UK 10TH ENGLISH

UK Board 10th Class English – (Supplementary Reading) – Chapter 4 A Question of Trust

UK Board 10th Class English – (Supplementary Reading) – Chapter 4 A Question of Trust

UK Board Solutions for Class 10th English – (Supplementary Reading) – Chapter 4 A Question of Trust

Read and Find Out – 1
(पढ़ो और ढूँढो)
Q. 1. What does Horace Danby like to collect ?
(होरेस डैनबी क्या इकट्ठा करना पसन्द करता है?)
Ans. Horace Danby likes to collect books. He loves rare, expensive books.
( होरेस डैनबी पुस्तकें इकट्ठी करना पसन्द करता है। वह विशिष्ट और महँगी पुस्तकों से प्रेम करता है । )
Q.2. Why does he steal every year ?
(वह प्रतिवर्ष क्यों चोरी करता है ? )
Ans. He steals every year a safe. This he does so that it may last for twelve months.
(वह प्रतिवर्ष एक अलमारी चुराता है। यह वह इसलिए करता है कि वह उसके पास बारह माह रह सकती है।)
Read and Find Out – 2
(पढ़ो और ढूँढो)
Q.1. Who is speaking to Horace Danby ?
(होरेस डैनबी से कौन बोल रहा है?)
Ans. It is the voice of the lady in the house. Horace thinks that she is the mistress of the house. But she is a thief like him who poses as the landlady.
(यह घर में एक महिला की आवाज है। होरेस सोचता है कि वह घर की प्रबन्धक है। लेकिन वह उसकी ही भाँति एक चोर है जो घर की मालकिन होने का दिखावा कर रही है ।)
Q.2. Who is the real culprit in the story ?
(कहानी में वास्तविक अपराधी कौन है ? )
Ans. The real culprit is the lady thief who poses before Horace Danby as the landlady. Danby has entered the house to steal. But before him that lady thief is already there. (वास्तविक अपराधी महिला चोर है जो होरेस डैनबी के सामने मकान मालकिन होने का दिखावा करती है। डैनबी घर में चोरी के लिए घुसा। लेकिन पहले से ही वह महिला चोर वहाँ उपस्थित थी । )

SUMMARY OF THE LESSON

Horace Danby made locks. He was successful in his business. He had two helpers. He was good and respectable but not completely honest. He loves rare, expensive books. So he robbed a safe every year. He stole enough to last for twelve months, and secretly bought the books he loved through an agent.
Walking in the bright July sunshine, he reached the house at Shotover Grange to rob a safe. The family was in London and the two servants who lived in the house had gone to the movies. He entered the house from behind the garden. Horace had a little tickle of hay-fever in his nose.
He put on a pair of gloves, took the key from the hook outside the kitchen door and opened the door. Sherry, a small dog began to bark. He said, “All right, Sherry.” There was a great bowl of flowers on the table and Horace felt his nose tickle. He sneezed. He buried his face in his handkerchief. Then he heard a voice from the door way, “What is it? A cold or hay-fever?” Horace sneezed again. That voice was of a young, pretty lady. She said that she had come back just in time, though she didn’t expect to meet a burglar.
Horace wanted to run away. But the lady threatened him that she would call the police. Horace said that he hated prison. He begged her to let him go. The lady told him if he did something for her, he might go. She said that she forgot the number to open the safe and she needed her jewels for the party that night.
Horace offered to open the safe. He took off his gloves and opened the safe within an hour, gave her the jewels and went away happily. On the morning of the third day, he thought of the books he wanted. Now he would have to look for another safe. But he didn’t get chance to do that. By noon a policeman had arrested Horace for the jewel robbery at Shotover Grange.
His finger prints were all over the room. No one believed him when he said that the wife of the owner of the house had asked him to open the safe for her. The wife herself, a gray haired, sharp tongued woman of sixty, said that the story was nonsense.
