UK 10TH ENGLISH

UK Board 10th Class English – (Supplementary Reading) – Chapter 1 A Triumph of Surgery

UK Board 10th Class English – (Supplementary Reading) – Chapter 1 A Triumph of Surgery

UK Board Solutions for Class 10th English – (Supplementary Reading) – Chapter 1 A Triumph of Surgery

Read and Find Out – 1
(पढ़ो और ढूँढो)
Q.1. Why is Mrs. Pumphrey worried about Tricki ? 
(श्रीमती पमफरी ट्रिकी के बारे में क्यों चिन्तित हैं ? )
Ans. Mrs. Pumphrey is worried about Tricki, because it has become hugely fat. It looks like a bloated sausage. Its eyes are blood red. Its tongue lolls down its.jaws.
(श्रीमती पमफरी ट्रिकी के बारे में चिन्तित है क्योंकि वह अत्यधिक मोटा हो गया है। वह सूजा हुआ खोखला ट्यूब-सा लगता है। उसकी आँखें खून की तरह लाल हैं। उसकी जीभ उसके जबड़े से बाहर आ रही थी । )
Q.2 What does she do to help him ? Is she wise in this ?
(वह उसकी सहायता के लिए क्या करती है? क्या वह इसमें बुद्धिमान है ? )
Ans. She at once calls Mr. Harriot to Tricki. Mr. Herriot is a veterinary doctor. She is wise in this because no one can know about animals except the veterinary doctor.
‘(वह तत्काल ट्रिकी के लिए मि० हैरियट को बुलाती है। मि० हैरियट एक पशु चिकित्सक हैं। इसमें वह बुद्धिमान है क्योंकि पशुओं के बारे में पशु चिकित्सक के अलावा कोई नहीं जान सकता। )
Q.3. What does ‘I’ refer to in this story ?
(इस कहानी में ‘आई’ किस सन्दर्भ में है ? )
Ans. ‘I’ in this story is James Harriot, the vaterinary doctor.
(इस कहानी में ‘आई’ पशु चिकित्सक जेम्स हैरियट के सन्दर्भ में आया है।)
Read and Find Out-2
(पढ़ो और ढूँढो)
Q. 1. Is the narrator as rich as Tricki’s mistress?
( क्या वक्ता ट्रिकी की मालकिन के समान धनवान है ? )
Ans. No, the narrator is not rich as Tricki’s mistress.
(वक्ता ट्रिकी की मालकिन के समान धनवान नहीं है ।)
Q.2. How does he treat the dog ?
(वह कुत्ते का कैसे इलाज करता है ? )
Ans. He takes the dog Tricki to his clinic. There he does not give much food to it. He cuts its food and keeps it on a strict diet. He keeps it under observation. At the end of the second day Tricki starts showing some interest in the surroundings. On the third day it whimpers.
(वह कुत्ते ट्रिकी को अपने क्लीनिक ले जाता है। वहाँ वह उसे अधिक खाना नहीं देता। वह उसके भोजन में कटौती करता है और उसे कठोर पथ्य पर रखता है। वह उसे देखभाल में रखता है। दूसरे दिन के अन्तिम समय ट्रिकी अपने वातावरण कुछ रुचि लेने लगता है। तीसरे दिन वह पिनपिनाना शुरू कर देता है । )
Q.3. Why is he tempted to keep Tricki on as a permanent guest ?
(वह ट्रिकी को स्थायी मेहमान के रूप में रखने का प्रलोभन क्यों देता है? )
Ans. He is tempted to keep Tricki on a permanent guest because that way they would get eggs, wine etc. This is supplied by Mrs. Pumphrey not for them but for Tricki. Mr. Harriot does not give these to Tricki.
(वह ट्रिकी को स्थायी मेहमान के रूप में रखने का प्रलोभन इसलिए देता है क्योंकि इस प्रकार वे अण्डे, शराब आदि प्राप्त करते रहेंगे। यह श्री पम्फरी द्वारा उनके लिए नहीं वरन् ट्रिकी के लिए भेजे जाते हैं। मि० हैरियट यह ट्रिकी को नहीं देते। )
Q.4. Why does Mrs Pumphrey think the dog’s recovery is “a triumph of surgery” ?
