceiling. The house was on fire. His mother went into the house twice to bring out the important documents and some pictures.
( एक रविवार के तीसरे पहर लेखक ने छत से धुआँ बहुत बड़ी, मात्रा में निकलते देखा। मकान में आग लग गई थी। उसकी माँ दो बार मकान में गई। वह महत्त्वपूर्ण दस्तावेज और चित्र लाई । )
Q. 2. What actions of the schoolmates change the author’s understanding of life and people, and comfort him emotionally?
(स्कूल के साथियों के किन कार्यों ने लेखक के जीवन और लोगों के बारे में समझ बदली और उसको भावुकतापूर्ण ढंग से आराम दिया ? )
Ans. The author’s schoolmates made a collection and bought him school supplies and all kinds of different clothes. They accompanied him while he went to see his house rebuilt. These actions changed his understanding of life and people, and comfort him emotionally.
(लेखक के स्कूल के साथियों ने चन्दा इकट्ठा किया और उसके लिए स्कूल की पाठ्य सामग्री तथा हर प्रकार के विभिन्न वस्त्र खरीदे। जब लेखक अपने मकान का पुनर्निर्माण देखने जाता था तो उसके मित्र उसके साथ जाते थे। इन कार्यों ने जीवन और लोगों के प्रति लेखक की सोच को बदल दिया और उसको भावुकतापूर्ण ढंग से आराम दिया। )
Q.3. Where was the cat after the fire ? Who brings it back and how?
(आग लगने के बाद बिल्ली कहाँ चली गई थी ? बिल्ली को कौन वापस लाता है और कैसे ? )
Ans. The cat had been so freaked by the fire that she ran over a mile away. Her collar had their phone number on it, but the phones had been destroyed and disconnected. A kind woman took the cat in and worked hard to find out whose cat it was. She brought the cat back.
(बिल्ली आग से इतनी भयभीत हो गई थी कि वह एक मील भागकर चली गई। उसके पट्टे पर उनका फोन नम्बर लिखा था, पर उनके फोन नष्ट हो गए थे और उनका कनेक्शन कट गया था। एक दयालु स्त्री ने बिल्ली को रखा और उसने यह जानने का परिश्रम किया कि यह बिल्ली किसकी है। वह बिल्ली वापस लाई । )