Horace is now the assistant librarian in the prison. He often thinks of the charming, clever young lady who was in the same profession as he was, and who tricked him. He gets very angry when anyone talks about ‘honour among thieves’.

सम्पूर्ण पाठ का हिन्दी रूपान्तर

विश्वास का प्रश्न
यह कहा जाता है कि चोर को पकड़ने के लिए चोर का उपयोग करो। लेकिन ऐसा भी कहा जाता है कि चोरों में आपसी भाई चारा होता है। इस कहानी में कौन-सा कथन उभर कर सामने आता है?
प्रत्येक व्यक्ति सोचता था कि होरेस डैनबी एक भला, ईमानदार नागरिक है। वह लगभग पचास वर्ष की आयु का था और अविवाहित था, और वह एक घरेलू कामकाज करने वाली औरत के साथ रहता था जो उसके स्वास्थ्य के बारे में चिन्तित थी । यथार्थ में वह सामान्य, बहुत ठीक और प्रसन्न रहता था सिवाय इसके कि गर्मियों में उसे पराग-ताप का प्रकोप हो जाता था। वह ताले बनाता था और वह अपने कार्य में पर्याप्त सफल था कि उसने दो सहायक रखे हुए थे। हाँ, होरेस डैनबी भला और सम्मानित था— पर वह पूरी तरह ईमानदार नहीं था।
पन्द्रह वर्ष पूर्व होरेस ने कारागार के पुस्तकालय में प्रथम और एक मात्र सज़ा काटी थी। होरेस को दुर्लभ और महँगी पुस्तकें प्रिय थीं। अतः वह प्रत्येक वर्ष एक तिजोरी लूटता था। प्रत्येक वर्ष वह सावधानीपूर्वक योजना बनाता था कि उसे क्या करना है, वह इतना चुरा लेता था जो बारह महीनों तक चलता था, और वह जिन पुस्तकों को पसन्द करता था, एक एजेण्ट द्वारा उनको गुप्त रूप से खरीद लिया करता था।
जुलाई मास की चमकती हुई धूप में चलते हुए, उसे यकीन था कि इस वर्ष की डकैती उतनी ही सफल रहेगी जितनी कि अन्य रहीं। वह दो सप्ताह से शोटोवर मैंज के मकान को परख रहा था, वह उसके कमरों, बिजली की फिटिंग, उसके रास्तों और उसके बगीचों को देख रहा था। आज तीसरे पहर दो नौकर, जो ग्रैंज में रहते थे जबकि परिवार लन्दन में था, सिनेमा गए हुए थे। होरेस ने उनको जाते हुए देखा था, और उसके नाक में पराग-ताप का थोड़ा प्रभाव होने के बावजूद वह प्रसन्न था। वह बगीचे की दीवार के पीछे से बाहर आया, उसकी कमर पर उसके औज़ारों का थैला था जिसमें उसने उनको सावधानी से पैक किया था।
ग्रैंज की दृष्टि में तिजोरी में जो आभूषण थे उनका मूल्य लगभग पन्द्रह हजार पौण्ड था । यदि वह उनको एक-एक करके बेचता, तो उसे कम से कम पाँच हजार पौण्ड मिल जाने की आशा थी, वह उसको दूसरे वर्ष भी प्रसन्नता देने के लिए पर्याप्त था। पतझड़ में तीन बहुत रोचक पुस्तकें बिक्री के लिए आने वाली थीं।
अब उसको उन्हें खरीदने के लिए धन मिल जाएगा। उसने नौकरानी को रसोईघर के दरवाज़े के बाहर हुक पर चाबी टाँगते हुए देखा था। उसने दस्ताने पहने, चाबी ली और दरवाज़ा खोला। वह सदा सावधान रहता था कि उसकी अंगुलियों के चिह्न न छूट जाएँ।
रसोई में एक छोटा कुत्ता लेटा हुआ था। वह सक्रिय हो गया, उसने शोर किया, और मैत्रीपूर्ण तरीके से अपनी दुम हिलाई । । और