(श्रीमती पमफरी ऐसा क्यों सोचती है कि कुत्ते का ठीक होना सर्जरी की विजय है ? )
Ans. She thinks so because it is the surgery, that is, hospital that had made Tricki all right. Its stay at the surgery has cured him of its illness. (वह ऐसा इसलिए सोचती है क्योंकि यह अस्पताल का इलाज ही है जिसने ट्रिकी को ठीक कर दिया था। अस्पताल में रुकने ने उसकी बीमारी को ठीक कर दिया।)

SUMMARY OF THE LESSON

Tricky was a small pet dog of Mrs Pumphrey. She was a rich lady. She overfed him. He fell seriously ill. One day the veterinary surgeon saw her with Tricky. Tricky had become hugely fat. His eyes were bloodshot and rheumy. His tongue lolled from his jaws. ‘He refused to eat his favourite dish.
The Vet enquired if she had cut down the sweet things from his diet and if she was giving him plenty of exercise. He advised her to be very strict to comply with these things. She expressed her willingness to abide by his advice. The Vet went away on his way.
Within a few days Mrs Pumphrey reported the pitiable condition of Tricky to the Vet. He suggested that Tricky be hospitalised for a fortnight to be kept under observation. The Vet brought Tricky to his surgery. The servants of Mrs Pumphrey brought his day bed, his night bed, toys and rubber rings, and his three bowls and his little coats in his car.
The Vet did not have medicinal treatment. But he kept the little dog in the company of the other dogs. Tricky ran about with the dogs and did many exercises as they did. He recovered within a fortnight.
Mrs Pumphrey rang the Vet a dozen times a day for the latest bulletins. He informed her that Tricky was convalescing. At this she began to send two dozen fresh eggs, bottles of wine and brandy every day. The Vet and his partners had good days. It was a temptation to keep Tricky on as a permanent guest. But the Vet phoned Mrs Pumphrey and told her that the little dog had recovered and she might collect him.
Whithin minutes Mrs Pumphrey arrived at the surgery in her car. The Vet brought Tricky from among the mass of other dogs. When he saw his mistress, Tricky took off from the Vet’s arms in a big leap and sailed into Mrs Pumphrey’s lap. The little dog swarmed over her, licking her face and barking.
As the car moved away, Mrs Pumphrey cried, “Oh, Mr Herriot, how can I even thank you ? This is a triumph of surgery!”

सम्पूर्ण पाठ का हिन्दी रूपान्तर

शल्य चिकित्सा की अपूर्व सफलता
ट्रिकी, एक छोटा कुत्ता, उसकी धनी मालकिन ने अधिक लाड़-प्यार से बिगाड़ दिया है। वह उसको आवश्यकता से अधिक खिलाती पिलाती है और वह गम्भीर रूप से बीमार हो जाता है। क्या पशु चिकित्सक चीरफाड़ करता है? क्या कुत्ता पुनः स्वस्थ हो जाता है?
इस बार मैं ट्रिकी के बारे में वास्तव में चिन्तित था। मैंने अपनी कार रोक ली थी जब मैंने ट्रिकी को उसकी मालकिन के साथ गली में देखा और उसका हुलिया देखकर मुझे सदमा पहुँचा। वह बहुत अधिक मोटा हो गया था, वह कबाब के एक फूले हुए बेलन के समान था जिसके प्रत्येक कोने पर एक टाँग लगी थी। उसकी आँखें लाल थीं और उनसे पानी बह रहा था, वह सीधा आगे की ओर घूरता था और उसकी जीभ जबड़ों से बाहर लटकी हुई थी।
श्रीमती पमफरी शीघ्र ही बोली, “मि० हैरिट, वह बहुत कमज़ोर हो गया है। लगता है उसमें शक्ति ही नहीं है। मेरे विचार से वह कुपोषण से बीमार है, अतः मैं खाद्य-पदार्थों के बीच उसको शक्तिशाली बनाने के लिए कुछ थोड़ी अतिरिक्त चीजें खिलाती रही, कुछ बीअर, कॉड-लीवर तेल और उसको रात को सुलाने के लिए हार्लिक्स का एक कटोरा देती रही- वास्तव में कुछ ज्यादा नहीं। “
“और जैसा मैंने कहा था कि क्या आपने उसको मीठी चीजें देनी कम कीं?”