जैसे होरेस उसके पास से गुजरा, उसने कहा, “शैरी, सब ठीक है । ” यदि आप कुत्तों को चुप करना चाहते हैं तो आप उनके सही नाम से उन्हें पुकारें और उन्हें प्रेम दर्शाएँ ।
तिजोरी बैठक में थी, वह एक मामूली चित्रकारी के पीछे थी । होरेस ने एक क्षण सोचा कि उसे पुस्तकों स्थान पर चित्रों का संग्रह करना चाहिए। पर वे अधिक स्थान घेरते हैं। एक छोटे कमरे में पुस्तकें बेहतर थीं।
मेज़ पर फूलों का बहुत बड़ा कटोरा था, और होरेस को अपनी नाक में गुदगुदी महसूस हुई। उसे छोटी छींक आई और तब अपना थैला नीचे रख दिया उसने अपने औज़ारों को सावधानी से क्रम में लगाया। नौकरों के. मकान में वापस आने से पहले उसको चार घण्टे मिल जाएँगे ।
तिजोरी खोलना कठिन नहीं था। आखिर वह सारे जीवन ताले और तिजोरी बनाता रहा। चोर घण्टी अच्छी तरह काम नहीं कर रही थी। वह उसके तार काटने के लिए हॉल में गया। वह वापस आया और जैसे ही उसने फूलों की गन्ध पुनः सूंघी, उसे ज़ोर से छींक आई।
होरेस ने सोचा कि लोग कितने मूर्ख हैं जबकि उनके पास मूल्यवान वस्तुएँ होती हैं। पत्रिका के एक लेख में इस मकान का वर्णन किया गया था, उसमें सभी कमरों की प्लान दी हुई थी और इस कमरे का चित्र भी दिया हुआ था। लेखक ने संक्षेप में यह भी संकेत किया था कि चित्रकारी के पीछे तिजोरी छिपी है।
पर होरेस ने देखा कि उसके कार्य में फूल बाधा डाल रहे हैं। उसने अपना चेहरा अपने रूमाल से ढक लिया।
तब उसको दरवाज़े से एक आवाज़ यह कहते हुए सुनाई दी, “क्या है ? जुकाम या पराग – ताप ? “
सोचने से पहले होरेस ने कहा, “पराग ताप ।” और उसे पुन: छींक आ गई।
आवाज़ कहती गई, “आप इसको एक विशेष इलाज से ठीक कर सकते हैं, यदि आपको पता चल जाए कि पौधों से तुम्हें यह बीमारी होती है। मेरे विचार से आपको डॉक्टर से मिलना बेहतर होगा, यदि आप अपने कार्य ( डकैती) के बारे में गम्भीर है। मैंने मकान की चोटी से अभी आपको छींकते हुए सुना था । “
वह एक शान्त, दयालु आवाज़ थी, पर उसमें दृढ़ता थी । एक स्त्री दरवाजे के बीच खड़ी थी, और शैरी उससे रगड़ रहा था। वह जवान थी, बहुत सुन्दर थी, और लाल वेशभूषा पहने थी । वह अँगीठी के पास चलकर आई और वहाँ पड़ी सजावटी चीज़ों को सीधा किया।
उसने कहा, “शैरी बैठ जाओ। कोई यह सोचेगा कि मैं एक माह से. बाहर गई हुई थी।” उसने होरेस की ओर मुस्कराया, और कहती गई, “तो भी, मैं ठीक समय पर वापस आ गई, यद्यपि मुझे एक चोर से मिलने की आशा नहीं थी।”
होरेस को कुछ आशा थी क्योंकि वह स्त्री उससे मिलने पर प्रसन्न प्रतीत होती थी। यदि वह उस स्त्री के साथ सही ढंग से व्यवहार करे तो वह परेशानी से बच सकता है। उसने उत्तर दिया, “मुझे परिवार के किसी सदस्य से मिलने की आशा नहीं थी।”
उसने गर्दन हिलाकर सहमति प्रकट की। “मैं जानती हूँ कि आपको मुझसे मिलने पर क्या परेशानी हुई। आप क्या करने जा रहे हैं?”