“ओह, मैंने थोड़ी कम कीं, पर वह इतना कमज़ोर प्रतीत होता था कि मुझे कुछ नरम पड़ना पड़ा। उसे क्रीम केक और चॉकलेट बहुत प्रिय हैं, अतः मैं उसको ये चीज़ें मना नहीं कर सकी।”
मैंने पुन: छोटे कुत्ते की ओर नीचे दृष्टि डाली। वह एक समस्या था । ट्रिकी का मात्र दोष लालच है। उसने भोजन से कभी मना ही नहीं किया, वह दिन या रात में किसी भी समय भोजन करने में जुट जाता है और मुझे आश्चर्य था कि इन चीजों का श्रीमती पमफरी ने कभी भी उल्लेख नहीं किया।
“क्या आप उसको पर्याप्त व्यायाम करा रही हैं?”
“ठीक, जैसा आप देख सकते हैं वह मेरे साथ थोड़ा भ्रमण करता है, पर माली होजकिन कमर के दर्द से बीमार है, अतः कुछ दिनों से रिंग-फेंक अभ्यास नहीं हो पाया।
मैंने कठोर प्रतीत होने का प्रयत्न किया। अब वास्तव में मेरा तात्पर्य यह है। यदि आप उसके भोजन में एकदम कमी नहीं करते और उसको अधिक व्यायाम नहीं कराते तो वह वास्तव में बीमार हो जाएगा। आपको अपना दिल कठोर करना चाहिए और उसको निश्चित खुराक पर निर्वाह करने दीजिए। “
श्रीमती पमफरी अपने हाथ मलने लगी । “ओह, मि० हैरिट, मैं अवश्य ऐसा करूँगी। मुझे यकीन है आप ठीक कहते हैं, पर यह बहुत ही कठिन है।” वह सिर झुकाकर सड़क पर चलने लगी, जैसे कि उसने संकल्प कर लिया हो कि वह उसके लिए नव निर्धारित अभ्यास और खुराक का पालन तुरन्त करेगी।
मैंने उसकी प्रगति को बढ़ती हुई चिन्ता के साथ देखा। ट्रिकी अपने छोटे ट्वीड कोट में लड़खड़ाता हुआ जा रहा था। उसके ऐसे कोटों की एक पूरी अलमारीभरी हुई थी – ठण्डे मौसम के लिए, और वर्षा ऋतु के लिए एक रेन कोट! वह अपने साज में कान ढलकाए संघर्ष कर रहा था। मैंने सोचा कि इसमें अधिक समय नहीं लगेगा कि श्रीमती पमफरी उसके बारे में मुझसे परामर्श करेगी।
थोड़े ही दिनों में इच्छित दूरभाष कॉल आ गई। श्रीमती पमफरी अत्यधिक चिन्तित थी। ट्रिकी कुछ नहीं खाता। अपना प्रिय भोजन भी नहीं करता, और उसके अतिरिक्त उसे बार-बार उल्टियाँ आती हैं। वह हाँफता हुआ हर समय लेटा रहता है। घूमने के लिए भी नहीं जाता, कुछ करना भी नहीं चाहता।
मैंने पहले ही अपनी योजना बना ली थी। एक मात्र तरीका यह था कि ट्रिकी कुछ अवधि के लिए घर से बाहर रहे। मैंने सुझाव दिया कि निरीक्षण के लिए उसको लगभग पन्द्रह दिन के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जाए।
बेचारी महिला लगभग मूच्छित हो गई। उसे यकीन था कि यदि ट्रिकी उसको प्रतिदिन नहीं देख पाएगा तो वह तड़फेगा और मर जाएगा।
पर मैंने दृढ रुख अपनाया। ट्रिकी बहुत बीमार है और उसको बचाने का एकमात्र तरीका यही है। वास्तव में, मैंने सोचा कि उसको बिना विलम्ब के ले जाना सर्वोत्तम होगा।
भले ही बाद श्रीमती पमफरी विलाप करती रहे। एक कम्बल में लिपटे छोटे कुत्ते को लेकर मैं कार की ओर चला।