होरेस ने कहा, “मेरा विचार पहले दौड़ने का था । “
“स्वाभाविक रूप से, आप वह कर सकते थे। पर मैं पुलिस को टेलीफोन करूँगी और आपके बारे में सब बातें उनको बता दूँगी। वे आपको एकदम पकड़ लेंगे।”
होरेस ने कहा, “स्वाभाविक रूप से मैं टेलीफोन के तार काट दूंगा और तब……”, उसके चेहरे पर मुस्कान थी, वह झिझका, “मैं यह सुनिश्चित कर लेता कि आप कुछ समय तक कुछ नहीं कर सकतीं। कुछ घण्टे पर्याप्त हैं।”
स्त्री ने उसकी ओर गम्भीरता से देखा, “आप मुझे चोट पहुँचाते?”
होरेस रुका और तब कहा, “मेरा विचार है कि जब मैंने वह बात कही, मैं आपको डराने का प्रयत्न कर रहा था ।”
“आपने मुझे नहीं डराया । “
होरेस ने सुझाव दिया, “यह अच्छा होता यदि आप भूल जाएँ कि आपने मुझे कभी देखा था। मुझे जाने दो।”
आवाज अचानक ही पैनी हो गई । “मुझे क्यों भूल जाना चाहिए? आप मुझे लूटने जा रहे थे। यदि मैं आपको जाने दूँ, आप किसी और को लूटेंगे। आप जैसे लोगों से समाज की सुरक्षा की जानी चाहिए। “
होरेस मुस्कराया। “मैं ऐसा आदमी नहीं हूँ जो समाज को डराता है । मैं केवल उन लोगों के यहाँ चोरी करता हूँ जो अत्यधिक धन रखते हैं। मैं बहुत ही अच्छे कारण के लिए चुराता हूँ। और मैं जेल के विचार से घृणा करता हूँ।”
वह हँसी, और होरेस ने प्रार्थना की, यह सोचते हुए कि उसने स्त्री को रजामन्द कर लिया है, “देखो, मुझे आप से कुछ माँगने का अधिकार नहीं है, पर मैं अत्यधिक गम्भीर हूँ। मुझे जाने दो और मैं वचन देता हूँ कि पुनः कभी भी इस प्रकार का कार्य नहीं करूँगा । वास्तव में मेरा यह तात्पर्य है।”
वह चुप थी, उसको निकटता से देखती रही। तब उस स्त्री ने कहा, ” आप जेल जाने से वास्तविक रूप से भयभीत हैं, क्या नहीं?”
वह अपना सिर हिलाते हुए होरेस के पास आ गई । ” मैं सदैव गलत प्रकार के लोगों को पसन्द करती आई हूँ।”
उसने मेज से चाँदी का डिब्बा उठाया और उससे सिगरेट निकाली। उसको प्रसन्न करने के लिए उत्सुक और यह देखते हुए कि वह स्त्री उसकी सहायता कर सकती है, होरेस ने अपने दस्ताने उतार दिए और उसको अपना सिगरेट सुलगाने का लाइटर दिया।
होरेस ने उसकी ओर लाइटर पकड़ा, “आप मुझे जाने दोगी ?”
“हाँ, पर केवल तभी जब आप मेरे लिए कुछ काम करेंगे।”
“जो भी आप कहें।”
” लन्दन जाने से पहले मैंने अपने को वचन दिया था कि मैं अपने आभूषण अपने बैंक में जमा कर दूँगी; पर मैंने उनको इस तिजोरी में छोड़ दिया था। मैं उनको आज रात पार्टी में पहनना चाहती हूँ, अतः मैं उनको लेने के लिए नीचे आई, पर………!”
हीरेस मुस्कराया। “आप तिजोरी खोलने का नम्बर भूल गई हैं, क्या नहीं ?”