सम्पूर्ण कर्मचारी वर्ग सक्रिय हो गया। नौकरानियाँ भीतर-बाहर दौड़ीं। वे ट्रिकी का दिन का बिस्तर, रात का बिस्तर, उसके प्रिय म गद्दे, खिलौने और रबड़ की रिंग, नाश्ते का कटोरा, दोपहर के भोजन का कटोरा, शाम के भोजन का कटोरा लाईं। यह अनुभव करते हुए कि मेरी जैसे ही मैं चला, श्रीमती पमफरी ने निराशाजनक विलाप के साथ खिड़की कार में वह सब सामान नहीं आ पाएगा, मैंने चलने के लिए कार स्टार्ट की । से बाँह में भरकर छोटे क्रोट कार में फेंके। चलते हुए जैसे ही मैं कोने से | मुड़ा, मैंने दर्पण में देखा, कि सबकी आँखों में आँसू थे।
सड़क पर बाहर आकर मैंने अपने एक ओर सीट पर हाँफते हुए करुणाजनक छोटे जानवर की ओर दृष्टि डाली। मैंने ट्रिकी का सिर थपथपाया और उसने अपनी दुम हिलाने का वीरतायुक्त प्रयास किया। मैंने कहा, “बेचारा पुराना लड़का, तुममें शक्ति नहीं रही, पर मेरे विचार से मैं तुम्हारे लिए एक इलाज जानता हूँ। “
अस्पताल में, घरेलू कुत्ते तेजी से दौड़कर मेरे चारों ओर इकट्ठे हो गए। ट्रिकी ने नीरस आँखों से उस शोर मचाने वाले समूह की ओर एक नज़र डाली और जब उसको नीचे रखा गया, वह दरी पर निश्चल होकर लेट गया। उसके चारों ओर सूँघने के बाद, अन्य कुत्तों ने निश्चय किया कि ट्रिकी एक अरुचिकर वस्तु है और उन्होंने उसको अनदेखा कर दिया।
जहाँ अन्य कुत्ते सोया करते थे, उसके पास मैंने एक गर्म ढीले बक्स में ट्रिकी के लिए बिस्तर लगाया। मैंने दो दिन तक उस पर नज़र रखी, उसको भोजन नहीं दिया पर पानी बहुत दिया। दूसरे दिन के अन्त में उसने अपने चारों ओर के वातावरण में कुछ रुचि दिखाना शुरू किया और तीसरे दिन जब उसने अहाते में कुत्तों को भौंकते हुए सुना, उसने ठिनकना शुरू किया।
जब मैंने दरवाजा खोला, ट्रिकी बाहर आया और शीघ्र ही वह जोए, ग्रेहाउण्ड ( धूसर रंग का शिकारी कुत्ता) और उसके मित्रों द्वारा घिर गया। उसको उलट-पुलट करने तथा उसका पूरी तरह से निरीक्षण करने के बाद कुत्ते नीचे बगीचे में चले गए। ट्रिकी भी उनके पीछे-पीछे चल दिया, उसमें जो फालतू चर्बी थी उसकी सहायता से वह भी थोड़ा-सा उलटा पुलटा ।
बाद में उस दिन, मैं कुत्तों को खाना खिलाने के समय उपस्थित था। जब ट्रिस्टन ने कटोरों में भोजन उड़ेला, मैंने ध्यान से देखा । कुत्ते सिर के बल सामान्य रूप से दौड़ते आए और उनके तेज़ी से खाने की आवाज सुनाई दी। प्रत्येक कुत्ता जानता था कि यदि वह दूसरों से पिछड़ गया तो उसे अपने भोजन के अन्तिम भाग के लिए कुछ मुकाबला करना पड़ेगा।
जब उन्होंने खाना खा लिया, ट्रिकी ने चमकते हुए कटोरों के चारों ओर एक चक्कर लगाया। उसने एक या दो कटोरों को अन्दर की ओर आकस्मिक रूप से चाटा। अगले दिन, उसके लिए एक अतिरिक्त कटोरा रखा गया और जब उसने कटोरे की ओर दौड़ लगाई, यह देखकर मुझे प्रसन्नता हुई।