युवा महिला ने उत्तर दिया, “हाँ।”
“यह बात आप मेरे ऊपर छोड़ दीजिए और आप उनको एक घण्टे के भीतर प्राप्त कर लेंगी। पर मुझे आपकी तिजोरी तोड़नी पड़ेगी।”
“उसके बारे में चिन्ता न करें। मेरे पति यहाँ एक माह तक नहीं आएँगे, और मैं उस समय तक तिजोरी की मरम्मत करा चुकी होऊँगी।” और एक घण्टे के भीतर होरेस ने तिजोरी खोल दी थी, उसको आभूषण दे दिए थे और प्रसन्नतापूर्वक चला गया था।
दो दिन तक होरेस ने उस दयालु युवा महिला को दिया वचन निभाया। तीसरे दिन की सुबह, किसी भी तरह, उसने उन पुस्तकों के बारे में सोचा जो वह खरीदना चाहता था और वह जानता था कि उसे दूसरी तिजोरी की तलाश करनी पड़ेगी। पर उसे अपनी योजना आरम्भ करने का कभी अवसर नहीं मिला। दोपहर तक एक पुलिसवाले ने उसको शोटोवर ग्रैंज की आभूषण डकैती में गिरफ्तार कर लिया था।
उसकी अंगुलियों के चिह्न पूरे कमरे में थे क्योंकि उसने बिना दस्तानों के तिजोरी खोली थी। जब उसने कहा कि मकान मालिक की पत्नी ने अपने लिए उसको तिजोरी खोलने के लिए कहा था, किसी ने भी उस पर विश्वास नहीं किया। पत्नी ने स्वयं, जो सफेद बालों वाली, तेज़ जवान, साठ वर्ष की औरत थी, कहा कि यह कहानी बकवास है।
अब होरेस जेल में सहायक लाइब्रेरियन है। वह प्राय: उस आकर्षक, चालाक जवान महिला के बारे में सोचता है जो होरेस का ही व्यवसाय करती थी और जिसने उसको मूर्ख बनाया था। जब कोई कहता है कि ‘चोर ‘चोर मौसेरे भाई’ होरेस बहुत क्रुद्ध हो जाता है।
-विक्टर कैनिंग
Think about it
(इस बारे में सोचिए)
Q. 1. Did you begin to suspect, before the end of the story, that the lady was not the person Horace Danby took her to be ? If so, at what point did you realise this, and how ?
(कहानी के समाप्त होने से पहले क्या आपको सन्देह होने लगा था कि महिला वो नहीं है जो होरेस डैनबी समझ रहा था? यदि ऐसा है, तो किस बिन्दु पर आपने यह अनुभव किया और कैसे ?)
Ans. In the beginning when the lady appeared on the scene, I did not suspect her. But when she said “I have always liked the wrong kind of people”, my suspicion rose about her. Then she said that if Horace did something for her, she would let him go.
(प्रारम्भ में जब महिला दृश्यपटल पर दिखाई दी, मुझे उस पर सन्देह नहीं था। लेकिन जब उसने कहा मैं सदैव गलत प्रकार के व्यक्ति पसन्द करती हूँ”, मुझे उस पर सन्देह हो गया। फिर उसने कहा कि यदि होरेस ने मेरे लिए कुछ किया है, तो वह उसे जाने देगी।) ‘
Q.2. What are the subtle ways in which the lady manage to deceive Horace Danby into thinking she is the lady of the house? Why doesn’t Horace suspect that something is wrong ?
(किन सूक्ष्म तरीकों से महिला ने होरेस डैनबी को धोखे में रखकर यह सोचने को विवश किया कि वह घर की मालकिन है? होरेस क्यों सन्देह नहीं कर सका कि कुछ गलत है?)
Ans. First the lady speaks with confidence to deceive Horace. She has firmness in her voice. She smiles at him while talking. There is sharpness also in her voice as she continues talking. She then threatens him with the idea of prison’.