उस समय से ट्रिकी की प्रगति तीव्र गति से हुई। उसका इलाज किसी भी प्रकार की दवा से नहीं किया गया पर वह सारा दिन कुत्तों के साथ इधर-उधर दौड़ता था। वह उनकी मैत्रीपूर्ण छीना-झपटी में भाग लेता था। उसे हर थोड़े से मिनटों में नीचे गिरने और भिंचकर शक्ल बदलने के आनन्द की अनुभूति हुई। वह समूह का एक स्वीकृत सदस्य बन गया। वह खुरदरे बालों वाले कुत्तों के समूह के बीच अप्रत्याशित रेशमी बालों वाला छोटा कुत्ता था। वह खाने के समय अपनी हिस्सेदारी के लिए बाघ के समान लड़ता था और रात में पुराने मुर्गीघर में चूहों का शिकार करता था । उसको अपने जीवन में ऐसा समय कभी प्राप्त नहीं हुआ था।
श्रीमती पमफरी हर समय अपने पिछले अहाते में घूमती थी और दिन में दर्जनों बार नवीनतम विज्ञप्ति के लिए फोन करती रहती थी। मैं ऐसे प्रश्नों से बचता रहा कि क्या ट्रिकी के कोमल गद्दे नियमित रूप से बदले जाते हैं अथवा मौसम के अनुसार उसका सही कोट उसको पहनाया जाता है; पर मैं उसको यह अवश्य बतला देता था कि ट्रिकी खतरे से बाहर है और तेजी से उसके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है।
ऐसा प्रतीत होता था कि वह शब्द ‘स्वास्थ्य में सुधार होना’ श्रीमती पमफरी के लिए कुछ अर्थ रखता था। उसने ट्रिकी की ताकत का विकास करने के लिए एक ही बार में दो दर्जन ताज़े अण्डे भेजना शुरू कर दिया। प्रसन्नता देने वाली एक अवधि के लिए मैं और मेरे साथी प्रत्येक दिन नाश्ते में दो अण्डे खाते थे। पर जब शराब की बोतलें आना शुरू हुई, स्थिति की वास्तविक सम्भावनाएँ परिवार के मस्तिष्क में स्पष्ट रूप से आने लगीं।
वह ट्रिकी के रक्त में गुण सुधार करने के लिए थी। दोपहर का भोजन औपचारिक अवसर बन गया क्योंकि हम भोजन से पहले और भोजन के मध्य शराब के दो गिलास पीतें थे।
हम इस बात पर विश्वास भी नहीं कर सकते थे जब ट्रिकी की शरीर रचना के अन्तिम उपाय के रूप में ब्राण्डी आने लगी। कुछ रात्रियों में तो सुन्दर शराब गिलासों में उड़ेली जाती थी, उसको सूँघा जाता था और आदर के साथ पी जाती थी ।
वे दिन गहन सन्तोष के थे, दिन प्रातः काल अतिरिक्त अण्डों से शुरू होता था, दोपहर को शराब पीने से दिन में सुधार होता था और वह बना रहता था और शाम को आग के चारों ओर बैठकर ब्राण्डी पी जाती थी, इस प्रकार विलासितापूर्ण ढंग से दिन समाप्त होता था।
एक प्रलोभन हो गया था कि ट्रिकी को स्थायी अतिथि के रूप में रखा जाए, पर मैं जानता था कि श्रीमती पमफरी दुःखी है और एक पखवाड़े के बाद मैं फोन करने के लिए विवश हुआ और उसको बतलाया कि छोटा कुत्ता ठीक हो गया है और प्रतीक्षा की जा रही है कि वह उसको ले जाए।
कुछ ही मिनटों में लगभग तीस फुट की चमकती हुई काली कार अस्पताल के बाहर आकर खड़ी हो गई। ड्राइवर ने दरवाज़ा खोला और उसके अन्दर बैठी मुझे श्रीमती पमफरी की आकृति नज़र आई। वह सामने की ओर अपने हाथ दृढ़ता से जकड़े हुए थी उसके होंठ काँप रहे थे। “ओह, श्री हैरियट, मुझे सच्चाई तो बताओ। क्या वह वास्तव में पहले से अच्छा है?”