(पहले महिला होरेस को धोखा देने के लिए विश्वास से बोलती है। उसकी आवाज में दृढ़ता है। वह उस पर मुस्कराती है जब बात करती है। उसकी आवाज में तेजी होती है जब वह निरन्तर बात करती है। वह उसको जेल के विचार से भी धमकी देती है।)
Q. 3. “Horace Danby was good and respectable- but not completely honest.” Why do you think this description is apt for Horace ? Why can’t he be categorised as a typical thief?
(“होरेस डैनबी अच्छा और सम्मानित था— लेकिन पूर्णत: ईमानदार नहीं था।” आप क्यों सोचते हैं कि यह वर्णन होरेस के लिए संगत नहीं है? उसका वर्गीकरण एक विशिष्ट चोर के रूप में क्यों नहीं किया जा सकता ? )
Ans. This description fits well on Horace Danby. Horace enjoys a good reputation as a good, honest citizen. Then he steals only once a year. He also loves reading books. So due to these reasons he can’t be categorised as a typical thief. ( यह वर्णन होरेस डैनबी के प्रति सही है। होरेस की एक अच्छे, ईमानदार नागरिक के रूप में अच्छी प्रतिष्ठा है। वह वर्ष में केवल एक बार चोरी करता है। वह पुस्तकें पढ़ना पसन्द करता है। अतः इन कारणों से उसका वर्गीकरण विशिष्ट चोरों के अन्तर्गत नहीं किया जा सकता।)
Q.4. Horace Danby was a meticulous planner but still he faltered. Where did he go wrong and why?
(होरेस डैनबी एक अति सावधान योजना बनाने वाला है, लेकिन फिर भी वह दोषी है। वह कहाँ गलती करता है और क्यों ? )
Ans. He was rightly a meticulous planner. He planned carefully each year just before stealing. But he faltered. He didn’t see into the lady’s sweet, clever and crafty talks. It may be because he had been in the house as a thief.
(वह सही में एक अति सावधान योजना बनाने वाला है। वह प्रति वर्ष चोरी करने से पहले सावधानी से योजना बनाता है। लेकिन वह दोषी है। वह महिला की मीठी चतुराईपूर्ण और बनावटी बातें नहीं समझ सका । यह इसलिए हो सकता है क्योंकि वह घर में एक चोर की भाँति है ।)
Talk about it
इस बारे में बात कीजिए)
Q. 1. Do you think Horace Danby was unfairly punished, or that he deserved what he got ?
(क्या आप सोचते हैं कि होरेस डैनबी को गलत सजा दी गई थी अथवा वह उसके काबिल था जो उसने प्राप्त किया?)
Ans. I think Horace Danby was unfairly punished in that theft. He was a thief, no doubt. But he was not a full-fledged thief in the sense that he got material benefit out of the theft. However, all the material evidence was against it. In the eyes of the law he was a thief. So he was punished. (मेरे विचार से उस चोरी में होरेस डैनबी को गलत सजा दी गई थी। निस्सन्देह वह चोर था। लेकिन वह पूरा चोर नहीं था क्योंकि उसे जो भौतिक लाभ हुआ था वह चोरी से बाहर का था। फिर भी सारे सबूत उसके विरुद्ध थे। कानून की नजर में वह चोर था। इसलिए उसे सजा दी गई।)
Q. 2. Do intentions justify actions? Would you, like Horace Danby, do something wrong if you thought your ends justified the means? Do you think that there are situations in which it is excusable to act less than honesty ?
Ans. It is not correct to say that intentions justify actions. In the care of Horace Danby his intentions were to get set free. If the lady of the house had been true to her verdict, he was a safe bird. His intentions to open the safe did not justify his actions. He was proved wrong in them because his actions took him to Jail without anything justifying that.
I, like Horace Danby, would not do anything wrong if I thought my ends justified the means. In fact we must see that wrong is wrong. Then we must analyse our actions and their results.
It is also a fact that there are situations in life in which it is excusable to act less than honesty. Life has such shares when man gets involved without any fault.

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