“हाँ, वह अच्छा है। आप को कार से नीचे उतरने की कोई आवश्यकता नहीं है – मैं जाता हूँ और उसको लाता हूँ। “
मैं मकान से होकर बगीचे में गया। घास के मैदान के चारों ओर कुत्तों का एक बड़ा समूह दौड़ रहा था और उनके बीच इधर-उधर कान हिलाते हुए, दुम हिलाते हुए ट्रिकी की छोटी सुनहरी आकृति थी। दो सप्ताह में वह लचीले कठोर मांसपेशियों वाले जानवर रूप में बदल गया था। वह कुत्तों के समूह के साथ अच्छा तालमेल बनाए हुए था, उछल-कूद करते हुए अपने अंग फैलाता था, उसकी छाती ज़मीन को लगभग ‘ब्रश’ करती थी। 4
मैं रास्ते से होकर उसको मकान के सामने वापस लाया। ड्राइवर अब भी कार का दरवाज़ा खोले हुए था और जब ट्रिकी ने अपनी स्वामिनी को देखा, वह लम्बी छलाँग लगाकर मेरी बाँहों से छूट गया और हवा में तैरता हुआ श्रीमती पमफरी की गोद में चला गया। वह चौंकी और उसने “ऊह ! ” कहा। जब वह उसके ऊपर मँडराने लगा, उसका चेहरा चाटने लगा और भौंकने लगा, तो श्रीमती पमफरी को अपनी रक्षा करनी पड़ी। اوو
उत्तेजना के बीच, मैंने ड्राइवर की, उसके (ट्रिकी) बिस्तर, खिलौने, कोमल गद्दे, कोट और कटोरे, जिनका बिलकुल भी उपयोग नहीं किया गया. था, लाने में सहायता की। जैसे कार चली, श्रीमती पमफरी खिड़की से बाहर झुकी। उसकी आँखों में आँसू चमक रहे थे। उसके होंठ काँप रहे थे।
वह चिल्लाई, “ओह, श्री हैरियट, मैं आपका कैसे धन्यवाद कर सकती हूँ? यह शल्य चिकित्सो की अपूर्व सफलता है।”— जेम्स हैरियट
Think about it
(इसके बारे में सोचिए )
Q.1. What kind of a person do you think the narrator, a veterinary surgeon, is ? Would you say he is tactful as well as full of ” common sense ?
(आप क्या सोचते हैं कि वक्ता पशु चिकित्सक किस प्रकार के . व्यक्ति हैं? क्या आप कहेंगे कि वह व्यवहार कुशल और जागरूक है ? ) .
Ans. I think the narrator, a veterinary surgeon is a very practical man. He also tactful and has a lot of common sense. He is kind hearted. He is also jovial kind of fellow. He at once understand Tricki’s illness. He wants to keep Tricki on a permanent basis. It is his selfishness because he gets supplies from Mrs Pumphrey for Tricki. He consumes there. But it is not a mean quality.
(मेरा विचार है कि वक्ता पशु चिकित्सक बहुत व्यावहारिक व्यक्ति है। वह व्यवहार कुशल और अत्यधिक जागरूक है। वह दयालु हृदय हैं। वह प्रसन्नचित्त व्यक्ति है। वह ट्रिकी की बीमारी तत्काल समझ गया। वह ट्रिकी को स्थायी आधार पर रखना चाहता था। इसमें उसका स्वार्थ था क्योंकि वह श्रीमती पमफरी से ट्रिकी के लिए वस्तुएँ प्राप्त करता था। वह इनका उपभोग करता था। लेकिन यह एक घटिया गुण नहीं था । )
Q.2. Do you think Tricki was happy to go home ? What do you think will happen now?
(क्या आप सोचते हैं कि ट्रिकी घर जाने के लिए प्रसन्न था ? आप क्या सोचते हैं कि अब क्या होगा ? )
Ans. Yes, Tricki was happy to go home. It is seen in the fact that when Mrs Pumphrey comes to the clinic to take Tricki home, it jumps into her lap. It swarms over her and licks her face.
I think that Mrs Pumphrey will again give Tricki a lot of food. It would grow sick again due to overeating and no exercise.
(हाँ, ट्रिकी घर जाने के लिए प्रसन्न था। यह इस तथ्य में दिखाई देता है कि जब श्रीमती पमफरी ट्रिकी को घर ले जाने के लिए क्लीनिक आती हैं तो वह उनकी गोद में छलाँग लगा देता है। वह उन पर झूम जाता है और चेहरा चाटने लगता है।
मैं सोचता हूँ कि श्रीमती पमफरी ट्रिकी को पुनः अधिक भोजन देंगी। अधिक खाने और कोई व्यायाम न करने से वह पुन: बीमार हो जाएगा।)
Q. 3. Do you think this is a real-life episode, or mere fiction ? Or is it a mixture of both ?
(क्या आप सोचते हैं कि यह एक वास्तविक जीवन का प्रसंग है, अथवा केवल कथा है? अथवा यह दोनों का मिश्रण है ? )
Ans. I think it is a real life episode with some part of fiction. It is not mere fiction. In fact it is a mixture of both.
(मैं सोचता हूँ कथा के कुछ भाग के साथ यह वास्तविक जीवन का प्रसंग है। यह कोरी कथा नहीं है। वास्तव में यह दोनों का मिश्रण है। )
Talk about it
(इस बारे में बात कीजिए)
Q. 1. This episode describes the silly behaviour of a rich woman who is foolishly indulgent, perhaps because she is lonely. Do you think such people are merely silly, or can their actions cause harm to others?
(यह प्रसंग एक धनाढ्य महिला के मूर्खतापूर्ण व्यवहार का वर्णन करता है जोकि मूर्खता से शायद इसलिए व्यस्त है क्योंकि वह अकेली . है। क्या आप सोचते हैं कि इस प्रकार के लोग कोरे मूर्ख होते हैं अथवा क्या उनको गतिविधियाँ दूसरों को हानिप्रद हो सकती हैं ? )
Ans. I think that persons like Mrs Pumphrey are over indulgent because she is lonely. She can be called silly also because she lacks in common sense. All know that overeating and no physical excercise can make even an elephant fall ill. Such people can cause harm to others as Mrs Pumphrey does to Tricki.
(मैं सोचता हूँ कि श्रीमती पमफरी के समान व्यक्ति अत्यधिक दत्तचित्त होते हैं क्योंकि वह अकेली है। उसे पागल / मूर्ख भी कहा जा सकता है क्योंकि उसमें सामान्य ज्ञान का अभाव है। सभी जानते हैं कि अत्यधिक भोजन और शारीरिक व्यायाम का न होना एक हाथी को भी बीमार डाल सकता है। इस प्रकार के लोग दूसरों के लिए भी नुकसानदायक हो सकते हैं— जैसे श्रीमती पमफरी ने ट्रिकी के साथ किया । )
Q. 2. Do you think there are also parents like Mrs Pumphrey ?
(क्या आप सोचते हैं कि श्रीमती पमफरी के समान माता-पिता हो सकते हैं? )
Ans. Yes, there are parents like Mrs Pumphrey. Later when things get out of their control they repent much. But losses can’t be made up.
(हाँ, श्रीमती पमफरी के समान माता-पिता होते हैं। बाद में जब स्थिति उनके नियन्त्रण से बाहर हो जाती है वे बहुत पछताते हैं। लेकिन नुकसान की भरपाई नहीं होती । )
3. What would you have done if you were : (i) a member of the staff in Mrs Pumphrey’s household, (ii) a neighbour ? What would your life have been like, in general ?
(आप क्या करते यदि आप (i) श्रीमती पमफरी के घरेलू स्टाफ के सदस्य होते, (ii) पड़ोसी होते? सामान्य रूप से आप जीवन में क्या करेंगे ? )
Ans. If I were a member of the staff in Mrs. Pumphrey’s household, I could have politely advised her in the matter. The advice would be: cut down Tricki’s food and give it light food, if it had a liking for it. If I had been her neighbour, I could have advised her more emphatically. Tricki was not ill. But it was the effect of rich food given to it.
My life would have been all right because a man should have some practical or a woman commonsense also.
(यदि मैं श्रीमती पमफ़री के घरेलू स्टॉफ का सदस्य होता तो मैं उन्हें इस विषय में विनम्रता से सुझाव देता। सुझाव होता — ट्रिकी का भोजन कम करो और उसे हल्का भोजन दो, यदि वह इसका पसंदीदा है। यदि मैं उनका पड़ोसी होता तो मैं उन्हें विस्तार से समझाता कि ट्रिकी बीमार नहीं था। वरन् यह उसे दिए जा रहे अत्यधिक भोजन का प्रभाव था।
मेरा जीवन बहुत सही होगा क्योंकि एक पुरुष अथवा महिला के पास कुछ व्यावहारिक जागरूकता अवश्य होनी चाहिए । )
Q. 4. What would you have done if you were in the narrator’s place?
(यदि आप वक्ता के स्थान पर होते तो क्या करते ? )
Ans. If I had been in the narrator’s place, I would have done the same thing as he did. He did not exploit Mrs Pumphrey, nor would I do. Eating a part of Mrs Pumphrey’s items of food meant for Tricki was not bad in taste.
(यदि मैं वक्ता के स्थान पर होता, मैं भी वही करता जो उसने किया। उसने श्रीमती पमफरी का शोषण नहीं किया, न मैं करूँगा। श्रीमती पमफरी की वस्तुएँ ट्रिकी के भोजन का एक भाग थीं जो स्वाद में बुरी नहीं थीं । )

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